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शत्रुघ्न सिन्हा की जीवनी

Shatrughan Sinha's Biography

शत्रुघ्न सिन्हा भारतीय फिल्मो के जाने माने अभिनेता हैं। उन्होंने भारतीय सिनेमा में कई बड़ी बड़ी सुपरहिट फिल्मो में अभिनय किया है। शत्रुघ्न ने साल 1992 में खुदको राजनीती के मैदान में उतारा था। उन्होंने साल 1992 से साल 2019 तक भारतीय जनता पार्टी के साथ अपना नाम जोड़ा था लेकिन साल 2019 में शत्रुघ्न ने भारतीय नैशनल कांग्रेस पार्टी के साथ आगे बढ़ने का फैसला लिया था।

शत्रुघ्न सिन्हा द्वारा अभिनय किए गए फिल्मो की बात करे तो उन्होंने ‘प्रेम पुजारी’, ‘दोस्त और दुश्मन’, ‘शादी के बाद’, ‘भाई हो तो ऐसा’, ‘बॉम्बे टू गोआ’, ‘ब्लैकमेल’, ‘संतो और बंतो’, ‘दिल्लगी’, ‘मगरूर’, ‘वक़्त की दीवार’, ‘तक़दीर’, ‘कला सूरज’, ‘युद्ध’, ‘आग ही आग’, ‘गंगा तेरे देश में’, ‘आखरी बाज़ी’, ‘इरादा’, ‘प्रेम योग’, ‘महाभारत’, ‘यमला पगला दीवाना फिर से’ जैसी फिल्मो में अपने अभिनय को दर्शको को बीच पेश किया है।

शत्रुघ्न ने ना केवल अपने अभिनय की वजह से कई सारे लोगो का प्यार ही पाया है बल्कि उन्होंने भारतीय सिनेमा में दिए अपने योगदान की वजह से कई सारे सम्मानों को भी अपने नाम भी किया है।

शत्रुघन सिन्हा का प्रारंभिक जीवन

शत्रुघ्न सिन्हा का जन्म 9 दिसंबर 1945 को पटना, बिहार में हुआ था। शत्रुघ्न के पिता का नाम ‘भूबनेश्वर प्रसाद सिन्हा’ था और उनकी माँ का नाम ‘श्यामा देवी सिन्हा’ था। शत्रुघ्न के तीन भाई थे जो की उनसे बड़े थे। भाइयो के नाम ‘राम’, ‘लक्ष्मण’ और ‘भरत’ हैं।

शत्रुघ्न ने अपने स्कूल की पढाई पटना के किसी स्कूल से पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने ‘पटना साइंस कॉलेज’ से अपनी आगे की पढाई पूरी की थी। शत्रुघ्न ने ‘फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया’, पुणे से अभिनय के कोर्स को पूरा किया था। शत्रुघ्न ने अपने अभिनय की शुरुआत साल 1969 से शुरू की थी।

व्यवसाय जीवन

शत्रुघ्न सिन्हा का फिल्मो का शुरुआती सफर

साल 1969 में शत्रुघ्न को सबसे पहले फिल्म ‘साजन’ में अभिनय करते हुए देखा गया था। इस फिल्म में उनके किरदार का नाम ‘हवालदार’ था और फिल्म के निर्देशक ‘मोहन सहगल’ थे।

साल 1970 में शत्रुघ्न ने फिल्म ‘जलाल महमूद सईद’ और ‘नईम बिल्डर’ में अभिनय किया था। इसके बाद उसी साल शत्रुघ्न ने फिल्म ‘रातों के राजा’ में अभिनय किया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को धीरज कुमार और शत्रुघ्न सिन्हा ने अभिनय किया था। उसी साल शत्रुघ्न ने फिल्म ‘खिलौना’ में अभिनय किया था। इस फिल्म में उनके किरदार का नाम ‘बिहारी’ था। उसी साल की उनकी बाकी फिल्मो की बात करे तो उस साल उन्होंने ‘चेतना’, ‘प्रेम पुजारी’, ‘होली आई रे’ और ‘एक नन्ही मुन्नी लड़की थी’ में भी अभिनय किया था।

साल 1971 में शत्रुघ्न ने फिल्म ‘खोज’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘जुगल किशोर’ थे और फिल्म में शत्रुघ्न के साथ फरीदा जलाल, दीपक कुमार और जयश्री टी. ने मुख्य किरदारों को दर्शाया था। इसके बाद उसी साल उन्हें फिल्म ‘पारस’ में भी अभिनय करते हुए देखा गया था। फिल्म में शत्रुघ्न ने ‘ठाकुर अर्जुन सिंह’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म के मुख्य किरदारों को संजीव कुमार, राखी, मेहमूद, फरीदा जलाल, शत्रुघ्न सिन्हा और मदन पूरी ने अभिनय किया था।

उस साल शत्रुघ्न ने फिल्म ‘दो राह’ में भी अभिनय किया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को शत्रुघ्न सिन्हा, अनिल धवन और राधा सलूजा ने अभिनय किया था। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘मेरे अपने’, ‘गैम्बलर’, ‘दोस्त और दुश्मन’, ‘परवाना’ और ‘बनफूल’ जैसी फिल्मो में अपने अभिनय को दर्शाया था।

साल 1972 से साल 1975 तक शत्रुघ्न ने कई सारी फिल्मो में अभिनय किया था। उन फिल्मो के नाम ‘शादी के बाद’, ‘रिवाज’, ‘रास्ते का पत्थर’, ‘दो यार’, ‘बुनियाद’, ‘भाई हो तो ऐसा’, ‘बाबुल की गालियां’, ‘बॉम्बे टू गोआ’, ‘रामपुर का लक्ष्मण’, ‘प्यार का रिश्ता’, ‘हीरा’, ‘गाई और गोरी’, ‘आ गले लग जा’, ‘दो ठग’, ‘दोस्त’ और ‘शैतान’ में अभिनय किया था।

शत्रुघ्न सिन्हा का फिल्मो का बाद का सफर

साल 1976 में सबसे पहले शत्रुघ्न को फिल्म ‘संतो और बंतो’ में देखा गया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को धर्मेन्द्र, शत्रुघ्न सिन्हा और वीरेन्द्र ने अभिनय किया था। यह एक पंजाबी फिल्म थी। इसके बाद उसी साल शत्रुघ्न को फिल्म ‘कालीचरण’ में अभिनय करते हुए देखा गया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘सुभाष घई’ थे और फिल्म में शत्रुघ्न ने ‘प्रभाकर’ और ‘कालीचरण’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

उसी साल शत्रुघ्न को फिल्म ‘खान दोस्त’ में भी अभिनय करते हुए देखा गया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘दुलाल गुहा’ थे और फिल्म में शत्रुघ्न ने ‘रेहमत खान’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को राज कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, मिथु मुख़र्जी और योगिता बलि ने अभिनय किया था।

साल 1977 में शत्रुघ्न ने फिल्म ‘सफ़ेद हाथी’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘तपन सिन्हा’ थे और फिल्म में शत्रुघ्न ने ‘एम्परर’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को माला जग्गी, उत्पाल दत्त, शत्रुघ्न सिन्हा, साधु मेहेर, विजय अरोड़ा और गायत्री ने अभिनय किया था। इसके बाद उसी साल शत्रुघ्न ने फिल्म ‘यारों का यार’ में अभिनय किया था। फिल्म में शत्रुघ्न ने ‘प्रताप’ और ‘शेरा’ नाम के किरदा को दर्शाया था।

उसी साल की शत्रुघ्न की बाकी फिल्मो के नाम ‘चिंगारी’, ‘शिर्डी के साई बाबा’, ‘सात श्री अकाल’, ‘नामी चोर’, ‘कोतवाल साहब’ और ‘थीफ ऑफ़ बाघदड़’ हैं।

साल 1978 में शत्रुघ्न ने फिल्म ‘दिल्लगी’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘बासु चटर्जी’ थे और फिल्म में शत्रुघ्न ने ‘एडवोकेट शेखर’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को धर्मेन्द्र और हेमा मालिनी ने अभिनय किया था। फिल्म में शत्रुघ्न ने सहायक किरदार को दर्शाया था।

इसके बाद उसी साल शत्रुघ्न ने फिल्म ‘अमर शक्ति’ में भी अपने अभिनय को दर्शाया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘हरमेश मल्होत्रा’ थे और फिल्म में शत्रुघ्न ने ‘बड़ा कुमार’ और ‘शक्ति सिंह’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को शशि कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, अल्का और सुलक्षणा पंडित ने अभिनय किया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था।

शत्रुघ्न सिन्हा का फिल्मो का सफल सफर

साल 1979 की बात करे तो उस साल शत्रुघ्न ने फिल्म ‘मुक़ाबला’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘राजकुमार कोहली’ थे और फिल्म में शत्रुघ्न ने ‘शेरू’ नाम के किरदार को दर्शाया था। फिल्म में शत्रुघ्न के साथ सुनील दत्त, विनोद मेहरा, रीना रॉय, राजेश खन्ना और रेखा ने अभिनय किया था। इसके बाद उसी साल शत्रुघ्न को फिल्म ‘जानी दुश्मन’ में अभिनय करते हुए देखा गया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘राजकुमार कोहली’ थे और फिल्म में शत्रुघ्न ने ‘शेरा’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

उस साल शत्रुघ्न ने फिल्म ‘गौतम गोविंदा’ में अभिनय किया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘गोविंदा’ नाम के किरदार को दर्शाया था। फिल्म के निर्देशक ‘सुभाष घई’ थे और फिल्म में शत्रुघ्न के साथ शशि कपूर, विजय अरोड़ा, अरुणा ईरानी, मौशुमी चटर्जी, रीना रॉय, प्रेमनाथ और निरुपा रॉय ने मुख्य किरदारों का अभिनय किया था।

साल 1980 से साल 1985 तक शत्रुघ्न ने कुल 45 फिल्मो में अभिनय किया था। उनमे से कुछ फिल्मो के नाम ‘बे- रेहम’, ‘चोरों की बारात’, ‘शान’, ‘दोस्ताना’, ‘वक़्त की दीवार’, ‘क्रांति’, ‘चेहरे पे चेहरे’, ‘नसीब’, ‘मंगल पांडेय’, ‘दो उस्ताद’, ‘तीसरी आँख’, ‘तक़दीर’, ‘दौलत के दुश्मन’, ‘छोर पुलिस’, ‘क़यामत’, ‘शरारा’, ‘धोखेबाज़’, ‘बाद और बदनाम’, ‘फांसी के बाद’, ‘काली बस्ती’, ‘काला सूरज’, ‘अमीर आदमी गरीब आदमी’, ‘होशियार’ और ‘आंधी- तूफ़ान’ हैं। यह सभी फिल्मे बॉक्स ऑफिस में सफल फिल्मो की सूचि में शामिल हुई थी।

साल 1987 में सबसे पहले शत्रुघ्न ने फिल्म ‘लोहा’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘राज एन. सिप्पी’ थे और फिल्म में शत्रुघ्न ने धर्मेन्द्र, करन कपूर, माधवी और अमरीश पूरी के साथ मुख्य किरदार को दर्शाया था। इसके बाद उसी साल उन्हें फिल्म ‘शिव शक्ति’ में देखा गया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को गोविंदा, किमी कटकर, शत्रुघ्न सिन्हा, अनीता राज और गुलशन ग्रोवर ने अभिनय किया था।

साल 1988 की सुपरहिट फिल्म की बाद करे तो उस साल शत्रुघ्न ने फिल्म ‘गंगा तेरे देश में’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘विजय रेड्डी’ थे और फिल्म में शत्रुघ्न ने ‘पुलिस इंस्पेक्टर अजय नाथ’ नाम के किरदार को दर्शाया था। फिल्म में मुख्य किरदारो की बात करे तो उस साल शत्रुघ्न ने जयप्रसाद, डिंपल कपाडिया, कादर खान और असरानी के साथ अभिनय किया था। इसके बाद उसी साल शत्रुघ्न को फिल्म ‘शेरनी’ में अभिनय करते हुए देखा गया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘हरमेश मल्होत्रा’ थे और फिल्म में शत्रुघ्न ने इंस्टेक्टर ‘राजन’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

उसी साल की शत्रुघ्न की बाकी फिल्मो की बात करे तो उन्होंने फिल्म ‘महावीर’, ‘धरम शत्रु’, ‘धर्मयुद्ध’, ‘गुनाहों का फैसला’, ‘खून भरी मांग’, ‘मुल्ज़िम’ और ‘ज़लज़ला’ जैसी फिल्मो में अभिनय किया था।

साल 1989 में शत्रुघ्न को फिल्म ‘जुर्रत’ में देखा गया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘डेविड धवन’ थे और फिल्म में शत्रुघ्न ने इंस्पेक्टर ‘राम सिंह’ नाम के किरदार को दर्शाया था। फिल्म में शत्रुघ्न सिन्हा, कुमार गौरव और अमरीश पूरी ने मुख्य किरदारों को दर्शाया था। इसके बाद उसी साल शत्रुघ्न को फिल्म ‘ना- इन्साफ’ में अभिनय करते हुए देखा गया था। इस फिल्म में शत्रुघ्न ने ‘विजय सिन्हा बिल्लो बादशाह’ नाम के किरदार को दर्शाया था और फिल्म में मुख्य किरदारों को शत्रुघ्न सिन्हा, मन्दाकिनी, चंकी पांडेय, मोहन छोटी और सोनम बीरबल ने अभिनय किया था।

उसी साल शत्रुघ्न ने फिल्म ‘शहज़ादे’ में अभिनय किया था। उस फिल्म के निर्देशक ‘राज एन. सिप्पी’ थे और फिल्म में शत्रुघ्न ने ‘सूरज सिंह’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को धर्मेन्द्र, शत्रुघ्न और डिंपल कपाडिया ने अभिनय किया था। उस साल की शत्रुघ्न की बाकी फिल्मे ‘गोला बारूद’, ‘आखरी बाज़ी’ और ‘आंधियां’ थी।

साल 1991 में सबसे पहले शत्रुघ्न को फिल्म ‘इरादा’ में देखा गया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को शत्रुघ्न सिन्हा, प्रबीन बाबी, मून मून सेन, सुरेश ओबरॉय, रनजीत, ओम पुरी और अमरीश पुरी ने अभिनय किया था। इसके बाद उसी साल उन्हें फिल्म ‘क़स्बा’ में देखा गया था, जहाँ उनके किरदार का नाम ‘धनि’ था। फिल्म के निर्देशक ‘कुमार साहनी’ थे और फिल्म में मुख्य किरदार को शत्रुघ्न सिन्हा, के. के. रैना, मनोहर सिंह, मीता वशिष्ट और रघुबीर यादव ने अभिनय किया था।

साल 1992 में शत्रुघ्न ने एक ही फिल्म में अभिनय किया था, जिसका नाम ‘अधर्म’ था।

साल 1993 में शत्रुघ्न ने फिल्म ‘औलाद के दुश्मन’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘राजकुमार कोहली’ थे और फिल्म में शत्रुघ्न ने ‘राजन के. चौधरी’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को अरमान कोहली और आयशा झुलका ने अभिनय किया था।

साल 1994 में शत्रुघ्न को फिल्म ‘चाँद का टुकड़ा’ में अभिनय करते हुए देखा गया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘सावन कुमार तक’ थे। फिल्म में शत्रुघ्न ने ‘ज़िवागो’ नाम के किरदार को दर्शाया था और फिल्म में मुख्य किरदार को श्रीदेवी ने अभिनय किया था। उसी साल उन्हें फिल्म ‘प्रेम योग’ में सुना गया था। इस फिल्म में में शत्रुघ्न ने कथावाचक की भूमिका निभाई थी।

साल 1995 में सबसे पहले शत्रुघ्न ने फिल्म ‘ज़माना दीवाना’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘रमेश सिप्पी’ थे और फिल्म में शत्रुघ्न ने ‘सूरज प्रताप सिंह’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म में मुख्य किरदार को शाहरुख़ खान और रवीना टंडन ने अभिनय किया था। इसके बाद उसी साल शत्रुघ्न को फिल्म ‘ताक़त’ में अभिनय करते हुए देखा गया था।

साल 1996 से साल 2000 तक शत्रुघ्न ने फिल्म ‘दिल तेरा दीवाना’, ‘हुकुमनामा’, ‘दीवाना हूँ पागल नहीं’, ‘ज़ुल्म- ओ- सितम’, ‘शहीद उद्दाम सिंह’ और ‘पापा द ग्रेट’ में अभिनय किया था।

साल 2008 में शत्रुघ्न को एक लम्बे अरसे के बाद फिल्मो में अभिनय करते हुए देखा गया था। उस फिल्म का नाम ‘यार मेरी ज़िंदगी’ था, जिसके निर्देशक ‘अशोक गुप्ता’ थे। इस फिल्म में शत्रुघ्न ने ‘ठाकुर विक्रम सिंह’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म में शत्रुघ्न सिन्हा और अमिताभ बच्चन ने अभिनय किया था।

साल 2018 में शत्रुघ्न ने फिल्म ‘यमला पगला दीवाना फिर से’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘नवनीत सिंह’ थे और फिल्म में मुख्य किरदार को धर्मेन्द्र, सनी देओल और बॉबी देओल ने अभिनय किया था।

पुरस्कार और उपलब्धियां

  • साल 1973 में फिल्म ‘तन्हाई’ के लिए ‘बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 2003 में ‘प्राइड ऑफ़ द फिल्म इंडस्ट्री’ अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
  • साल 2003 में ‘स्टारडस्ट लाइफटाइम अचीवमेंट’ अवार्ड से सामनित किया था।
  • साल 2007 में ‘नेशनल किशोर कुमार’ अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
  • साल 2011 में ‘ज़ी सिने लाइफटाइम अचीवमेंट’ अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
  • साल 2014 में ‘ऑउटस्टैंडिंग कंट्रीब्यूशन टू इंडियन सिनेमा’ के अवार्ड से सम्मानित किया गया था।

शत्रुघन सिन्हा का निजी जीवन

शत्रुघ्न सिन्हा के लव लाइफ की बात करे तो शत्रुघ्न ने अभिनेत्री ‘रेखा’ को डेट किया था। हालांकि दोनों में से किसी ने भी इस खबर को सच नहीं बताया था। शत्रुघ्न ने अपनी शादी के बाद अभिनेत्री ‘रीना रॉय’ को भी कुछ समय तक डेट किया था। बाद में शत्रुघ्न ने रीना से अलग होने का फैसला लिया था।

शत्रुघ्न ने 9 जुलाई 1980 को मिस यंग इंडियन और अभिनेत्री रह चुकी ‘पूनम सिन्हा’ से शादी की थी। शत्रुघ्न और पूनम के दो बेटे हैं और एक बेटी हैं। उनके दोनों बेटों के नाम ‘लव’ और ‘कुश’ है और इनकी बेटी का नाम ‘सोनाक्षी’ है। लव सिन्हा और सोनाक्षी सिन्हा पेशे से अभिनेता हैं। शत्रुघ्न के पसंदीदा चीज़ो की बात करे तो उन्हें अभिनेत्रियों में ‘नरगिस’ पसंद हैं। शत्रुघ्न के पसंदीदा अभिनेता ‘राज कपूर‘ हैं।

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मनीषा शर्मा

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