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ओम पुरी की जीवनी

Om Puri Biography

ओम पुरी भारतीय फिल्मो के प्रसिद्ध अभिनेताओं में से एक हैं। उन्होंने अपने अभिनय की वजह से बड़े बड़े स्टार्स को भी पीछे छोड़ा है। ओम पुरी ने ना केवल हिंदी फिल्मो में ही अपने अभिनय को दर्शाया है बल्कि उन्होंने मराठी, कन्नड़, पंजाबी, गुजराती, मलयालम, अंग्रेजी और तेलुगु फिल्मो में भी अपने अभिनय को दर्शाया है।

ओम पुरी के द्वारा अभिनय किए गए फिल्मो की बात करे तो उन्होंने फिल्म ‘भूमिका’, ‘शायद’, ‘गाँधी’, ‘रास्ते प्यार के’, ‘मंडी’, ‘दुनिया’, ‘चाची 420’, ‘खूबसूरत’, ‘हेरा फेरी’, ‘ग़दर: एक प्रेम कथा’, ‘देव’, ‘रंग दे बसंती’, ‘चुप चुप के’, ‘ढोल’, ‘वेलकम’, ‘बिल्लू’, ‘कुर्बान’, ‘अग्निपथ’, ‘ओएमजी- ओ माय गॉड’, ‘वेलकम बैक’, ‘गुल मकाई’ जैसी फिल्मो में अभिनय किया था।

ओम ने अपने अभिनय की वजह से भारत में अपनी लोकप्रियता को बढ़ावा तो दिया ही था लेकिन हिंदी सिनेमा में दिए उनके योगदान की वजह से उन्हें कई सम्मानों से सम्मानित भी किया गया था। ओम भारतीय अभिनेताओं में सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं की सूचि में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं।

ओम पुरी का प्रारंभिक जीवन

ओम पुरी का जन्म 18 अक्टूबर 1950 को अम्बाला, पंजाब में हुआ था। उन्होंने एक पंजाबी परिवार में जन्म लिया था। ओम के पिता का नाम ‘राजेश पूरी’ था जो पेशे से भारतीय सेना और भारतीय रेलवे के कर्मचारी रह चुके हैं। ओम के एक भाई हैं जिनका नाम ‘वेद पूरी’ था।

ओम ने अपने स्कूल की पढाई पंजाब से ही पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने ‘फिल्म्स एंड टेलीविज़न इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया’, पुणे और ‘नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा’, नई दिल्ली से अपने अभिनय की डिग्री प्राप्त की थी। ओम को अपने कॉलेज के दौरान ही अभिनय की तरफ रूचि आने लगी थी जिसकी वजह से उन्होंने अपने अभिनय को बेहतर बनाने की पूरी तैयारी सोच रखी थी।

ओम का पूरा नाम ‘ओम प्रकाश पूरी’ था जिसे उन्होंने बाद में ‘ओम पूरी’ किया था। ओम और अभिनेता ‘नसीरुद्दीन शाह’ एक दूसरे से कई सालों से बहुत अच्छे दोस्त रह चुके हैं। उनकी दोस्ती नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा में हुई थी जिसके बाद उन्होंने अपनी दोस्ती कभी टूटने नहीं दी थी।

ओम पुरी का दिहांत 6 जनवरी 2017 को हुआ था। उन्हें अचानक से ही दिल का दोहरा पड़ा था, जिसकी वजह से उसी समय उनकी साँसे रुक गई थी। उस समय उनकी उम्र 66 वर्षीय थी।

व्यवसाय जीवन

ओम पुरी का फिल्मो का शुरुआती दौर

ओम पुरी ने फिल्मो में अपने अभिनय की शुरुआत साल 1975 से की थी। उन्होंने सबसे पहले फिल्म ‘कल्ला कल्ला बचितको’ में अपने अभिनय को दर्शाया था। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘चोर चोर छुपजा’, ‘घासीराम कोतवाल’, ‘समोथेरेद वॉइसेस’, ‘भूमिका’, ‘गोधूलि’, ‘भूख’, ‘साँच को आंच नहीं’ में अपने अभिनय को दर्शाया था। इन सभी फिल्मो में उन्होंने छोटे छोटे किरदारों को दर्शाया था।

साल 1980 में ओम ने फिल्म ‘स्पर्श’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘साई परंजीपे’ थे और फिल्म में ओम के किरदार का नाम ‘दुबे’ था। उसी साल उन्होंने दो और फिल्मो में अभिनय किया था जिनका नाम ‘चन्न परदेसी’ और ‘भावनि भावइ’ था। फिल्म चन्न परदेसी ओम की पंजाबी डेब्यू फिल्म थी और उन्होंने फिल्म में ‘तुलसी’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

साल 1981 में पहली बार ओम को फिल्म ‘कलयुग’ में अभिनय करते हुए देखा गया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘श्याम बेनेगल’ थे और फिल्म में ओम ने ‘भवानी पांडेय’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इसके बाद उन्हें फिल्म ‘शोध’ में देखा गया था जहाँ वो ‘सुरेंद्र’ नाम का किरदार अभिनय कर रहे थे। इस फिल्म के निर्देशक ‘बिप्लब रॉय’ थे।

साल 1982 में ओम ने सबसे पहले फिल्म ‘गाँधी’ में ‘नहरी’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘रिचार्ड अटंबोघ’ थे। यह फिल्म महात्मा गांधी के जीवन के कुछ हिस्सों को दर्शाता है। उसी साल उन्होंने फिल्म ‘डिस्को डांसर’, ‘रास्ते प्यार के’ और ‘विजेता’ में भी अभिनय किया था।

ओम पुरी का फिल्मो का बाद का सफर

साल 1983 की शुरुआत ओम ने फिल्म ‘चोख’ के साथ की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘आरोहण’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘श्याम बेनेगल’ थे और फिल्म में ओम ने ‘हरी मंडल’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म में अभिनय करने की वजह से उन्होंने कई सारी लोकप्रियता को अपने नाम किया था।

उसी साल ओम ने एक और सुपरहिट फिल्म में अभिनय किया था। इस फिल्म का नाम ‘अर्ध सत्य’ था जिसे ‘गोविन्द नहलाना’ ने निर्देश किया था। इस फिल्म में ओम ने ‘अनंत वेलणकर’ नाम के किरदार को दर्शाया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और साथ ही फिल्म ने भी अपना नाम सुपरहिट फिल्मो की सूचि में दर्ज किया था।

साल 1984 और साल 1985 में ओम पूरी को फिल्म ‘पार्टी’, ‘दुनिया’, ‘रावण’, ‘पार’, ‘ज़माना’, ‘होली’, ‘नासूर’, ‘आघात’ में अभिनय करते हुए देखा गया था। इन सभी फिल्मो में ओम ने अपना बेहतरीन अभिनय दर्शको के बीच पेश किया था जिसे सभी ने बहुत पसंद किया था।

साल 1987 में सबसे पहले ओम पूरी को फिल्म ‘मिर्च मसाला’ में देखा गया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘अबू मियान’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद ओम ने फिल्म ‘सुस्मन’ और ‘मरते दम तक’ जैसी बड़ी फिल्मो में अपने अभिनय को दर्शाया था।

साल 1988 से साल 1990 तक ओम पूरी ने कई सारी फिल्मो में अभिनय किया था। उन सभी में से कुछ हिट फोल्मो की बात करे तो ओम ने फिल्म ‘एक ही मक़सद’, ‘हम फ़रिश्ते नहीं’, इलाका’, ‘घायल’ और ‘दिशा’ में अभिनय किया था।

साल 1991 में ओम ने फिल्म ‘इरादा’ में अभिनय किया था। फिल्म में ओम ने ‘शंकर’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद उसी साल ओम को फिल्म ‘सैम एंड मी’ में देखा गया था। इस फिल्म की निर्देशक ‘दीपा मेहता’ थी और फिल्म में ओम ने ‘चेतन पारीख’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

साल 1992 में उन्होंने ‘कर्म योद्धा’ नाम की फिल्म में अभिनय किया था। इस फिल्म में ओम ने ‘सब- इंस्पेक्टर पटवर्धन’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म के बाद ओम को फिल्म ‘रात’ में देखा गया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘राम गोपाल वर्मा’ थे और फिल्म में ओम ने ‘शारजी’ नाम का किरदार अभिनय किया था।

उसी साल ओम को कुछ और फिल्मो में अभिनय करते हुए देखा गया था। उन फिल्मो का नाम ‘करंट’, ‘सिटी ऑफ़ जॉय’, ‘अंकुरम’ और ‘धारावी’ था।

साल 1993 में ओम ने सबसे पहले फिल्म ‘माया मेमसाब’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘केतन मेहता’ था। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘पतंग’ में अभिनय किया था जिसमे उन्होंने ‘मथुरा’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘गौतम घोस’ थे।

साल 1994 की बात करे तो उस साल ओम ने फिल्म ‘अंकुरम’ के साथ उस साल की शुरुआत की थी। यह फिल्म एक तेलुगु फिल्म थी जिसमे ओम ने ‘सत्यम’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद उसी साल उन्होंने फिल्म ‘वॉल्फ’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘माइक निकॉल्स’ थे और यह एक अंग्रेजी फिल्म थी। इस फिल्म में ओम ने ‘डॉ. विजय अलेजिअस’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

साल 1996 से साल 2000 तक ओम ने कुल 25 फिल्मो में अभिनय किया था। उन सभी फिल्मो में से बस कुछ ही फिल्मो को दर्शको ने बहुत पसंद किया था। उन फिल्मो के नाम ‘कृष्णा’, ‘घातक’, ‘ज़मीर’, ‘चाची 420’, ‘चुप्प’, ‘चाइना गेट’, ‘खूबसूरत’, ‘हे राम’, ‘हेरा फेरी’ और ‘घात’ थे। इस सभी फिल्मो को बॉक्स ऑफिस में सफल फिल्मो की सूचि में दर्ज किया गया था।

साल 2001 कि बात करे तो उस साल ओम ने फिल्म ‘फ़र्ज़’ में सबसे पहले अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘राज कँवर’ थे पर फिल्म में मुख्य किरदारों को ओम पूरी, सनी देओल, प्रीती ज़िंटा और जैकी श्रॉफ ने अभिनय किया था। फिल्म में ओम के किरदार का नाम ‘ए सी पी अर्जुन सिंह’ था।

उसी साल ओम फिल्म ‘ग़दर: एक प्रेम कथा’ का भी हिस्सा बने थे जो उस साल की सबसे ज़्यादा पसंदीदा फिल्म के रूप में सामने आई थी। इस फिल्म में ओम ने कथावाचक की भूमिका को दर्शाया था। इसके बाद भी वो कई सारी फिल्म जैसे ‘इंडियन’, ‘दीवानापन’, ‘बॉलीवुड कालिंग’, ‘इस प्यार को क्या नाम दूँ?’ जैसी फिल्मो में अभिनय करते हुए दिखे थे। हालांकि यह सभी फिल्मे दर्शको को कुछ खास पसंद नहीं आई थी।

साल 2002 में ओम को पहले फिल्म ‘पिताह’ में देखा गया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘ठाकुर अवध नारायण सिंह’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद फिल्म ‘क्रांति’, ‘अंश: द डेडली पार्ट’, ‘प्यार दीवाना होता है’, ‘आवारा पागल दीवाना’ में अभिनय करते हुए देखा था।

उस साल ही हिट फिल्म की बात करे तो ओम ने उस साल हिट फिल्म ‘घाव: द वाउन्ड’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘कुमार जय’ थे और फिल्म में ओम ने ‘इंस्पेक्टर गौतम’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद उन्हें दूसरी हिट फिल्म ‘ध्रुव’ में देखा गया था जो की एक कन्नड़ फिल्म थी।

ओम पूरी का फिल्मो का सफल सफर

साल 2004 में ओम ने फिल्म ‘युवा’ के साथ उस साल की शुरुआत की थी। इस फिल्म में उन्होंने ‘प्रोसनजीत भटाचार्य’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘मणि रत्नम’ थे और फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था। इसके बाद ओम ने फिल्म ‘लक्ष्य’, ‘क्यों! हो गया ना’, ‘किंग ऑफ़ बॉलीवुड’ जैसी फिल्मो में अभिनय किया था।

साल 2006 की बात करे तो उस साल ओम ने कई सारी ब्लॉकबस्टर फिल्मो में अपने अभिनय को दर्शाया था। उस साल सबसे पहले उन्होंने फिल्म ‘रंग दे बसंती’ में अभिनय किया था। इस फिल्म में उनके किरदार का नाम ‘अमानुल्लाह खान’ था। इसके बाद उस साल की ओम की दूसरी हिट फिल्म का नाम ‘बाबुल’ था जिसमे उन्होंने ‘बलवंत कपूर’ नाम का किरदार अभिनय किया था।

उस साल की ओम की तीसरी फिल्म का नाम ‘चुप चुप के’ था जिसके निर्देशक ‘प्रियादर्शन’ थे। इस फिल्म में उन्होंने ‘प्रभात सिंह चौहान’ नाम का किरदार अभिनय किया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और फिल्म ने अपना नाम ब्लॉकबस्टर फिल्मो की सूचि में दर्ज किया था।

उस साल की आखरी हिट फिल्म का नाम ‘डॉन: द चेस बेगिंस अगेन’ में भी ओम ने अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘फरहान अख्तर’ थे और फिल्म में ओम ने सीबीआई ऑफिसर ‘विशाल मालिक’ नाम का किरदार अभिनय किया था।

साल 2007 की सुपरहिट फिल्म की बात करे तो उस साल ओम ने फिल्म ‘वेलकम’ में काम किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘अनीस बज़्मी’ थे और फिल्म में ओम ने कथावाचक का काम किया था। इस फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था।

साल 2008 में भी ओम ने एक बेहतरीन किरदार को दर्शाया था। उस फिल्म का नाम ‘सिंह इस किंग’ था और ओम के किरदार का नाम ‘रंगीला’ था। इस फिल्म को भी दर्शको ने बहुत पसंद किया था और साथ ही फिल्म में ओम ने अक्षय कुमार के साथ अभिनय किया था।

साल 2010 में भी ओम ने एक ब्लॉकबस्टर फिल्म में अभिनय किया था जिसके निर्देशक ‘अभिनव कश्यप’ थे। इस फिल्म का नाम ‘दबंग’ था और फिल्म में ओम ने एक पुलिस इंस्पेक्टर का किरदार अभिनय किया था।

साल 2012 में भी ओम को एक हिट फिल्म का हिस्सा बनते हुए देखा गया था। उस फिल्म का नाम ‘डॉन 2: द किंग इस बैक’ था। इस फिल्म में ओम ने सीबीआई ऑफिसर ‘विशाल मालिक’ नाम का किरदार अभिनय किया था। यह फिल्म साल 2006 ‘डॉन: द चेस बेगिंस अगेन’ का दूसरा भाग था। यह फिल्म भी दर्शको को बहुत पसंद आई थी।

उसी साल ओम ने फिल्म ‘ओ एम जी: ओ माय गॉड’ में अभी एक कैमिओ किरदार दर्शाया था। फिल्म में उनके किरदार का नाम ‘हनीफ कुरैशी’ था।

साल 2015 की बात करे तो उस साल ओम दो बड़ी फिल्मो का हिस्सा बने थे। ओम ने सबसे पहले फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ में एक छोटा सा किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘मौलाना साहब’ नाम का किरदार दर्शाया था। फिल्म में उनका भले ही छोटा सा किरदार था लेकिन वह भी एक एहम किरदार के रूप में देखा गया था।

इसके बाद ओम ने फिल्म ‘वेलकम बैक’ में कथावाचक की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म को भी दर्शको ने बहुत पसंद किया था और फिल्म ने भी बॉक्सऑफिस में बहुत अच्छी कमाई की थी।

साल 2016 से साल 2018 तक की ओम पूरी को हिट फिल्मो के नाम ‘घायल वन्स अगेन’, ‘द ग़ाज़ी अटैक’, ‘मिस्टर खिलाडी’, ‘लोड वेडिंग’ और ‘मातंगी’ था। उनकी आखरी फिल्म का नाम ‘द गाँधी अटैक’ था।

पुरस्कार और उपलब्धियां

ओम पूरी ने अपने अभिनय की वजह से कई सारे अवार्ड्स को अपने नाम किया था, जिनमे से कुछ की जानकारी नीचे मौजूद है।

  • साल 1981 में फिल्म ‘आक्रोश’ के लिए ‘बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 1983 में फिल्म ‘आरोहण’ के लिए ‘बेस्ट एक्टर’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 1998 में फिल्म ‘अर्ध सत्य’ के लिए ‘बेस्ट एक्टर’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 1990 में ‘पद्मा श्री’ अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
  • साल 2009 में ‘फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया था।

ओम पुरी का निजी जीवन

ओम पुरी ने अपनी पहली शादी साल 1991 में की थी। उन्होंने ‘सीमा कपूर’ नाम की महिला के साथ शादी की थी। दोनों ने एक साल के अंदर ही तलाख दिया था। इसके बाद साल 1993 में ओम ने जॉर्नलिस्ट ‘नंदिता पूरी’ के साथ शादी की थी। दोनों का एक बेटा है जिसका नाम ‘ईशान’ है। ओम और नंदिता ने भी साल 2013 में एक दूसरे से अलग होने का फैसला लिया था। उसी साल दोनों का तलाख भी हो गया था।

ओम के पसंदीदा चीज़ो की बात करे तो उन्हें खाने में ‘ब्रेन करी’ बहुत पसंद है। उनके पसंदीदा अभिनेता ‘एलेक गिनेस’, ‘अमिताभ बच्चन‘, ‘नसीरुद्दीन शाह’, ‘पंकज कपूर‘, ‘कमल हासन’ और ‘विक्रम’ पसंद हैं। अभिनेत्रियों में उन्हें ‘शबाना आज़मी’, ‘अमिता पाटिल’, ‘नूतन’, ‘माधुरी दीक्षित’, ‘प्रियंका चोपड़ा‘, ‘रानी मुख़र्जी’ और ‘काजोल’ पसंद हैं।

ओम की पसंदीदा फिल्मे ‘फीड्लर ऑन द रूफ’, ‘नैकन’, ‘पुष्पक’ और ‘देव’ हैं। नसीरुद्दीन शाह और ओम पूरी एक दूसरे के इतने अच्छे दोस्त थे की नसीरुद्दीन ने ओम पूरी को शाकाहारी से मांसाहारी बना दिया था।

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