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गोविंदा की जीवनी

Govinda Biography

गोविंदा भारतीय फिल्मो के जाने माने और लोकप्रिय अभिनेताओं में से एक हैं। उन्होंने अपनी पहचान ना केवल एक अभिनेता के रूप में ही दर्ज की है बल्कि उन्हें निर्माता, डांसर और राजनेता के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने अपने अभिनय और साथ ही अपने डांस के हुनर की वजह से अपना नाम सफल अभिनेताओं की सूचि में दर्ज किया है। गोविंदा ने अपने व्यवसाय जीवन में बहुत कम समय में ही सफलता को हासिल किया था।

गोविंदा के द्वारा अभिनय किए गए फिल्मो की बात करे तो उन्होंने ‘दादगीरी’, ‘सिन्दूर’, ‘दोस्त गरीबो का’, ‘फ़र्ज़ की जंग’, ‘गैर कानूनी’, ‘जेंटलमैन’, ‘स्वर्ग’, ‘हम’, ‘भाभी’, ‘राजा बाबू’, ‘प्रेम शक्ति’, ‘एक्का राजा रानी’, ‘अंदाज़ अपना अपना’, ‘हीरो न. 1’, ‘दूल्हे राजा’, ‘बड़े मियां छोटे मियां’, ‘हसीना मान जायगी’, ‘जोड़ी न. 1’, ‘आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया’, ‘अखियों से गोली मारे’, ‘राजा भैया’, ‘पार्टनर’, ‘हॉलिडे’, ‘हैप्पी एंडिंग’, ‘किल दिल’ जैसी कई फिल्मो में अपने अभिनय को दर्शाया है।

गोविंदा ने अपने अभिनय की वजह से ना केवल भारत देश की जनता से प्यार पाया है बल्कि उन्होंने भारतीय फिल्मो में दिए अपने योगदान की वजह से कई सारे सम्मानों को भी हासिल किया है।

गोविंदा का प्रारंभिक जीवन

गोविंदा का जन्म 21 दिसंबर 1963 को विरार, महाराष्ट्र में हुआ था। गोविंदा का पहले का नाम ‘गोविन्द आहूजा’ था जिसे उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में आने के बाद ‘गोविंदा’ किया था। गोविंदा के पिता का नाम ‘अरुण कुमार आहूजा’ था जो की पेशे से खुद भी एक अभिनेता थे। उनकी माँ का नाम ‘निर्मला आहूजा’ था जो पेशे से अभिनेत्री और गाइका थी। गोविंदा के एक भाई हैं और एक बहन हैं। उनके भाई का नाम ‘कीर्ति आहूजा’ है जो पेशे से एक अभिनेता हैं और बहन का नाम ‘कामिनी खन्ना’ है जो पेशे से एक लेखिका हैं।

गोविंदा ने अपने स्कूल की पढाई मुंबई से ही पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने ‘अन्नासाहेब वर्तक कॉलेज’, महाराष्ट्र से अपने ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की थी। गोविंदा के माता पिता उन्हें ‘ची ची’ नाम से पुकारते थे जिनका अर्थ पंजाबी में ‘छोटी ऊँगली’ होता था। गोविंदा अपने परिवार में सबसे छोटे थे।

व्यवसाय जीवन

गोविंदा का फिल्मो का शुरुआती दौर

गोविंदा ने अपने अभिनय के व्यवसाय की शुरुआत साल 1986 में की थी। उनकी सबसे पहली फिल्म का नाम ‘लव 86’ था जिसके निर्देशक ‘इस्माईल श्रॉफ’ थे। फिल्म में गोविंदा के किरदार का नाम ‘विक्रम दोषी’ था। इसके बाद गोविंदा ने फिल्म ‘इलज़ाम’ में अभिनय किया था, जहाँ उन्होंने ‘अजय शर्मा’ और ‘विजय’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

उसी साल गोविंदा को फिल्म ‘तन -बदन’ में देखा गया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘आनंद सिंह’ थे जो की रिश्ते में गोविंदा के अंकल लगते हैं। फिल्म में गोविंदा के किरदार का नाम ‘रवि प्रताप’ था। गोविंदा को फिल्म ‘सदा सुहागन’ में भी ‘रवि’ नाम के किरदार को दर्शाते हुए देखा गया था।

साल 1987 की बात करे तो उस साल गोविंदा ने फिल्म ‘दादागिरी’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘दीपल शिवदासानी’ थे और फिल्म में गोविंदा ने ‘सूरज’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘प्यार करके देखो’ में ‘रवि कुमार’ नाम का किरदार अभिनय किया था। उस साल की गोविंदा की तीसरा फिल्म का नांम ‘मेरा लहू’ था जिसमे उन्होंने ‘गोविंदा सिंह’ नाम के किरदार को दर्शाता था।

उसी साल गोविंदा को फिल्म ‘मरते दम तक’ में देखा गया था जिसमे उन्होंने ‘जय’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इनके बाद उन्हें फिल्म ‘खुदगर्ज़’ और ‘सिन्दूर’ में भी अभिनय करते हुए देखा गया था।

साल 1988 में गोविंदा ने कुल 11 फिल्मो में अभिनय किया था। उन फिल्मो में से जो फिल्मे हिट हुए थी उनके नाम ‘दरिया दिल’, ‘घर में राम गली में श्याम’, ‘हत्या’, ‘घर घर की कहानी’ और ‘तोहफा मोहब्बत का’ था। इनके अलावा बाकी सभी फिल्मो को दर्शको ने पसंद नहीं किया था।

साल 1989 की शुरुआत गोविंदा ने फिल्म ‘सचाई की ताकत’ के साथ किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘टी. रमा राओ’ थे और फिल्म में गोविंदा ने ‘सागर सिंह’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म के बाद गोविंदा को फिल्म ‘दोस्त गरीबों का’, ‘आसमान से ऊंचा’, ‘फ़र्ज़ की जंग’, ‘गैर कानूनी’, ‘ताक़तवर’, ‘जुंग बाज़’, ‘जेंटलमैन’, ‘आखरी बाज़ी’ और ‘घराना’ में अपने अभिनय को दर्शाते हुए देखा गया था।

गोविंदा का फिल्मो का बाद का सफर

साल 1990 में गोविंदा को सबसे पहले फिल्म ‘तक़दीर का तमाशा’ में देखा गया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘आनंद गेयक्वाद’ थे और फिल्म में गोविंदा ने ‘सत्य’ नाम के किरदार को दर्शाया था। उस साल की उनकी अगली फिल्म का नाम ‘नया खून’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘रजत रक्षित’ थे और फिल्म में गोविंदा ने ‘डॉ. आनंद’ नाम का किरदार अभिनय किया था।

उस साल की गोविंदा की हिट फिल्म का नाम ‘स्वर्ग’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘डेविड धवन’ थे और फिल्म में गोविंदा ने ‘कृष्णा’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म में मुख्य किरदार को राजेश खन्ना, गोविंदा और जूही चावला ने अभिनय किया था। इस फिल्म के बाद उन्होंने फिल्म ‘काली गंगा’, ‘अपमान की आग’ और ‘पाप के दुश्मन’ में भी अभिनय किया था।

साल 1991 में गोविंदा ने फिल्म ‘हम’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘मुकुल एस आनंद’ थे और फिल्म में गोविंदा ने ‘विजय’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म में गोविंदा ने पहली बार अभिनेता अमिताभ बच्चन और रजनीकान्त के साथ अभिनय किया था। यह फिल्म दर्शको को बहुत पसंद आई थी। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘क़र्ज़ चुकाना है’ में अभिनय किया था जिसमे उनके किरदार का नाम ‘रवि’ था।

गोविंदा ने उसी साल फिल्म ‘भाभी’ में भी अभिनय किया था जिसके निर्देशक ‘किशोर व्यास’ थे। इस फिल्म में गोविंदा ने ‘अमर’ और ‘नकदराम’ नाम के किरदार को दर्शाया था। फिल्म में गोविंदा के साथ मुख्य किरदार को ‘जूही चावला’ ने दर्शाया था।

साल 1992 में गोविंदा ने फिल्म ‘शोला और शबनम’ में अभिनय किया था जिसमे उन्होंने ‘करन’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद उन्हें फिल्म ‘जान से प्यारा’ में देखा गया था जहाँ उनके किरदार का नाम ‘इंस्पेक्टर जय’ और ‘सुन्दर’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘आनंद’ थे। उसी साल गोविंदा ने फिल्म ‘राधा का संगम’ में अभिनय किया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘गोविंदा’ नाम के किरदार को ही दर्शाया था।

गोविंदा को उस साल कुछ और फिल्मो में भी देखा गया था जिनका नाम ‘जिलम की हुकूमत’, ‘नाच गोविंदा नाच’ और ‘बाज़’ था।

साल 1993 में गोविंदा ने सुपरहिट फिल्म ‘आँखें’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘डेविड धवन’ थे और फिल्म में गोविंदा ने ‘विजय’ उर्फ़ ‘बुन्नू’ और ‘गौरीशंकर’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘प्रतीक्षा’ में अभिनय किया था जिसके निर्देशक ‘लॉरेंस डि’सूज़ा’ थे। इस फिल्म में गोविंदा ने ‘राजा’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘मुक़ाबला’ में अभिनय किया था।

साल 1994 में भी गोविंदा ने सुपरहिट फिल्म ‘राजा बाबू’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘डेविड धवन’ थे और फिल्म में गोविंदा ने ‘राजा बाबू’ नाम के किरदार को दर्शाया था। फिल्म में गोविंदा, करिश्मा और कादर खान को एक साथ मुख्य किरदार को दर्शाते हुए देखा गया था। इसके बाद उस साल दूसरी बार गोविंदा ने फिल्म ‘दुलारा’ में अभिनय किया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘राजा’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

गोविंदा की उस साल की अगली फिल्म ‘एक्का राजा रानी’ थी जिसके निर्देशक ‘अफ़ज़ल अहमद खान’ थे। फिल्म में गोविंदा ने ‘सागर’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद अगली बार गोविंदा को फिल्म ‘आग’ में ‘बिरजू’ और ‘राजा’ का किरदार दर्शाते हुए देखा गया था और साथ ही फिल्म ‘बेटा हो तो ऐसा’ में ‘राजू’ का किरदार दर्शाते हुए देखा गया था। उन्होंने फिल्म ‘अंदाज़ अपना अपना’ में अपनी मुख्य उपस्थिति भी दर्शाई थी।

साल 1995 की सुपरहिट फिल्म की बात करे तो उन्होंने उस साल फिल्म ‘किस्मत’ में ‘अजय’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद उन्हें सुपरहिट फिल्म ‘कुली न. 1’ में देखा गया था जिसके निर्देशक ‘डेविड धवन’ थे। इस फिल्म में उन्होंने ‘राजू’ नाम के किरदार को दर्शाया था और फिल्म में एक बार फिर गोविंदा, करिश्मा और कादर खान की जोड़ी को देखा गया था।

साल 1996 में गोविंदा ने सबसे पहले फिल्म ‘अपने दम पर’ में मुख्य उपस्थिति को दर्शाया था। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘साजन चले ससुराल’ में अभिनय किया था जिसके निर्देशक ‘डेविड धवन’ थे। फिल्म में गोविंदा ने ‘श्यामसुन्दर’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म के बाद उन्होंने उसी साल फिल्म ‘माहिर’ में ‘भोला’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

साल 1997 की शुरुआत भी गोविंदा ने फिल्म ‘हीरो न. 1’ के साथ की थी। इस फिल्म के निर्देशक ‘डेविड धवन’ थे और फिल्म में गोविंदा ने ‘राजेश मल्होत्रा’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म में कादर खान, करिश्मा कपूर और गोविंदा ने ही मुख्य किरदार को दर्शाया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और साथ ही फिल्म को बॉक्स ऑफिस में ब्लॉकबस्टर फिल्मो की सूचि में दर्ज किया गया था।

इसके बाद उसी साल उन्होंने फिल्म ‘बनारसी बाबू’ में भी अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘डेविड धवन’ थे और फिल्म में गोविंदा ने ‘गोपी’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद उन्हें फिल्म ‘दीवाना मस्ताना’ में देखा गया था। इस फिल्म के निर्देशक भी ‘डेविड धवन’ थे और फिल्म में गोविंदा ने ‘बुन्नू’ नाम के किरदार को दर्शाया था। यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस में सुपरहिट फिल्मो की सूचि में शामिल हुई थी।

साल 1998 से साल 2000 तक की सुपरहिट फिल्मो की बात करे तो उन सालो में गोविन्द ने ‘आंटी न. 1’, ‘दूल्हे राजा’, ‘बड़े मियां छोटे मियां’, ‘परदेसी बाबू’, ‘अनाड़ी न. 1’, ‘राजाजी’, ‘हसीना मान जायगी’, ‘हम तुम पे मरते हैं’, ‘जोरू का गुलाम’, ‘कुंवारा’, ‘जिस देश में गंगा रहता है’ और ‘शिकारी’ जैसी फिल्मो में अभिनय किया था।

साल 2001 में गोविंदा ने सुपरहिट फिल्म ‘जोड़ी न. 1’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘डेविड धवन’ थे और फिल्म में गोविंदा के किरदार का नाम ‘वीरू’ था। इसके बाद उसी साल उन्होंने फिल्म ‘दिल ने फिर याद किया’ में अभिनय किया था जहाँ उनके किरदार का नाम ‘प्रेम’ था।

गोविंदा ने उस साल सुपरहिट फिल्म ‘क्यों की… मैं झूट नहीं बोलता’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘डेविड धवन’ ही थे और फिल्म में गोविंदा ने ‘राज मल्होत्रा’ नाम के किरदार को दर्शाया था। उस साल की उनकी अगली सुपरहिट फिल्म का नाम ‘आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया’ था। इस फिल्म में उनके किरदार का नाम ‘भीष्मा’ था।

साल 2002 में गोविंदा ने फिल्म ‘प्यार दीवाना होता है’, ‘अखियों से गोली मारे’, ‘वाह! तेरा क्या कहना’ और ‘चलो इश्क़ लड़ाए’ में अपने अभिनय को दर्शाया था। गोविंदा की इन चारो फिल्मो को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और फिल्मो ने भी बेहतरीन कमाई के साथ अपना नाम सुपरहिट फिल्मो की सुची में दर्ज किया था।

साल 2003 में गोविंदा ने फिल्म ‘एक और एक ग्यार’ और ‘राजा भइया’ में अभिनय किया था। यह दोनों फिल्मे भी दर्शको को बहुत पसंद आई थी और बॉक्स ऑफिस में सुपरहिट फिल्मो की सूचि में दर्ज की गई थी। साल 2005 में गोविंदा को दो फिल्मो में देखा गया था। इन फिल्मो का नाम ‘खुल्लम खुल्ला प्यार करें’ और ‘सुख’ था।

साल 2006 में उन्होंने अनीस बज़्मी द्वारा निर्देशित फिल्म ‘सॅन्डविच’ में अभिनय किया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘शेखर’, ‘विक्की’ और ‘शेर सिंह’ नाम के किरदार को दर्शाया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था। इसके बाद उसी साल गोविंदा ने फिल्म ‘भागम भाग’ में भी अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘प्रियादर्शन’ थे और फिल्म में गोविंदा ने ‘बबला’ नाम का किरदार अभिनय किया था।

साल 2007 में गोविंदा ने फिल्म ‘सलाम- ए- इश्क़: ए ट्रिब्यूट टू लव’, ‘जहाँ जायेंगे हमें पाएयेंगे’, ‘पार्टनर’ और ‘ओम शांति ओम’ में अभिनय किया था। इन सभी फिल्मो में से गोविंदा की फिल्म ‘पार्टनर’ बॉक्स ऑफिस में सबसे अधिक हिट हुई थी। फिल्म को उस साल की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मो की सूचि में दर्ज भी किया गया था। फिल्म में गोविंदा ने ‘भास्कर दिवाकर चौधरी’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

साल 2009 में सबसे पहले गोविंदा को फिल्म ‘चल चला चल’ में देखा गया था, जहाँ उन्होंने ‘दीपक’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद उन्हें फिल्म ‘लाइफ पार्टनर’ में देखा गया था, जहाँ उन्होंने ‘जीत ओबरॉय’ नाम के किरदार को दर्शाया था। उस साल का अंत गोविंदा ने फिल्म ‘डु नॉट डिस्टर्ब’ के साथ किया था जहाँ उन्होंने ‘राज’ नाम के किरदारों को दर्शाया था।

साल 2010 से साल 2013 तक गोविंदा ने 5 फिल्मो में अभिनय किया था। इन फिल्मो में से उनकी एक भी फिल्म को दर्शको ने पसंद नहीं किया था।

साल 2014 में गोविंदा ने फिल्म ‘हॉलिडे’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘ए. आर मुरुगादॉस’ थे और फिल्म में गोविंदा ने ‘सीनियर कमांडिंग ऑफिसर प्रताप’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म के बाद उन्हें फिल्म ‘किल दिल’ में देखा गया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘भइया जी’ नाम के किरदार को दर्शाया था। उसी साल उन्होंने फिल्म ‘हैप्पी एंडिंग’ में भी अभिनय किया था। इस फिल्म में उनके किरदार का नाम ‘अरमान’ था।

साल 2015 में उन्होंने फिल्म ‘हे ब्रो’ में अभिनय किया था जो की फ्लॉप फिल्मो की सूचि में दर्ज हुई थी। साल 2017 में उन्हें फिल्म ‘आ गया हीरो’ में देखा गया था। इस फिल्म के बाद उन्हें साल 2018 में फिल्म ‘फ्राईडे’ में देखा गया था। यह सभी फिल्मो को बॉक्स ऑफिस में फ्लॉप फिल्मो की सूचि में दर्ज किया गया था।

गोविंदा की आगे आने वाली फिल्मो की बात करे तो उन्हें आगे फिल्म ‘भगवन के लिए मुझे छोड़ दो’, ‘चश्मा चड्ढा’ और ‘पिंकू डार्लिंग एंड नेशनल हीरो’ में देखा जाएगा।

पुरस्कार और उपलब्धियां

  • साल 1997 में फिल्म ‘साजन चले ससुराल’ के लिए ‘फिल्मफेयर स्पेशल अवार्ड’ मिला था।
  • साल 1998 में फिल्म ‘दूल्हे राजा’ के लिए ‘बेस्ट एक्टर इन कॉमिक रोल’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 2000 में फिल्म ‘हसीना मान जाएगी’ के लिए ‘बेस्ट कॉमेडियन एक्टर’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 2002 में फिल्म ‘जोड़ी न. 1’ के लिए ‘बेस्ट कॉमेडियन एक्टर’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 2008 में फिल्म ‘पार्टनर’ के लिए ‘बेस्ट एक्टर इन सपोर्टिंग रोल (मेल)’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 2015 में फिल्म ‘हैप्पी एंडिंग’ और ‘किल दिल’ के लिए ‘बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 2018 में ‘कंट्रीब्यूशन टू द एशियाई सिनेमा’ अवार्ड से सम्मानित किया गया था।

गोविन्दा काreal li निजी जीवन

गोविंदा के लव लाइफ की बात करे तो उन्होंने सबसे अभिनेत्री ‘नीलम कोठारी’ को डेट करना शुरू किया था। उन दोनों का साथ कुछ ज़्यादा समय तक चला नहीं था और जल्द ही दोनों अलग हो गए थे। इसके बाद गोविंदा ने अभिनेत्री ‘रानी मुख़र्जी’ को भी डेट किया था। दोनों का साथ कुछ फिल्मो तक अच्छा चला था लेकिन गोविंदा की शादी होने की वजह से दोनों ने एक दूसरे से अलग होने का फैसला लिया था।

गोविंदा ने 11 मार्च 1987 को ‘सुनीता’ से शादी की थी। गोविंदा और सुनीता के दो बच्चे हैं जिनका नाम ‘यशवर्धन आहूजा’ और ‘टीना आहूजा’ है। गोविंदा की एक और बेटी थी जिसका दिहांत उसके जन्म के चार महीने बाद ही हो गया था।

गोविंदा के पसंदीदा चीज़ो की बात करे तो उन्हें खाने में मूंग दाल, खिचड़ी और भिंडी पसंद है। उनके पसंदीदा अभिनेता सलमान खान हैं और अभिनेत्रियों में उन्हें प्रियंका चोपड़ा पसंद है। गोविंदा की पसंदीदा फिल्म ‘बर्फी’ है। गोविंदा को उनके द्वारा अभिनय की गई सभी फिल्मो में से मात्र फिल्म ‘स्वर्ग’ और ‘हत्या’ ही पसंद है।

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मनीषा शर्मा

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