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राजेश खन्ना की जीवनी

Rajesh Khanna Biography

राजेश खन्ना भारतीय फिल्मो के मशहूर अभिनेता हैं। उन्होंने अपने व्यवसाय जीवन की शुरुआत एक अभिनेता के रूप में की थी लेकिन देखते ही देखते उन्होंने फिल्म निर्माता का काम करना और फिर राजनीती में अपनी उपस्थिति दर्शाना शुरू कर दिया था। उन्होंने अपने अभिनय के वजह से बहुत सारी लोकप्रियता हासिल की है।

राजेश खन्ना द्वारा अभिनय किए गए फिल्मो की बात करे तो उन्होंने ‘आखरी खत’, ‘राज़’, ‘दो रस्ते’, ‘सफर’, ‘कटी पतंग’, ‘अंदाज़’, ‘दुश्मन’, ‘राजा रानी’, ‘आप की कसम’, ‘हमशकल’, ‘प्रेम कहानी’, ‘आइना’, ‘हत्यारा’, ‘भोला भाला’, ‘मुक़ाबला’, ‘बंदिश’, ‘नसीब’, ‘अवतार’, ‘घर का चिराग’, ‘सैटेल भाई’, ‘क्या दिल ने कहा’ जैसी फिल्मो में अभिनय किया था।

राजेश खन्ना ने कई सारे फिल्मो में अमिताभ बच्चन के साथ भी अभिनय किया है। उन्होंने अपने अभिनय की वजह से कई सारे अवार्ड्स को अपने नाम किया है। इसी के साथ ही उन्हें कई सारे सम्मानों से सम्मानित भी किया गया है।

राजेश खन्ना का प्रारंभिक जीवन

राजेश खन्ना का जन्म 29 दिसंबर 1942 को अमृतसर, पंजाब में हुआ था। उन्होंने एक पंजाबी परिवार में जन्म लिया था। राजेश खन्ना को जन्म देने वाले माता पिता का नाम ‘लाला हीरानंद’ और ‘चन्द्राणी खन्ना’ था। राजेश खन्ना को गोद लेकर पालने वाले माता पिता का नाम ‘छन्नीलाल खन्ना’ और ‘लीलावती खन्ना’ था। राजेश की एक बहन हैं जिनका नाम ‘कमला’ है।

राजेश ने अपने स्कूल की पढाई ‘सट. सेबेस्टियन’स गायन हाई स्कूल’, मुंबई से पूरी की थी। अभिनेता जितेंदर और राजेश खन्ना ने एक साथ इसी स्कूल से अपनी पढाई पूरी की थी और दोनों एक दूसरे के बहुत अच्छे मित्र भी थे। इसके बाद उन्होंने ‘नौरोसजी वाडिआ कॉलेज’ पुणे और ‘के. सी. कॉलेज’, मुंबई से अपने ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की थी।

राजेश खन्ना का पहले का नाम ‘जतिन खन्ना’ था। राजेश के अंकल ‘केके तलवार’ ने उनका पहला नाम ‘जतिन’ बदल कर उन्हें ‘राजेश’ नाम दिया था और वहीं से शुरू हुआ था ‘जतिन खन्ना’ से ‘राजेश खन्ना’, द सुपर स्टार बनाने का सफर।

18 जुलाई 2012 को मुंबई महाराष्ट्र में राजेश खन्ना का दिहांत हुआ था। राजेश काफी लम्बे समय से बीमार थे जिसकी वजह से उन्होंने कई समय अस्पतालों में भी गुज़ारे थे। साल 2012 में उन्होंने सभी को अल्विदा कह दिया था।

व्यवसाय जीवन

राजेश खन्ना का फिल्मो का शुरुआती दौर

राजेश खन्ना साल 1965 में पहले ऐसे भारतीय बने थे जिन्होंने लगभग 10000 से भी ज़्यादा प्रतियोगियों को पीछे छोड़ ‘आल इंडिया टैलेंट कांटेस्ट’ में भाग लिया था और साथ ही इस प्रतियोगिता के विजयता भी बने थे। इसके बाद, साल 1966 में उन्होंने अपने अभिनय की शुरुआत की थी। उनकी पहली फिल्म का नाम ‘आखरी खत’ था जिसके निर्देशक ‘चेतन आनंद’ थे। यह फिल्म दर्शको को बहुत पसंद आई थी।

उसके बाद साल 1967 में राजेश ने फिल्म ‘राज़’ और ‘औरत’ में भी अभिनय किया था। दोनों ही फिल्मो को बॉक्स ऑफिस में ठीक ठाक सफलता मिली थी। इसके बाद उसी साल उन्होंने फिल्म ‘बहारों के सपने’ में भी अभिनय किया था जिसके निर्देशक ‘नासिर हुसैन’ थे। साल 1968 में राजेश को फिल्म ‘श्रीमानजी’ में देखा गया था जिसमे उन्होंने एक कैमिओ किरदार दर्शाया था।

साल 1969 में राजेश को फिल्म ‘बंधन’ में देखा गया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘चर्मचन्द’ उर्फ़ ‘धर्मा’ नाम का किरदार अभिनय किया था।

उसी साल राजेश खन्ना ने एक बड़ी फिल्म में अभिनय किया था जिसका नाम ‘अराधना’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘शक्ति समानता’ थे और फिल्म में राजेश ने ‘अरुण’ और ‘सूरज प्रसाद सक्सेना’ नाम के दो किरदारों को दर्शाया था। इस फिल्म में मुख्य किरदार को राजेश खन्ना और शर्मीला टैगोर ने दर्शाया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था।

इसके बाद राजेश को फिल्म ‘इत्तेफ़ाक़’ में देखा गया था जिसके निर्देशक ‘यश चोपड़ा’ थे। फिल्म में राजेश के किरदार का नाम ‘दिलीप रॉय’ था और फिल्म में मुख्य किरदार को राजेश खन्ना, नंदा, बिंदु, मदन पूरी और इफ़्तेख़ार ने दर्शाया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था।

साल 1970 में राजेश को फिल्म ‘सच्चा झूठा’, ‘आन मिलो सजना’, ‘सफर’, ‘खामोशी’ और ‘कटी पतंग’ में देखा गया था। इस सभी फिल्मो में से राजेश खन्ना की तीन फिल्मो को दर्शको ने बहुत पसंद किया था। उन फिल्मो के नाम ‘सच्चा झूठा’, ‘सफर’ और ‘कटी पतंग’ था। तीनो फिल्मो को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और फिल्मो ने अपना नाम सुपरहिट फिल्मो की सूचि में दर्ज भी किया था।

साल 1971 में राजेश ने फिल्म ‘गुड्डी’ में एक कैमिओ किरदार दर्शाया था। इसके बाद उसी साल एक बार फिर राजेश एक सुपरहिट फिल्म का हिस्सा बने थे जिसका नाम ‘आनंद’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘हृषिकेश मुख़र्जी’ थे और फिल्म के डायलॉग को गुलज़ार ने लिखा था। फिल्म में राजेश के साथ अमिताभ बच्चन, सुमिता सान्याल, रमेश देओ और सीमा देओ ने मुख्य किरदारों को दर्शाया था। फिल्म को दर्शको ने भी बहुत पसंद किया था।

इसके बाद उसी साल उन्हें फिल्म ‘दुश्मन’ में देखा गया था, जिसमे उन्होंने ‘सुरजीत सिंह’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को मीना कुमारी, मुमताज़ और राजेश खन्ना ने दर्शाया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था।

साल 1972 में राजेश खन्ना को सबसे पहले फिल्म ‘अमर प्रेम’ में देखा गया था जिसके निर्देशक ‘शक्ति समानता’ थे। फिल्म में राजेश ने ‘आनंद बाबू’ नाम का किरदार अभिनय किया था और उनके साथ फिल्म में शर्मीला टैगोर, विनोद महरा, अभी भट्टाचार्य और मदन पूरी ने अभिनय किया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और फिल्म ने भी अपना नाम सुपरहिट फिल्मो की सूचि में दर्ज किया था।

उसी साल राजेश एक और सुपरहिट फिल्म का हिस्सा बने थे। इस फिल्म का नाम ‘बावर्ची’ था और फिल्म में राजेश खन्ना के किरदार का नाम भी ‘रघु’ उर्फ़ ‘बावर्जी’ ही था। फिल्म के निर्देशक ‘हृषिकेश मुख़र्जी’ थे और फिल्म में राजेश के साथ जया बाधुरी ने मुख्य किरदार को दर्शाया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और फिल्म ने अपना नाम सुपरहिट फिल्मो की सूचि में दर्ज किया था।

उसी साल राजेश को फिल्म ‘अनुराग’, ‘मालिक’, ‘दिल दौलत दुनिया’, ‘अपना देश’ जैसी फिल्मो में अभिनय किया था।

साल 1973 में राजेश खन्ना ने तीन सुपरहिट फिल्मो में अभिनय किया था। इनमे से सबसे पहली फिल्म का नाम ‘दाग: ए पोएम ऑफ़ लव’ था जिसके निर्देशक ‘यश चोपड़ा’ थे। फिल्म में राजेश के किरदार का नाम ‘सुनील कोहली’ था। इसके बाद उसी साल की दूसरी सुपरहिट फिल्म का नाम ‘नमक हराम’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘हृषिकेश मुख़र्जी’ थे और फिल्म में राजेश ने ‘सोमनाथ’ उर्फ़ ‘सोमू’ और ‘चन्दर सिंह’ नाम के किरदारों को दर्शाया था।

उसी साल की तीसरी सुपरहिट फिल्म का नाम ‘बॉम्बे सुपरस्टार’ था जो की एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म थी। इस फिल्म में उन्होंने अपने ही किरदार को दर्शाया था।

साल 1974 में भी राजेश चार सुपरहिट फिल्म का हिस्सा बने थे जिनका नाम ‘आप की कसम’, ‘प्रेम नगर’, ‘आविष्कार’ और ‘रोटी’ था। इन चारो फिल्मो में राजेश खन्ना ने मुख्य किरदारों को दर्शाया था और फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था।

साल 1975 और साल 1976 में भी राजेश खन्ना ने दो बड़ी फिल्मो में अभिनय किया था। साल 1975 में आई फिल्म का नाम ‘प्रेम कहानी’ था जिसके निर्देशक ‘राज खोसला’ थे और फिल्म में राजेश ने ‘राजेश कमलेश्वर नारायण’ नाम का किरदार दर्शाया था। साल 1976 में आई फिल्म का नाम ‘मेहबूबा’ था जिसके निर्देशक ‘शक्ति समानता’ थे। इस फिल्म में राजेश ने ‘प्रकाश’ और ‘सूरज’ नाम के दो किरदारों को दर्शाया था।

साल 1977 में राजेश ने 10 फिल्मो में अभिनय किया था लेकिन उन में से सिर्फ एक ही फिल्म को सुपरहिट फिल्मो की सूचि में दर्ज किया गया था। उस फिल्म का नाम ‘अनुरोधा’ था जिसके निर्देशक ‘शक्ति समानता’ थे। फिल्म में मुख्य किरदार को राजेश के साथ विनोद महरा, डिंपल कपाडिया, रीता बहादुरी और अशोक कुमार ने दर्शाया था।

साल 1978 में राजेश ने फिल्म ‘भोला भाला’, ‘नौकरी’, ‘चमत्कार’ और ‘चक्रव्यू’ में अभिनय किया था। इन सभी फिल्मो में से फिल्म ‘चक्रव्यू’ को दर्शको ने सबसे ज़्यादा पसंद किया था।

साल 1979 में भी राजेश खन्ना ने सुपरहिट फिल्म ‘अमर दीप’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘आर. कृष्णमूर्ति’ थे और फिल्म में राजेश ने ‘राजा’ और ‘सोनू’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को राजेश खन्ना, शबाना आज़मी और विनोद महरा ने अभिनय किया था।

साल 1980 की बात करे तो उस साल राजेश खन्ना ने 5 फिल्मो में अभिनय किया था। उन सभी फिल्मो में से फिल्म ‘आँचल’ और ‘थोडीसी बेवफाई’ को सबसे अधिक पसंद किया गया था। इन दोनों ही फिल्मो को बॉक्स ऑफिस में टॉप फिल्मो की सूचि में दर्ज किया गया था।

साल 1981 में भी राजेश ने फिल्म ‘धनवान’ और ‘दर्द’ में मुख्य किरदारों को दर्शाया था। इन दोनों ही फिल्मो को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस में बेहतरीन कमाई के साथ अपना नाम सुपरहिट फिल्मो की सूचि में दर्ज किया था।

साल 1983 में राजेश ने 80 की दशक के सबसे लोकप्रिय फिल्म में अभिनय किया था। इस फिल्म का नाम ‘अवतार’ था जिसमे राजेश ने ‘अवतार कृशन’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और फिल्म ने भी बॉक्स ऑफिस में बेहतरीन कमाई की थी। इसके बाद उसी साल उन्हें फिल्म ‘सौतन’ में देखा गया था। यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस में सुपरहिट रही थी।

साल 1984 में उन्होंने पहले फिल्म ‘आज का एम. एल. ए. राम अवतार’ में अभिनय किया था जिसके निर्देशक ‘दसरी नारायण राओ’ थे। फिल्म में राजेश ने ‘राम अवतार’ नाम का किरदार ही दर्शाया था। इसके बाद उसी साल उन्होंने फिल्म ‘आवाज़’ में भी अभिनय किया था जिसमे उनके किरदार का नाम ‘एडवोकेट जयंत’ था। फिल्म के निर्देशक ‘शक्ति समानता’ थे और फिल्म में राजेश के साथ ‘जया प्रदा’ ने मुख्य किरदारों को दर्शाया था।

साल 1985 में भी राजेश ने कुल 14 फिल्मो में अभिनय किया था। इन सभी फिल्मो में से मात्र एक फिल्म को दर्शको ने सुपरहिट फिल्म के रूप में दर्ज किया था जिसका नाम ‘बाबू’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘ए. सी. तिरुलोकचन्द्र’ थे और फिल्म में राजेश ने ‘बाबू’ नाम के किरदार को ही दर्शाया था।

साल 1986 की सुपरहिट फिल्म का नाम ‘अमृत’ था। इस फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था। फिल्म के निर्देशक ‘मोहन कुमार’ थे और फिल्म में राजेश ने ‘अमृत लाल शर्मा’ नाम का ही किरदार अभिनय किया था। साल 1987 में राजेश को फिल्म ‘आवाम’ में देखा गया था जिसके निर्देशक ‘बी. आर. चोपड़ा’ थे।

साल 1988 और 1989 में भी राजेश ने फिल्म ‘विजय’, ‘वो फिर आएगी’, ‘घर का चिराग’, ‘मैं तेरा दुश्मन’ जैसी फिल्मो में अभिनय किया था, लेकिन दर्शको को यह फिल्मे कुछ ज़्यादा खास पसंद नहीं आई थी।

साल 1990 में एक बार फिर राजेश ने सुपरहिट फिल्म ‘स्वर्ग’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘डेविड धवन’ थे और फिल्म में राजेश ने ‘मिस्टर कुमार’ उर्फ़ ‘मालिक’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म को दर्सको ने बहुत पसंद किया था। उसी साल उन्होंने फिल्म ‘दुश्मन’ में भी अपनी मुख्य उपस्थिति को दर्शाया था।

साल 1991 की हिट फिल्म ‘घर परिवार’ में भी राजेश ने अभिनय किया था।

साल 1992 से लेकर साल 1999 तक राजेश ने कुल 5 फिल्मो में अभिनय किया था। उन सभी फिल्मो को दर्शको पसंद नहीं किया था और इसलिए सभी फिल्मो को बॉक्स ऑफिस में फ्लॉप फिल्मो की सूचि में दर्ज किया गया था।

राजेश खन्ना का फिल्मो का अंतिम सफर

साल 2001 में राजेश ने फिल्म ‘प्यार ज़िंदगी है’ में अभिनय किया था जिसमे उनके किरदार का नाम ‘हृदयनाथ’ था। इसके बाद अगले साल, यानी साल 2002 में उन्होंने फिल्म ‘क्या दिल ने कहा’ में अभिनय किया था। साल 2007 में भी राजेश खन्ना एक बड़ी फिल्म का हिस्सा बने थे लेकिन फिल्म में उन्होंने एक छोटा सा अपना खुदका किरदार ही दर्शाया था। फिल्म का नाम ‘ओम शांति ओम’ था।

साल 2014 में राजेश को अंतिम बार फिल्म में देखा गया था। इस फिल्म का नाम ‘रियासत’ था और फिल्म में उन्होंने ‘गॉडफादर डॉन साहेब’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘अशोक त्यागी’ थे।

राजेश खन्ना द्वारा अभिनय किए गए टीवी सीरियल

साल 2001 में राजेश को पहली बार टीवी सीरियलो में देखा गया था। उन्होंने सबसे पहले सीरियल ‘इत्तेफ़ाक़’ में अभिनय किया था जिसमे उन्होंने ‘मिस्टर गोपाल’ नाम का किरदार दर्शाया था।

साल 2002 में उन्हें ‘अपने पराय’ में देखा गया था। इसके बाद साल 2008 में भी राजेश खन्ना ने ‘ब्राह्मण’ नाम के सीरियल में अपनी उपस्थिति दर्शाई थी। इसके बाद उसी साल उन्होंने सीरियल ‘रघुकुल रीत सदा चली आई’ में भी अपनी उपस्थिति दर्शाई थी।

राजेश खन्ना द्वारा गाए गए गाने

  • साल 1967 में फिल्म ‘बहारों के सपने’ में ‘ओ मेरे सजना ओ मेरे बलमा’ गाने को गाया था।
  • साल 1969 में फिल्म ‘अराधना’ में ‘बागों में बहार है’ गाने को गाया था।
  • साल 1970 में फिल्म ‘सफर’ में ‘नदियां चले चले रे धरा’ गाने को गाया था।
  • साल 1972 में फिल्म ‘अमर प्रेम’ में ‘रैना बीती जाए’ गाने को गाया था।
  • साल 1972 में फिल्म ‘शेह्ज़ादा’ में ‘रिमझिम रिमझिम देखो बरस रहे हैं’ और ‘ना जाइयो ना जाइयो छोड़ के ना जइयो मेरी रानी’ गाने को गाया था।
  • साल 1973 में फिल्म ‘दाग: ए पोएम ऑफ़ लव’ में ‘मैं तो कुछ भी नहीं’ गाने को गाया था।
  • साल 1974 में फिल्म ‘पलकों की छाओं में’ में ‘लडख़ड़ाने दो मुझे’ गाने को गाय था।

राजेश खन्ना का राजनैतिक सफर

साल 1984 में राजेश खन्ना ने अपने मित्र ‘राजीव गाँधी’ के कहने पर ‘कांग्रेस’ पार्टी का प्रचार करना शुरू किया था। राजेश ने साल 1991 में लोक सभा के चुनावो के लिए ‘एल. के. अडवानी’ के खिलाफ इलेक्शन में खड़े होने का फैसला लिया था। राजेश कुल 1589 वोट्स ने उस इलेक्शन को हार गए थे। अगली बार उन्होंने एक बार फिर ‘शत्रुघ्न सिन्हा’ के सामने इलेक्शन में खड़े होने का फैसला लिया था और इस बार उन्होंने 25000 वोटो की बढ़ोतरी के साथ जीत हासिल की थी।

राजेश खन्ना पार्लियामेंट को छोडने के बाद भारतीय नेशनल कांग्रेस की तरफ से पंजाब इलेक्शन के लिए अपनी उपस्थिति को दर्शाते रहते थे। उन्होंने साल 2012 में हुए एलेक्शंस में भी अपनी उपस्थिति दर्शाई थी।

पुरस्कार और उपलब्धियां

राजेश खन्ना ने अपने अभिनय की वजह से कुल 100 से भी अधिक अवार्ड्स को अपने नाम किया था। इसी के साथ उन्हें कई सारे और सम्मानों से भी सम्मानित किया गया था जिसकी जानकारी नीचे मौजूद है।

  • साल 2009 में ‘आइफा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड्स’ से सम्मानित किया गया था।
  • साल 2010 में ‘पीफा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड्स’ से सम्मानित किया गया था।
  • साल 2013 में ‘पद्मा भूषण’ अवार्ड से सम्मानित किया गया था।

राजेश खन्ना का निजी जीवन

राजेश खन्ना का नाम सबसे पहले फैशन डिज़ाइनर ‘अंजू महेन्द्रू’ के साथ जुड़ा था। दोनों ने साल 1968 से 1972 तक एक दूसरे का साथ दिया था। साल 1980 में राजेश ने अभिनेत्री ‘टीना अम्बानी’ को डेट करना शुरू किया था। राजेश और टीना ने साल 1980 से 1987 तक एक दूसरे का साथ दिया था। उसी दौरान उनके शादी की खबरे भी ज़ोरो शोरो से सुनाई दे रही थी लेकिन अंत में दोनों ने एक दूसरे से अलग होने का फैसला लिया था।

साल 1973 में राजेश की शादी अभिनेत्री ‘डिंपल कपाडिया’ के साथ हुए थी। दोनों ने एक साथ कुछ फिल्मो में अभिनय किया था। साल 1982 में राजेश और डिंपल का तलाख हो गया था। दोनों की दो बेटियां हैं जिनका नाम ‘ट्विंकल खन्ना’ और ‘रिंकी खन्ना’ है। अभिनेता अक्षय कुमार राजेश खन्ना के दमाद और ट्विंकल खन्ना के पति हैं।

राजेश खन्ना के पसंदीदा चीज़ो की बात करे तो उनके पसंदीदा अभिनेता गुरु दत्त और दिलीप कुमार हैं। अभिनेत्रियों में उन्हें मीना कुमारी और गीता बलि पसंद हैं। राजेश खन्ना का पसंदीदा रंग लाल है। राजेश खन्ना भारतीय फिल्मो के पहले अभिनेता थे जिन्होंने ‘सुपरस्टार’ का पद हासिल किया था। उन्होंने अपने 45 साल के अभिनय के व्यवसाय में कुल 180 फिल्मो में अभिनय किया था।

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