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संजीव कुमार की जीवनी

Sanjeev Kumar Biography

संजीव कुमार भारतीय फिल्मो के जाने माने अभिनेता हैं। उन्होंने अपने अभिनय की वजह से बहुत ही कम समय में हिंदी फिल्मो की दुनिया में अपना नाम कमाया था। उनकी लोकप्रियता भी काफी काम समय में बड़ी थी। संजीव कुमार ने लगभग 25 सालो तक फिल्मो की दुनिया में राज किया था।

संजीव कुमार द्वारा अभिनय किए गए फिल्मो की बात करे तो उन्होंने ‘दस्तक’, ‘कोशिश’, ‘अर्जुन पंडित’, ‘त्रिशूल’, ‘खीलोना’, ‘एहि है ज़िंदगी’, ‘नया दिन नई रात’, ‘देवता’, ‘राम तेरे कितने नाम’, ‘कटी’, ‘शिकार’, ‘उलझन’, ‘तृष्णा’, ‘पति पत्नी और वो’, ‘अंगूर’, ‘बीवी-ओ-बीवी’, ‘हीरो’, ‘शोले’ जैसी बड़ी बड़ी फिल्मो में अपने अभिनय को दर्शाया है।

संजीव कुमार ने ना केवल फिल्मो में अपने अभिनय की वजह से कई सारे अवार्ड्स को कमाया हैं बल्कि उनके हिंदी सिनेमा में दिए गए योगदान की वजह से भी उन्हें कई और बड़े बड़े सम्मानों से सम्मानित किया गया है। सूरत, गुजरात में संजीव के नाम से एक रोड बनाई गई है, जिसका नाम ‘संजीव कुमार मार्ग’ रखा गया था। सूरत में ही एक स्कूल का नाम भी संजीव कुमार के नाम पर रखा गया है।

संजीव कुमार का प्रारंभिक जीवन

संजीव कुमार का जन्म 09 जुलाई 1938 को सूरत, बॉम्बे में हुआ था, जो आज गुजरात में मौजूद है। उन्होंने एक गुजराती परिवार में जन्म लिया था। उन्होंने अपना बचपन सूरत में ही बिताया था। इसके बाद अचानक से उनके परिवार ने मुंबई में रहने का मन बनाया था और संजीव अपने परिवार के साथ मुंबई में रहने लगे थे।

संजीव कुमार ने मुंबई में एक फिल्म स्कूल में अपना दाखिला कराया था, जहाँ से उन्हें बॉलीवुड की तरफ पहला कदम रखने में आसानी हुई थी। संजीव के परिवार में उनके माता पिता के अलावा उनके दो छोटे भाई और एक बहन हैं। भाइयो के नाम ‘नकुल’ और ‘किशोर’ थे।

संजीव कुमार का पहले का नाम ‘हरिहर जेठालाल जरीवाला’ था जिन्हे प्यार से ‘हरिभाई’ भी बुलाया जाता था। फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले संजीव ने अपना नाम ‘हरिहर’ से बदल कर ‘संजीव कुमार’ रखा था। उन्हें हिंदी फिल्म जगत में सुपरस्टार माना जाता है।

संजीव कुमार का दिहांत 6 नवंबर 1985 को बॉम्बे, महाराष्ट्र में हुआ था। उनकी मौत दिल का दोहरा पढ़ने की वजह से हुई थी। संजीव कुमार को जन्मजात ह्रदय रोग था और यह रोग उनके परिवार में कई समय पहले से चला आ रहा था। उनके परिवार में शायद ही कोई ऐसा था जो 50 साल से अधिक अपनी ज़िंदगी को जी पाया था। उन्होंने भी मात्र 47 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था। संजीव से पहले उनके भाई ‘नकुल’ का दिहांत हुआ था और संजीव के दिहांत के ठीक 6 महीने बाद उनके दूसरे भाई ‘किशोर’ का भी दिहांत हुआ था।

व्यवसाय जीवन

संजीव कुमार का फिल्मो का शुरुआती दौर

संजीव कुमार ने अपने अभिनय को सबसे पहले स्टेज में दर्शाना शुरू किया था। उन्होंने ‘पीआईटीए’, मुंबई और फिर ‘इंडियन नेशनल थिएटर’ में अपने अभिनय को दर्शाया था। संजीव को अक्सर अपनी उम्र से बड़े किरदारों को दर्शाते हुए देखा गया था। उन्होंने अपनी 22 साल की उम्र में ‘आल माय सन’स’ प्ले में एक बूढ़े व्यक्ति का किरदार अभिनय किया था।

आगे के समय में संजीव कुमार को ‘डमरू’ नाम के प्ले में एक 60 साल के व्यक्ति का किरदार दर्शाते हुए देखा गया था जिसके 6 बच्चे थे। यह किरदार भी दर्शको को बहुत पसंद आया था। थिएटर में अपने अभिनय को दर्शाते दर्शाते संजीव को फिल्मो में अभिनय के लिए प्रस्ताव आने लगे थे।

साल 1960 में संजीव कुमार ने अपना डेब्यू बॉलीवुड फिल्मो में किया था। उनकी पहली फिल्म का नाम ‘हम हिंदुस्तानी’ था। इस फिल्म में उन्हें एक छोटे से किरदार को दर्शाते हुए देखा गया था। साल 1965 में संजीव ने अपना पहला मुख्य किरदार दर्शाया था। इस फिल्म का नाम ‘निशान’ था।

साल 1968 में संजीव कुमार ने लोकप्रिय अभिनेता ‘दिलीप कुमार’ के साथ फिल्म ‘संघर्ष’ में अभिनय किया था। इस फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था। अगले साल, यानी साल 1969 में संजीव ने अभिनेता शम्मी कपूर और अभिनेत्री साधना के साथ फिल्म ‘सच्चाई’ में भी अपने अभिनय को दर्शाया था।

संजीव कुमार का फिल्मो का बाद का सफर

साल 1970 की बात करे तो उस साल संजीव कुमार ने फिल्म ‘खिलौना’ में अभिनय किया था। यह फिल्म तमिल की फिल्म ‘एन्गेरिनधो वन्दाल’ का रीमेक था। इस फिल्म में अभिनय करने की वजह से संजीव ने राष्ट्रिय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी।

साल 1972 में संजीव कुमार ने ‘इंडो-ईरानियन’ फिल्म ‘सुबह और शाम’ में भी अभिनय किया था। इस फिल्म में अभिनय करने की वजह से मशहूर लेखक और निर्देशक ‘गुलज़ार’ ने संजीव पर अपना ध्यान केंद्रित किया था। इसके बाद गुलज़ार और संजीव कुमार की जोड़ी कई सालो तक देखने को मिली थी।

गुलज़ार ने संजीव कुमार को एक साथ चार फिल्मो में अभिनय करने के लिए साइन किया था, जिसमे संजीव को बूढ़े व्यक्ति का किरदार दर्शाते हुए देखा गया था। इनमे से पहली फिल्म का नाम ‘परिचय’ था। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘कोशिश’ में भी अभिनय किया था। इस फिल्म में संजीव ने एक गूंगे और बेहरे व्यक्ति का किरदार दर्शाया था जिसकी वजह से उन्होंने बेस्ट अभिनेता का अवार्ड अपने नाम किया था। फिल्म में महिला मुख्य किरदार को जाया भादुरी ने दर्शाया था जिसमे उन्होंने संजीव कुमार की गूंगी और बेहरी बीवी का किरदार दर्शाया था।

गुलज़ार और संजीव की जोड़ी की तीसरी फिल्म का नाम ‘आंधी’ था जो साल 1975 में रिलीज़ हुई थी। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘मौसम’ में उसी साल अभिनय किया था।

संजीव कुमार का फिल्मो का सफल सफर

साल 1972 की बात करे तो संजीव कुमार ने उस साल एक सुपरहिट फिल्म में अभिनय किया था जिसका नाम ‘सीता और गीता’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘रमेश सिप्पी’ थे और फिल्म में संजीव के साथ हेमा मालिनी ने मुख्य किरदार को दर्शाया था। साल 1973 में संजीव ने फिल्म ‘मनचली’ में अभिनय किया था जिसके निर्देशक ‘राजा नवाथे’ थे। फिल्म में संजीव, लीना, नाज़िमा और नूपुर रॉय ने मुख्य किरदार को दर्शाया था।

साल 1973 में ही संजीव कुमार ने अपना डेब्यू तमिल फिल्मो में किया था। उनकी पहली तमिल फिल्म का नाम ‘भारता विलास’ था। इसके बाद संजीव ने ‘हृषिकेश मुख़र्जी’ द्वारा निर्देशित फिल्म ‘अर्जुन पंडित’ में भी अपने अभिनय को दर्शाया था। इस फिल्म के लिए भी संजीव ने बेस्ट एक्टर का अवार्ड अपने नाम किया था।

साल 1974 में संजीव कुमार को फिल्म ‘आप की कसम’ में देखा गया था जिसके निर्देशक ‘ओम प्रकाश’ थे। फिल्म में मुख्य किरदारों को संजीव कुमार, राजेश खन्ना और मुमताज़ ने दर्शाया था।

संजीव कुमार और तमिल फिल्मो की अभिनेत्री एल. विजय लक्ष्मी ने तीन फिल्मो में एक साथ अभिनय किया था। उन फिल्मो के नाम ‘अली बाबा और 40 चोर’, ‘हुस्न और इश्क़’ और ‘बादल’ थे। इन तीनो फिल्मो में से फिल्म ‘हुस्न और इश्क़’ और ‘बादल’ दर्शको को बहुत पसंद आई थी और फिल्म को सुपरहिट फिल्मो की सूचि में दर्ज किया गया था। वहीं फिल्म ‘अली बाबा और 40 चोर’ फिल्म बॉक्स ऑफिस में फ्लॉप फिल्मो की सूचि में दर्ज हुई थी।

इसके बाद संजीव की फिल्म ‘राजा और रंक’ ने भी बॉक्स ऑफिस में बहुत अच्छी कमाई की थी। संजीव ने अभिनेत्री माला सिन्हा के साथ फिल्म ‘कंगन’, ‘रिवाज़’, ‘ज़िंदगी’, ‘बेरहम’, ‘अर्चना’ और ‘दो लड़कियां’ में अभिनय किया था। इसके बाद संजीव और अभिनेत्री तनूजा की जोड़ी को फिल्म ‘प्रिया’, ‘अनुभव’, ‘गुस्ताखी माफ़’, ‘बचपन’ और ‘खुद-दार’ में देखा गया था।

संजीव को कुछ फील्मो में अभिनेत्री राखी के साथ भी देखा जा चूका है। उन दोनों ने फिल्म ‘अंगारे’, ‘पारस’, ‘तृष्णा’, ‘श्रीमान श्रीमती’ और ‘हमारे तुम्हारे’ जैसी फिल्मो में अपने अभिनय को दर्शाया है। इसके बाद संजीव और अभिनेत्री लीना चंदवरकार ने भी हिट फिल्म्स ‘अपने रंग हज़ार’, ‘मनचली’, ‘अन्होने’ में अभिनय किया है।

एक दौर ऐसा था जब तमिल फिल्मो के निर्देशक और निर्माता अपनी तमिल फिल्मो को हिंदी फिल्मो के रीमेक बनाने के लिए या तो संजीव कुमार को फिल्म में लेना चाहते थे या फिर रजेश खन्ना को फिल्म का हीरो बनाना चाहते था। बहुत सारी हिंदी फिल्मे ऐसी हैं जिन्हे तमिल फिल्मो का रीमेक बताया जाता है।

तमिल फिल्मे जिनका हिंदी रीमेक बना था, उनकी बात करे तो, तमिल फिल्म ‘एन्गेरिनधो वन्दाल’ का रीमेक हिंदी फिल्म ‘खिलौना’ थी। ऐसे ही फिल्म ‘नवरात्रि’ का रीमेक ‘नया दिन नई रात’ था। संजीव कुमार ने तमिल फिल्म ‘कलियुगा कन्नन’ के रीमेक ‘यही है ज़िंदगी’ में अभिनय किया था। इसके बाद संजीव को फिल्म ‘कस्तूरी निवास’ के रीमेक ‘शानदार’ में भी अभिनय करते हुए देखा गया था।

संजीव कुमार ने अपने कॉमेडी के हुनर को सबसे पहले फिल्म ‘गीता और सीता’ में दर्शाया था। इस फिल्म के हिट होने के बाद संजीव को कॉमेडी फिल्म ‘बीवी ओ बीवी’, ‘पति, पत्नी और वो’, ‘अंगूर’ और ‘हीरो’ में भी उन्होंने अपने अभिनय को दर्शाया था।

संजीव कुमार के द्वारा अभिनय किए गए फिल्म ‘चरित्रहीन’, ‘अंगारे’, ‘गृहप्रवेश’, ‘चेहरे पे चेहरे’, ‘सवाल’ और ‘यादगार’ को बॉक्स ऑफिस में फ्लॉप फिल्मो की सूचि में दर्ज किया गया था। संजीव कुमार अक्सर अपनी फिल्मो में एक ऐसे किरदार को दर्शाते हैं जो उन्हें अपने अभिनय की कला को और मजबूत करने में सहायता करता है। उन्होंने फिल्म ‘शतरंज के खिलाड़ी’ में ‘मिर्ज़ा सज्जाद अली’ के किरदार को दर्शा कर अपने अभिनय की कला को लोगो के बीच साबित किया था।

संजीव कुमार के सबसे लोकप्रिय किरदारों की बात करे तो हिंदी फिल्मो के ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘शोले’ में ‘ठाकुर’ के किरदार को और फिल्म ‘त्रिशूल’ में ‘राज कुमार गुप्ता’ के किरदार को उनका सबसे लोकप्रिय किरदार माना जाता है। संजीव कुमार ने ना केवल हिंदी फिल्मो में अपने अभिनय को दर्शाया है बल्कि उन्होंने मराठी, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और सिंधी फिल्मो के साथ साथ दो चार गुजरती फिल्मो में भी अभिनय किया है।

साल 1980 में संजीव ने पंजाबी फिल्म ‘फौजी चाचा’ में अभिनय किया था।

संजीव कुमार के दिहांत के बाद भी उनकी लगभग 10 फिल्मो को रिलीज़ किया गया था। उन सभी फिल्मो में संजीव ने कुछ कुछ हिस्सा शूट किया था। फिल्म के निर्माता और निर्देशक ने संजीव के दिहांत के बाद, यह निर्णय लिया था की फिल्म के बचे हुए हिस्से को वो किसी और अभिनेता के साथ शूट करेंगे और फिल्म के पहले भाग में संजीव कुमार को ही दर्शाया जायगा। संजीव की आखरी फिल्म साल 1993 में रिलीज़ हुई थी जिसका नाम ‘प्रोफेसर की पड़ोसन’ था।

पुरस्कार और उपलब्धियां

संजीव कपूर ने अपने अभिनय की वजह से कई सारे अवार्ड्स को अपने नाम किया है, जिनमे से कुछ की जानकारी नीचे मौजूद है।

  • साल 1971 में फिल्म ‘दस्तक’ के लिए ‘नेशनल फिल्म अवार्ड्स फॉर बेस्ट एक्टर’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 1973 में फिल्म ‘कोशिश’ के लिए ‘नेशनल फिल्म अवार्ड्स फॉर बेस्ट एक्टर’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 1974 में फिल्म ‘कोशिश’ के लिए ‘बीएफजेए बेस्ट एक्टर’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 1976 में फिल्म ‘आंधी’ के लिए ‘फिल्मफेयर अवार्ड्स फॉर बेस्ट एक्टर’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 1977 में फिल्म ‘अर्जुन पंडित’ के लिए ‘फिल्मफेयर अवार्ड्स फॉर बेस्ट एक्टर’ का अवार्ड मिला था।

साल 2014 में सूरत, गुजरात में संजीव कुमार को सम्मानित करते हुए एक ऑडिटोरियम को बनाया गया था। इस ऑडिटोरियम का नाम ‘संजीव कुमार ऑडिटोरियम’ रखा गया था। यह तब तक का पहला ऐसा सम्मान था जो उस वक़्त तक किसी भी फिल्म अभिनेता को नहीं दिया गया था। इस ऑडिटोरियम के उद्घाटन के लिए स्यम प्रधानमंत्री ‘नरेंदर मोदी’ सूरत पहुंचे थे और इसका उद्घाटन किया था।

संजीव कुमार का निजी जीवन

संजीव कुमार ने शादी नहीं की थी और नाही उन्होंने कभी किसी को डेट किया था। साल 1973 में संजीव ने अभिनेत्री हेमा मालिनी को शादी का प्रस्ताव दिया था जिसे हेमा ने मना कर दिया था। इसके बाद भी संजीव कुमार और हेमा मालिनी एक अच्छे दोस्तों की तरह एक दूसरे से बात किया करते थे।

कुछ समय बाद अभिनेत्री ‘सुलक्षणा पंडित’ ने संजीव कुमार को देखा था और उन्हें संजीव से प्यार हो गया था। सुलक्षणा ने संजीव को शादी का प्रस्ताव दिया था जिसे संजीव ने मना कर दिया था। इसके बाद नाही तो संजीव कुमार ने किसी से शादी की थी और नाही सुलक्षणा ने किसी से शादी की थी।

संजीव कुमार के खास दोस्तों की बात करे तो अभिनेता राजेश खन्ना, शशि कपूर, देवन वर्मा, शिवजी गणेसन, बी. नेगी रेड्डी, अभिनेत्री हेमा मालिनी और शर्मीला टैगोर, संजीव कुमार के बहुत खास दोस्त थे। इन सबके अलावा सचिन, पिलगाओंकर और सारिका भी उम्र में छोटे होने के बावजूद संजीव के बहुत करीब हुआ करते थे।

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मनीषा शर्मा

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