पीठ (कमर) के दर्द से छुटकारा पाने के 16 घरेलू उपाय

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पीठ के दर्द से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय
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चाहे लैपटॉप पर घंटों काम करने के कारण हो या फिर अत्यधिक कसरत करने के कारण, पीठ या कमर का दर्द जब होता है तो ऐसी ऐंठन पैदा करता है कि वह असहनीय हो जाता है। यह दर्द अक्सर मांसपेशियों में खिंचाव और जोड़ों में तनाव के कारण होता है। इस लेख में हम पीट का दर्द ठीक करनें के उपाय और इससे जुड़ी अन्य जानकारी के बारे में चर्चा करेंगे।

पीठ दर्द कई हिस्सों में हो सकता है। मुख्य रूप से यह पीठ के ऊपरी हिस्से में, पीठ के निचले भाग में या फिर पीठ और कंधे में हो सकता है। इसके कई कारण हो सकते हैं।

पीठ में दर्द के कारण

  • भारी वज़न उठाना
  • गलत मुद्रा
  • नींद में परेशानी
  • बुखार आदि समायें
  • गठिया
  • गर्भावस्था
  • धूम्रपान
  • उम्र

पीठ में दर्द के लक्षण

  • शरीर का बढ़ा हुआ तापमान
  • पीठ में सूजन
  • असीमित पीठ दर्द
  • पीठ का सुन्न पड़ जाना
  • अत्यधिक बैठने पर ये दर्द बढ़ जाता है

आइये आपको बताते हैं कि इस दर्द से निजात पाने के घरेलू उपाय क्या हैं?

1. हल्दी

हल्दी में कर्कुमिन नामक योगक पाया जाता है जिसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं और दर्द से निजात पाने की क्षमता भी होती है। हल्दी के ये गुण उसे दर्द का निवारण करने में अत्यधिक कारगार बनाते हैं। (पढ़ें: हल्दी के प्राकृतिक गुण)

सामग्री:
  • 1 चम्मच हल्दी
  • 1 गिलास गर्म दूध
कैसे इस्तेमाल करें?
  • हल्दी को दूध के गिलास में मिला लें
  • इस मिश्रण को पी लें

इसे दिन में कम से कम दो बार लें। (पढ़ें: हल्दी दूध पीने के फायदे)

2. बर्फ पैक

बर्फ में एंटीइंफ्लेमेटरी और एनलजेसिक गुण पाए जाते हैं जो इसे अच्छा दर्द निवारक बनाते हैं।

सामग्री:
  • आइस पैक
कैसे इस्तेमाल करें?
  • आइस पैक को पीठ के निचले हिस्से में लगायें और 15-20 मिनट तक लगा रहने दें

इसे दिन में एक से दो बार लगायें। यदि आपके पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द है, या पीठ और कधें में दर्द है, तो आप बर्फ का यहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं।

3. गर्म गद्दी (हीटिंग पैड)

गर्म गद्दी (हीटिंग पैड) में एनलजेसिक गुण पाये जाते हैं जो इसे दर्द और मोंच से छुटकारा पाने में अत्यधिक उपयोगी बनाते हैं

सामग्री:
  • गर्म गद्दी
कैसे इस्तेमाल करें?
  • गर्म गद्दी को पीठ के निचले हिस्से पर लगायें और 25-30 मिनट तक लगा रहने दें

इसे दिन में कम से कम एक बार लगायें

4. अदरक

जिंजरोल अदरक के सक्रिय घटकों में से एक है। इसके एंटीइंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक प्रभाव के कारण इसे प्रयोग किया जाता है।

सामग्री:
  • 1-2 इंच अदरक
  • 1 कप गर्म पानी
  • शहद(ऐच्छिक)
कैसे इस्तेमाल करें?
  • अदरक को गर्म पानी में 5-10 मिनट के लिए गर्म कर लें।
  • स्वाद के लिए शहद डालें और ठंडा होने से पहले इसका सेवन कर लें
  • आप अदरक के तेल से मालिश भी कर सकते हैं

इसे दिन दो बार प्रयोग करें। हालाँकि यहाँ ध्यान रहे कि आप इसका सेवन नियंत्रण में करें वरना अदरक के नुकसान भी हो सकते हैं।

5. तुलसी की पत्तियां

तुलसी के अनेक औषधीय गुण हैं, जो कमर दर्द में राहत देने का काम करता है। (सम्बंधित: तुलसी के फायदे)

सामग्री:
  • 1-2 चम्मच तुलसी की पत्तियां
  • 1 कप गर्म पानी
  • शहद(ऐच्छिक)
कैसे इस्तेमाल करें?
  • तुलसी की पत्तियों को गर्म पानी में 10 मिनट के लिए गर्म कर लें।
  • स्वाद के लिए शहद डालें और ठंडा होने से पहले इसका सेवन कर लें
  • आप तुलसी की पत्तियों के तेल से मालिश भी कर सकते हैं

आप इस चाय को दिन में 2-3 बार पी सकते हैं। (यह भी पढ़ें: तुलसी की चाय पीने के फायदे)

6. लहसुन

लहसुन में सेलेनियम और कैप्सैसिन के कारण एंटीइंफ्लेमेटरी और एनलजेसिक गुण होते हैं जो दर्द से राहत पाने में उपयोगी होते हैं

सामग्री:
  • 8-10 लहसुन की कलियाँ
  • 1 साफ़ तौलिया
कैसे इस्तेमाल करें?
  • लहसुन की कलियों को पीसकर पेस्ट तैयार कर लें।
  • इस पेस्ट को प्रभावित स्थान पर लगा लें और साफ़ तौलिये से ढक लें।
  • इसे 25-30 मिनट तक लगा रहने दें और फिर गीले कपडे से पोंछ लें
  • इसके स्थान पर आप 2-3 लहसुन की कलियों को सुबह चबा भी सकते हैं

इसे प्रक्रिया को दिन में कम से कम 2 बार करें

7. आवश्यक तेल

लैवेंडर का तेल

लैवेन्डर तेल के एंटीस्पास्मोडिक और एनाल्जेसिक गुणों से दर्द और मांसपेशियों की ऐंठन से राहत में मदद मिलती है, जबकि इसके एंटीइंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं

सामग्री:
  • लैवेंडर के तेल की 3-4 बूँदें
कैसे इस्तेमाल करें?
  • लैवेंडर के तेल को प्रभावित स्थान पर लगायें।
  • हलके से मालिश करें

इसे दिन में दो बार दोहराएं

पुदीने का तेल

पुदीने का तेल भी एंटीस्पास्मोडिक गुण प्रदर्शित करता है, जो मांसपेशियों की ऐंठन से राहत में मदद कर सकता है।

सामग्री:
  • पुदीने के तेल की 5-6 बूँदें
  • 1 बड़ा चम्मच नारियल का तेल या ओलिव ओइल
कैसे इस्तेमाल करें?
  • पुदीने के तेल की कुछ बूंदों को नारियल के तेल या ओलिव ओइल के साथ मिला लें।
  • इस मिश्रण को प्रभावित स्थान पर लगायें।

इसे दिन में दो बार दोहराएं

8. अन्य तेल

अरंडी का तेल

अरंडी के तेल में रिकिनोलिक एसिड होता है जो एंटीइंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण प्रदर्शित करता है। यह न केवल पीड़ा के साथ आने वाली सूजन का इलाज करता है, बल्कि रिकवरी भी तेज़ी से करता है।

सामग्री:
  • 1 बड़ा चम्मच अरंडी का तेल
कैसे इस्तेमाल करें?
  • अरंडी के तेल को हल्का गर्म करके इससे प्रभावित स्थान पर मालिश करें।
  • इसे रात भर लगा रहने दें।

इसे दिन में एक बार लगायें

ओलिव ओइल

ओलिव ओइल में एंटीइंफ्लेमेटरी और एनलजेसिक गुण पाए जाते हैं जो दर्द निवारण में अत्यधिक उपयोगी होते हैं।

सामग्री:
  • 1 बड़ा चम्मच ओलिव ओइल
कैसे इस्तेमाल करें?
  • ओलिव ओइल को गर्म करके अपनी पीठ पर लगा लें
  • इसे रात भर लगा रहने दें।

इसे दिन में कम से कम एक बार करें

9. सेंधा नमक

सेंधा नमक, जिसे मैग्नीशियम सल्फेट भी कहा जाता है, इसमें मौजूद मैग्नीशियम की उच्च मात्रा के कारण एंटीइंफ्लेमेटरी गुण दिखाती है। मैग्नीशियम भी दर्द से राहत में सहायक हो पाया।

सामग्री:
  • 1-2 कप सेंधा नमक
  • 1 बाल्टी पानी
कैसे इस्तेमाल करें?
  • सेंध नमक पानी की बाल्टी में डाल लें।
  • इस पानी में 15-20 मिनट अपने शरीर को डाल लें

इसे प्रक्रिया हफ्ते में 3 बार दोहराएं

10. मेथी

मेथी अपने प्राकृतिक एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों के कारण जाना जाती है। कुछ शोध में दर्द निवारक के रूप में भी सफल पाया गया है।

सामग्री:
  • 1 चम्मच पीसी हुई मेथी
  • 1 गिलास गर्म पानी
  • शहद (ऐच्छिक)
कैसे इस्तेमाल करें?
  • मेथी के चूर्ण को गर्म पानी में डाल लें।
  • इसे पी लें
  • आप इसमें स्वाद के लिए शहद भी डाल सकते हैं।

इसे प्रक्रिया को हर रात दोहराना लाभदायक होगा

11. गर्म पानी से स्नान

गर्म पानी का स्नान न सिर्फ आपको आराम देता है अपितु पीठ का दर्द ठीक करने में भी लाभदायक होता है। गर्म पानी से स्नान के परिणाम गर्म गद्दी से होने वाले परिणामों के सामान ही होते हैं। 

गर्मी का एनलजेसिक प्रभाव जब पानी के चिकित्सीय गुणों के साथ मिल जाता है तो इससे आपका दर्द और सूजन दोनों ही कम हो जाता है। (सम्बंधित: गर्म पानी पीने के फायदे)

12. कैमोमाइल चाय

कैमोमाइल चाय को इसके एंटीइंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक गुणों के कारण हर्बल एस्पिरिन भी कहा जाता है। इन गुणों से ये दर्द, सूजन आदि की समस्याओं को दूर कर देता है। 

सामग्री:
  • 1 चम्मच सूखी हुई कैमोमाइल
  • 1 कप गर्म पानी
  • शहद (ऐच्छिक)
कैसे इस्तेमाल करें?
  • सूखी हुई कैमोमाइल को 5-10 मिनट तक 1 कप पानी में गर्म कर लें। 
  • स्वाद के लिए शहद डालें और इसके ठंडा होने से पहले इसे पी लें। 

इसे प्रतिदिन में कम से कम दो बार पीयें। 

13. दूध

दूध में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जिसके कारण ये दर्द निवारक की तरह काम करता है। इसमें कैल्शियम भी होता है जिसके कारण ये हड्डियों को मज़बूत कर देता है ताकि उनमें दोबारा दर्द न उभरे। (पढ़ें: दूध पीने के फायदे)

सामग्री:
  • 1 गिलास दूध
कैसे इस्तेमाल करें?
  • रोज़ एक गिलास दूध गर्म करके उसे पी लें। 

इसे प्रतिदिन एक से दो बार पीयें। आप दूध में शहद डालकर भी पी सकते हैं।

14. अनानास

अनानास में ब्रोमेलैन नामक पदार्थ प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इस पदार्थ में एंटीइंफ्लेमेटरी और एनलजेसिक गुण होते हैं जो इसे दर्द निवारक क्षमता प्रदान करते हैं। 

सामग्री:
  • 1/2 कप अनानास
  • 1 कप पानी
कैसे इस्तेमाल करें?
  • अनानास को पानी के साथ पीस लें।
  • इसे रोज़ पीयें। 
  • इसके स्थान पर आधा कप अनानास भी खा सकते हैं।  

इसे प्रतिदिन एक बार लें। 

15. एलो वेरा का रस

एलो वेरा एक औषधीय पौधा होता है जिसमें दर्द निवारक क्षमता होती है और वह पीठ के दर्द में राहत देता है। 

सामग्री:
  • 1/4-1/2 एलो वेरा का रस
कैसे इस्तेमाल करें?
  • एलो वेरा के रस को रोज़ पीयें।
  • इसके स्थान पर आप एलो वेरा का जेल अपनी पीठ पर लगा भी सकते हैं।  

इसे प्रतिदिन एक बार करें। (पढ़ें: घर पर एलो वेरा का रस कैसे बनाये)

16. विटामिन्स

कई विटामिन पीठ के दर्द के निवारण में उपयोगी पाए गये हैंविटामिन बी12 अपने एंटीइंफ्लेमेटरी और एनलजेसिक गुणों के कारण आपकी पीठ को आराम देकर आपके दर्द को कम कर देता है।

विटामिन सी, डी और ई अपने एंटीओक्सीडैन्ट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों के कारण पीठ के दर्द के कई लक्षणों को दूर करते हैं और आपके सम्पूर्ण स्वास्थ्य बनांये रखते हैं। 

इन विटामिन्स को लेने का सबसे उचित तरीका इन्हें अपने आहार में शामिल करना होता है लेकिन यदि आप सप्लीमेंट का प्रयोग कर रहे हैं तो उससे पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले लें

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