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नसीरुद्दीन शाह की जीवनी

Naseeruddin Shah Biography

नसीरुद्दीन शाह भारतीय फिल्मो के अभिनेता हैं। उन्होंने अपनी पहचान एक अभिनेता के साथ साथ एक निर्देशक और एक लेखक के रूप में भी बनाई है। नसीरुद्दीन शाह ने हिंदी फिल्मो के साथ ही कन्नड़, गुजरती, बंगाली, मलयालम, तमिल, मराठी और अंग्रेजी फिल्मो में भी अपने अभिनय को दर्शाया है।

नसीरुद्दीन शाह द्वारा अभिनय किए गए फिल्मो की बात करे तो उन्होंने ‘जूनून’, ‘आक्रोश’, ‘तजुर्बा’, ‘सितम’, ‘वो सात दिन’, ‘होली’, ‘ग़ुलामी’, ‘ये वो मंजिल तो नहीं’, ‘एक घर’, ‘सरफ़रोश’, ‘मानसून वेडिंग’, ‘मैं हूँ ना’, ‘ओमकारा’, ‘मेरे बाप पहले आप’, ‘इश्किया’, ‘7 खून माफ़’, ‘डेढ़ इश्किया’, ‘द डर्टी पिक्चर’, ‘ओके जानू’, ‘ऐयारी’ जैसी फिल्मो में अभिनय किया है।

नसीरुद्दीन शाह ने अपने अभिनय की वजह से तो कई सारे अवार्ड्स को अपने नाम किया ही है, साथ ही उन्हें कई सारे सम्मानों से भी सम्मानित किया गया है।

नसीरुद्दीन शाह का प्रारंभिक जीवन

नसीरुद्दीन शाह का जन्म 20 जुलाई 1949 को बाराबंकी, भारत में हुआ था। उन्होंने एक मुस्लिम परिवार में जन्म लिया था। नसीरुद्दीन के पिता का नाम ‘अली मुहम्मद शाह’ था और उनकी माँ का नाम ‘फर्रुख सुल्तान’ था। नसीरुद्दीन के तीन भाई थे जिनमे से एक का नाम ‘रिटायर्ड जनरल ज़मीरूद-दिन शाह’ था।

नसीरुद्दीन शाह ने अपने स्कूल की पढाई ‘सट. आन्सेल्म’स अजमेर’, राजस्थान और ‘सट जोसफ’स कॉलेज’, नैनीताल से पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने अपने कॉलेज की पढाई ‘अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी’, उत्तर प्रदेश से पूरी की थी। अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद नसीरुद्दीन ने ‘नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा’, दिल्ली से अभिनय भी सीखा था।

व्यवसाय जीवन

नसीरुद्दीन शाह का फिल्मो का शुरुआती दौर

नसीरुद्दीन शाह ने अपने अभिनय के व्यवसाय की शुरुआत साल 1967 से की थी। उन्होंने सबसे पहले फिल्म ‘अमन’ में अभिनय किया था। इसके बाद फिर एक बार उन्हें एक छोटे से किरदार को दर्शाते हुए देखा गया था। उन्होंने फिल्म ‘आन बान’ में में अभिनय किया था।

साल 1975 में पहली बार नसीरुद्दीन शाह ने अपना पहला एहम किरदार दर्शाया था। उन्होंने फिल्म ‘निशांत’ में ‘विश्वम’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘श्याम बेनेगल’ थे। साल 1978 में नसीरुद्दीन ने अपनी पहले हिट फिल्म में में अभिनय किया था जिसका नाम ‘जूनून’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘श्याम बेनेगल’ थे और फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘सरफ़राज़ खान’ नाम का किरदार दर्शाया था। इस फिल्म को दर्शको ने पसंद किया था।

नसीरुद्दीन शाह का फिल्मो का बाद का सफर

साल 1980 की बात करे तो उस साल नसीरुद्दीन ने ‘गोविन्द निहलानी’ द्वारा निर्देशित फिल्म ‘आक्रोश’ में अभिनय किया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘भास्कर कुलकर्णी’ नाम का किरदार अभिनय किया था। फिल्म में नसीरुद्दीन के साथ ओम पूरी और अमरीश पूरी ने मुख्य किरदारों को दर्शाया था। इस फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था।

उसी साल उनकी एक और फिल्म सुपरहिट हुई थी जिसका नाम ‘हम पांच’ था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को संजीव कुमार, शबाना आज़मी, मिथुन चक्रबोर्ती, नसीरुद्दीन शाह, राज बब्बर, गुलशन ग्रोवर और अमरीश पूरी ने दर्शाया था। फिल्म के निर्देशक ‘बापू’ थे और फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘सूरज’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस में सुपरहिट फिल्मो की सूचि में अपना नाम दर्ज किया था।

साल 1981 में नसीरुद्दीन को फिल्म तजुर्बा में देखा गया था जिसके निर्देशक ‘निखिल सैनी’ थे। इस फिल्म में उन्होंने एक कैमिओ किरदार को दर्शाया था। साल 1982 में उन्होंने फिल्म ‘सितम’ में अभिनय किया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘सुभाष’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म को भी दर्शको ने बहुत पसंद किया था।

साल 1983 में नसीरुद्दीन ने कुल सात फिल्मो में अभिनय किया था। इनमे से फिल्म ‘जाने भी दो यारो’, ‘मासूम’ और ‘वो साथ दिन’ फिल्मो को दर्शको ने पसंद किया था। इसी साल नसीरुद्दीन ने अपना डेब्यू बंगाली फिल्मो में किया था। इससे पहले उन्होंने हिंदी के अलावा गुजराती फिल्मो में भी अभिनय किया था। उस बंगाली फिल्म का नाम ‘प्रतिदान’ था।

साल 1985 की बात करे तो इस साल नसीरुद्दीन ने फिल्म ‘ग़ुलामी’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘जे. पि. दत्ता’ थे और फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘एसपी सुल्तान सिंह’ नाम का किरदार अभिनय किया था। फिल्म में उनके साथ धर्मेन्द्र, मिथुन चक्रबोर्ती, मज़हर खान, राजा मुराद, रीना रॉय, स्मिता पाटिल और अनीता राज ने मुख्य किरदारों को दर्शाया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था।

उसी साल नसीरुद्दीन ने फिल्म ‘खामोश’ में भी अभिनय किया था जिसके निर्देशक ‘विधु विनोद चोपड़ा’ थे। फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘कप्तान बक्शी’ नाम का किरदार अभिनय किया था और फिल्म में उनके साथ शबाना आज़मी, अमोल पालेकर, सोनी राज़दान और पंकज कपूर ने अभिनय किया था। इस फिल्म को भी दर्शको ने बहुत पसंद किया था।

साल 1986 में उन्होंने फिल्म ‘कर्मा’ में अभिनय किया था जिसमे उनके किरदार का नाम ‘खैरुद्दीन चिष्टी’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘सुभाष घई’ थे। फिल्म को दर्शको ने ठीक ठाक पसंद किया था।

साल 1987 में नसीरुद्दीन ने तीन फिल्मो में अभिनय किया था। उन फिल्मो के नाम ‘जलवा’, ‘यह वो मंज़िल तो नहीं’ और ‘इजाज़त’ थे। फिल्म ‘जलवा’ की बात करे तो उस फिल्म के निर्देशक ‘पंकज पराशर’ थे और फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘इंस्पेक्टर कपिल’ नाम का किरदार अभिनय किया था। उनकी अगली फिल्म का नाम ‘यह वो मंज़िल तो नहीं’ था जिसके निर्देशक ‘सुधीर मिश्रा’ थे। फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘त्रिवेदी’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इसके बाद साल की आखरी फिल्म का नाम ‘इजाज़त’ था जिसके निर्देशक ‘गुलज़ार’ थे। फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘महेन्दर’ नाम का किरदार अभिनय किया था।

साल 1988 में नसीरुद्दीन ने अपना डेब्यू अंग्रेजी फिल्मो में भी किया था। इन फिल्म का नाम ‘द परफेक्ट मर्डर’ था। फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘इंस्पेक्टर घोटे’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक का नाम ‘ज़फर है’ थे।

साल 1989 में उन्होंने फिल्म ‘त्रिदेव’ में अभिनय किया था जिसके निर्देशक ‘राजीव राय’ थे। फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘जय सिंह’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को सनी देओल, जैकी श्रॉफ, नसीरुद्दीन शाह, माधुरी दीक्षित, संगीता बिजलानी और सोनम ने दर्शाया था। इस फिल्म को भी दर्शको ने बहुत पसंद किया था और फिल्म ने अपना नाम सुपरहिट फिल्मो की सूचि में दर्ज किया था।

साल 1991 की बात करे तो उस साल नसीरुद्दीन ने फिल्म ‘एक घर’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘गिरीश कसरविल्ला’ थे और फिल्म में मुख्य किरदारों को नसीरुद्दीन शाह, दीप्ति नवल और रोहिणी हट्टंगड़ी ने अभिनय किया था। इस फिल्म को दर्शको ने पसंद किया था और फिल्म को हिट फिल्मो की सूचि में दर्ज किया गया था।

साल 1992 की बात करे तो उस साल नसीरुद्दीन ने कुल 5 फिल्मो में अभिनय किया था जिनका नाम ‘विश्वात्मा’, ‘चमत्कार’, ‘पनाह’, ‘हस्ती’ और ‘तहलका’ था। इन सभी फिल्मो में से फिल्म ‘हस्ती’ और फिल्म ‘तहलका’ को दर्शको ने सबसे अधिक पसंद किया था।

साल 1993 में नसीरुद्दीन ने फिल्म ‘कभी हाँ कभी ना’ में ‘फादर ब्रेगेंज़ा’ नाम क किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘कुंदन शाह’ थे।

साल 1996 में एक बार फिर नसीरुद्दीन शाह दो बड़ी फिल्मो का हिस्सा बने थे। उन्होंने उस साल सबसे पहले फिल्म ‘हिम्मत’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘सुनील शर्मा’ थे और फिल्म में मुख्य किरदारों को सनी देओल, तब्बू और शिल्पा शेट्टी के साथ साथ नसीरुद्दीन शाह ने भी दर्शाया था। यह फिल्म एक हिट फिल्म के रूप में दर्ज की गई थी।

उसी साल की नसीरुद्दीन की दूसरी हिट फिल्म का नाम ‘चाहत’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘महेश भट्ट’ थे और फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘अजय नारंग’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और साथ ही फिल्म ने बॉक्स ऑफिस में अपना नाम सुपरहिट फिल्मो की सूचि में दर्ज किया था।

साल 1997 में भी नसीरुद्दीन ने सुपरहिट फिल्म ‘बॉम्बे बॉयज’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘कैज़ाद गुस्ताद’ थे और फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘मस्ताना’ नाम का किरदार अभिनय किया था। साल 1998 में भी उन्होंने फिल्म ‘चाइना गेट’ में अभिनय किया था। इस फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘मेजर सरफ़राज़ खान’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘राजकुमार संतोषी’ थे।

साल 1999 में भी नसीरुद्दीन एक सुपरहिट फिल्म का हिस्सा बने थे। उस साल उन्होंने फिल्म ‘सरफ़रोश’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘जॉन मैथ्यू मत्थं’ थे और फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘गुलफाम हसन’ नाम के किरदार को दर्शाता था। इस फिल्म में मुख्य किरदार को आमिर खान, नसीरुद्दीन शाह, मुकेश ऋषि और सोनाली बेंद्रे ने अभिनय किया था।

साल 2000 की शुरुआत उन्होंने फिल्म ‘हे राम’ के साथ की थी। इस फिल्म के निर्देशक ‘कमल हस्सान’ थे। फिल्म को हिंदी और तमिल भाषा में रिलीज़ किया गया था। फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘महात्मा गाँधी’ का किरदार दर्शाया था। इस फिल्म को भी दर्शको ने बहुत पसंद किया था।

साल 2003 में नसीरुद्दीन ने अपना डेब्यू अमेरिकन फिल्मो में भी किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘स्टेफेन नॉरडिंग्टन’ और फिल्म का नाम ‘द लीग ऑफ़ एक्स्ट्राआर्डिनरी जेंटलमैन’ था। फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘कैप्टन निमो’ नाम का किरदार अभिनय किया था।

साल 2004 की बात करे तो उस साल भी नसीरुद्दीन शाह एक बड़ी फिल्म का हिस्सा बने थे। इस फिल्म का नाम ‘मैं हूँ ना’ था जिसकी निर्देशक ‘फराह खान’ थी। फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘ब्रिग़ेडियन शेखर शर्मा’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म को भी दर्शको ने बहुत पसंद किया था।

साल 2005 में उन्होंने फिल्म ‘पहेली’ में अपना खुद का किरदार दर्शाया था। इसके बाद उसी साल नसीरुद्दीन ने फिल्म ‘इक़बाल’ में भी अभिनय किया था जिसमे उनके किरदार का नाम ‘मोहित’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘नागेश कुकुनूर’ थे। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस में फ्लॉप लिस्ट में जारी हुई थी।

नसीरुद्दीन शाह का फिल्मो का सफल सफर

साल 2006 में नसीरुद्दीन शाह कुछ बड़ी फिल्मो का हिस्सा बने थे। इन फिल्मो के नाम ‘क्रिश’, ‘ओमकारा’ और ‘बनारस’ थे। फिल्म क्रिश में नसीरुद्दीन ने एक कैमिओ किरदार दर्शाया था जिसका नाम ‘डॉ. सिद्धांत आर्य’ था। इसके बाद उसी साल फिल्म ‘ओमकारा’ में उन्होंने ‘भाईसाब’ नाम का किरदार दर्शाया था। इसके बाद फिर एक बार उसी साल फिल्म ‘बनारस’ में नसीरुद्दीन ने ‘बाबाजी’ नाम का किरदार अभिनय किया था।

साल 2006 में ही पहली बार नसीरुद्दीन शाह ने अपनी पहली फिल्म निर्देशित की थी। इस फिल्म का नाम ‘यूँ होता तो क्या होता’ था। इस फिल्म में उन्होंने एक कथावाचक की भूमिका को निभाया था।

साल 2008 में नसीरुद्दीन ने सबसे पहले फिल्म ‘जाने तू या जाने ना’ में अभिनय किया था। इस फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और फिल्म में नसीरुद्दीन के किरदार का नाम ‘अमर सिंह राठौर’ था। इसके बाद उसी साल उन्होंने फिल्म ‘ए वेडनसडे’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘नीरज पांडेय’ थे और फिल्म में नसीरुद्दीन ने बहुत छोटा सा किरदार अभिनय किया था।

साल 2010 की बात करे तो उस साल नसीरुद्दीन में फिल्म ‘पीली लाइव’ में अभिनय किया था जिसकी निर्देशक ‘अनिशा रिज़वी’ थी। इस फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘सलीम किदवाल’ नाम का किरदार अभिनय किया था। फिल्म को दर्शको ने पसंद किया था।

उसी साल उन्होंने एक और ब्लॉकबस्टर फिल्म में अभिनय किया था जिसका नाम ‘इश्किया’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘अभिषेक चौबे’ थे और फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘इफ्तिखार’ नाम का किरदार अभिनय किया था। फिल्म में मुख्य किरदारों को नसीरुद्दीन के अलावा विद्या बालन और असरद वारसी ने दर्शाया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था।

इसके बाद नसीरुद्दीन ने फिल्म ‘राजनीती’ में भी अभिनय किया था जिसके निर्देशक ‘प्रकाश झा’ थे। फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘भास्कर सान्याल’ नाम का किरदार अभिनय किया था।

साल 2011 में भी नसीरुद्दीन ने एक के बाद एक हिट फिल्मो में अपनी उपस्थिति दर्शाई थी। उस साल सबसे पहले उन्होंने फिल्म ‘7 खून माफ़’ में अभिनय किया था। इस फिल्म में उनके किरदार का नाम ‘डॉ. मधुसूधोन तरफ़दार’ था। इसके बाद उसी साल नसीरुद्दीन ने फिल्म ‘दैट गर्ल इन येल्लो बूट्स’ में अभिनय किया था जिसमे उनके किरदार का नाम ‘दिवाकर’ था।

उसी साल नसीरुद्दीन ने फिल्म ‘ज़िंदगी ना मिलेगी दुबारा’ में भी अभिनय किया था। इस फिल्म में उन्होंने एक कैमिओ किरदार दर्शाया था। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘द डर्टी पिक्चर’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘मिलन लुथरिआ’ थे और फिल्म में मुख्य किरदारों को विद्या बालन, इमरान हाशमी, तुषार कपूर और नसीरुद्दीन शाह ने दर्शाया था। इस फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था।

साल 2013 में नसीरुद्दीन ने कुल 11 फिल्मो में अभिनय किया था जिनमे से सिर्फ फिल्म ‘क्रिश 3’ को दर्शको ने पसंद किया था। साल 2014 में भी उन्होंने एक सुपरहिट फिल्म में अभिनय किया था जिसका नाम ‘डेढ़ इश्किया’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘अभिषेक चौबे’ थे और फिल्म में मुख्य किरदारों को नसीरुद्दीन शाह, माधुरी दीक्षित, हुमा क़ुरेशी और अरशद वारसी ने दर्शाया था। इस फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘इफ़्तेख़ार’ उर्फ़ ‘कालू जान’ नाम का किरदार दर्शाया था। यह फिल्म साल 2010 में आई फिल्म ‘इश्किया’ का दूसरा भाग थी।

साल 2017 में नसीरुद्दीन को फिल्म ‘ओके जानू’ और ‘बेगम जान’ में देखा गया था। फिल्म बेगम जान की बात करे तो उस फिल्म के निर्देशक ‘सृजित मुख़र्जी’ थे। फिल्म में नसीरुद्दीन ने ‘राजाजी’ नाम का किरदार अभिनय किया था। फिल्म ओके जानू में नसीरुद्दीन के किरदार का नाम ‘गोपी श्रीवास्तवा’ था।

साल 2018 में नसीरुद्दीन को फिल्म ‘ऐयारी’ और ‘होप और हम’ में देखा गया था। इसके बाद साल 2019 में उन्होंने फिल्म ‘द ताशकेंत फाइल्स’ और ‘रामप्रसाद की तेहरवी’ में अभिनय किया था।

नसीरुद्दीन द्वारा अभिनय किए गए लघु फिल्म

साल 2016 में नसीरुद्दीन ने अपनी पहली लघु फिल्म में अभिनय किया था। इस फिल्म का नाम ‘भारत की खोज’ था जिसमे उन्होंने ‘द मैन’ का किरदार अभिनय किया था। इसके बाद साल 2017 में नसीरुद्दीन ने फिल्म ‘पिंजरा’ में एक कथावाचन का काम किया था।

साल 2018 में उन्होंने दो लघु फिल्मो में अभिनय किया था। उस साल की पहली लघु फिल्म का नाम ‘स्किन ऑफ़ मार्बल’ था, जिसमे उन्होंने ‘फादर’ का किरदार दर्शाया था और दूसरी फिल्म का नाम ‘रोगन जोश’ था, जिसमे उन्होंने ‘विजय कपूर’ नाम का किरदार दर्शाया था।

नसीरुद्दीन द्वारा लिखी गई किताब

  • साल 2014 में नसीरुद्दीन शाह ने ‘एंड दैन वन डे: ए मिरर’ लिखी थी।

पुरस्कार और उपलब्धियां

नसीरुद्दीन शाह ने पने अभिनय की वजह से कई सारे अवार्ड्स को अपने नाम किया है। इसी के साथ उन्हें कई सारे और सम्मानों से भी सम्मानित किया गया है जिनकी जानकारी नीच मौजूद है।

  • साल 1987 में ‘पद्मा श्री’ अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
  • साल 2000 में ‘संगीत नाटक अकैडमिक अवार्ड’ से सम्मानित किया गया था।
  • साल 2000 में ‘इंटरनेशनल इंडियन फिल्म अकैडमी अवार्ड्स’ से सम्मानित किया गया था।
  • साल 2003 में ‘पद्मा भूषण’ अवार्ड से सम्मानित किया गया था।

नसीरुद्दीन शाह का निजी जीवन

नसीरुद्दीन शाह की पहली पत्नी का नाम ‘परवीन मुरादा’ उर्फ़ ‘मनारा सिकरी’ था। परवीन भी पेशे से एक अभिनेत्री रह चुकी हैं। परवीन और नसीरुद्दीन की एक बेटी हैं जिनका नाम ‘हीबा शाह’ है। हीबा भी पेशे से एक अभिनेत्री हैं।

इसके बाद जब नसीरुद्दीन शाह अभिनेत्री ‘रत्ना पाठक’ से मिले तक उन्हें रत्ना से प्यार होने लगा था। उन दोनों ने एक साथ कई फिल्मो में अभिनय किया था। दोनों के प्यार के किस्से मीडिया में भी सुनाई देने लगे थे। रत्ना और नसीरुद्दीन कई सालो तक ‘लिव -इन’ रिश्ते में भी रहे थे। कुछ समय बाद नसीरुद्दीन ने अपनी पहली पत्नी परवीन को तलाख दिया था और अप्रैल 1982 में रत्ना से शादी की थी। नसीरुद्दीन और रत्ना के दो बेटे हैं जिनका नाम ‘इमाद शाह’ और ‘विवान शाह’ है। दोनों ही बेटे पेशे से अभिनेता हैं।

नसीरुद्दीन के पसंदीदा चीज़ो की बात करे तो उनके पसंदीदा अभिनेता मोहनलाल, नेदुमुदी वेणु, शम्मी कपूर, दारा सिंह और बोमन ईरानी हैं। उनकी पसंदीदा फिल्मे ‘मसान’ और ‘दिल चाहता है’ हैं। नसीरुद्दीन के पसंदीदा निर्देशक नीरज पांडेय, राजकुमार हिरानी और नीरज घ्यावं हैं। नसीरुद्दीन का पसंदीदा रंग काला है।

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मनीषा शर्मा

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