अलसी के 10 बेहतरीन औषधीय गुण

अलसी के औषधीय गुण alsi seeds benefits in hindi

अलसी को हम प्लेक्स सीड्स (flax seeds) भी कहते हैं। अलसी एक ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिसका सेवन जिस रुप मे किया जाए, फायदेमंद ही होता है। अलसी के बीज और पाउडर में कई ऐसे औषधीय गुण मौजूद होते हैं जो कई बिमारियों से शरीर को निजात दिलाते हैं। इसके अलावा अलसी का पौधा कई जड़ी-बूटी बनाने में काम आता है।

अलसी में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो मानव शरीर के लिए स्वास्थ्यवर्धक हैं। अलसी ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन बी 1, प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, मैंगनीज, फॉसफोरस, सेलेनियम, आयरन इत्यादि का एक बढ़िया स्त्रोत है।

भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड मौजूद होने से अलसी हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और हमारे शरीर को कई बीमारियों से बचाता है।

अलसी में मौजूद फायदेमंद गुणों के लिए इसे सालों से एक औषधि के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। अलसी कई बिमारियों के ईलाज में चमत्कार साबित हुई है।

खाली पेट अलसी खाने से पेट साफ़ होता है और पाचन क्रिया मजबूत होती है।

इस लेख के जरिये हम अलसी में मौजूद औषधीय गुणों के बारे में चर्चा करेंगे। इसके अलावा हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि अलसी की मदद से किन बिमारियों का घरेलु इलाज किया जा सकता है?

अलसी में मौजूद पोषक तत्व (nutrients in alsi in hindi)

पोषकता के मामले में अलसी सबसे फायदेमंद भोजनों में से एक है। अलसी में नियंत्रित मात्रा में सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसका निरंतर सेवन सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है।

एक चम्मच अलसी में निम्नलिखित पोषक तत्व होते हैं:

  • 55 कैलोरी
  • 3 ग्राम फाइबर
  • 2 ग्राम प्रोटीन
  • 3 ग्राम कार्बोहायड्रेट
  • 40 मिलीग्राम मैग्नीशियम
  • 0.3 मिलीग्राम मैंगनीज
  • 65 मिलीग्राम फॉस्फोरस
  • 0.1 मिलीग्राम कॉपर
  • 0.2 मिलीग्राम थिआमिन/विटामिन बी 1
  • 3 मिलीग्राम सेलेनियम

इसके अलावा अलसी में पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी6, आयरन, पोटैशियम और जिंक भी मौजूद होते हैं। इन तथ्यों से आप अंदाजा लगा सकते हैं, कि अलसी स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है?

अलसी के औषधीय गुण और फायदे (benefits of alsi in hindi)

  • वजन कम करने में (alsi for weight loss in hindi)

अलसी में हाई फाइबर और लो कार्बोहाइड्रेट होता है, जो वजन कम करने के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। प्रचुर मात्रा में फाइबर का सेवन करने से त्वचा पर नमी और सुन्दरता बरकरार रहती है। अलसी के बीज का नियमित रुप से सेवन करने पर खराब कोलेस्ट्रॉल कम होते हैं।

अलसी में मौजूद फाइबर घुल जाती है और इंसान में अत्यधिक भूख मिटाती है जिसके कारण इसमें वज़न को कम करने की क्षमता आती है। यदि नियमित रूप से इसका सेवन किया जाये तो ये फाइबर पेट को भर देती है और मस्तिष्क तक यह सन्देश भेज देती है कि अब खाने की ज़रुरत खत्म हो चुकी है इसलिए अब खाना रोक दिया जाये।

अध्ययन में यह पाया गया है कि यदि अलसी को हम अपनी वजन को नियंत्रित करने वाले आहार (वेट लौस डाइट) के साथ लें तो इससे शरीर में इंफ्लेमेटरी प्रोसस्सेस में 25-46% तक गिरावट आ जाती है। इसी कारण से अलसी को मोटापे में ग्रहण करने के लिए दिया जाता है।

  • दिल संबंधी बीमारियों के लिए फायदेमंद (alsi for heart disease in hindi)

चूंकि अलसी के पौधे में ओमेगा- 3 पाया जाता है, जिससे ये हार्ट बीट को सामान्य रखने में मदद करता है। इससे हृदय की धमनियों में जमा कोलेस्ट्रॉल घटने लगता है, और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। जिसकी वजह से हार्ट अटैक की संभावना बहुत ही कम हो जाती है।

साल 2010 में हुए एक अध्ययन में ये पाया गया है कि हर रोज 100 मिली ग्राम अलसी के बीज खाने से ब्लड कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है। इसके अलावा अलसी में कम कार्बोहायड्रेट और अधिक फाइबर होता है, जिससे शरीर में अतिरिक्त फैट साफ़ होता है और शरीर की सफाई होती है।

अलसी दिल के लिए एक औषधि का काम करती है, जो दिल से सम्बन्धी बिमारियों का इलाज करती है।

  • पाचन तंत्र के लिए बेहतर (alsi for digestion in hindi)

फाइबर युक्त होने की वजह से अलसी पाचन तंत्र के लिए भी चमत्कारी साबित होता है। इसके सेवन से पेट संबंधी बीमारियां जैसे- डायरिया, कब्ज, सूजन में राहत मिलती है। वैसे भी कहते हैं कि अगर आपका पेट सही है, तो आपको कोई बीमारी नहीं हो सकती।

अलसी के बीज को नाश्ते में खाने की सलाह दी जाती है। अलसी में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फाइबर होता है। (सम्बंधित: नाश्ते में क्या खाना चाहिए)

अलसी में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को संयमित रखती है और एक प्राकृतिक लैक्सेटिव (रेचक) है। इसके लिए भुनी हुई अलसी को पानी में डाल दें। इससे अलसी में मौजूद मोटी हो जाती है।

शोधकर्ताओं ने यह पाया है कि अलसी में मौजूद सोलुब्ल फाइबर पानी के साथ पाचन तंत्र में घुल जाती है और डायरिया से लड़ने में मदद करती है। (सम्बंधित: एसिडिटी ठीक करने के उपाय)

  • अलसी के औषधीय गुण कैंसर के लिए (alsi benefits for cancer in hindi)

अलसी का प्रयोग कर कैंसर से भी बचाव किया जा सकता है। एक अध्ययन से पता चला है कि अलसी के तेल में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और स्किन कैंसर के खतरे को कम करता है। जाहिर है अलसी में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं जो कैंसर फैलाने वाली कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है।

अलसी सेक्स होर्मोनेस के रक्त स्तर को नियमित करते हैं जिससे कैंसर का खतरा काफी हद्द तक कम हो जाता है। अलसी के पौधे में मौजूद एंटीओक्सीडैन्ट्स फ्री रेडिकल्स से लड़कर त्वचा में कैंसर के खतरे को कम करने का काम करते हैं।

इसकी एंटीओक्सीडैन्ट्स और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण लंग कैंसर के खतरे से निजात दिलाते हैं।

  • डायबिटीज के लिए लाभदायक (alsi for diabetes in hindi)

आज के बदलते परिवेश में हर दूसरे इंसान को डायबिटीज की समस्या हो रही है। ऐसे में अलसी का उपयोग आपके शरीर में बढ़े हुए शुगर लेवल के लिए चमत्कार साबित होता है। अमेरिका में हुए एक अध्ययन से पता चला है कि अलसी के पौधे में पाया जाने वाला लिगनन शरीर में ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है।

शोध में यह पाया गया है कि एक चम्मच अलसी का एक महीने तक नियमित सेवन करने से रक्त में शुगर की मात्रा कम होती है, कोलेस्ट्रोल घट जाता है और साथ ही साथ ए1सी की दर में भी गिरावट आती है।

परीक्षणों में यह पाया गया कि 12 हफ़्तों तक प्रतिदिन अलसी का सेवन करने से इन्सुलिन की मात्रा में भारी गिरावट आती है। इसी प्रकार ग्लूकोज असहिष्णु लोगों में इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार आता है।

यह भी पढ़ें : मधुमेह के कारण, लक्षण और इलाज

इसके अलावा और भी कई शोध किये गए हैं लेकिन अलसी के सेवन और इन्सुलिन की मात्रा में परिवर्तन में ज्यादा अंतर नहीं पाया गया है।  हालांकि, टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित लोगों में अलसी के सेवन की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे कोई नुक्सान नहीं होता है और फायदा होने की संभावना अधिक रहती है।

  • कफ पिघलाने में मददगार (alsi for cough in hindi)

बदलते मौसम की वजह से अक्सर लोगों में सर्दी-जुकाम की समस्या हो जाती है। अगर जुकाम ज्यादा हो जाए तो कफ बन जाता है। कफ की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

चूंकि अलसी की तासीर गर्म होती है, इसलिए ये कफ को पिघलाने में मददगार होता है। इसके सेवन से गले और श्वास नली में जमा हुआ कफ पिघलकर बाहर निकल जाता है।

बेहतर परिणाम के लिए अलसी को किसी पेय में मिलाकर उसका रोजाना सेवन करें।

  • त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद (alsi for skin and hair in hindi)

अलसी का पौधा विटामिन बी से भरपूर होता है। यह विटामिन त्वचा के लिए काफी अच्छा होता है। इससे त्वचा का रुखापन दूर होता है और त्वचा में चमक आती है। साथ ही ओमेगा- 3 की वजह से चेहरे के दाग-धब्बे भी सही हो जाते हैं। त्वचा के अलावा अलसी नाख़ून और आँखों को भी फायदा पहुंचाता है।

विटामिन और ओमेगा-3 का फायदा त्वचा के साथ-साथ बालों को भी होता है। इससे झड़ते हुए बालों और गंजेपन को रोकने में मदद मिलता है। नियमित रुप से अलसी का तेल लगाने से बाल स्वस्थ और जड़े मजबूत होती है। (यह भी पढ़ें: झड़ते बाल रोकने के उपाय)

त्वचा में चमक और मजबूत बालों के लिए अलसी का नियमित रूप से सेवन करें। रोजाना लगभग 2 चम्मच अलसी नाश्ते में लें। इसके अलावा आप एक से दो चम्मच अलसी का तेल का भी सेवन कर सकते हैं। अलसी का तेल त्वचा को नमी पहुंचाने में मदद करेगा और इसे प्राकृतिक चमक पहुंचाएगा।

अलसी के तेल को सीधे त्वचा पर भी लगाया जा सकता है। आँखों के नीचे रूखापन आने पर एक चम्मच अलसी के तेल से इस हिस्से की मालिश करें। इसके अलावा केमिकल युक्त क्रीम लगाने से अच्छा है, आप अलसी के तेल का उपयोग करें।

  • मासिक धर्म में नियमितता (alsi benefits in periods in hindi)

अलसी विशेषकर महिलाओं के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है। अलसी हार्मोनल डिस्बैलेंस को बेहतर करता है। अलसी में लिगनन पाए जाते हैं, जिससे महिलाओं में मोनोपॉज की समस्या कम होती है। कई बार डॉक्टर हार्मोन अनियमितता में दवाई की जगह अलसी का सेवन करनें की सलाह भी देते हैं।

महिलाओं के शरीर में मौजूद एस्ट्रोजन हार्मोन को संतुलित करनें के लिए भी अलसी का सेवन किया जाता है। (सम्बंधित: महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन की भूमिका)

अलसी महिलाओं के पीरियड सम्बन्धी समस्याओं का निदान करता है, और सही समय पर पीरियड लानें में मदद करता है। इसके बेहतर परिणाम के लिए महिलाएं रोजाना सुबह नाश्ते में दो चम्मच अलसी के बीज का सेवन करें। इसके अलावा दिन में किसी तरह से अलसी का तेल ग्रहण करनें की कोशिश करें।

  • अलसी के औषधीय गुण आंखों के लिए लाभदायक (alsi benefits for eyes in hindi)

हजारों गुण वाली अलसी आंखों के लिए भी फायदेमंद होती है। जिन लोगों को आंखों में सूखेपन की शिकायत होती है, उन्हें अलसी के तेल का प्रयोग खाने में करना चाहिए। इससे आंखों को काफी फायदा पहुंचता है।

आपने सुना होगा कि आँखों से सम्बन्धी समस्याओं के लिए डॉक्टर अकसर मछली का तेल की सलाह देते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि मछली में पर्याप्त ओमेगा फैटी एसिड होता है, जो आँखों के लिए बहुत फायदेमंद है। मछली की तरह ही अलसी में भी पर्याप्त मात्रा में ओमेगा फैटी एसिड होता है।

कई शोधों में यह साबित हुआ है कि दिन में सिर्फ 1 या दो ग्राम ओमेगा सप्लीमेंट लेनें से आँखों में सूखेपन की समस्या से निजात पाया जा सकता है। ऐसे में ओमेगा सप्लीमेंट के लिए अलसी से बेहतर उपाय और क्या हो सकता है?

आँखों के लिए आप या तो आप अलसी के कैप्सूल ले सकते हैं, या सीधे अलसी के बीज के रूप में सेवन कर सकते हैं।

इसके अलावा आप अलसी तेल को आँखों में ड्राप की तरह भी डाल सकते हैं।

(सम्बंधित: आँखों की रौशनी बढाने के घरेलु उपाय)

  • सेक्स संबंधी समस्याओं का निदान (alsi for sex in hindi)

अलसी को सेक्स सम्बन्धी समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद बताया गया है। अलसी के बीज और अलसी का तेल दोनों ही इस समस्या में आपकी मदद कर सकते हैं।

अलसी पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन की मात्रा बढ़ाता है। टेस्टोस्टेरोन को पुरुषों का मुख्य सेक्स हार्मोन कहा जाता है, और यह सेक्स सम्बंधित ज्यादातर मामलों में मुख्य भूमिका निभाता है। अलसी से आप अपनी सेक्स करनें की अवधि को बढ़ा सकते हैं।

इसके अलावा यदि आपमें स्पर्म या शुक्राणु की कमी है, तो इसमें भी अलसी बहुत फायदेमंद है। शुक्राणु की संख्या बढाने में और इसे शक्तिशाली बनाने में अलसी का तेल चमत्कार की तरह काम करता है।

अलसी का तेल गुप्तांगों में खून का बहाव तेज करता है, जिससे आपकी यौन इच्छा बढ़ती है।

सावधानी बरतें:

जैसा आपने पढ़ा कि अलसी शरीर के लिए कितनी फायदे है? इसके अलावा यदि आप नियंत्रित मात्रा में इसका सेवन नहीं करते हैं, तो इसके कई नुकसान या साइड इफ़ेक्ट भी हो सकते हैं।

चूंकि, अलसी में ज्यादा मात्रा में फाइबर होता है, एकदम से इसका ज्यादा सेवन करने से शरीर में कुछ समस्याएं हो सकती हैं।

  • पेट में गैस
  • दस्त
  • भूख ना लगना
  • हार्मोन में अनियमितता
  • एलर्जी

अलसी का सेवन (how to eat alsi in hindi)

अलसी का तेल का सेवनचूंकि अब आप जान गए हैं, कि अलसी के औषधीय गुण कितने महत्वपूर्ण हैं, आपको यह भी जानना चाहिए कि अलसी का सेवन कैसे करें?

अलसी के सेवन करने के तरीके को लेकर बहुत बहस हुई हैं। लोगों का मत है कि यदि आप सीधे अलसी के बीज खाते हैं, तो यह ढंग से पचता नहीं है, और ऐसे में यह पूरी तरह से फायदेमंद नहीं हो सकता है।

ऐसे में, बेहतर यह होगा कि आप अलसी के बीज को पीस कर उसके चूर्ण का इस्तेमाल करें। अलसी के चूर्ण को खाने में या किसी पेय में मिलाकर पी सकते हैं।

इसके अलावा आप अलसी के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। रसोई में अन्य किसी तेल की जगह खाना बनाने में अलसी के तेल का इस्तेमाल करें।

अलसी के सेवन करनें के तरीके को बेहतर तरीके से जानने के लिए यहाँ दिया गया लेख पढ़ें। (सम्बंधित : अलसी के बीज का सेवन कैसे करें?)

यह भी पढ़ें: तुलसी के औषधीय गुण और फायदे

यह भी पढ़ें: तुलसी के बीज का सेवन कैसे करें?

11 टिप्पणी

    • आप अलसी के पाउडर को दूध के साथ रोजाना नाश्ते में ले सकते हैं? यह कितनी मात्रा में लेना चाहिए, इसके लिए आप किसी चिकित्सक से परामर्श लें.

    • खांसी के लिए कई लोग अलसी को शहद के साथ लेना पसंद करते हैं. इसे कैसे लेना है, इसके लिए आप किसी चिकित्सक से सलाह लें.

    • अलसी का तेल आप खाने में ले सकती हैं. इसके अलावा लोग अलसी के तेल को सलाद में डालकर भी खाना पसंद करते हैं. अलसी के तेल में बहुत कम फैट होता है.

    • पतंजली अलसी का चूर्ण बाजार में आता है. अन्य कंपनियां अलसी के कैप्सूल भी बेचती हैं. ध्यान रहे कि आप अलसी के कैप्सूल खरीदने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें.

  1. अलसी का चूर्ण कितनी मात्रा में दिन में लेना चाहिए? और अलसी के चूर्ण के साथ घी मिलाकर खाने से क्या होता है? क्या इससे बॉडी बनाने में मदद मिलेगी?

    • साधारण रूप से रोजाना 10-20 ग्राम अलसी का पाउडर लेना चाहिए. लेकिन कई बार डॉक्टर ज्यादा या कम लेने के लिए भी कहते हैं. आप अपनी क्षमता के लिए डॉक्टर से सलाह लें और उसके अनुसार अलसी का सेवन करें.

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