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एसिडिटी: कारण, लक्षण, इलाज और घरेलु उपाय

एसिडिटी के घरेलु उपाय

हमारे पेट में अनेक प्रकार के पाचक रस और अम्ल पाए जाते हैं जो कि पाचन क्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वैसे तो इन अम्लो का प्रयोग भोजन को अम्लीय बनाने में होता है किंतु कभी कभी पेट में इन अम्लो की मात्रा अधिक हो जाती है जिससे हमें एसिडिटी की समस्या हो जाती है।

हमारे पेट में हाइड्रोकलोरिक अम्ल (ऐसिड) की एक पर्याप्त मात्रा पायी जाती है जोकि भोजन के पाचन को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक है। किंतु इसकी अधिकता से पेट में गैस बनना शुरू हो जाती है और अजीब सी डकारे भी आती है।

इस लेख में हम एसिडिटी ठीक करने के घरेलू उपायों के बारे में चर्चा करेंगे किंतु उससे पहले, एसिडिटी के कारण, लक्षण व शरीर पर उसके प्रभाव के विषय में बात करते हैं।

एसिडिटी के कारण

एसिडिटी के कारण निम्नवत हैं-

  1. एसिडिटी का मुख्य कारण अम्ल की अधिकता होता है। जब भी हमारे पेट में हाइड्रोकलोरिक ऐसिड अधिक मात्रा में बनता है तो हमें एसिडिटी की समस्या हो जाती है।
  2. यदि हमारे आहार में फ़ाइबरयुक्त तत्वों का अभाव होता है तो हमें एसिडिटी की समस्या से दो चार होना पड़ता है।
  3. यदि कोई व्यक्ति बेचैन या तनाव में रहता है तो उसकी मानसिक दशा ठीक ना होने से भी एसिडिटी हो जाती है।
  4. यदि हम आवश्यकता से अधिक भोजन कर लेते हैं तो हमें एसिडिटी हो जाती है।
  5. सिगरेट और शराब पीने से हमारे पेट में अम्ल का स्तर बढ़ जाता है और फलस्वरूप हमें एसिडिटी हो जाती है।
  6. हमें सुबह नाश्ता अवश्य करना चाहिए क्योंकि ज़्यादा देर तक पेट के ख़ाली रहने पर भी एसिडिटी हो जाती है।
  7. व्यायाम ना करने अथवा ठीक प्रकार से नींद ना लेने से भी एसिडिटी की समस्या हो जाती है।

एसिडिटी के लक्षण

एसिडिटी के मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं-

  1. बच्चों में एसिडिटी होने पर उल्टी, दस्त, कफ और गले में छालों की समस्या हो जाती है।
  2. बड़े लोगों में एसिडिटी होने पर सीने में जलन व दर्द, हार्टबर्निंग, सीने में सूजन और पेट में अत्यधिक गैस बनना प्रारम्भ हो जाती है।
  3. खट्टी डकारें आती हैं।
  4. उदर में सूजन व जलन की समस्या हो जाती है।

एसिडिटी के प्रभाव

एसिडिटी हमारे शरीर को निम्न प्रकार से प्रभावित करती है-

हार्टबर्निंग

ऐसिडिटी से हार्टबर्न की समस्या हो जाती है जिससे कि सीने में अत्यधिक जलन व दर्द होता है। भोजन करने के बाद कुछ या अधिक देर तक छाती में जलन होती रहती है जो दवाई लेने पर ही ठीक होती है।

एसिडिटी का लक्षण है क़ब्ज़

ऐसिडिटी से क़ब्ज़ की समस्या हो जाती है। कब्ज के दौरान खाना ढंग से पचता नहीं है और दस्त की समस्या हो जाती है।

सास फूलने की समस्या

ऐसिडिटी होने से अस्थमा या सास फूलने की समस्या हो जाती है। जब पेट में आवश्यकता से अधिक ऐसिड की मात्रा उत्पादित होने लगती है तो डकार के माध्यम से अम्ल ग्रासनली से होता हुआ श्वसननली में प्रवेश कर जाता है जिससे कि सास फूलने की समस्या हो जाती है।

एसिडिटी का लक्षण गैस बनना

ऐसिडिटी होने पर पेट में अत्यधिक गैस बनती है जिससे पेट दर्द की समस्या भी हो सकती है।

इस प्रकार हम ऐसिडिटी के कारण, लक्षण व उसके प्रभाव को देख सकते हैं। आइए अब इसके निवारण के उपाय की ओर चलते हैं।

एसिडिटी ठीक करने के घरेलू उपाय

एसिडिटी की समस्या से निजात पाने के घरेलू नुस्ख़े निम्नवत हैं-

  • एसिडिटी ट्रीटमेंट है जल का सेवन

ऐसिडिटी से बचने के लिए हमें भरपूर जल का सेवन करना चाहिए। सुबह उठ कर दो गिलास पानी पीने से शरीर में आम्लो का स्तर सामान्य रहता है जिससे कि पाचन क्रिया सुचारू रूप से चलती रहती है।

यदि रोज़ सुबह हम ख़ाली पेट पानी पीते हैं तो यह हमारे पेट व आँतों की सफ़ाई भी करता है जिससे कि क़ब्ज़ की समस्या से भी छुटकारा मिलता है।

  • एसिडिटी का इलाज है प्याज़ के रस का सेवन

एसिडिटी को दूर करने का सर्वोत्तम घरेलू उपाय प्याज़ के ताज़े रस का सेवन करना है। प्याज़ का रस पेट के अम्ल के स्तर को संतुलित रखता है जिससे कि ऐसिडिटी नहीं हो पाती है।

  • एसिडिटी ठीक करे अदरक का सेवन

अदरक हमारे प्रतिरक्षा तंत्र को मज़बूत बनाता है जिससे कि हमारे शरीर की रोगों से रक्षा होती है। अदरक का प्रयोग ऐसिडिटी से बचने में भी किया जाता है।ऐसिडिटी होने पर हमें अदरक के रस का सेवन करना चाहिए।

  • नारियल के जल का सेवन ठीक करे एसिडिटी

नारियल का जल ना सिर्फ़ मीठा व स्वादिष्ट होता है बल्कि ऐसिडिटी से बचने का एक उत्तम उपाय भी होता है।

  • तुलसी का सेवन एसिडिटी का घरेलु इलाज

तुलसी के गुणों के कारण अनेक रोगों के उपचार में इसका उपयोग किया जाता है। ऐसिडिटी होने पर या ऐसिडिटी से बचने के लिए तुलसी के पत्तों का सेवन करना लाभकारी होता है।

  • सौंफ का सेवन एसिडिटी का इलाज

ऐसिडिटी के उपचार के लिए सौंफ के बीजों का सेवन करना चाहिए। सौंफ के बीजों को पानी में उबाल कर पीने से ऐसिडिटी से राहत मिलती है।

  • पुदीने का सेवन एसिडिटी का घरेलु उपचार

पुदीने की पत्तियाँ चबाने से ऐसिडिटी से बचा जा सकता है। इसके अतिरिक्त पुदीने का रस भी ऐसिडिटी में लाभकारी होता है।

  • दूध का सेवन ठीक करे एसिडिटी

ऐसिडिटी से बचने के लिए दूध पीना लाभकारी होता है। यदि हम नियमित रूप से दूध पीते हैं तो हम ऐसिडिटी से बच सकते हैं। (पढ़ें: दूध पीने के अन्य फायदे)

  • रायते का सेवन

रायता खाने से भी ऐसिडिटी से बचा जा सकता है। अमेरिका की एक रिपोर्ट के अनुसार, दही में टमाटर, खीरा एवं धनिया डाल कर खाने से ऐसिडिटी की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

  •  सब्ज़ियों का सेवन

ऐसिडिटी के उपचार के लिए निम्बू, गाजर, खीरा या अन्य सब्ज़ियों का उपयोग किया जाता है। इनके सेवन से ऐसिडिटी को दूर किया जा सकता है।

  • गुड का सेवन

गुड एक बहुत ही लाभकारी घरेलू औषधि है जो ऐसिडिटी को दूर करने के लिए प्रयुक्त की जाती है। गुड का सेवन करने से ऐसिडिटी से बचा जा सकता है।

  • एलोवेरा का प्रयोग

ऐसिडिटी को दूर करने के लिए एलोवेरा का प्रयोग किया जाता है। यह उत्तम घरेलू औषधियों में से एक है।

उपरोक्त उपायों के द्वारा हम ऐसिडिटी का घर पर रहकर ही उपचार कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त हमें अधिक फ़ास्ट फ़ूड या जंक फ़ूड के सेवन से बचना चाहिए और अपने भोजन में फ़ाइबरयुक्त पदार्थों को सम्मिलित करना चाहिए।

हमें एक बात का अवश्य ध्यान रखना चाहिए कि हमें ज़्यादा देर तक अपना पेट ख़ाली नहीं रखना चाहिए क्योंकि ख़ाली पेट से भी ऐसिडिटी की समस्या हो जाती है।

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नायला हाशमी

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