Fri. Sep 30th, 2022
    48 years of Anand

    “बाबू मोसाय ज़िन्दगी लम्बी नहीं बड़ी होनी चाहिए” यह संवाद अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना की फिल्म ‘आनंद’ का है, जिसे लोग आज भी अपने रोज़ाना के बोलचाल में प्रयोग करते हैं।

    अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना की फिल्म ‘आनंद’ के आज 48 साल पूरे हो चुके हैं। यह फिल्म 1971 में 12 मार्च को रिलीज़ हुई थी।

    यह 1971 की भारतीय ड्रामा फिल्म है, जिसका सह-लेखन और निर्देशन हृषिकेश मुखर्जी द्वारा किया गया है। जिसमें गुलज़ार द्वारा लिखित संवाद हैं। इसमें राजेश खन्ना मुख्य भूमिका में थे और अमिताभ बच्चन, सुमिता सान्याल, रमेश देव और सीमा देव सहायक कलाकार है।

    आज 48 साल बाद भी लोग ‘आनंद’ को आजतक की बॉलीवुड में बनी सबसे अच्छी फिल्मों में से एक मानते हैं। 1971 में राजेश खन्ना सुपरस्टार थे और अमिताभ बच्चन को कम ही लोग जानते थे।

    लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस दिन ‘आनंद’ रिलीज़ होने वाली थी उस दिन सुबह-सुबह एसवी रोड पर अमिताभ बच्चन अपनी गाड़ी में पेट्रोल डलवाने गए थे और उस समय वहां उन्हें कोई नहीं पहचान रहा था और उसी दिन जब शाम को फिल्म रिलीज़ के बाद अमिताभ वापस उसी स्थान पर पेट्रोल डलवाने गए तो वहां हर कोई उन्हें पहचान रहा था।

    अमिताभ बच्चन के एक फैन ने इस वाकए को ट्वीट करते हुए लिखा कि, ” 1971 में जिस दिन आनंद रिलीज़ हुई थी अमिताभ बच्चन ने इस स्थान पर अपनी कार में पेट्रोल भरवाया था और जब शाम को जब वह और पेट्रोल डलवाने के लिए वहीं वापस लौटे तो हर कोई उन्हें पहचान रहा था।”

    इस ट्वीट पर अमिताभ बच्चन ने जवाब देते हुए लिखा कि, “यह सही वाकया है। एसवी रोड के इरला में यह पेट्रोलपंप था।”

    इस फिल्म के बाद अमिताभ बच्चन की प्रसिद्धि चरम पर थी। लोग उन्हें बाबू मोसाय के नाम से पुकारने लगे थे। फिल्म ने एक राष्ट्रिय पुरष्कार और 6 फिल्म फेयर पुरष्कार जीता था।

    यह भी पढ़ें: मदर टेरेसा बायोपिक: हॉलीवुड और बॉलीवुड के सबसे प्रतिभावान कलाकार मिलकर बना रहे हैं फिल्म

    By साक्षी सिंह

    Writer, Theatre Artist and Bellydancer

    Leave a Reply

    Your email address will not be published.