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    पपीता के पत्ते का रस पीने के फायदे

    जिस प्रकार पपीता हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है, उसी प्रकार पपीते की पत्तियों से निकाला गया रस भी हमें बहुत लाभ पहुँचाता है। पपीता के पत्ते का रस अनेक प्रकार की बीमारियों से भी आराम दिलाता है।

    इस लेख में हम पपीते की पत्तियों के रस के फायदों के विषय में एक विस्तृत चर्चा करेंगे। साथ ही साथ, हम यह भी बताएंगे कि पपीते की पत्तियों का रस कैसे निकाला जाता है।

    पपीता के पत्ते का रस पीने के फायदे (papaya leaf juice benefits in hindi)

    • पपीता के पत्ते का रस वज़न घटाने में फायदेमंद

    मोटापे के कारण शरीर में अनेक रोग हो जाते हैं और मोटापा हमारी सुंदरता को भी नष्ट करता है। यदि आप भी मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं तो पपीते की पत्तियाँ आपको बहुत फ़ायदा पहुँचा सकती हैं।

    एक बर्तन में थोड़ा पानी लें और उसमें पपीते ही ताज़ा पत्तियाँ और संतरे के कुछ फांक डालें। इन को एक आँच पर रखकर उबलने दें और कुछ समय बाद इसे उतार कर ठंडा होने दें। ठंडा होने पर इस को पियें। यह शरीर से अतिरिक्त वसा को हटा देता है।

    • संक्रमण या कैंसर से छुटकारा

    पपीते में अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं जो बैक्टीरीया, वाइरस या अन्य सूक्ष्मजीवों के संक्रमण से शरीर की रक्षा करते हैं। पपीते की पत्तियों के रस में पाया जाने वाला कॉर्पेन नामक यौगिक शरीर की संक्रमण से रक्षा करता है।

    यह शरीर की कोशिकाओं को अनियंत्रित रूप से विभाजित नहीं होने देता है। इस तरह कोशिकाएं एक निश्चित चक्र में चलती रहती हैं और शरीर कैंसर से बचा रहता है।

    • पपीता के पत्ते के रस से डेंगू से सुरक्षा

    डेंगू एक गंभीर बीमारी है। हालाँकि डेंगू के लिए अनेक दवाएँ जैसे एसपिरिन या इबुप्रोफेन आदि खोज ली गई हैं लेकिन ये दवाएँ शरीर पर अनेक दुष्प्रभावों को भी दर्शाती हैं।

    ये दवाएँ शरीर को काफ़ी साइड-इफ़ेक्ट भी पहुँचाती हैं। डेंगू हो जाने पर सिरदर्द, जोड़ो में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली और तेज़ बुखार आता है।

    यदि हम बिना किसी दुष्प्रभाव के डेंगू का इलाज करना चाहते हैं तो पपीते की पत्तियों का रस हमारी सहायता कर सकता है।

    वैज्ञानिकों का मानना है कि पपीते के रस में पपैन और सिमोपपैन नामक एंजाइम पाए जाते हैं जोकि प्लेटलेट्स की वृद्धि को बढ़ावा देते हैं। इस प्रकार यह डेंगू के वाइरस को नष्ट करता है और शरीर को डेंगू से मुक्त कर देता है।

    • पपीता पत्ते का जूस पाचन में सहायक

    पपीते में अनेक प्रकार के विटामिन्स, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्सीयम, फास्फोरस, आयरन, सोडियम, मैग्नीशियम आदि पाए जाते हैं। इसमें फाइबर की भी प्रचुर मात्रा पायी जाती है।

    फाइबर आँतों की दीवारों को चिकना और मल को मुलायम कर देता है जिससे कि क़ब्ज़ की समस्या दूर होती है।

    इसके अतिरिक्त पपीते की पत्तियों के रस में पाया जाने वाला पपैन नामक एंजाइम जटिल प्रोटीन को सरल कणों में तोड़कर पाचन क्रिया को सरल बना देता है।

    • मलेरिया से छुटकारा

    जैसा कि हम जानते हैं कि मलेरिया प्लाज़मोडियम वाईवैक्स नामक विषाणु से फैलता है। यदि आप को मलेरिया से बचाव करना है तो आपको पपीते की पत्तियों के रस का सेवन करना चाहिए।

    इसमें पाए जाने वाले तत्व मलेरिया के विषाणु को नष्ट कर देते हैं और शरीर की मलेरिया से रक्षा करते हैं।

    • प्रतिरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने में

    पपीते की पत्तियों में पाया जाने वाला कारपेन नामक एंजाइम शरीर में सफ़ेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन की वृद्धि की दर को बढ़ाता है। सफ़ेद रक्त कणिकाएं वाइरल, बैक्टीरियल तथा किसी भी प्रकार के अन्य संक्रमण से शरीर की रक्षा करती हैं।

    इसके अतिरिक्त पपीते की पत्तियों में विटामिन ए और विटामिन सी की प्रचुर मात्रा पायी जाती है जोकि प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत बनाते हैं।

    • मासिक धर्म की समस्याओं से छुटकारा

    पपीते की पत्तियों का रस मासिकधर्म में होने वाली अनेक समस्याओं से निजात दिलाता है।

    एक पपीते का ताज़ा पत्ता लें और उसका रस निकाल लें। इस रस में इमली और नमक मिला दें। अब इसमें एक गिलास पानी डालें और उसे उबलने के लिए रख दें।

    उबालने के बाद इसे ठंडा कर लें और मासिकधर्म के दौरान इसे पियें। यह मांसपेशियों को सुदृढ़ बनाता है और ऐंठन से निजात देता है।

    • पपीता के पत्ते का रस कैंसर से बचाता है

    पपीते की पत्तियों में पाया जाने वाला एंजाइम शरीर की अनेक प्रकार के कैंसरों से रक्षा करता है। कार्पेन नामक एन्जाइम कोशिकाओं को अनियंत्रित रूप से विभाजित नहीं होने देता है और इस प्रकार शरीर में कैंसर नहीं बनता है।

    पपीते की पत्तियों के रस का सेवन करने से प्रोस्टेट कैंसर, लिवर कैंसर, स्तन कैंसर, फेफड़ों के कैंसर आदि से शरीर की रक्षा होती है।

    • डैंड्रफ की समस्या से निजात

    यदि आपके बालों में रूसी (डैंड्रफ) की समस्या हो रही हो तो पपीते की पत्तियों का रस अपने बालों की जड़ों में लगाएं। कुछ देर तक उसे यूँ ही लगा रहने दें और फिर उसे सामान्य पानी से धो लें।

    पपीते की पत्तियों के रस में मौजूद कार्पेन नामक तत्व बालों की जड़ों से गंदगी व तेल हटा देता है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह बालों पर कोई भी दुष्प्रभाव नहीं डालता है।

    • त्वचा की सफ़ाई के लिए

    पपीते की पत्तियों के रस में पाया जाने वाला कार्पेन नामक एन्जाइम त्वचा से गंदगी को हटाता है। यह किसी भी प्रकार के संक्रमण से त्वचा की रक्षा करता है।

    यह रस त्वचा के रोम छिद्रों को भी खोल देता है जिससे कि अंदर की गंदगी बाहर निकल जाती है। इस प्रकार त्वचा की मुँहासे या अन्य रोगों से रक्षा होती है।

    • घावों का इलाज

    पपीते की पत्तियों से निकाला गया रस घावों को जल्दी भरने में मदद करता है। यदि आपको चोट लग गई हो तो पपीते की पत्तियों का रस चोटिल जगह पर लगाए। यह न सिर्फ़ घावों को भरेगा बल्कि दर्द से भी मुक्ति देगा।

    • एक्ज़िमा का उपचार

    पपीते की पत्तियों से निकाला गया रस एक्ज़िमा के उपचार में प्रयोग किया जाता है। यदि आपको यह समस्या है तो त्वचा को स्क्रब करने के बाद पपीते की पत्तियों का रस लगाएं। यह एक्जिमा की समस्या से निजात देता है।

    • त्वचा को निखार देना

    पपीते की पत्तियों में पाया जाने वाला विटामिन ए और विटामिन सी त्वचा की संक्रमण से रक्षा करता है और त्वचा को स्वस्थ बनाता है। पपीते का फेस पैक भी चेहरे पर लगाया जाता है।

    चेहरे को गोरा करने के लिए नियमित रूप से पपीता का इस्तेमाल करें।

    • एड़ियों की सख़्त त्वचा के लिए

    पपीते की पत्तियों को तोड़कर निकाला गया दूधिया रस एड़ियों की सख़्ती को कम करता है। यदि आपकी एड़ियां बहुत ही कठोर और फटी हुई है तो पपीते की पत्तियों का दूध अपनी एडियों पर लगाए। यह एड़ियों को मुलायम व सुंदर बनाएगा।

    • पपीता के पत्ते का रस बालों को मुलायम बनाता है

    पपीते की पत्तियों से निकाला गया रस बालों के लिए एक कंडीशनर की तरह कार्य करता है।

    यदि आपके बाल बेजान हो रहे हैं तो पपीते की पत्तियों का रस अपने बालों में लगाएं। यह बालों को मुलायम कर देता है और उन्हें एक ताजगी भी देता है।

    पपीते की पत्तियों का जूस बनाने की विधि

    1. सबसे पहले एक बर्तन में थोड़ा सा पानी लें।
    2. उसमें ताजा पपीते की पत्तियाँ काटकर डालें। अब इसे उबलने के लिए आँच पर रख दें और इसे ढके ना।
    3. जब यह अच्छे से उबल जाए और पानी थोड़ा सा हरा दिखने लगे तो इसे आँच से उतार लें।
    4. इसको छन्नी से छान लें और एक जार में जमा कर लें।
    5. आप फ़्रीज़ में 2-3 दिनों के लिए भी रख सकते हैं किन्तु ताज़ा रस ज़्यादा लाभकारी होता है।
    6. यदि रस में कुछ बुलबुले दिखाई पड़ रहे हैं तो उसे नहीं उपयोग करना चाहिए।
    7. गर्भवती महिलाओं को पपीते की पत्तियों के रस का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे गर्भपात की संभावना बढ़ जाती है।

    यदि अब भी पपीते के पत्ते के रस से सम्बंधित आपके मन में कोई सवाल है, तो आप उसे नीचे कमेंट के जरिये हमसे पूछ सकते हैं।

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    19 thoughts on “पपीता के पत्ते का रस पीने के 15 फायदे”
    1. Isme umra kya bolna chahiye . Sharir mein hone wali sabhi bimariyo ke liye upyogi hai kya.. jaise ki. Thyroid se sambandhit kamjori aana bukhar aana. Aankhon mein kam dekhna.

    2. सफेद रक्त बढ़ाने मे कैसे उपयोगी है पत्ते

    3. पपीते, अमरूद, कदीपत्ते, मिक्स जूस पी सकते है क्या नुकसान तो नही करता है

    4. Sir/Madam,
      Mera Beta 10 Year ka hi. uska 22 June ko Brain Teumer ka Operation Huaa hi. Dr. ne Cencer Bataya Hi. (IV Stage). Kya Mai Use Papite ke Patto ka Juice De saktii Hu? Juice dene se Kya vah Jaldi Thik Ho Jayega. Plz. Help Me.

    5. पपीते के पत्ते का कितना रस रोज पीना चाहिए,,मेरा प्लेटलेट्स १४००० और पत्नी का १३००० है ,और कितने दिन

    6. पपीते के बारे में बहुत कुछ जानने को मिला। मैं इस जानकारी को दूसरों के साथ भी शेयर करुँगी। धन्यवाद

    7. 8 yrs child keep age hai air agar medicine chalu ho paracetamol aur antibiotic to bhi use kar sakte hai kya

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