Fri. Feb 3rd, 2023
    अश्वगंधा चूर्ण के उपयोग

    अश्वगंधा को ‘इंडियन जिनसेंग’ या ‘विंटर चेरी’ भी कहा जाता है। अश्वगंधा के फायदे बहुत हैं तथा इसका प्रयोग कई प्रकार के रोगों के उपचार में किया जाता है। अश्वगंधा का सेवन मुख्यत इसके चूर्ण के रूप में किया जाता है। अश्वगंधा को दिमाग के लिए फायदेमंद कहा जाता है।

    इस लेख में हम अश्वगंधा चूर्ण के उपयोग और इसके लाभकारी गुणो के विषय में विस्तार से चर्चा करेंगे। इसके अलावा अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करनें के विभिन्न तरीकों के बारे में भी बात करेंगे।

    अश्वगंधा को “सात्विक कफ रसायन” के नाम से भी जाता है एवं आयुर्वेद के क्षेत्र में इसका एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। अनेक लाभकारी गुणो से परिपूर्ण होने के कारण इसे उत्तम औषधि भी कहा जाता है।

    अश्वगंधा का प्रयोग हमारे दैनिक जीवन में सामान्य रूप से किया जाता है किंतु यह हमारे स्वास्थ्य के लिए असाधारण रूप से लाभकारी होता है।

    अश्वगंधा चूर्ण के फायदे

    • अश्वगंधा चूर्ण तनाव में सहायता करता है

    हमारे शरीर में ‘कोर्टिसोल’ नामक एक हॉर्मोन मौजूद होता है, जो शरीर में ज्यादा होने पर तनाव बढ़ाता है।

    कई बार शरीर में ज्यादा मात्रा में ‘कोर्टिसोल’ होनें पर रक्त में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है, जिसके परिणामस्वरूप कई तरह की बीमारियाँ उत्पन्न हो जाती हैं।

    कई शोधों से यह पता चला है कि अश्वगंधा शरीर में ‘कोर्टिसोल’ की मात्रा को कम करता है, जिससे तनाव आदि में मदद मिलती है।

    इसके लिए आप नियमित रूप से अश्वगंधा और दूध का सेवन करें।

    • अश्वगंधा चूर्ण के फायदे सेवन में

    कई परीक्षणों में पाया गया है कि अश्वगंधा के प्रयोग से सूजन भी कम हो जाती है।

    कई परीक्षणों में पाया गया है कि इसका प्रयोग नेचुरल किलर सेल्स की गतिविधियों को बढाता है जो हमे स्वस्थ रहने और बीमारियों से लड़ने में सहायक होते हैं।

    ऐसे में आपको नियमित रूप से अश्वगंधा का सेवन करना चाहिए।

    • अश्वगंधा चूर्ण के फायदे कैंसर में

    कुछ समय से विज्ञान भी आयुर्वेदिक औषधियों के गुणों को मानने लगा है। इसी के पक्ष में यह बात सामने आई है कि इसमें कैंसर प्रतिरोधी क्षमता होती है।

    इसमें मौजूद एंटीट्यूमर गुण इसे कैंसर से लड़ने के काबिल बनाते हैं।

    अश्वगंधा चूर्ण का उपयोग

    अशवगंधा के प्रत्येक भाग का अपना एक महत्व है जोकि मानव जीवन के लिए वरदान समान है। अश्वगंधा का उपयोग छोटे रोगों से लेकर गम्भीर रोगों तक के उपचार में किया जाता है जो इस प्रकार है-

    1. अश्वगंधा की जड़ों का प्रयोग अनेक प्रकार के रोगों के निवारण में किया जाता है। अश्वगंधा की जड़ों को सुखाकर खाँसी, नज़ला-ज़ुकाम, कफ, हिचकी, स्त्री-रोग, अल्सर आदि में प्रयोग किया जाता है।

    2. इसके अतिरिक्त अश्वगंधा की जड़ों से बने हुए पाउडर का उपयोग रियुमेटिक दर्द, जोड़ों के दर्द तंत्रिका तंत्र के विकार के उपचार में किया जाता है।

    3. अश्वगंधा की छाल का काढ़ा अस्थमा या साँस की बीमारी और घावों के उपचार में सहायक होता है

    4. इसकी पत्तियाँ सूजन को दूर करने में सहायता प्रदान करती हैं। यदि हम अश्वगंधा के विषय में रीसर्च करें तो हम पाएँगे कि इसकी व्यक्ति के जीवन में रोग निवारक के रूप में एक महत्वपूर्ण भूमिका है।

    5. अश्वगंधा से निर्मित औषधियाँ मिरगी और लकवा जैसे रोगों में एक चमत्कारी प्रभाव दिखातीं हैं अर्थात इन रोगों में लाभकारी होती हैं।

    6. अश्वगंधा ना सिर्फ़ हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है बल्कि यह हमारे सौंदर्य को बढ़ाने में भी एक अहम भूमिका निभाता है। अश्वगंधा के पाउडर को तेल में मिलाकर लगाने से त्वचा सम्बंधी समस्याओं से राहत मिलती है। (सम्बंधित: चेहरे को गोरा करने के तरीके)

    7. अश्वगंधा मोटापे को घटाने में भी सहायक होता है। अनावश्यक रूप से बढ़े हुए वज़न को अश्वगंधा निर्मित औषधियों के सेवन से दूर किया जा सकता है। अश्वगंधा का प्रयोग ठीक ग्रीन टी के समान ही किया जा सकता है।

    8. अश्वगंधा रोगों का निवारण किसी नकारात्मक प्रभाव के बिना करता है अतः इसका सेवन लाभ ही पहुँचाता है।

    यहाँ हमनें अश्वगंधा चूर्ण के विभिन्न फायदों और इसके उपयोग के बारे में चर्चा की। आगे हम बात करेंगे कि आप अश्वगंधा चूर्ण का सेवन कैसे कर सकते हैं?

    अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करने के तरीके

    • अश्वगंधा की चाय

    अश्वगंधा की चाय बच्चों में पोषण की कमी को पूरा करती है। इसका प्रयोग सूखा रोग व कुपोषण को पूर्ण रूप से दूर करने में किया जाता है। अश्वगंधा की चाय बनाने की विधि निम्नवत है-

    आधा गिलास पानी और आधा गिलास दूध लें। इसमें 1 ग्राम अश्वगंधा पाउडर डालें और अच्छे से उबलने के लिए रख दें। जब यह उबल जाए तो इसे ठंडा कर लें और इसके चीनी मिलाए। यह बच्चों के शारीरिक विकास में बहुत लाभकारी होता है।

    • अश्वगंधा और शहद

    पुरुषों के लिए अशवगंधा और शहद बहुत ही लाभकारी है। एक चम्मच अश्वगंधा को घी, शहद और चीनी के साथ मिलाकर खाने से पुरुषों के वीर्य की मात्रा में वृद्धि होती है।

    • अश्वगंधा और घी

    अश्वगंधा को घी में भून लें और इसमें चीनी मिला लें। इस औषधि को सोने से पहले गर्म दूध के साथ लें। यदि आप एक अत्यधिक प्रभावकारी लाभ देखना चाहते हैं तो इसका सेवन नाश्ता करने के 20 मिनट पूर्ण करें।

    • अश्वगंधा- एक दूधवर्धक औषधि

    अश्वगंधा का प्रयोग माँ के दूध के उत्पादन को बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह गैलेकटोगोग के समान कार्य करता है जोकि दूध की सांद्रता को बढ़ाता है।

    • अश्वगंधा चूर्ण

    1/2 चम्मच गुड के पाउडर में 2 टीस्पून अश्वगंधा पाउडर मिला कर अच्छे से मिक्स करें।फिर उसने चुटकी भर काला नमक और चुटकी भर काली मिर्च मिला लें और उसे गोल गोल लड्डू की भाँति आकार दे दें।आप इस औषधि को एक बर्तन में रख कर कई दिनों तक सुरक्षित कर सकते हैं।

    • अश्वगंधा घृत

    यह एक उत्तम प्रकार की औषधि है जो बच्चों के लिए उपर्युक्त होती है। यह औषधि अश्वगंधा के कालके और काढ़े को मिलाकर बनायी जाती है। इसका प्रयोग बच्चों में वजन बढ़ाने, हड्डियों के विकास, फेफड़ों की मज़बूती व माँसपेशियों के विकास में किया जाता है।

    • अश्वगंधा की आयुर्वेदिक चाय

    अश्वगंधा की आयुर्वेदिक चाय मस्तिष्क को शांति पहुँचाने में सहायक होती है। ब्रह्मी, शंखपुष्पि, सौफ, जाटामासी और अश्वगंधा को बराबर मात्रा में ले लें और उसे 2 कप पानी में उबाल लें। इसके सेवन से तनाव और अशांति की समस्या से राहत मिलती है।

    • अश्वगंधा दूध टॉनिक

    1 कप गर्म दूध या बादाम के दूध लें और इसमें 1 चम्मच घी, 1 चम्मच कटा हुआ नारियल, 2 चम्मच कटा हुआ बादाम, आधा चम्मच केसर, 1/8 चम्मच इलायची के बीज या सौंफ का बीज, 1 चम्मच कच्ची शहद, 1 चम्मच शतवारी पाउडर व 1 चम्मच अश्वगंधा पाउडर एक साथ मिला लें। इस प्रकार अश्वगंधा दूध टॉनिक तैयार है।

    उपरोक्त बिन्दुओं से अश्वगंधा के चमत्कारी गुणों की व्याख्या होती है। अश्वगंधा आयुर्वेदिक औषधि है जो हमारे शरीर को नकारात्मक प्रभाव से बचाते हुए लाभ पहुँचाती हैं। यह हमारे स्वास्थ्य के लिए वरदान समान है अतः हमें अश्वगंधा के महत्व को समझते हुए इसका सेवन करना चाहिए ताकि अनेक रोगों से बचा जा सके।

    यदि अब भी आपके मन में अश्वगंधा चूर्ण के फायदों, उपयोग या सेवन से सम्बंधित किसी भी विषय में कोई सवाल है, तो आप नीचे कमेंट के जरिये हमसे पूछ सकते हैं।

    6 thoughts on “अश्वगंधा चूर्ण के फायदे, उपयोग और सेवन करने का तरीका”
    1. shahad or ashwgandha sath khane ke se kya fayde hote hain? aur inhe khane ka tareeka kya hona chahiye??

    2. Ashwagandha.shahed aur ghee nuksan nahi dega?ghee or shahed ka mixture to zaher ban jata hai. Suna hai.

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