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सुबह जल्दी उठने और परीक्षा की तैयारी के उपाय

सुबह जल्दी उठें

आजकल का जीवन व्यस्तता का एक उत्तम उदाहरण है। बदलते परिवेश और जीवन शैली ने अनुशासन को अस्त व्यस्त करके रख दिया है और यदि हम ग़ौर करें तो हम पाएँगे कि सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्र युवाओं का है। आजकल युवा प्रकृति के नियमों के एकदम उलट चलता है जैसे कि रात में जागना और दिन में सोना। इससे उनके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

युवा सुबह जल्दी उठने में नाकाम हो रहें हैं और इस प्रकार उनकी पढ़ाई का कोई निश्चित अनुशासन नहीं है। वह स्कूल जाने में असमर्थ होतें हैं क्योंकि वह स्कूल के समय सो रहे होते हैं और इस प्रकार स्कूल में अनुपस्थित रहने की वजह से उनका पाठ्यक्रम बिना पढ़ा रह जाता है। फलस्वरूप उन्हें परीक्षा की तैयारी में काफ़ी दिक़्क़त का सामना करना पड़ता है।

बिगड़े हुए अनुशासन को पटरी पर लाया जा सकता है और उसके हमें कुछ बिंदुओं को ध्यान में रखना चाहिए। आइए इस पर विस्तृत चर्चा करते हैं।

सुबह जल्दी उठने के उपाय

1. आधुनिक जीवन शैली के नकारात्मक बिंदुओं पर ध्यान देना

यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण क़दम है जोकि हर व्यक्ति को उठाना ही चाहिए। सर्वप्रथम आप स्वयं को आधुनिक जीवन शैली के उपकरणों से दूर ले जायें जैसी कि मोबाइल फ़ोन, लैप्टॉप, टैबलेट अथवा टीवी। आपको इन सबके उपयोग का एक समय निश्चित करना चाहिए और भूलकर भी उन्हें रात में प्रयोग नहीं करना चाहिए।

अब आपको चाहिए कि आप आधुनिक जीवन शैली के नकारात्मक बिंदुओं पर विचार करें। इनमें से सबसे पहला बिंदु आपका स्वास्थ्य होना चाहिए।

आपको देखना चाहिए कि आपका स्वास्थ्य किस प्रकार प्रभावित हो रहा है।

दूसरा सबसे महत्वपूर्ण बिंदु आपके क्रियाकलाप होने चाहिए कि आप किस प्रकार के कार्यों में अधिक व्यस्त हैं, मोबाइल फ़ोन में अथवा पढ़ाई में? आप कितने घंटे पढ़ाई को दे रहे हैं और कितने घंटे फ़ोन अथवा टैबलेट को दे रहे हैं। सोचिए कि आप प्रकृति की सुंदरता से दूर होतें जा रहे हैं इसलिए आप रोगों की पनाह में जा रहें हैं।

2. “जल्दी सोने और जल्दी उठने” का सिद्धान्त

यदि आप इस सिद्धान्त को मान कर अपना अनुशासन निर्धारित करतें हैं तो आपको सुबह उठने में काफ़ी मदद मिल सकती है।

अब सवाल आता है कि जल्दी सोयें कैसे, इसके लिए आपको एक छोटा सा कार्य करना होगा। जैसे कि जल्दी सोने के लिए फ़ोन या लैपटॉप को त्यागना होगा। यदि आप ऐसा नहीं कर पा रहें हैं तो फिर आप अपने फ़ोन या लैपटॉप को किसी ऐसे व्यक्ति के पास रख दें जिनसे आप रात के समय माँग ना सकें। आप अपने पिता या बड़े भाई का चुनाव कर सकते हैं।

सुबह उठकर पानी पीयें। सुबह खाली पेट पानी पीने के अनेकों फायदे हैं।

3. जल्दी उठने से आपको क्या प्राप्त हो सकता है

आप इस प्रश्न को स्वयं से पूछ सकतें हैं। अपना अनुशासन निर्धारित करने हेतु आपको ख़ुद से यह पूछना चाहिए कि यदि आप सुबह जल्दी उठतें हैं तो आप क्या क्या प्राप्त कर सकतें हैं? यह पूछे कि यदि आप जल्दी नहीं उठतें हैं तो आप किन चीज़ों से वंचित रह जातें हैं।

4. अपना माहौल बदलें

किसी भी अनुशासन को लागू करने के लिए आपको एक उचित बदलाव की आवश्यकता होती है। आपको अपना
वातावरण और परिवेश बदलना चाहिए।

जब तक आप अपनी जीवन शैली में उचित बदलाव नहीं करेंगें, आप किसी भी अनुशासन का सर्वोचित पालन नहीं कर पाएँगे। वातावरण बदलने के यह आवश्यक नहीं कि आप अपना घर या शहर छोड़ कर किसी अन्यत्र स्थान पर जाएँ अपितु आप अपने घर और कमरे की सेटिंग बदल सकतें हैं।

5. मनोरंजक कहानियाँ अथवा उपन्यास

यदि आपको रात में जल्दी नींद नहीं आ रही है तो आप कहानियाँ अथवा उपन्यास पढ़ सकतें हैं। सोने से पूर्व यदि आप ईमेल अथवा न्यूज़ पेपर पढ़तें हैं तो आपको तनाव अथवा चिंता हो सकती है और ये आपकी नींद को अवश्य प्रभावित करेगा। अतः आप इन चीज़ों से बचने का प्रयत्न करें।

आप सोने से पूर्व मनोरंजक कहानियाँ पढ़ सकतें हैं जिससे की तनाव से मुक्ति मिलेगी और आपको अच्छी नींद आएगी। साथ ही साथ आपकी रचनात्मक क्षमता का भी विकास होगा।

6. 7 घंटे से अधिक ना सोयें

स्वस्थ शरीर और आत्मा के लिए यह आवश्यक है कि हम 7 घंटे की उचित नींद लें। यदि हम रात में 10 से 11 बजे के बीच सो जातें हैं तो हम आराम से सुबह जल्दी उठ सकते हैं और हमारी नींद भी पूरी हो सकती है।

हमें रात्रि को जल्दी सोने का प्रयत्न करना चाहिए क्योंकि हम रात्रि में जितनी देर तक जागते रहेंगे, सुबह को उतनी ही देर से उठेंगे और हमारे महत्वपूर्ण कार्य भी विलंब से ही होंगें। इसलिए हमें जल्दी सोने की आदत डालनी चाहिए।

एक बात का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए कि हम 7 घंटे की पूर्ण नींद लें और इससे अधिक या कम नींद से बचें। यह याद रखने योग्य बात है कि हम दिन में सोने से बचें क्योंकि यदि हम दिन में सो जातें हैं तो रात में जल्दी सोना हमारे लिए मुश्किल हो जाता है। यदि 7 घंटों की उचित नींद लेने के बाद अथवा रात्रि में जल्दी सोने के बाद भी हमें दिन में नींद आए तो भी हमें सोना नहीं चाहिए क्योंकि अभी हमारी आदत सुबह को देर तक सोने की होती है जोकि धीरे धीरे ही जाएगी।

7. जल्दी सोने की तैयारी

जल्दी सोने की तैयारी से तात्पर्य यह है कि हम सोने से पूर्व कुछ अलग तरह के कार्य करें जैसे कि नहाना, मनोरंजक कहानियाँ पढ़ना इत्यादि। ऐसा होता है कि जब हम सोने के लिए लेटतें हैं तो कुछ समय तक हम करवटें ही बदलतें है क्योंकि हमें नींद नहीं आती है।

हम कितना भी जल्दी क्यों ना लेट जायें किंतु नींद हमें देर से ही आती है। ऐसे में हमें क्या करना चाहिए?

इसके लिए कुछ उपाय किए जा सकतें हैं। सबसे पहले तो हमें व्यायाम की आदत डालनी चाहिए जिससे कि मस्तिष्क और शरीर दोनों ही स्वस्थ रहतें हैं। हमें दिन में पर्याप्त परिश्रम करना चाहिए। हो सकता है कि अापका कार्य परिश्रमयुक्त हो तो ऐसे में उसे उचित प्रकार करें।

यदि आप विद्यार्थी हैं तो आपको अपने पढ़ने का समय बदलना चाहिए जैसे कि यदि आप रात देर तक पढ़ते हैं तो आप इस कार्यक्रम को दिन में स्थानांतरित करें। आप पढ़ने के लिए दिन का समय चुनें। आप स्कूल या कॉलेज से आने के बाद थोड़ा सा विश्राम करें और फिर पढ़ाई करें।

इस प्रकार आपकी तैयारी भी उचित प्रकार से होगी और आपको रात में पढ़ना भी नहीं पड़ेगा।

दूसरी बात, यदि आप जल्दी सोना चाहतें हैं तो रात्रि में सोने पूर्व आपको स्नान करना चाहिए। इससे आपको एक तरोताज़ा अहसास मिलेगा जो सोने में आपकी मदद करेगा। आप सोने से पूर्व 10 मिनट तक कोई मनोरंजक कहानी पढ़ सकतें हैं जोकि आपकी जल्दी सोने में मदद करे।

8. भारी लंच और हल्का डिनर

यदि आप जल्दी सोने के उपाय ढूँढ रहें हैं तो हम आपको ऐसा तरीक़ा बताएँगे जो आपको प्रसन्न कर देगा। डॉक्टर केनी पैंग के अनुसार हमें भारी लंच करना चाहिए, यदि हम जल्दी सोना चाहते हैं। यह स्लीप डिसॉर्डर को ठीक करने में सहायक होता है इसलिए यदि हम भारी लंच करते हैं तो हमें ऊर्जा की एक उचित मात्रा प्राप्त हो जाती है अतः दिन में भारी खाना ही खाना चाहिए।

इसके साथ ही हमें एक बात का ध्यान रखना होगा, वह यह कि हम लंच तो भारी करें किंतु रात्रि का भोजन हल्का लें। यदि हम रात्रि में भारी या मसालेदार भोजन करतें हैं तो हमें नींद की कमी हो सकती है। दूसरी बात कि यदि हम रात्रि को हल्का भोजन नहीं करतें हैं तो हमारा भार अनावश्यक रूप से बढ़ने लगता है और हम कई रोगो के शिकार हो जातें हैं।

9. कमरे में हल्की व कोमल लाईटें

सोने में सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण योगदान लाइटों का होता है। सोने के समय हमें कमरे की लाइटें बुझा देनी चाहिए क्योंकि अंधेरे में सबसे अच्छी नींद आती है।

किंतु कुछ लोगों को अंधेरे से डर लगता है। यदि आपको भी अंधेरे से डर लगता है या आप अंधेरें में नहीं सो सकतें हैं तो आप अपने कमरे में हल्की लाइटें लगा सकतें हैं।

10. “थोड़ा और सो लें” को अनदेखा करें

जब भी हम सुबह जल्दी उठने का प्रयत्न करते हैं तो हमारा मन और सोने को करता ही रहता है। हम सोचतें हैं कि थोड़ा सा और सो लें या फिर पाँच मिनट और लेट लें, और ऐसा करते करते हम सोते ही रह जाते हैं।

हमें अपनी इस आदत से छुटकारा पाना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि इसकी वजह से ही हम जल्दी उठने में नाकाम होतें हैं। जब भी हम सुबह यह सोचें कि थोड़ा और सो लेना चाहिए, हमें उसी समय स्वयं से यह कहना चाहिए कि नींद का नियम होता है कि वह कभी भी पूरी नहीं होती है और नींद की वजह से आवश्यक कार्यों को छोड़ना या त्यागना कहीं से भी उचित नहीं हैं। इस प्रकार हमें ख़ुद से लड़ना चाहिए ताकि हम जल्दी उठ सकें।

11. अपने मस्तिष्क की बात ना मानें

जब भी हम सुबह जल्दी उठने की कोशिश करतें हैं, सर्वप्रथम हमारा मस्तिष्क ही इस बात का विरोध करता है। हमारा मस्तिष्क हमें और सोने पर विवश करता है किंतु हमें यह सोचना चाहिए कि काम से महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है। हमें अपने मस्तिष्क को अपने कार्यों की ओर ले जाना चाहिए ताकि वह जल्दी उठने को राज़ी हो सके।

12. कहीं घूमने का जाएँ

आप अपना मूड बदलने के लिए कही बाहर घूमने के लिए सोच सकतें हैं। यदि आप अपनी जीवन शैली में एक सकारात्मक बदलाव लाना चाह रहे हैं तो सबसे पहले आपको अपने मस्तिष्क को इस बात के लिए मनाना होगा। आप कहीं घूमने के लिए जा सकतें हैं और यह आपको अपनी जीवन शैली में नया परिवर्तन लाने में सहायता करेगा।

इस प्रकार, यदि आप इन बिंदुओं को ध्यान में रखतें हैं तो आपको सुबह जल्दी उठने में काफ़ी मदद मिल सकती है। अब हम बात करते हैं कि परीक्षा की तैयारी कैसे की जाए। आइए, इस पर एक संक्षिप्त चर्चा करें।

परीक्षा की तैयारी

1. पढ़ने का समय निश्चित करें

यदि आप पेपर में अच्छे नम्बर लाना चाहतें हैं तो आपको प्रतिदिन पढ़ाई करनी चाहिए। आपको प्रतिदिन करींब 2 घंटे तक पढ़ाई करनी चाहिए और पढ़ने का समय उचित होना चाहिए जैसे कि आप शाम में बैठकर पढ़ सकतें हैं। एक बात सदा याद रखिए कि बिना अनुशासन के लक्ष्य की प्राप्ति करना असंभव है इसलिए पढ़ाई एक निश्चित अनुशासन में ही होनी चाहिए।

 2. नोट बनाए

पढ़ाई करने का सबसे उत्तम उपाय यह है कि आप महत्वपूर्ण बिंदुओं को किसी कॉपी या डायरी में संग्रहित करें। जो कुछ भी आपके अध्यापक बताते जाएँ, उन्हें आप एक सुरक्षित स्थान पर नोट करते जाएँ ताकि परीक्षा की तैयारी करते समय आपको सुविधा रहे।

3. लगातार अभ्यास

हमें अपने अध्यायों को पढ़ते रहना चाहिए और प्रत्येक प्रश्न का एक लगातार अभ्यास करना चाहिए। यदि कोई प्रश्न सरल है तो भी हमें उसे पढ़ना चाहिए ताकि हम किसी भी प्रकार की शंका से बच सकें।

4. पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन

परीक्षा की सम्पूर्ण तैयारी के किए आवश्यक है कि आप पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन करें और उसका अभ्यास करें। आप महत्वपूर्ण प्रश्नों को अलग नोट कर सकतें है ताकि परीक्षा से पहले उनपर एक दृष्टि अवश्य पड़ जाए।

5. समझें ज़्यादा, रटे कम

यह बात बिलकुल निश्चित है कि जो बात गहराई से समझी जाती है, वह हमें देर तक याद रहती है तथा जिस चीज़ को हम रटतें हैं, वह टिकाऊ नहीं होती है। अतः हमें सिद्धांतों को समझना चाहिए ना कि उन्हें रटना चाहिए।

ये सभी बिंदु परीक्षा की तैयारी की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण हैं और हमें परीक्षा की तैयारी इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रख कर ही करनी चाहिए। यदि आप इन बिंदुओं को मस्तिष्क में रखेंगें तो आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में अवश्य सफल होंगें।

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नायला हाशमी

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