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इरफ़ान खान की जीवनी

Irrfan Khan Biography

इरफ़ान खान भारतीय टीवी सीरियल और फिल्मो के जाने माने अभिनेता हैं। उन्होंने ना केवल हिंदी फिल्मो में ही अपने अभिनय को दर्शाया था बल्कि उन्होंने कुछ अंग्रेजी फिल्मो में भी अपने अभिनय को दर्शाया है। इरफ़ान को एक बेहतरीन अभिनेता माना जाता है और उनके अभिनय की बॉलीवुड में कई सारे कलाकार तारीफ़ भी करते हुए नज़र आते हैं। इरफ़ान ने कुछ फिल्मो में निर्माता की भूमिका भी दर्शाई है।

इरफ़ान खान के द्वारा अभिनय किए गए फिल्मो की बात करे तो उन्होंने ‘दृष्टि’, ‘काली सलवार’, ‘चॉकलेट’, ‘रोग’, ‘तुलसी’, ‘बिल्लू’, ‘यह साली ज़िंदगी’, ‘गुंडे’, ‘हिंदी मध्यम, ‘द लंच बॉक्स’, ‘ब्लैकमेल’, ‘पजल’ जैसी फिल्मो में अभिनय किया है। उन्होंने जिन टीवी सीरियल में अपने अभिनय को दर्शाया था, उनके नाम ‘किरदार’, ‘भारत एक खोज’, ‘चाणक्य’, ‘जय हनुमान’, ‘डॉन’, ‘मनो या ना मनो’, ‘जय हनुमान’ हैं।

इरफ़ान खान ने अपने अभिनय की वजह से कई सारे अवार्ड्स को अपने नाम किया है। उन्होंने सिनेमा में दिए अपने योगदान की वजह से कई सारे सम्मानों को भी अपने नाम किया है।

इरफान खान का प्रारंभिक जीवन

इरफ़ान खान का जन्म 07 जनवरी 1966 को जयपुर, राजस्थान में हुआ था। उन्होंने पठान परिवार में जन्म लिया था। इरफ़ान खान के पिता का नाम ‘साहबज़ादा यासीन अली खान’ है जो पेशे से व्यापारी थे। उनकी माँ का नाम ‘सईदा बेगम’ है जो घर परिवार को सम्हालने का काम करती थी। इरफ़ान खान के दो भाई हैं और एक बहन हैं। उनके भाई का नाम ‘सलमान खान’ और ‘इमरान खान’ है और बहन का नाम ‘रुखसाना बेगम’ है।

इरफ़ान खान ने अपने स्कूल की पढाई राजस्थान से ही पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने ‘नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा’, नई दिल्ली से अभिनय को सीखा था। इरफ़ान ने सबसे पहले अपने अभिनय को टीवी सीरियल में दर्शाना शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने अपना डेब्यू हिंदी फिल्मो में किया था। इरफ़ान के अभिनय की तारीफ उनकी पहली फिल्म से ही होती आ रही हैं। इरफ़ान का पूरा नाम साहबज़ादे इरफ़ान अली खान है जिसे उन्होंने बाद में सिर्फ ‘इरफ़ान खान’ किया था।

व्यवसाय जीवन

इरफ़ान खान का टीवी सीरियल का सफर

इरफ़ान खान ने अपने अभिनय की शुरुआत साल 1985 से की थी। उनके द्वारा अभिनय किए गए पहले टीवी सीरियल का नाम ‘श्रीकांत’ था। इस सीरियल को दूरदर्शन पर दर्शाया जाता था। इसके बाद साल 1988 में इरफ़ान को सीरियल ‘भारत एक खोज’ में देखा गया था। साल 1991 और साल 1992 में इरफ़ान ने सीरियल ‘कहकशन’ और ‘चाणक्य’ में भी अपने अभिनय को दर्शाया था।

साल 1994 की शुरुआत इरफ़ान ने सीरियल ‘चंद्रकांता’ के साथ किया था। इस सीरियल में उन्होंने ‘बद्रीनाथ’ और ‘सोमनाथ’ नाम के किरदारों को दर्शाया था। उसी साल उन्होंने सीरियल ‘द ग्रेट मराठा’ में भी अभिनय किया था। साल 1997 में इरफ़ान को डीडी मेट्रो के सीरियल ‘जय हनुमान’ में देखा गया था। इस सीरियल में उन्होंने ‘महर्षि वाल्मीकि’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

साल 2004 में इरफ़ान को ज़ूम चैनल के शो ‘क्या कहें’ में देखा गया था। इस शो में उन्होंने एक होस्ट की भूमिका निभाई थी। इसके बाद साल 2006 में शो ‘मानो या ना मानो’ और साल 2007 में शो ‘डॉन’ में भी इरफ़ान ने होस्ट का काम किया था। साल 2010 में इरफ़ान को सीरियल ‘इन ट्रीटमेंट’ में देखा गया था। इस सीरियल में उन्होंने ‘सुनील’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

साल 2016 में इरफ़ान को ‘टोक्यो ट्रायल’ में देखा गया था, जिसमे उनके किरदार का नाम ‘राधाबिनोद पल’ था।

इरफ़ान खान का फिल्मो का शुरुआती दौर

इरफ़ान खान ने फिल्मो में अभिनय की शुरुआत साल 1988 से की थी। उन्होंने सबसे पहले फिल्म ‘सलाम बॉम्बे!’ में अभिनय किया था जहाँ उन्होंने ‘पत्र लेखक’ का किरदार अभिनय किया था। इसके बाद इरफ़ान को साल 1989 में फिल्म ‘कमला की मौत’ में देखा गया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘राहुल’ नाम के किरदार को दर्शाया था। उसी साल की इरफ़ान की दूसरी फिल्म का नाम ‘जज़ीरे’ था, जिसमे उन्होंने ‘अल्फ्रेड’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

साल 1990 की शुरुआत इरफ़ान ने फिल्म ‘दृष्टि’ के साथ किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘गोविन्द निहलानी’ थे और फिल्म में इरफ़ान ने ‘राहुल’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म में मुख्य किरदार को डिंपल कपाडिया, शेखर कपूर और इरफ़ान खान ने अभिनय किया था।

उसी साल उन्होंने फिल्म ‘एक डॉक्टर की मौत’ में भी अभिनय किया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘अमूल्य’ नाम के किरदार को दर्शाया था और फिल्म के निर्देशक ‘तपन सिन्हा’ थे।

साल 1991 में इरफ़ान ने फिल्म ‘पिता (द फादर)’ में अभिनय किया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘डॉ. सेन’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद साल 1992 में उन्होंने फिल्म ‘मुझसे दोस्ती करोगे’ में अभिनय किया था जिसमे उन्होंने ‘मीर हस्सान’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

इरफ़ान खान का फिल्मो का बाद का सफर

साल 1994 में इरफ़ान को फिल्म ‘द क्लाउड डोर’ में देखा गया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘मणि कॉल’ थे फिल्म में इरफ़ान ने ‘इरफ़ान’ नाम के किरदार को ही दर्शाया था।

साल 1994 के बाद इरफ़ान ने साल 1998 में अपने अभिनय को दर्शाया था। इस फिल्म का नाम ‘बड़ा दिन’ था और फिल्म में इरफ़ान ने पुलिस इंस्टेक्टर का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘अनजान दत्त’ थे।

साल 2000 की शुरुआत इरफ़ान ने फिल्म ‘द गोल’ के साथ की थी। इस फिल्म के निर्देशक ‘गुल बहार सिंह’ थे और फिल्म में इरफ़ान ने ‘अनुपम सिंह’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद उसी साल इरफ़ान को फिल्म ‘घात’ में देखा गया था। इस फिल्म में इरफ़ान ने ‘मामू’ और ‘रोमेश भगवत डोगरा’ नाम का किरदार अभिनय किया था।

साल 2002 की बात करे तो उस साल इरफ़ान को सबसे पहले फिल्म ‘बोक्षु, द मिथ’ में देखा गया था। यह फिल्म भारतीय अंग्रेजी फिल्म थी, जिसमे इरफ़ान ने ‘हाई प्रीस्ट’ का किरदार अभिनय किया था। इसके बाद उसी साल इरफ़ान ने फिल्म ‘प्रथा’ में भी अभिनय किया था जहाँ उनके किरदार का नाम ‘प्रीस्ट निन्नी पांडेय’ था।

उसी साल इरफ़ान को फिल्म ‘काली सलवार’ में देखा गया था। इस फिल्म की निर्देशक ‘फरीदा मेहता’ थीं और फिल्म में इरफ़ान ने ‘शंकर’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

साल 2003 में इरफ़ान ने फिल्म ‘हासिल’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘तिग्मांशु धूलिआ’ थे और फिल्म में इरफ़ान ने ‘रणविजय सिंह’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद उन्हें फिल्म ‘फुटपाथ’ में देखा गया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘विक्रम भट्ट’ थे और फिल्म में इरफ़ान ने ‘शेख’ का किरदार अभिनय किया था।

उसी साल इरफ़ान ने फिल्म ‘मक़बूल’ और ‘द बाईपास’ में अभिनय किया था। इन दोनों ही फिल्मो को दर्शको ने बहुत पसंद किया था।

साल 2004 और साल 2005 की बात करे तो उन सालो में इरफ़ान को फिल्म ‘शड़ौस ऑफ़ टाइम’, ‘रोड टू लद्दाक’, ‘चरस: ए जॉइंट ऑपरेशन’, ‘चॉकलेट’, ‘रोग’, ‘चेहरा’ जैसी फिल्मो में अभिनय किया था।

इरफ़ान खान का फिल्मो का सफल सफर

साल 2006 की शुरुआत इरफ़ान खान ने फिल्म ‘यूँ होता तो क्या होता’ के साथ की थी। इस फिल्म के निर्देशक ‘नसीरुद्दीन शाह’ थे और फिल्म में इरफ़ान ने ‘सलीम राजबली’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म के बाद उन्हें फिल्म ‘द फिल्म’ में सुना गया था जहाँ उन्होंने वॉइस ओवर का काम किया था।

इरफ़ान खान ने उसी साल फिल्म ‘द किलर’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘हसनैन हैदरबादवाला’ और ‘रक्षा मिस्त्री’ थे। फिल्म में इरफ़ान के किरदार नाम ‘विक्रम’ और ‘रूपचंद स्वरुपचंद सोलंकी’ था। इसके बाद उसी साल इरफ़ान को फिल्म ‘डेडलाइन: सिर्फ 24 घंटे’ में देखा गया था, जिसमे उन्होंने ‘कृष वैद्या’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

साल 2007 में इरफ़ान खान को फिल्म ‘ए माइटी हार्ट’ में अभिनय करते हुए देखा गया था। उस फिल्म के निर्देशक ‘माइकल विंटरबॉटॉम’ थे और फिल्म में इरफ़ान ने ‘ज़ीशान काज़मी’ नाम के किरदार को दर्शाया था। उसी साल उन्होंने फिल्म ‘लाइफ इन ए….. मेट्रो’ में भी अभिनय किया था। इस फिल्म में उनके किरदार का नाम ‘मोंटी’ था।

इरफ़ान को इसके बाद फिल्म ‘द नेमसेक’ में देखा गया था। इस फिल्म की निर्देशक ‘मीरा नियर’ थी और फिल्म में इरफ़ान ने ‘अशोक गांगुली’ नाम के किरदार को दर्शाया था। उसी साल फिल्म ‘अपना आसमान’ में अभिनय किया था जिसमे उनके किरदार का नाम ‘रवि कुमार’ था।

साल 2008 की शुरुआत इरफ़ान खान ने फिल्म ‘तुलसी’ में अभिनय करने के साथ किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘के अजय कुमार’ थे और फिल्म में इरफ़ान ने ‘सूरज’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद उस साल की दूसरी फिल्म का नाम ‘संडे’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘सुविदेश शिंगडे’ थे और फिल्म में इरफ़ान ने ‘कुमार’ नाम के किरदार को दर्शाया था। उस साल इरफ़ान को तीसरी बार फिल्म ‘क्रेज़्ज़ी 4’ में देखा गया था।

साल 2009 में इरफ़ान ने कुल चार फिल्मो में अभिनय किया था। उस साल की पहली फिल्म का नाम ‘एसिड फैक्ट्री’ था जिसके निर्देशक ‘सुपर्ण वर्मा’ थे। फिल्म में इरफ़ान ने ‘कैज़र’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद उस साल की उनकी दूसरी फिल्म का नाम ‘बिल्लू’ था जिसके निर्देशक ‘प्रियादर्शन’ थे। फिल्म में इरफ़ान ने ‘बिल्लू’ और ‘विलास परदेसी’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

उस साल की तीसरी फिल्म का नाम ‘न्यू यॉर्क’ था जिसके निर्देशक ‘आदित्य चोपड़ा’ थे। फिल्म में इरफ़ान ने ‘रोशन – एफबीआई ऑफिसियल’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद उस साल का अंत इरफ़ान ने फिल्म ‘न्यू यॉर्क – आई लव यू’ में अपने अभिनय को दर्शाने के साथ किया था। फिल्म में इरफ़ान ने ‘मनसुख भाई’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

साल 2011 में इरफ़ान ने सबसे पहले फिल्म ‘यह साली ज़िंदगी’ में अभिनय किया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘अरुन’ नाम के किरदार को दर्शाया था और फिल्म के निर्देशक ‘सुधीर मिश्रा’ थे। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘7 खून माफ़’ में अभिनय किया था, जिसमे इरफ़ान ने ‘वसीउल्लाह खान’ उर्फ़ ‘मुसाफिर’ का किरदार अभिनय किया था।

इरफ़ान को उस साल फिल्म ‘थैंक्यू’ में भी देखा गया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘विक्रम’ नाम के किरदार को दर्शाया था। फिल्म के निर्देशक का नाम ‘अनीस बज़्मी’ था और फिल्म में इरफ़ान के साथ बॉबी देओल, सुनील शेट्टी, अक्षय कुमार, सोनम कपूर, रिमी सेन, सेलिना जेटली और विद्या बालन ने अभिनय किया था।

साल 2013 में इरफ़ान ने फिल्म ‘साहेब, बीवी और गैंग्स्टर रिटर्न्स’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘तिग्मांशु धूलिआ’ थे और फिल्म में इरफ़ान ने ‘इंद्रजीत सिंह’ नाम के किरदार को दर्शाया था। उस साल की इरफ़ान की दूसरी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘द लंचबॉक्स’ थी। इस फिल्म के निर्देशक ‘रितेश भात्रा’ थे और फिल्म में मुख्य किरदारों को इरफ़ान खान, निम्रत कौर और नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने दर्शाया था।

साल 2014 में इरफ़ान ने केवल दो ही फिल्मो में अभिनय किया था। उन फिल्मो का नाम ‘गुंडे’ और ‘हैदर’ था।

साल 2015 में इरफ़ान को तीन ब्लॉकबस्टर फिल्मो में देखा गया था। सबसे पहले इरफ़ान को फिल्म ‘पीकू’ में देखा गया था, जिसमे उन्होंने ‘राणा चौधरी’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘जुरैसिक वर्ल्ड’ में अभिनय किया था। फिल्म में इरफ़ान के किरदार का नाम ‘साइमन मसरानी’ था।

उस साल की तीसरी हिट फिल्म का नाम ‘जज़्बा’ था जिसके निर्देशक ‘संजय गुप्ता’ थे। फिल्म में इरफ़ान ने ‘यौहान’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

साल 2016 में भी इरफ़ान ने हिट फिल्म ‘मदारी’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘निशिकांत कमत’ थे और फिल्म में इरफ़ान ने ‘निर्मल कुमार’ नाम के किरदार को दर्शाया था।

साल 2017 में सबसे पहले इरफ़ान ने फिल्म ‘हिंदी मीडियम’ में अभिनय किया था। उस फिल्म के निर्देशक ‘साकेत चौधरी’ थे और फिल्म में इरफ़ान ने ‘राज बत्रा’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को इरफ़ान खान और सबा कमर ने अभिनय किया था।

उसी साल इरफ़ान को फिल्म ‘क़रीब क़रीब सिंगल’ में देखा गया था, जिसमे उन्होंने ‘योगी’ नाम के किरदार को दर्शाया था। इस फिल्म की निर्देशक ‘तनूजा चंद्रा’ थी और फिल्म में मुख्य किरदारों को इरफ़ान के साथ अभिनेत्री ‘पार्वती थिरुवोथू’ ने दर्शाया था।

साल 2018 की शुरुआत भी इरफ़ान ने ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘ब्लैकमेल’ के साथ की थी। उन्होंने उस फिल्म में ‘देव कौशल’ नाम के किरदार को दर्शाया था। फिल्म के निर्देशक ‘अभिनय देओ’ थे और फिल्म में मुख्य किरदारों को इरफ़ान खान, कीर्ति कुलहरि और अरुनोदे सिंह ने दर्शाया था। उसी साल इरफ़ान ने फिल्म ‘पजल’ और ‘कारवां’ में भी अभिनय किया था।

इरफ़ान खान के आने वाले फिल्मो की बात करे तो उन्हें आगे फिल्म ‘अंग्रेजी मीडियम’ में देखा जायगा। इस फिल्म के निर्देशक ‘होमी अधाजन्या’ हैं और फिल्म में इरफ़ान ने ‘राज बत्रा’ नाम के किरदार को दर्शाया था। यह फिल्म साल 2017 में आई फिल्म ‘हिंदी मीडियम’ का दूसरा भाग है।

पुरस्कार और उपलब्धियां

इरफ़ान खान ने अपने अभिनय की वजह से अभी तक 32 से भी अधिक अवार्ड्स को अपने नाम किया है। उनमे से कुछ की जानकारी नीचे मौजूद है।

  • साल 2004 में फिल्म ‘हासिल’ के लिए ‘बेस्ट एक्टर इन नेगेटिव रोल’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 2007 में फिल्म ‘द नेमसेक’ के लिए ‘बेस्ट सेडक्टिव’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 2008 में फिल्म ‘लाइफ इन ए मेट्रो’ के लिए ‘बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 2011 में ‘पद्मा श्री’ अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
  • साल 2011 में ‘आउटस्टैंडिंग अचीवमेंट इन इंटरनेशनल सिनेमा’ अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
  • साल 2013 में फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ के लिए ‘बेस्ट एक्टर’ का अवार्ड मिला था।
  • साल 2018 में फिल्म ‘हिंदी मीडियम’ के लिए ‘बेस्ट एक्टर’ का अवार्ड मिला था।

इरफान खान का निजी जीवन

इरफ़ान खान ने सुतापा सिकदर को डेट किया था। सुतापा पेशे से डायलॉग लेखिका हैं। इरफ़ान और सुतापा ने साल 1995 में एक दूसरे से शादी की थी। उन दोनों के दो बेटे हैं जिनका नाम ‘अयान खान’ और ‘बाबिल खान’ है।

इरफ़ान खान के पसंदीदा चीज़ो की बात करे तो उन्हें अभिनेताओं में मार्लोन ब्रांडो, अल पसीनो’, रोबर्ट डे नीरो और फिलिप सीमौर हॉफमन हैं। उनकी पसंदीदा फिल्म ‘द मैन’ है। इरफ़ान का पसंदीदा रंग ‘काला’ है। उन्हें खेलो में क्रिकेट का खेल सबसे अधिक पसंद है।

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