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सोयाबीन के 20 जबरदस्त फायदे

सोयाबीन के फायदे

सोयाबीन कई प्रकार की आती हैं जिनमें से काली और पीली सोयाबीन प्रमुख हैं। सोयाबीन खाने में स्वादिष्ट तो है ही, सोयाबीन के फायदे भी अनेक हैं।

भारत में सोयाबीन को बहुत ही चाव से खाया जाता है और फसलों में सोयाबीन की सबसे अधिक खेती होती है।

सोयाबीन का प्रयोग सब्ज़ी के रूप में भी होता है। कई लोग तो मांस के स्थान पर सोयाबीन का उपयोग करते हैं। सोयाबीन में पोषक तत्वों की एक प्रचुर मात्रा पाई जाती है जो हमारे बालों, त्वचा और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होती है।

सोयाबीन की सब्जी
सोयाबीन की सब्जी

इस लेख में हम सोयाबीन से होनें वाले फायदे जानेंगे।

सोयाबीन के फायदे

1. इन्फलामेटोरी गुणों से परिपूर्ण

सोयाबीन में इन्फलामेटोरी गुण पाए जाते हैं जो दमा, साँस लेने की समस्या और सूजन से शरीर की रक्षा करते हैं।

जिन लोगों को श्वास सम्बन्धी समस्या और शरीर के किसी भाग में सूजन है, उन्हें नाश्ते में सोयाबीन का प्रयोग करना चाहिए।

2. त्वचा को नमी देता है सोयाबीन

सोयाबीन त्वचा से अतिरिक्त तेल को हटा देता है लेकिन यह त्वचा को बिलकुल ड्राई नहीं करता है।

सोयाबीन में पाया जाने वाले विटामिन्स त्वचा को नमी देते हैं।

यदि आपकी त्वचा रुखी है, तो आपको जरूर सोयाबीन का सेवन करना चाहिए।

3. छालों का इलाज

सोयाबीन ज़िंक से भरपूर होता है जोकि शरीर में घाव और छालों का इलाज करता है।

यह भोजन का स्वाद कराने में जीभ की सहायता करता है।

4. एंटीऑक्सीडेंट गुण

सोयाबीन के एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर की सफ़ाई करने का कार्य करते हैं। ये रक्त से हानिकारक तत्वों को बाहर निकाल देते हैं।

इस तरह ये रक्त का प्रवाह भी नियमित करते हैं।

5. भ्रूण का विकास करना

सोयाबीन में विटामिन बी, विटामिन सी, व विटामिन ‘के’ की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा इसमें मैग्नीशियम, पोटैशियम, आयरन, कॉपर व फोलेट भी पाया जाता है।

फोलेट भ्रूण के शरीर में नई कोशिकाएँ बनाने में सहायता करता है। कैल्शियम, आयरन, व पोटैशियम भ्रूण की हड्डियां मज़बूत करते हैं।

विटामिन सी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। कुल मिलाकर सोयाबीन भ्रूण के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

6. माइग्रेन की समस्या से निजात

यदि आपके सिर में दर्द बना रहता है या आपको माइग्रेन की समस्या है तो आपको नियमित रूप से सोयाबीन का सेवन करना चाहिए।

सोयाबीन में पाया जाने वाला ‘फोलेट’ मस्तिष्क को सही प्रकार से कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।

इसके अतिरिक्त यह तनाव या डिप्रेशन को भी कम करता है जिससे माइग्रेन से छुटकारा मिलता है।

7. बालों की चमक बढ़ाता है

शायद आपने अब तक सोयाबीन को खाया ही होगा, लेकिन आपने सोचा नहीं होगा कि इसका किसी प्रकार का हेयर मास्क भी बन सकता है पर यह सच है।

सोयाबीन बालों को मुलायम व ख़ूबसूरत बनाता है। तीन महीने तक अपने बालों पर सोयाबीन का रस लगाएं। यह आपके बालों को लाजवाब बना देगा।

8. अर्थिरिस से छुटकारा

सोयाबीन अर्थिरिस और उसके लक्षणों को पूर्णत: ख़त्म कर देता है।

सोयाबीन में पाया जाने वाला फोलेट व ओमेगा 3 फ़ैटी ऐसिड अर्थिरिस की समस्या से छुटकारा देता है।

9. तनाव से निजात

सोयाबीन में फोलेट नामक तत्व पाया जाता है जो तनाव को कम करता है।

फ़ोलेट सेरटोनिन के स्राव को प्रेरित करता है। यह हमारे मूड को बेहतर बनाता है।

10. विटामिन ई से भरपूर

सोयाबीन विटामिन ई से भरपूर होता है जोकि त्वचा से मृत कोशिकाओं को हटाता है।

सोयाबीन का पैक त्वचा पर लगाने से त्वचा की समस्याओं से राहत मिलती है।

सोयाबीन और पानी को एक साथ पीस लें और इसका पेस्ट बना लें। अब इसको अपनी त्वचा पर लगाएं और 20-25 मिनट के लिए छोड़ दें।

हफ़्ते में तीन बार ऐसा करने से त्वचा पर निखार आता है।

11. उच्च रक्तचाप से छुटकारा

शरीर में सोडियम और पोटैशियम की कमी हो जाने से रक्तचाप की समस्या हो जाती है।

उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्तियों को पोटैशियम से भरपूर भोजन लेना चाहिए।

सोयाबीन में पोटैशियम की प्रचुर मात्रा पाई जाती है जो शरीर में रक्तचाप को संतुलित करता है। इस तरह उच्च रक्तचाप से निजात मिलती है।

12. ऑक्सीडेशन की रोकथाम

सोयाबीन में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। यह शरीर में ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया को नहीं होने देते हैं।

इस तरह शरीर में ट्युमर कोशिकाएं या फ़्री रेडिकल्स नहीं बन पाते हैं।

ऑक्सीडेशन के कारण रक्त में मौजूद हीमोग्लोबिन ऑक्सिजन में घुलकर ऑक्सीहीमोग्लोबिन बना लेता है, जिससे रक्त में ब्लड क्लॉटिंग का खतरा बढ़ जाता है।

13. नाखूनों के लिए

यदि आपके नाख़ून पीले व कमज़ोर है तो सोयाबीन आपकी मदद कर सकता है।

छः महीने तक सोयाबीन का नियमित रूप से सेवन करने से नाख़ून मजबूत और चमकदार बनते हैं।

सोयाबीन नाखूनों को मॉस्चर या नमी भी देता है। सोयाबीन के रस में नाखूनों को डुबोने से नाखूनों की समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

14. प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत करना

सोयाबीन प्लांट प्रोटीन से भरपूर होता है। यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली की कार्यविधि को बढ़ाता है।

इस तरह यह शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ा देता है।

सोयाबीन शरीर को ऊर्जा देता है और थकान को दूर करता है।

सोयाबीन को प्रोटीन हेतु उपयोग करना चाहिए। यह मांस के स्थान पर एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

15. वजन घटाने में सहायक

सोयाबीन का दूध वजन घटाने में सहायता करता है। यह दूध की तुलना में कम कैलोरीज रखता है।

सोयाबीन के दूध में सिर्फ़ 80 कैलोरीज होती है। इस प्रकार यह इस्किम मिल्क होता है।

सोयाबीन में मोनोसैचुरेटेड फ़ैटी एसिड्स पाए जाते हैं जो आँतों को अतिरिक्त वसा के अवशोषण से रोकता है।

इस तरह शरीर का वजन घटता है।

16. ब्रेस्ट कैंसर से बचाव

सोयाबीन महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर या स्तन कैंसर की संभावनाओं को कम करता है।

एक शोध में यह बात सामने आयी है कि जो महिलाएँ नियमित रूप से सोयाबीन का सेवन करती हैं उनमें ब्रेस्ट कैंसर अन्य महिलाओं की तुलना में कम पाया गया।

17. त्वचा से दाग़, धब्बे व झुर्रियों को मिटाना

सोयाबीन बढ़ती उम्र में त्वचा पर पड़ने वाली झुर्रियों को कम करने में सहायता करता है।

सोयाबीन में फायटोएस्ट्रोजेन्स पाया जाता है जो एस्ट्रोजन के उत्पादन को बढ़ाता है।

इस प्रकार सोयाबीन त्वचा से दाग, धब्बे व झुर्रियाँ मिटाता है।

18. प्रास्टेट कैंसर से बचाव

सोयाबीन में फ़ाईटोस्ट्रिोजेन की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। पुरुषों के लिए यह हार्मोन अत्यंत लाभकारी होता है।

यह टेस्टास्टरोन के अधिक उत्पादन को बाधित करता है। इस प्रकार यह प्रास्टेट कैंसर की संभावनाओं को कम करता है।

19. कलेस्टरॉल को कम करना

जिन लोगों को हाई कलेस्टरॉल की समस्या है उनको नियमित रूप से सोयाबीन खाना चाहिए।

सोयाबीन में ‘पालीअनसेचोरेटेड फ़ैट’ पाया जाता है। यह एलडीएल या उच्च कलेस्टरॉल के लेवल को कम करता है।

प्रतिदिन 50 ग्राम का सेवन करने से 3% कलेस्टरॉल कम होता है।

20. रक्त में वसा को कम करना

सोयाबीन में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो रक्त से हानिकारक कणों को रक्त से बाहर निकाल देते हैं।

इसके अतिरिक्त सोयाबीन में प्लांट स्टेरोल नामक तत्व पाया जाता है जो आँतों की अवशोषण क्षमता को बाधित करता है।

इस तरह आँतें भोजन से सिर्फ़ लाभदायक तत्वों का ही अवशोषण करती हैं।

जब आँतें भोजन से हानिकारक कणों को अवशोषित नहीं करती हैं तो रक्त शुद्ध रहता है। रक्त में वसा की मात्रा बढ़ने नहीं पाती है जिससे रक्त डायलूट रहता है।

इस लेख में हमनें सोयाबीन के फायदे के बारे में जाना।

यदि इस विषय में आपका कोई सवाल है, तो आप नीचे कमेंट के जरिये इसे हमसे पूछ सकते हैं।

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नायला हाशमी

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