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समय यात्रा क्या है? संभव या असंभव

समय यात्रा time travel in hindi

समय यात्रा का सिद्धांत (theory of time travel in hindi)

जब अल्बर्ट आइंस्टीन ने थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी यानी सापेक्षतावाद का सिध्दांत प्रकाशित किया तो उसी सिध्दांत के आधार पर टाइम ट्रेवल की कल्पना की जाने लगी। आइंस्टीन के थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी सिध्दांत के प्रकाशित होने से पहले लोगों में केवल एक ही अवधारणा थी कि ब्रह्माण्ड में समय की गति हर जगह वही है जो पृथ्वी पर होती है!

उनका मानना था की समय जिस रफ़्तार से पृथ्वी पर गुजर रहा है उसी प्रकार ब्रह्माण्ड में दूर कही किसी दूसरे ग्रह पर भी समय इसी रफ़्तार से गुजर रहा होगा ! लेकिन आइंस्टीन ने लोगों की इस अवधारणा को गलत साबित कर समय की एक अलग परिभाषा दी !

अल्बर्ट आइंस्टीन ने बताया कि समय और अंतरिक्ष एक दूसरे से जुड़े हुए हैं ! जिसे Space Time कहते हैं ! समय एक 4th डायमेंशन यानी चौथा आयाम है और समय की गति को धीमा या तेज किया जा सकता है।

इंग्लैंड के मशहूर लेखक हर्बट जार्ज वेल्स ने 1895 में ‘द टाइम मशीन’ नामक एक उपन्यास प्रकाशित किया, तो समूचे युरोप में तहलका मच गया। इस उपन्यास में वेल्स ने ‘टाइम मशीन’ की अद्भुत कल्पना की। हालांकि वेल्स के उपन्यास में व्यावहारिक रूप से कई विसंगतियां है।

समय यात्रा सम्भव या नहीं? (Time travel possible or not in hindi)

अगर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो समय यात्रा संभव है। अगर देखा जाए तो हम सभी समय में यात्रा कर रहे हैं। हम सभी भूतकाल से निकल कर वर्तमान में होते हुए लगातार भविष्य की ओर बढ़ते चले जा रहे हैं और इसी को ही समय यात्रा कहते हैं। हमारी समय में यात्रा की दर 1 घंटे प्रति घंटे की दर से है यानी की हमें भविष्य में 1 घंटा आगे जाने के लिए 1 घंटे का ही समय अंतराल लगेगा । अगर हमने इस दर को 1 घंटे प्रति घंटे की दर से अधिक कर दिया तो समय की यात्रा की जा सकती है।

आइंस्टीन ने अपने विशेष सापेक्षता के सिद्धांत में बताया कि समय यात्रा संभव है। आइंस्टीन ने बताया कि अगर कोई वस्तु जितनी ज्यादा तेजी से चलेगी उसके लिए समय उतना ही धीमा होता जाएगा और वस्तु किसी स्थिर पर्यवेक्षक के सापेक्ष भविष्य मे होगी।

ऐसे कहा जाता है कि भविष्य की यात्रा करना संभव है परंतु भूतकाल की यात्रा करना किसी भी प्रकार से तर्कसंगत प्रतीत नहीं होता है। स्टीफन हॉकिंस ने बताया कि अगर भूतकाल यात्रा संभव भी है, और अगर हम टाइम मशीन भविष्य में बना भीं पाए तो टाइम मशीन के बनाने के समय से पहले की यात्रा संभव नहीं है।

समय यात्रा के 5 तरीके (5 ways of time travel in hindi):

1. स्पीड (Speed)

यह भविष्य में जाने का सबसे आसान और सबसे व्यावहारिक तरीका है।

आइंस्टीन के विशेष सापेक्षता के सिद्धांत के अनुसार, जब हम प्रकाश की गति के निकट गति पर यात्रा करते हैं, तो बाहरी दुनिया के सापेक्ष हमारे लिए समय धीमा हो जाता है। इसे ‘समय फैलाव’ (Time dilation) कहते हैं।

यह सिर्फ एक अनुमान या विचार नहीं है – इसे मापा गया है। दो परमाणु घड़ियों (एक जेट विमान में उड़ने वाला तथा एक पृथ्वी पर  स्थिर) का उपयोग करके भौतिकविदों ने बताया है कि जेट की गति की वजह से उसमें रखी घड़ी धीमी गति से चलती है।

2. गुरुत्व (Gravity)

यह विधि भी आइंस्टीन ने ही दी है। सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत के मुताबिक, जितना मजबूत गुरुत्वाकर्षण लगता है, समय उतना ही धीमा चलता है।

जैसे ही आप पृथ्वी के केंद्र के करीब आते हैं, गुरुत्वाकर्षण की शक्ति बढ़ जाती है। उदाहरण के लिए,हमारे सिर के मुकाबले हमारे पैरों के लिए समय धीमा हो जाता है।

फिर, इस प्रभाव को मापा भी गया है। 2010 में, यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टैंडर्ड एंड टेक्नोलॉजी (एनआईएसटी) के भौतिकविदों ने शेल्फ (shelves) पर दो परमाणु घड़ियों को रखा, जो एक दूसरे से 33 सेंटीमीटर ऊपर थी, और टिकिंग की दर (rate of ticking) में अंतर को मापा और पाया कि निचली घडी थोड़ा धीमी हो गयी है क्योंकि यह थोड़ा मजबूत गुरुत्वाकर्षण महसूस करती है।

अतः स्पष्ट है कि भविष्य में यात्रा करने के लिए हमें अत्यंत ही मजबूत गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र की आवश्यकता होगी जैसा कि ब्लैक होल में होता है।

3. निलंबित एनीमेशन (suspended animation):

जब हम किसी को निलंबित एनीमेशन की स्थिति में कहते हैं, तो हमारा मतलब है कि वे निष्क्रिय हैं और कुछ भी नहीं कर रहे हैं।

भविष्य में यात्रा करने का यह एक और तरीका हो सकता है कि हम समय की अपनी धारणा (perception) को धीमा कर दें, या अपनी शारीरिक प्रक्रियाओं को रोक दें और बाद में उन्हें पुन: आरम्भ करें।

बैक्टीरियल स्पायर्स (spores) निलंबित एनीमेशन की स्थिति में लाखों सालों तक जीवित रह सकते हैं, जब तक कि तापमान, नमी की सही स्थिति फिर से उनके मेटाबोलिस्म को शुरू नहीं करती। भालू और गिलहरी जैसे कुछ स्तनधारी हाइबरनेशन के दौरान अपने मेटाबोलिस्म को धीमा कर सकते हैं और भोजन एवं ऑक्सीजन की अपने कोशिकाओं की आवश्यकता को कम कर सकते हैं।

क्या मनुष्य कभी भी ऐसा कर सकता है?

यद्यपि पूरी तरह से मेटाबोलिस्म को रोकने से हमारी वर्तमान तकनीक से काफी दूर है, कुछ वैज्ञानिक कम से कम कुछ घंटों तक चलने वाले अल्पकालिक हाइबरनेशन अवस्था को प्राप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

2005 में, अमेरिकी वैज्ञानिकों ने हाइबरोजेन सल्फाइड की अल्प खुराक देकर चूहों के मेटाबोलिस्म को धीमा करने का एक तरीका बताया तथा 6 घंटे बाद बिना किसी दूसरे दुष्प्रभाव के उनकी प्रक्रियाओं को पुनः आरंभ किया। दुर्भाग्य से, भेड़ और सूअरों पर भी इसी तरह के प्रयोग सफल नहीं थे, सुझाव दिया कि यह विधि बड़े जानवरों के लिए काम नहीं कर सकती है।

4. वार्म होल्स (warm holes):

सामान्य सापेक्षता सिद्धांत, स्पेस-टाइम के माध्यम से किसी शॉर्टकट की संभावना को भी मान्यता प्रदान करता है, जिसे वार्म होल्स के नाम से जाना जाता है। ये एक अरब प्रकाश वर्ष या उससे अधिक की दूरी के बीच या समय के विभिन्न बिंदुओं के बीच पुल का कार्य करने में सक्षम हो सकता है।

5. प्रकाश का प्रयोग करके (using light):

एक और विचार,अमेरिकी भौतिक विज्ञानी रॉन मैलेट द्वारा रखा गया और यह था, “स्पेस-टाइम को मोड़ने के लिए प्रकाश के घूर्णन सिलेंडर (rotating cylinder of light)का उपयोग”।

मैलेट के अनुसार, सही ज्यामिति (geometry) अतीत या भविष्य में जाने का कारण बन सकती है।

इस लेख से सम्बंधित किसी भी प्रकार के सवाल या सुझाव के लिए आप नीचे कमेंट में लिख सकते हैं।

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शुभम खरे

27 Comments

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  • आपने जो लिखा है इसमें सारी चीजें पुरानी धारणाओं से ली गई है इसमें कुछ नया नहींं हैं

  • Before Einsteen their are a lot of stories of time travel in our ancient books. Like story of Rukmani. It is evident from the story that during the visit to Brahmlok by Rukmani and her father , their time run very slow in Brahmlok. When they returned to earth after spending some time in Brahmlok, million of years was passed on earth.

  • It was really good but how is it possible in reality . Stories of ancient times we cannot releate with real life

    • La skte hai kyoki hmare passt mai jo huaa hai vo confirm hai mera mtlb hai ki vo bdlega nhi mgr hmara future kuh bhi ho skta hai (aapke life ka hr ek chota kdm aapke fuchr ko bdl skta hai mgr past ko nhi Isliye future mai jane se aasan hai past mai jana bs or iske liye simple si thyo***********************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************************

    • Nahi time piche nahi ho sakta hai hum apne vartaman me hi Rahte hai hum bhawisya mein nahi jaa sakte due to son paradox ye paradox Maine banaya hai jisse ye saabit ho sakta hai ki bhawisya mein jaana namumkin hai agar jisse wishwash nahi ho raha to kuch saal intjaar karo main ye theory se saabit karunga

      • Utkarsh ji me aap ki baat se sehmat nahi hoon eg. (Maan lo aap ko bazar jane me, jo ke 2km hai aap ke ghar se 1 Ghante ka samay lagta hai paydel lekin agar aap two whealer se jayte hai tho aap ko 10 Minute lage ga. ) is eg. ko aap kaise dekthe hai. Please reply….

    • No shayad hum time travel kr bhi paye to bhi hum sirf future me hi ja shkte hey eda kuch scientists ka kehna hey lekin kayi ghatnaye esi bhi hey jisme hme pata chalta heki time travel past me bhi ho shkta hey so iska answer to time machine banne k baad hi shayad malum pde🙂

      • Dear Gautam,
        Kabhi tumne feel kiya hai ki jo abhi present me ho raha hai
        Sayed mai pahle hi ye dekh chuka hu

  • Time Travel sahi hai Jab Ham time Se Jyada Tej chalenge tabhi time ko Piche kar sakte hain

  • It is really very good. And the best part is that you are not try to manipulate it… Jo jaisa hai use waisa hi likha gaya h… Self thoughts likhne se iska meaning hi change Ho jata…. Good job

  • Hlo sir,
    Nameste
    My name anshul kumar
    From India(UP)

    Mujko time machine,parallel universe, paradox theory etc ke baare me sab jaana hai so plss btao kaise hoga ye

    Mujko bahut interest hai in topics me😌

  • आपको ये पता ही होगा की मनुष्य की शरीर के 7 चक्र यांनी की कुंडलिनी जागरण से मनुष्य के ब्रेन मे कूच अधिकतम ज्ञान बढता हे मनुष्य का शरीर 5 ततवो से बाणा हे आगर इस मे गले मे जो चक्र होता हे आगर ओह जाग जाये तो मनुष्य अपने भूक और प्यास पर भी नयंत्रण पा सकता हे और ये अध्यात्मिक और वैज्ञानिक रूप से भी साबित हे मतलब मनुष्य भालू और गिलहरी की तरह अपनी भूक पण नियंत्रण कर सकता हे

  • scientisto ने बताया की वार्म hole एक ऐसा माध्यम है जो दो समय को यानि future और past को एक साथ जोड़ सकता हे but ये कैसे संभव है की एक hole एक ही समय में past और future को एक साथ जोड़ दे। और ये warm hole बना कैसे हे, और ये कैसे और कहा मिलेगा, इसके बारे में अभी तक कोई theory नही बतायी गयी है…… warm hole सिर्फ़ एक कल्पना के अलावा और कुछ नही है….

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