शुक्रवार, फ़रवरी 21, 2020

वैश्विक सहायता करने में भारत सबसे बड़ा भागीदार: वैश्विक आर्थिक मंच

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कविता
कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

अंतर्राष्ट्रीय सहायता में मददगारों की सूची ने भारत एक उभरता हुआ देश है। दूसरे देशों की मदद में भारत को सबसे अग्रणी देशो की सूची में रखा गया है, यह बात एक सर्वेक्षण से साबित हुई है कि भारत से दूसरे देशों को मदद की अपेक्षा रहती है। इस सर्वेक्षण में जारी आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण भारतीय देश मसलन पाकिस्तान, बांग्लादेश और भारत सहित, नाइजीरिया और सऊदी अरब भी अंतर्राष्ट्रीय मदद के लिए आगे रहता है।

इस सर्वे में कार्यकर्ताओं ने 10 हज़ार लोगो से एक सवाल पूछा कि क्या उन्हें वाकई लगता है कि उनके देश की जिम्मेदारी अन्य देश की सहायता करने की है। इस सर्वे में भारत की 95 फीसदी जनता ने सकारात्मक जवाब दिया जो सभी देशों में सबसे ज्यादा है। इसके बाद पाकिस्तान और इंडोनेशिया की 94 फीसदी जनता ने इस पर रजामंदी जाहिर की थी। बांग्लादेश की 87 फाड़ी जनता ने अन्य देशों की मदद को हामी भरी वहींनाइजीरिया में 84 फीसदी, सऊदी अरब में 83 फीसदी और चीन में 80 प्रतिशत लोगों ने मदद को हाथ आगे बढ़ाए थे।

वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 72 फीसदी रहा है लेकिन ऐर्जेंटिना, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों का प्रतिशत 60 यह उससे कम रहा है। उत्तरी अमेरिकी देशो के लोग अप्रवासियों को सकारात्मक रूप से लेते हैं जबकि यूरोपियन देश आप्रवासियों को निम्न सकारात्मक तौर पर लेते हैं।

इस सर्वे के मुताबिक बहुसंख्यक लोग जलवायु विज्ञान पर भरोसा करते हैं लेकिन 17 प्रतिशत लोगों को इस पर यकीन नही है। आप्रवासन पर अमेरिका में 63 फ़ीसदी जनता ने इसे अपने देश के लिए उपयुक्त माना, जबकि वैश्विक औसत इस पर 56 प्रतिशत है।

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