विटामिन ई की कमी के लक्षण, कारण और निवारण

हमारे शरीर के लिए विटामिन ई कितना ज़रूरी है हमें इस बात पर चर्चा करने की आवश्यकता नहीं है।

हम सभी जानते हैं कि चमकती त्वचा, स्वस्थ बाल और स्वस्थ शरीर के लिए विटामिन ई काफ़ी महत्वपूर्ण है लेकिन ये ज़रूरी नहीं कि हमारे शरीर में विटामिन ई का स्तर सदैव मेंटेन ही रहे। अक्सर हमारे शरीर में विटामिन ई की कमी हो जाती है।

इस लेख में हम विटामिन ई की कमी के कारण, लक्षण और उसके निवारण के विषय में चर्चा करेंगे। आइए देखते हैं कि विटामिन ई की कमी के कारण क्या हैं?

विटामिन ई की कमी के कारण (deficiency of vitamin e in hindi)

  1. विटामिन ई की कमी का सबसे बड़ा कारण अनुचित आहार है। इसका मतलब है कि जब हम अपने आहार में ऐसी वस्तुओं को शामिल नहीं करते हैं जिनमें कि विटामिन ई पाया जाता है तो ज़ाहिर सी बात है कि हमारे शरीर में विटामिन ई का स्तर गिर जाता है।
  2. कभी कभी देखा गया है कि लोग इस चक्कर में फ़ैटी फ़ूड को नज़रअंदाज़ करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि फैटी फ़ूड लेकर उनका वज़न बढ़ जाएगा। यह सच है कि हम को अधिक फैट्युक्त भोजन नहीं करना चाहिए लेकिन अगर शरीर में आवश्यक फ़ैट की कमी हो जाए तो यह भी विटामिन ई की कमी को पैदा कर सकता है।
  3. अत्यधिक जंक फूड या तले भुने पदार्थों को खाने से भी शरीर में विटामिन ई की कमी हो सकती है।
  4. जिन लोगों को यकृत, पैनक्रियाज और पित्त संबंधी समस्याएं होती हैं उन्हें भी विटामिन ई की कमी से जूझना पड़ता है।

ये तो थे विटामिन की कमी के कारण। आइए देखते हैं कि विटामिन ई की कमी होने पर हमारा शरीर कौन कौन से लक्षण शो करता है?

विटामिन ई की कमी के लक्षण (symptoms of deficiency of vitamin e in hindi)

  1.  जब शरीर में विटामिन ई की कमी हो जाती है तो ऐसे में सबसे ज़्यादा बाल प्रभावित होते हैं। विटामिन ई की कमी के कारण बाल तेज़ी से झड़ना शुरू हो जाते हैं। इतना ही नहीं बल्कि बाल फ़्रिज़ी हो जाते हैं और उनमें चमक नहीं रह जाती।
  2. विटामिन ई की कमी के कारण पैरों की हड्डियां कमज़ोर हो जाती हैं जिससे कि अक्सर पैरों में दर्द रहता है।
  3. नर्वस सिस्टम बुरी तरीक़े से प्रभावित होता है। हाथ पैरो की नसों में सुन्न होने की समस्या आ जाती है। कभी कभी तो अपने अंग को महसूस कर पाना भी मुश्किल होता है।
  4. टिशूज़ की क्रियाविधि प्रभावित होती है।कोशिकाएं रिकवर करने में असक्षम होती हैं और नई कोशिकाओं का भी निर्माण ढंग से नहीं हो पाता है।
  5. त्वचा पर दाग़ धब्बे हो जाते हैं और मुँहासे भी निकलने लगते हैं।
  6. विटामिन ई की कमी के कारण पाचन संबंधी समस्याएं हो जाती हैं।आँतों की दीवारें भी ख़ुश्क हो जाती हैं जिससे कि कब्ज की  समस्या हो जाती है।
  7.  इसके अलावा कोशिकाएं भोजन से आवश्यक पोषक तत्वों का अवशोषण भी नहीं कर पाती हैं जिससे कि शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।

विटामिन ई की कमी के कारण और लक्षण तो हमने देख लिये हैं। आइए अब बात करते हैं कि विटामिन ई की कमी से हमारे शरीर में कौन कौन से रोग हो जाते हैं।

1. प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि प्रजनन क्षमता के लिए विटामिन ई अति आवश्यक होता है। यदि शरीर में विटामिन ई की कमी हो जाती है तो फर्टिलिटी में कमी आ जाती है।

पुरुषों में विटामिन ई की कमी के कारण पर्याप्त शुक्राणुओं का निर्माण नहीं हो पाता है जिससे कि वे संतान उत्पन्न करने में असक्षम हो जाते हैं।

2. मांसपेशियां कमज़ोर हो जाती हैं

विटामिन ई की कमी के कारण मांसपेशियां कमज़ोर हो जाती हैं जिससे कि शरीर में ऐंठन वा दर्द की समस्या हो जाती है।

 3. त्वचा की समस्याएँ

विटामिन ई हमारी त्वचा को मेंटेन रखने में काफ़ी मदद करता है। विटामिन ई त्वचा को नया निखार और चमक देता है।

अगर शरीर में विटामिन ई की कमी हो जाती है तो ऐसे में त्वचा अपनी चमक और निखार खो देती है। त्वचा से नमी ख़त्म हो जाती है जिससे कि त्वचा एकदम सूखी नज़र आती है।

4. एनीमिया की समस्या हो जाती है

अगर शरीर में विटामिन ई का स्तर घट जाता है तो शरीर में मौजूद रक़्त का स्तर भी कम होने लगता है। जब शरीर में हद से ज़्यादा रक्त की कमी हो जाती है तो ऐसे में एनीमिया की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

विटामिन ई की कमी जन्मजात डिसॉर्डर भी पैदा करती है। विटामिन ई की कमी के कारण शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाती है।

5. कैंसर जैसा भयानक ख़तरा

शरीर में विटामिन ई की कमी से कैंसर जैसी भयानक बीमारी का ख़तरा बढ़ जाता है। जी हाँ, यह बहुत ही साधारण सी बात लगती है कि जब हमारे शरीर में विटामिन ई की कमी हो जाए लेकिन आप देख सकते हैं कि इसका परिणाम कितना भयानक है।

6. आँखों से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं

शरीर में विटामिन ई की कमी होने से आँखों से संबंधित समस्याएं हो जाती हैं।विटामिन ई की कमी के कारण नाइट ब्लाइंडनेस या रात का अंधापन व अन्य दृष्टि दोष भी हो जाते हैं।

पीड़ित व्यक्ति चीज़ों को सही से देख पाने में असमर्थ होता है। उसे चीज़ें धुँधली दिखाई देती हैं। ज़्यादातर मामलों में यह देखा गया है कि विटामिन ई की कमी से पीड़ित व्यक्ति को नाइट ब्लाइंडनेस की समस्या होती है यानी उसे रात में धुँधला दिखाई देता है।

विटामिन ई की कमी को दूर करने के उपाय (source of vitamin e in hindi)

  1. हमें अपने आहार में ऐसे पदार्थों को शामिल करना चाहिए जिनमें कि प्रचुर मात्रा में विटामिन ई पाया जाता है। हम अपने आहार में पनीर, दूध, दही, मांस व सी फ़ूड को शामिल कर सकते हैं।
  2. जितना हो सके जंक फ़ूड से बचना चाहिए। ज़्यादा मसालेदार और ऑयली पकवानों से भी दूर रहना चाहिए।
  3. शरीर में विटामिन ई की कमी को पूरा करने के लिए हम विटामिन ई के तेल या कैप्सूल का सेवन भी कर सकते हैं।
  4. यदि उपरोक्त उपचारों से राहत न मिल रही हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

शरीर में पोषक तत्वों की प्रचूर मात्रा होना अनिवार्य है। हम आशा करते हैं कि इस लेख के माध्यम से आपको विटामिन ई की महत्वता के के विषय में पता चल गया होगा। आप अपने सुझावों और सवालों को कमेंट पेटिका में दर्शा सकते हैं।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here