दा इंडियन वायर » खानपान » लौंग के तेल के फायदे और बनाने की विधि
खानपान

लौंग के तेल के फायदे और बनाने की विधि

लौंग का तेल के फायदे

हमारे देश में अनेक प्रकार के भोजन पाए जाते हैं। हमारी संस्कृति में ख़ासकर उन भोजनों का विशेष महत्व है जो अनेक प्रकार के मसालों से बनाए जाते हैं। भोजन को सुगंधित और स्वादिष्ट बनाने के में लौंग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

क्या आप जानते हैं कि लौंग का तेल भी निकाला जाता है? जी हाँ, लौंग के तेल का प्रयोग ना सिर्फ़ खाने में बल्कि हमारे दैनिक जीवन की अनेक आवश्यकताओं को पूरा करने में किया जाता है। लौंग का तेल हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक होता है।

विषय-सूचि

आइए देखते हैं कि लौंग का तेल किस तरह हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।

लौंग के तेल के फायदे

  • लौंग का तेल रक्त को शुद्ध रखता है

लौंग का तेल एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है। यह हमारे रक़्त को शुद्ध करने का कार्य करता है। लौंग के तेल का सेवन करने से रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ती है।

लौंग का तेल रक्त में एंटीऑक्सीडेंट एक्टिविटी या एंटीऑक्सीडेंट प्रक्रिया को बढ़ा देता है। यह रक्त से कलेस्टरॉल और वसा के हानिकारक कणों को छान कर अलग कर देता है। इस तरह यह रक्त को शुद्ध करने का कार्य करता है।

  • चेहरे के लिए लौंग के तेल लाभ

जैसा कि हम जानते हैं कि लौंग से बना हुआ पैक हमारी त्वचा के लिए अत्यंत लाभदायक होता है अतः लौंग का तेल अनेक प्रकार के फ़ेस मास्क बनाने में प्रयुक्त होता है।

लौंग कि एंटीसेप्टिक प्रवृत्ति के कारण इसे अनेक कॉस्मेटिक्स, क्रीम्स व साबुनों में मिलाया जाता है। लौंग के तेल से बनी हुई मसाज क्रीम हमारी त्वचा को एक निखार व ताज़गी देती है। ये क्रीम त्वचा से ऐलर्जी या सनबर्न मिटाने के लिए भी प्रयोग की जाती हैं।

लौंग के तेल में अच्छा महकने का गुण होता है। इस तरह लौंग के तेल को अनेक प्रकार की परफ्यूम में भी मिलाया जाता है।

त्वचा पर यदि दाने और मुँहासे हो रहे हों तो लौंग के तेल से इस समस्या को दूर किया जा सकता है। अपने मॉस्चराइज़ या क्रीम में लौंग के तेल की दो-तीन बूंदें मिला लें। इस क्रीम से उस उस स्थान की मसाज करें जहाँ पर मुहाँसे या दाने हो रहे हों। यह न सिर्फ़ मुहाँसों को ख़त्म करेगा बल्कि उनसे पड़ने वाले दाग़-धब्बों को भी जड़ से मिटा देगा।

इतना ही नहीं लौंग का तेल भविष्य में मुँहासों और दानों की समस्या की संभावनाओं को भी कम करता है। यह त्वचा के रोमछिद्रों को खोलने में मदद करता है जिससे कि अंदर बैठी हुई सारी गंदगी व मैल तेल के रूप में बाहर निकल जाता है।

जब त्वचा में गंदगी बैठ जाती है तो रोमछिद्रों के खुले न होने के कारण ये अंदर ही जम जाती है। इस तरह त्वचा पर मुंहासों या दानों की समस्या हो जाती है। चूंकि लौंग का तेल रोमछिद्रों को खोल देता है अतः मुहाँसों की संभावना ही नहीं बचती।

लौंग का तेल कॉस्मेटिक्स और केमिकल युक्त पदार्थों के प्रयोग से त्वचा पर पड़ने वाले दाग़-धब्बों को भी ख़त्म करने में सहायता करता है।

  • लौंग का तेल श्वसन तंत्र के लिए फायदेमंद है

हमारे श्वसन तंत्र के लिए लौंग का तेल अत्यंत लाभदायक होता है। वैसे भी ख़ासी आने पर हमें दाँतों के नीचे लौंग रखने को कहा जाता है।

लौंग के तेल में एंटीइन्फ़्लैमटॉरी गुण पाए जाते हैं। यह हमारी श्वसन नलिका में जमा हुए व्यर्थ पदार्थ जैसे कफ या बलगम को बाहर निकालने का कार्य करता है।

लौंग का तेल श्वसन नलिका में होने वाली सूजन को भी कम करता है। अगर आपको सर्दी या जुकाम हो रहा हो तो एक कप गर्म पानी में दो से तीन बूंद लौंग का तेल मिला लें और फिर इसका सेवन करें।

  • लौंग का तेल प्रतिरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करता है

लौंग का तेल हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत करता है। यह शरीर की रोगों से लड़ने और बचने की क्षमता को दोगुना कर देता है।

एक शोध में यह बात सामने आयी है कि लौंग की कली चबाने या लौंग के तेल का सेवन करने से हमारा इम्यून सिस्टम बूस्ट होता है।

लौंग के तेल में एंटीऑक्सीडेंट और प्यूरीफाइंग गुण पाए जाते हैं। अपने एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण लौंग का तेल हमारे प्रतिरक्षा तंत्र को मज़बूत करता है। इस तरह हमारा शरीर अनेक वाइरल और फंगल इन्फ़ेक्शन से अपना बचाव करता है।

लौंग में पाए जाने वाले प्यूरीफाईंग गुण शरीर में मौजूद किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया और वाइरस को ख़त्म करने में सहायता करते हैं।

  • लौंग के तेल के लाभ दाँतों के लिए

जैसा कि हम जानते हैं कि लौंग के तेल में अच्छा महकने का गुण पाया जाता है। अपने इसी गुण के कारण लौंग का तेल अनेक प्रकार के टूथपेस्ट्स और माउथवॉश में मिलाया जाता है।

लौंग का तेल मुँह में होने वाले घावों और अल्सर को भी कम करता है। यह मुँह में मौजूद अनेक प्रकार के हानिकारक कीटाणुओं को मार देता है। इस तरह यह मुँह से गंदगी को साफ़ करता है।

लौंग का तेल दांतों के दर्द से छुटकारा पाने के लिए भी उपयोग किया जाता है। जिस दाँत में दर्द हो रहा हो वहाँ पर लौंग के तेल की एक या दो बूंद लगा दें। यह दांतों के दर्द को ख़त्म करेगा और उनकी सफ़ाई भी करेगा।

लौंग की कली चबाने से मुंह और साँस की बदबू की समस्या से राहत मिलती है। एक कप हल्के गुनगुने पानी में लौंग के तेल की दो से चार बूंदें मिलाएँ। अब इस पानी का प्रयोग कुल्ला करने के लिए करें। यह पूरी तरह से मुँह की बदबू को ख़त्म कर देगा।

  • लौंग का तेल मधुमेह की समस्या से निजात दिलाता है

जिन लोगों को मधुमेह की समस्या है उनके लिए लौंग का तेल अत्यंत फ़ायदेमंद होता है। नियमित रूप से लौंग के तेल का सेवन करने से वे अपने शरीर में इंसुलिन के स्तर को संतुलित कर सकते हैं।

अनेक शोधों में इस बात को सिद्ध किया गया है कि लौंग का तेल रक्त में इन्सुलिन का स्तर मेंटेन करता है। इस तरह यह मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति के लिए प्राकृतिक इंसुलिन इंजेक्शन का कार्य करता है।

  •  लौंग का तेल के फायदे घावों के उपचार में

लौंग के तेल का प्रयोग घावों के उपचार में किया जाता है। लौंग के तेल में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं। इस कारण यह फंगल इन्फ़ेक्शन और त्वचा पर लगने वाले अनेक घावों और कट्स का अच्छा उपचार करता है।

लौंग का तेल त्वचा पर इन्फ़ेक्शन पैदा करने वाले जीवाणुओं और कीटाणुओं को नष्ट कर देता है। अपनी कूलिंग प्रॉपर्टीज़ के कारण यह त्वचा पर होने वाली किसी भी प्रकार की जलन और खुजली को भी मिटाता है। अगर आपको किसी कीड़े ने काट लिया हो तो उसके दर्द और इन्फ़ेक्शन से निजात पाने के लिए आप लौंग के तेल का प्रयोग कर सकते हैं।

आपको एक बात का विशेष प्रकार से ख़याल रखना चाहिए कि अगर आपकी त्वचा सेंसिटिव है तो आपको लौंग का तेल बिलकुल भी प्रयोग नहीं करना है। अगर आपकी त्वचा सेंसिटिव है तो लौंग का तेल आपकी त्वचा पर जलन और खुजली को पैदा कर सकता है।

लौंग के तेल को सीधे अपनी त्वचा पर नहीं अप्लाई करना चाहिए। लौंग के तेल को त्वचा पर लगाने से पहले इसमें कुछ मात्रा में बादाम का तेल या नारियल का तेल अवश्य मिला लेना चाहिए।

  • लौंग के तेल की मालिश बालों के लिए

लौंग का तेल बालों को झड़ने से रोकने और उन्हें मज़बूत बनाने में सहायता करता है। जिस प्रकार त्वचा के लिए प्रयोग होने वाली कॉस्मेटिक्स और क्रीम्स में लौंग का तेल मिलाया जाता है, ठीक उसी तरह बालो के लिए प्रयोग होने वाले अनेक प्रकार के उत्पादों में भी लौंग का तेल मिलाया जाता है।

लौंग का तेल बालों के लिए प्राकृतिक कंडीशनर का कार्य करता है। लौंग के तेल को ऑलिव ऑयल में मिलाकर लगाएं। यह बालों को मुलायम व चमकदार बनाता है। इतना ही नहीं यह बालों की जड़ों को भी मज़बूत करता है जिससे कि बालों के झड़ने की समस्या से राहत मिलती है।

अगर आपके बाल रूखे और बेजान हो रहे हों तो लौंग के तेल को ऑलिव ऑयल में मिलाकर बालों में लगाएं। 15-20 मिनट के लिए सिर की मसाज करें और उसके बाद अपने बालों में कंघी कर लें।

लौंग का तेल बालों के झड़ने की समस्या और गंजेपन की समस्या से निजात देता है। नियमित रूप से बालों की जड़ों में लौंग का तेल लगाने से बाल मज़बूत होते हैं। लौंग का तेल जड़ों में ब्लड सर्कुलेशन की दर को बढ़ा देता है। इस तरह बाल ना सिर्फ़ झड़ने से रुकते हैं बल्कि वे तेज़ी से बढ़ने भी लगते हैं।

  • कॉलरा से बचाव

नियमित रूप से लौंग के तेल का सेवन करने से कॉलरा से छुटकारा पाया जा सकता है। यदि आप को कॉलरा के लक्षण नज़र आ रहे हो तो 15-20 मिनट के गैप के बाद पाँच से दस लौंग के तेल की बूंदों का सेवन करें। यह कॉलरा को शरीर से दूर रखने में मदद करता है।

इतना ही नहीं यदि आपको कॉलरा की समस्या हो रही हो तो लौंग के तेल के सेवन करने से इसे दूर किया जा सकता है।

  • लौंग का तेल गर्भवती महिलाओं के लिए

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को मतली, उल्टी और मूड स्विंग की समस्या हो जाती है। बार बार उल्टी करने से महिला और बच्चे दोनों पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में महिलाओं के लिए लौंग का तेल अत्यंत लाभदायक होता है।

लौंग के तेल को सूँघने से उल्टी और मूड स्विंग की समस्या से निजात मिलती है।

  • लौंग के तेल की मालिश सिर दर्द से राहत दिलाती है

यदि आपके सिर में बहुत तेज़ दर्द हो रहा हो तो लौंग का तेल आपके लिए फ़ायदेमंद हो सकता है। अपने सिर में लौंग के तेल की मसाज करें।

अपनी कूलिंग प्रॉपर्टीज़ के कारण लौंग का तेल सिर दर्द ठीक कर देता है। इतना ही नहीं यह हमें अच्छा भी महसूस करवाता है।

यदि आप अत्यधिक काम करते हैं और ढंग से खाना नहीं खाते हैं तो आपके सिर में दर्द हो सकता है। ऐसे में आप अपने साथ लौंग का तेल हमेशा रख सकते हैं। जब भी आपके सिर में दर्द हो तो आप थोड़ा सा लौंग का तेल लेकर अपने सिर में मसाज कर लें।

सिर दर्द से निजात पाने के लिए दो टेबलस्पून नारियल या बादाम का तेल, एक टेबलस्पून नमक और 2-3 बूँद लौंग का तेल एक साथ मिला लें। इस मिश्रण का प्रयोग अपने सिर और माथे की मसाज करने के लिए करें।

जैसा कि हमने पहले भी बताया कि अति हर चीज़ की बुरी होती है अतः इस बात का ध्यान रखें कि आप अत्यधिक मात्रा में अपने ऊपर कोई बर्डन ना लें। आप ये न सोचें कि सिर दर्द होने पर आप सदा लौंग का तेल लगा लेंगे और इससे छुटकारा पा लेंगें।

ज़्यादा मात्रा में लौंग का तेल भी नुक़सान करता है। यह आपकी त्वचा पर जलन और खुजली पैदा कर सकता है।

  • लौंग का तेल आँतों के लिए

अगर आपकी आँतों में कीड़े हैं तो लौंग के तेल के सेवन करने से उन्हें ख़त्म किया जा सकता है। प्रतिदिन सुबह ख़ाली पेट एक गिलास पानी में दो से तीन बूंदें लौंग के तेल की मिला लें। इस पानी को पीने से आँतों में कीड़ों की समस्या से निजात मिलती है।

लौंग का तेल आँतों में पाए जाने वाले पैरासाइट्स को मारने के लिए एक प्राकृतिक दवा होता है। इसके सेवन से आप आँतों की कई समस्याओं से राहत पा सकते हैं लेकिन एक बात का ख़याल रखना चाहिए कि किसी भी चीज़ का प्रयोग और सेवन करने से पहले डॉक्टर. की सलाह अवश्य लें।

  • लौंग के तेल खाने के फायदे पाचन क्रिया के लिए

शायद आप यह सोचते होंगे कि भोजन में लौंग का प्रयोग एक मसाले के रूप में इसलिए किया जाता है ताकि भोजन का स्वाद बढ़ाया जा सके। यह बात सही है लेकिन पूरी तरह से नहीं!

आप शायद नहीं जानते होंगे कि लौंग हमारी पाचन क्रिया के लिए लाभदायक होता है। लौंग के तेल में फाइबर्स की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। ये फ़ाइबर कब्ज़ एसिडिटी और दस्त की समस्या से राहत देते हैं।

  • लौंग का तेल दिलाये दर्द और तनाव से छुटकारा

लौंग का तेल ना सिर्फ़ सिर दर्द से राहत देता है बल्कि यह शरीर के किसी भी अन्य भाग में होने वाले दर्द को भी ठीक करता है।

लौंग के तेल में एंटीइन्फ़्लैमटॉरी गुण पाए जाते हैं इस कारण लौंग का तेल दर्द और तनाव से राहत देता है।

बेचैनी, तनाव, थकान और फ़्रस्ट्रेशन होने पर लौंग के तेल से सिर और माथे की मसाज करें। यह तनाव को कम करके मस्तिष्क को अच्छा महसूस कराता है।

लौंग का तेल सूँघने से भी तनाव और थकान से राहत मिलती है और मस्तिष्क को शांति का अनुभव होता है।

इस प्रकार हम देख सकते हैं कि लौंग का तेल हमारे लिए कितना फ़ायदेमंद होता है। पुराने ज़माने से ही लौंग का प्रयोग मानव सभ्यता में होता रहा है। लौंग के तेल का प्रयोग उतना ही पुराना है जितना कि लौंग का।

यद्यपि लौंग का तेल प्राकृतिक गुणों से भरपूर होता है जोकि हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं लेकिन इसका अत्यधिक मात्रा में प्रयोग नहीं करना चाहिए।

सबसे पहली बात जो आपको सदा याद रखना चाहिए वो ये कि किसी भी चीज़ का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। यह बात लौंग के तेल के लिए भी लागू होती है।

लौंग का तेल बनाने की विधि

यहाँ हमनें लौंग का तेल बनाने की विधि बतायी है, जिसकी मदद से आप घर पर लौंग का तेल बना सकते हैं।

  1. मात्रा अनुसार लौंग को एक बर्तन में लें और उसे धीमी आंच पर भूने। आंच पर भूनने से लौंग का तेल बनाने में आसानी होती है। एक कप तेल के लिए एक चम्मच लौंग लें।
  2. तेल डालने के लिए एक छोटी बोतल लें। तेल डालने के लिए फनल लें। थोडा गर्म पानी लें और उसमें लौंग डालकर उसे थोड़ी देर उबालें।
  3. लौंग को निकालकर एक कपड़े पर डालकर सुखाएं। एक बार फिर से इसे गर्म पानी में डालकर उबालें।
  4. पानी में एक चम्मच से लौंग को दबाकर तौड़ लें।
  5. टूटी हुई लौंग को एक अलग बर्तन में लें और इसमें थोडा जैतून का तेल डालें। इसे एक बोतल में डाल लें।
  6. बोतल को ढंग से बंद कर दें और इसे एक ठन्डे इलाके में रखें। इसे सूरज से दूर रखें और हर दो दिन में हिलाएं।
  7. दो सप्ताह के बाद तेल को निकालकर चखें। यदि आप और तीखा चाहते हैं, तो इसे कुछ दिन के लिए और रहने दें।
  8. तेल को निकालकर फ्रिज में रख लें और एक महीने के भीतर इस्तेमाल कर लें।

इस विषय में यदि आपका कोई सवाल या सुझाव है, तो आप नीचे कमेंट के जरिये हमसे पूछ सकते हैं।