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    भारतीय संस्कृति और सभ्यता

    भारत पूरे विश्व मे अपने संस्कृति की वजह की मशहूर है। भारत मे उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक विभिन्न तरह की संस्कृति पनपती है। भारत को दुनिया भर मे अनेकता मे एकता का ताज इसकी संस्कृति के कारण ही मिला है। किसी भी देश को उसके यहाँ की संस्कृति से पहचाना जाता है। संस्कृति का मतलब होता है जिस तरह से उस स्थान के लोग वहा रहते है और अपना जीवन गुजारते है।

    संस्कृति मे मुख्य तौर पर वह चीजे है कि वहां रहने वाले लोग कैसे कपड़े पहनते है, क्या खाते है, कैसे पूजा-पाठ करते है और उनके बीच बात करने की भाषा क्या है।

    भारत की पहचान उसकी उन्हीं संस्कृतियो से है जो हर सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पर नया रूप ले लेती है। भारत मे अलग अलग धर्म के लोग रहते है जो कई जातियो से संबंध रखते है। हर भारतवासी अपनी संस्कृति का पालन करता है और इसे आगे बढाता है।

    भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे पुरानी सभ्यताओ मे से एक है। इंडस वैली या हरप्पा सभ्यता भारत मे 3300 ईसा पूर्व से लेकर 1300 ईसा पूर्व तक पनपी थी। भारत मे अलग अलग मूल के धर्म के लोग शांति से और प्रेम के साथ रहते है। भारतवासी अनेक त्योहार मिलजुल कर मनाते है चाहे वो दिवाली हो, क्रिसमस, गूरूपर्व या फिर ईद।

    भारत मे हर व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के धर्म की इज्जत करता है। मिलजुल कर रहना भारतवासीयो की एक अद्भुत कला है, देश मे हर व्यक्ति को पूरी आजादी मिलती है व सामान दर्जा के अवसर की प्रप्ति होती है।

    इस लेख के जरिये हम भारत की संस्कृति और सभ्यता से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण कड़ियों पर नजर डालेंगे।

    त्योहार

    भारत मे भिन्न भिन्न धर्म के लोग रहते है जो तरह तरह के रीति रिवाजो का पालन करते है। हर धर्म मे अनेको त्योहार मनाए जाते है। भारत मे हर कोई दूसरो के दुख सुख मे साथ होता है और उनके त्योहार मे उत्साह के साथ शिरकत कर खुशी मनाते है।

    भारतीय त्यौहार

    हिंदुस्तान मे विभिन्न त्योहार मनाए जाते है जैसे क्रिसमस, होली, दिपावली, ईद, मौहरम, पोंगल, काली पूजा, नवरात्रि इत्यादि। देश के कुछ राष्ट्रीय त्योहरो को सभी देशवासी पूरी निष्ठा से मनाते है। भारत के राष्ट्र त्योहारो मे गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस शामिल है।

    धर्म

    भारत मे मुख्य तौर पर चार धर्म है जिनमे हिंदु, मुस्लिम, सिख और ईसाई शामिल है। भारत मे अन्य कई धर्माे के लोग भी रहते है वे धर्म है जैन, बौद्ध धर्म, अम्बेडकर धर्म आदि। भारत एक ऐसा देश है जहां सभी धर्म के लोग एक साथ प्रेम और सदभावना से रहते है। सभी लोग एक दूसरे के धर्म और रिवाजो की इज्जत करते है और सदभावना के साथ मिलजुल कर रहते है।

    भारतीय धर्म और संस्कृति

    • हिंदु धर्म – यह भारत का सबसे पुराना धर्म है और इस धर्म की शुरूआत भारत से ही हुई थी। भारत मे सबसे ज्यादा यही धर्म माना जाता है। हिंदु धर्म के ज्यादातर पवित्र स्थान भारत मे स्थित है। हिंदु धर्म मे पूजा मंदिरो मे की जाती है। हिंदु गीता को पवित्र किताब मानते है। भारत में करीबन 80 फीसदी लोग हिन्दू धर्म को मानते हैं।
    • मुस्लमान धर्म – भारत मे शांति धर्म इस्लाम को भी बडी तादात मे लोग मानते है। यह धर्म भी भारत मे एक बड़ा धर्म है। इस धर्म को मानने वाले मस्जिद मे नमाज पढते है। भारत मे विश्व की सबसे ज्यादा मस्जिद है। कुरान को मुस्लमान पवित्र किताब मानते है व इसका पालन करते है। करीबन 13-15 फीसदी भारतीय मुसलमान हैं।
    • ईसाई धर्म – सैंट थामस ने भारत मे ईसाई धर्म का प्रचार किया। इस धर्म मे बाइबल को पढ़ा जाता है। भारत मे एक बडी जनसंख्या इस धर्म का पालन करती है। चर्च मे यह धर्म पूजा जाता है।
    • सिख – सिख धर्म मे गुरूग्रंथ साहिब को पूजा जाता है। गुरू नानक साहब ने इस धर्म को बनाया था। गुरूद्वारे मे इस धर्म की अर्चना की जाती है।

    शादी

    भारत मे मूल रूप से दो तरह की शादिया होती है। प्रेम विवाह या फिर सुसंगत विवाह। सुसंगत विवाह की प्रथा भारत मे बहुत समय से चली आ रही है। सुसंगत विवाह मे माता पिता द्वारा विवाह तय किया जाता है। इस विवाह में लड़के और लड़की के बीच शादी से पहले ज्यादा संपर्क नहीं रहता है। हाल ही में इस प्रकार की शादियों में गिरावट दिखाई दी है।

    भारतीय शादी

    दूसरी ओर, प्रेम विवाह की प्रथा भारत में आधुनिकता के बाद शुरू हुई है। इस तरह के विवाह में लड़के और लड़कियां अपने लिए खुद जीवनसाथी चुनते हैं। आधुनिकता के इस दौर में ज्यादातर भारतीय इस विवाह को अपना रहे हैं।

    भारत की कुछ मुख्य ईमारतें

    भारत भिन्नताओ का देश है, जहां पर प्राकृतिक भिन्नता भी है। यूनेसको द्वारा भारत की कई इमारतो को विश्व धरोहर घोषित किया गया है। इनमे पूरे देश की इमारते शामिल है।

    • ताज महल – ताज महल उत्तर प्रदेश राज्य के आगरा मे स्थित है। यह महल शाहजहां ने अपनी बेगम की याद मे बनवाया था। विश्व भर मे ताज महल घूमने के स्थान मे सबसे बड़े स्थानों में आता है। ताज महल संगमरमर से बना है। दुनिया के सात अजुबो मे से यह एक है।
    • ग्रेट हिमालयन पार्क – यह अद्भुत पार्क हिमाचल प्रदेश राज्य मे स्थित है। दुनिया के सबसे ऊचे पर्वत की ओड मे यह पार्क स्थापित है।
    • ऐलीफेंटा गुफा – शिरडी नामक स्थान जो महाराष्ट्र मे है उसके पास यह गुफाए पाई जाती है। यह गुुफा विशालकाई है और इंसानी हाथो से इनका निर्माण हुआ है।

    भाषाएं

    हमारे देश मे यह माना जाता है कि हर हजार मीटर पर पानी बदलता है और पानी के साथ भाषा भी बदलती है। भारत मे कई तरह की भाषाएं बोली जाती है। जिनमे हिंदी भाषा लगभग पूरे भारत मे बोली जाती है। भारत मे लगभग हर राज्य की एक अलग भाषा है। हर भाषा मे भारत की संस्कृति की झलक है। संस्कृत भाषा भारत की प्राचीन भाषाओ मे से एक है।

    भारतीय भाषाएँ और संस्कृति

    इसके आलावा भारत पंजाबी, उर्दु, अंग्रजी, मराठी, मलयाली, तमिल, असामी, कन्नड़ जैसी भाषाओ का घर है।

    वेशभूषा

    हर राज्य, हर धर्म अपनी सभ्यता के अनुसार वेशभूषा पहनते है। भारत मे हर जगह एक अलग पारंपरिक तरह के वस्त्र होते है। भारतीय लोग विदेशी और देशी दोनो तरह के कपडे पहनते है।

    जब एक बच्चे का जन्म होता है तो उसे एक ऐसा कपडा पहनाया जाता है जिससे उसका पूरा शरीर ढक सके। इस प्रकार के वस्त्र को लंगोट कहते है।

    भारतीय वेशभूषा

    भारत की पारंपारिक वेशभूषा मे कुर्ता पजामा, साड़ी, सूट इत्यादि शामिल है। साड़ी एक महिला परिधान है जो लगभग छः मीटर की होती है। भारत मे यह परिधान सदियो से चलता आ रहा है व इसे महिलाओ के लिए सबसे सहज वस्त्र माना जाता है।

    पूरे विश्व मे भारतीय साड़ी का अलग ही दबदबा है। जो भी विदेशी महिला भारत आती है एक बार वह जरूर साड़ी पहनती है। भारत मे कई प्रकार की साड़ियाँ होती है जैसे बनारसी, रेशम की साड़ी आदि। महिलाए त्योहारो और विशेष दिनो पर यह परिधान पहनती है।

    पुरूषो के लिए कुर्ता भारत मे मशहूर है जिसे लूंगी के साथ पहना जाता हैं। लूंगी शरीर के चारो ओर लपेटी जाती है।

    खानपान

    भारत मे हर राज्य का एक विशेष खानपान का ढंग है। भारत मे हर प्रकार का खाना मिलता है चाहे वो मिर्च वाला हो या फिर खट्टा मिट्ठा। भारत की चारो दिशाओ मे अलग तरह का भोजन प्राप्त होता है। देश मे हर खाने को बनाने की विधि अलग होती है।

    भारतीय भोजन विश्व मे सबसे अलग है। भारत मे एक मान्यता है कि अगर भोजन प्रेम से बनाया जाए तो उसका स्वाद ही अलग होता है। भारत के हर कोने के खाने का एक अलग स्वाद होगा, ऐसी कोई दो जगह नही है जहा खाना चखने मे एक सा लगे।

    भारतीय खाना

    भारत के मसाले पूरे विश्व मे मशहूर है। भारतीय खाने मे हर दिशा के खाने मे अलग तरह के पकवान होते है। हर पर्व पर हमारे देश मे एक अलग प्रकार का पकवान बनता है जो बेहद लुभावनी होता है।

    संस्कार और रीति रिवाज

    • भारत मे बड़ों का आदर उनके पैर छूकर किया जाता है। भारत मे अपने से बड़ों को नमस्कार कर उनके पैर छुए जाते है। कुछ जरूरी काम करने से पहले और त्योहारो और महत्वपूर्ण दिनो पर बड़े बुर्जुगो का आर्शीवाद लिया जाता है। प्रतिदिन सुबह उठने के बाद पैर छूकर बड़ों की शुभकामनाए ली जाती है। हमारे देश मे बातचीत की शुरूआत नमस्ते बोल कर की जाती है यह एक इज्जत देने का प्रतीक माना गया है।
    • व्रत रखना – भारत की परंपरा मे व्रत रखना शामिल है। हिंदु और मुस्लमान धर्म मे व्रत रखना पवित्र माना गया है। हिंदु धर्म मे कुछ त्योहारो पर व्रत रखा जाता है जैसे कि जनमाष्टमी, शिव रात्रि, नवरात्रे और करवा चैथ। करवा चैथ का व्रत पति की लम्बी उम्र के लिए रखा जाता है जिसमे महिलाए बिना कुछ खाए उपवास रखती है। वही मुस्लमान धर्म मे रोजा रखा जाता है जिसमे रमजान के पूर माह व्रत रखना होता है।
    • भारत मे मेहमान को भगवान का रूप माना गया है और यह कहा गया है कि अतिथि की सेवा पूरे मन से करनी चाहिए। भारत मे अतिथि देवो भवः के नारे का पालन किया जाता है।

    परिवार के रहने का ढंग

    भारत मे पुराने समय से संयुक्त परिवार रहे है परंतु इस बदलाव के समय मे मूल परिवार मे लोगो ने रहना शुरू कर दिया है। भारत एक ऐसा देश है जो समय के साथ अपने अंदर बदलाव ला रहा है। संयुक्त परिवार और मूल परिवार का अपना अपना महत्व है और दोनो ही हमारे समाज के लिए बेहद जरूरी है।

    • संयुक्त परिवार – इस प्रकार के परिवार मे कई पीढियो के लोग एक साथ रहते है। ज्यादातर तीन से पांच पीढिया जब एक साथ रहती है और सबसे उम्र मे वरिष्ठ सदस्य परिवार का मुखिया होता है। वही परिवार के सभी अहम फैसले लेता है। भारतीय संस्कृति मे साथ रहने का तात्पर्य इज्जत करने से होता है।
    • मूल परिवार – आज के समय मे मूल परिवारो का चलन बढ़ गया है। लोग काम काज ढूंढने बाहर आते है व उसी जगह निवास करने लगते है।
    • दोनो तरह के परिवारो के बीच का फर्क – दोनो तरह के परिवार संस्कृति और समाज के लिए अच्छे है। संयुक्त परिवार मे हमे वरिष्ठो का तजुर्बा मिलता है वही मूल परिवार मे हमे अपनी जिम्मेदारियो का एहसास होता है और हम स्वतंत्रता से काम कर पाते है।

    संगीत और नृत्य

    भारत को कलाओ की भूमि के नाम से भी पुकारा जाता है। हिंदुस्तान मे दो तरह के नृत्य और संगीत है, लोक और शास्त्रीय। हमारे देश मे हर राज्य के पास अपना एक लोक संगीत और नृत्य है।

    भारत के सबसे लोकप्रिय और मशहूर नृत्यो मे भरतनाटयम, कथकली और मनीपुरी नृत्य शामिल है। लोक नृत्य कुछ खास अवसरो पर प्रदर्शित किया जाता है जैसे शादी मे, बच्चे के जन्म पर।

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    भारत के राजस्थानी घूमर की एक झलक

    लोक नृत्य मे बिहु, दाडिंया शामिल है। संगीत को दो भागो मे विभाजित किया जाता है जिसमे गाना और बजाना शामिल है। विभिन्न प्रकार के यंत्रो से बजाया जाता है। बजाने के लिए ढोलक, ढपली, ढोल आदि की सहायता ली जाती है। गाने मे आवाज का इस्तेमाल होता है। गजल, शायरी और लोक संगीत को संगीत के अंदर रखते है।

    फिल्मे

    भारत की सिनेमा इंडस्ट्री दुनिया की सबसे बड़ी इंडस्ट्री है। भारत मे हर वर्ष बहुत सी फिल्मे निर्मित होती है। यह इंडस्ट्री सबसे पुरानी है। इसकी शुरूआत वर्ष 1913 मे हुई थी। पहली फिल्म के डायरेक्टर दादा साहब फालके थे और फिल्म का नाम था राजा हरिशचंद्र।

    भारत मे बॉलीवुड के अलावा कई अन्य राज्य के पास भी अपनी अपनी फिल्म इंडस्ट्री है। सभी राज्य अपनी भाषा और क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग फिल्में बनाते हैं।

    भारतीय संस्कृति मे दक्षिणी झलक

    आज के युग मे हर जगह आधुनिकता की होड़ है और सब लोग बदलाव चाहते है। इसी कारण भारत की कुछ प्रमुख चीजो मे बदलाव आया है जैसे कपडे पहनने का तरीका आज भारत मे जीन्स, टाप पहने जाते है। वे ज्यादा आरामदायक भी होते है और उन्हे पहनकर काम करने मे भी आसानी होती है।

    विश्व मे सबसे ज्यादा भारतीय आबादी अंग्रेजी भाषा बोलती है। अंग्रेजी भाषा मे पकड़ होने से अच्छी नौकरी मिलने मे सहयोग होता है। आज भारतीयो का रूझान दक्षिणी गानो और नृत्यो की ओर आकृषित हो रहा है। पहले के समय मे सभी लोग घर मे रह कर त्योहार मनाते थे परंतु आज सब लोग परिवार वालो के साथ बाहर जाकर समय बिताना पसंद करते है और क्रिसमस डे, वैलेंटाइन डे मनाते है।

    इन सबके अलावा भी भारतीय संस्कृति और सभ्यता आज भी दुनिया में एक मजबूत स्थिति में है। सभी देशों के लोग भारतीय संस्कृति को अपनाने की कोशिश कर रहे हैं।

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