Wed. Oct 5th, 2022
    pulvama hamla

    भारत के कश्मीर में सैनिकों के काफिले पर हुए हमले पर अमेरिका का गुस्सा पाकिस्तान पर एक बार फिर फूटा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा “पाकिस्तान को तत्काल आतंकी समूहों और उनके सरगनाओं को वित्तपोषित या फंड मुहैया करना बंद करना होगा।”

    साथ ही उन्होंने कहा कि जैश ए मोहम्मद के आतंकी हमलों को भविष्य में रोकने के लिए वह पूरा समर्थन करेंगे। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरूवार को हुए हमले में भारत के 40 सैनिक शहीद हुए थे और कई बुरी तरह जख्मी है। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी समर्थित आतंकी समूह ने ली है।

    अमेरिका, भारत के साथ

    अमेरिकी राज्य विभाग प्रवक्ता ने कहा कि “पाकिस्तान ने साल 2002 में जैश ए मोहम्मद को गैरकानूनी घोषित कर दिया था। हालाँकि यह समूह अभी भी पाकिस्तान से संचालन कर रहा है। अमेरिका ने दिसंबर 2001 में जेईएम को आतंकी समूह घोषित कर दिया था। हम भविष्य में इस आतंकी समूह के हमलों से रक्षा करने में पूरा सहयोग करेंगे।”

    अमेरिकी प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान को अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करना चाहिए और यूएन सुरक्षा परिषद में आतंकितयों को सुरक्षित पनाह और समर्थन न देने का संकल्प लेना चाहिए। साथ ही उन्होंने यूएन में मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रयास में चीन की रूकावट के बाबत भी बताया था।

    उन्होंने कहा कि “मसूद अज़हर और जैश ए मोहम्मद पर हमारे विचार सभी को मालूम है। यह आतंकी समूह कई हमलों का जिम्मेदार है और यह वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा है।” अमेरिकी प्रेस सचिव ने कहा कि “यूएन सुरक्षा परिषद् के सभी सदस्यों को जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए, आतंकियों को सुरक्षित स्थान और समर्थन करने वाले देश के खिलाफ प्रस्ताव लाया जाना चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार, हमला एक आत्मघाती हमलावर द्वारा किया गया था, जिसने विस्फोटक से भरी कार को सीआरपीएफ की बस में टक्कर मार दी थी। काफिले में 70 से अधिक वाहन और 2,500 से अधिक कर्मी थे। हमला तीन साल में सबसे बड़ा हमला है।

    घृणित आतंकी हमला

    रिपोर्ट के मुताबिक आतंकी हमलावर की कार में लगभग 350 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थ था, जिसने सीआरपीएफ के काफिले की बस में टक्कर मारी थी। इस हमले में बस को निशाना बनाया गया था लेकिन यह धमाका इतना खतरनाक था कि इससे कई और वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।

    कश्मीर में आतंकी हमले के बाद ही भारत ने पाकिस्तान को अलग-थलग करने की कवायद शुरू कर दी है। सरकार ने पी-5 देशों के राजदूतों जापान, यूरोपीय संघ और खाड़ी देशों को पाकिस्तानी समर्थित आतंक के बाबत बताना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुलवामा हमले पर कहा कि यह हमले एक बहुत बड़ी गलती है और इसकीस्जए उन्हें भुगतनी होगी।

    उन्होंने कहा कि “मैं सभी आतंकी संगठनों और उनके सरगनाओं से कहना चाहता हूँ कि उन्होंने बड़ी गलती कर दी है। इस हमले के पीछे सभी साजिशकर्ताओं को सज़ा मिलेगी।”

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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