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ठंडा पानी पीने के गंभीर नुकसान

ठंडा पानी पीने के नुकसान

चिचिलाती गर्मी में अगर ठंडा पानी पीने को मिल जाए तो आत्मा तृप्त हो जाती है, लेकिन ठंडा पानी सेहत के लिए फायदेमंद है या ठंडा पानी पीने के नुकसान हैं, ये इस लेख का विषय है। इस बात पर अलग-अलग लोग भिन्न -भिन्न मत रखते हैं।

कुछ लोगों का मानना है कि ठंडा पानी सेहत के लिए ठीक है तो वहीं कुछ लोग गुनगुना पानी पीने की राय देते हैं। खैर कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें वाकई इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता, उन्हें सिर्फ पानी पीने से मतलब है।

ठंडा पानी पीना मतलब सेहत के साथ खिलवाड़ करना, इस बात को स्वीकारने और इस तथ्य के तह तक जाने वाले लोग चीनी सभ्यता के लोग हैं।

चीनी लोगों का मत है कि खासकर खाना खाने के बाद ठंडा पानी पीना ज़हर पीने के समान होता है। यह पाचनतंत्र को बुरी तरह प्रभावित करता है।

लेकिन अब सवाल यह उठता है कि ठंडा पानी क्यों और कैसे हमारे शरीर को नुकसान पहुंचता है। साथ ही, यह पाचन प्रक्रिया को कमजोर कैसे बनाता है?

ठंडा पानी पीने के नुकसान

  • ठंडा पानी त्वचा के लिए हानिकारक है

आपको इस बात की जानकारी तो जरूर होगी कि गर्म पानी हमारे त्वचा के रोमछिद्रों को बड़ा करता है और हमारी त्वचा को ढीला बनाता है ?

जबकि वहीं दूसरी तरफ, ठंडा पानी हमारी त्वचा के रोमछिद्रों को बंद करता है जिससे हमारी त्वचा टाइट हो जाती है।

ऐसे में ठंडा पानी पीना त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

  • ठंडा पानी पाचन में नुकसान पहुँचाता है

ठीक इसी प्रकार ठंडा पानी पाचन प्रक्रिया में वसा इत्यादि को टाइट बनाकर उसे आसानी से पचने नहीं देता।

इस कारण हमारी पाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है और शरीर को जरूरी प्रोटीन और मिनरल्स नहीं मिल पाता है।

यहीं कारण है कि ठंडा पानी पीने से पूरा शरीर प्रभावित होता है।

शरीर के एन्ज़ाइम 37 से 42 डिग्री सेल्सियस तापमान पर बेहतर रूप से अपना कार्य करते हैं।

जब कोई ठंडा पानी पीता है तो शरीर की ऊर्जा उस ठंडे पानी को गर्म करने में लग जाती है, जो मूलरूप से पाचन प्रक्रिया में लगनी चाहिए थी, इसलिए पाचन प्रक्रिया अधिक समय लेती है और व्यक्ति बहुत जल्द ही थक जाता है।

  • आयुर्वेद के अनुसार ठंडे पानी के नुकसान

ठंडा या फ्रीज का पानी पीना आयुर्वेद के सिद्धांतों के खिलाफ है। आयुर्वेद के हिसाब से ठंडा पानी शरीर में अग्नि की शक्ति को प्रभावित करता है।

इस शक्ति के प्रभावित होने से शरीर में कई प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो जाती हैं, जिनमे पाचन तंत्र का सही ढंग से काम न करना और शरीर में अम्ल पित्त का बढ़ना है।

अम्ल पित्त के बढ़ने से शरीर में कई प्रकार की भयानक बीमारियां उत्पन्न हो जाती है।

ऐसा भी माना जाता है कि खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीने से शरीर में अतरिक्त म्यूकस का निर्माण होने लगता है जो शरीर और पाचनतंत्र को कमजोर बनाता है।

जिसके कारण शरीर आसानी से ठंड और फ्लू के चपेट में आ जाता है और कभी -कभी डिहाइड्रेशन की समस्या भी हो जाती है।

  • ठंडा पानी पीने से दिमाग को नुकसान पहुँचता है

जब हम बहुत ठंडा पानी पीते हैं, तो हमारी नसें थोड़ी देर के लिए स्तब्ध हो जाती हैं। इसी कारण से कुछ देर के लिए दिमाग की कार्य प्रणाली में धीमापन आ जाता है।

कई बार अत्यधिक ठंडा पानी पीने से दिमाग में स्ट्रोक भी आ जाता है।

इसी लिए यह कहा जाता है कि सुबह उठते ही ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। ऐसा करने से दिमाग को हानि पहुँच सकती है।

  • फ्रिज का ठंडा पानी पीने के नुकसान दिल के लिए

कई लोग फ्रिज का ठंडा पानी हर समय पीते हैं। आपको बता दें कि आपको फ्रिज का पानी हर समय नहीं पीना चाहिए।

जब आप अत्यधिक ठंडा पानी पीते हैं, तो आपकी धमनियों में रक्त का प्रवाह धीरे हो जाता है। ऐसे में रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है।

ऐसी स्थिति में कई बार दिल का दौरा भी आ जाता है।

इसी कारण से दिल के मरीज को ठंडा पानी पीने के लिए मना किया जाता है।

यदि आप भी ऐसी किसी बिमारी से जूझ रहे हैं, तो आपको ठन्डे पानी का सेवन नहीं करना चाहिए।

ऐसी परेशानियों से बचने के लिए चीनियों ने खाना खाने के बाद पानी पीने की जगह गर्म चाय पीना शुरू कर दिया।

इसके पीछे तथ्य यह है कि गर्म तरल द्रव्य पाचन पक्रिया में सहायक होता है इतना ही नहीं हम जो भोजन करते हैं ये उसको पूरी तरह शोख के हमे ऊर्जा प्रदान करता है।

ठंडे पानी का विकल्प

ऊपर बताई गयी बातों के अलावा गर्म पानी पीने से होने वाले फायदे निम्न हैं:

  • गर्म पानी पीने से शरीर का रक्त शुद्ध होता है और रक्त का संचार शरीर में सुचारु रूप से बना रहता है।
  • गर्म पानी शरीर से हानिकारक तत्वों को त्वचा और किडनी के माध्यम से शरीर के बाहर निकाल देता है।
  • गर्म पानी प्राकृतिक रूप से शरीर में एन्ज़ाइम्स का सही क्रियान्वयन कराता है जिससे शरीर की पाचन क्षमता बेहतरीन बनी रहती है।
  • गर्म पानी पीने से शरीर कभी डिहाइड्रेटेड नहीं होता है और शरीर में सामान्य जलस्तर बना रहता है।
  • गर्म पानी पीने से शरीर में भोजन के द्वारा गए वसा आसानी से छोटे कणों में टूट जाता है जिससे पाचन क्रिया आसानी से हो जाती है।
  • पेट साफ़ करने में भी गर्म पानी का सेवन बहुत कारगर साबित होता है। बेहतरीन परिणाम के लिए नीम्बू के रस की दो चार बूंद मिलाकर इसका सेवन करने से पाचन से जुड़ी सभी प्रकार की समस्या से निजात मिल जाता है।
  • अगर आप ने एक बार गर्म पानी पीना शुरू कर दिया तो धीरे-धीरे आपको इसकी आदत हो जाएगी और कुछ ही दिनों के अंदर आप अपने पाचनतंत्र में एक बड़ा बदलाव महसूस करेंगे।
  • जल हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक है हमारे शरीर में तकरीबन 80 प्रतिशत तक पानी है, सही समय, सही मात्रा और सही तापमान पर पानी पीने से पाचनतंत्र दुरुस्त रहता है और व्यक्ति स्वस्थ रहता है।

भविष्य में जब भी आपका हाथ ठंडे पानी की तरफ बढ़े या खाना खाने के तुरंत बाद आप ठंडा पानी पीने की सोचे तो इस बात विषय में जरूर सोचें की आप अपने शरीर की ऊर्जा खोने वाले हैं, इतना कुछ जानने के बाद शायद ही आप ये गलती करें।

अगर आप एक अच्छी ज़िंदगी जीना चाहते हैं तो अच्छा और पौष्टिक भोजन कीजिए। कम से कम ठंडे पानी का सेवन करें। ये छोटी-छोटी चीजें ही शरीर को बाद में बहुत नुकसान पंहुचा सकती हैं।

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गरिमा सिंह

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