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काली मिर्च के 10 बेहतरीन फायदे

काली मिर्च के फायदे

काली मिर्च का मसालों में एक महत्वपूर्ण स्थान है और काली मिर्च का प्रयोग भोजन का स्वाद बढ़ाने में किया जाता है। उबले अंडे और माँस में नमक के साथ काली मिर्च मिलाया जाता है जिससे कि यह अत्यंत स्वादिष्ट लगते हैं।

काली मिर्च सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि यह अत्यंत फायदे मंद भी होती है। हमारे स्वास्थ्य के लिए काली मिर्च के अनेक फायदे हैं क्योंकि इसमें अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं।

इस लेख में हम बात करेंगे कि किस प्रकार काली मिर्च हमारे स्वास्थ्य के लिए फ़ायदेमंद होती है।

सबसे पहले बात करते हैं कि काली मिर्च में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?

काली मिर्च में निम्नलिखित पोषक तत्व पाए जाते हैं:

  • प्रोटीन – 10.95 ग्राम
  • वसा – 3.26 ग्राम
  • कार्बोहाइड्रेट – 64.81 ग्राम
  • कलेस्टरॉल – 0 मिलीग्राम
  • फ़ाइबर – 26.5 ग्राम
  • नियासिन – 11.42 मिलीग्राम
  • राइबोफ्लेविन – 0.240 मिलीग्राम
  • विटामिन ए – 10%
  • फ़ॉलिक ऐसिड – 10 मिलीग्राम
  • थायमीन – 0.109 मिलीग्राम
  • विटामिन सी – 21 मिलीग्राम
  • विटामिन के – 163.7 मिलीग्राम
  • पोटैशियम – 1259 मिलीग्राम
  • ऊर्जा – 255 कैलोरी
  • सोडीयम – 44 मिलीग्राम
काली मिर्च पाउडर
काली मिर्च पाउडर

काली मिर्च के फायदे

1. पाचन क्रिया में

काली मिर्च पाचन क्रिया को सुदृढ़ करता है। यह पेट में हाइड्रोक्लोरिक ऐसिड के स्रावन के स्तर को बढ़ा देता है।

यद्यपि कुछ लोगों का मानना है कि हाइड्रोक्लोरिक ऐसिड के स्तर के बढ़ जाने से पेट में एसिडिटी हो जाती है जोकि पूर्णत: सही नहीं है।

हमारे पेट में ऐसिड और क्षार का एक बराबर अनुपात होता है।

जब हाइड्रोक्लोरिक ऐसिड अपने निश्चित अनुपात से बढ़ जाता है तो पेट में एसिडिटी हो जाती है किंतु जब हाइड्रोक्लोरिक ऐसिड अपने निश्चित अनुपात से कम होता है तो पाचन में समस्याएं आती हैं।

काली मिर्च पेट में हाइड्रोक्लोरिक ऐसिड के अनुपात को नियमित करता है जिससे कि पाचन में सहायता होती है।

इसके अतिरिक्त यह कब्ज से भी राहत देता है।

2. भूख बढ़ाना

काली मिर्च में फ़ाइबर की प्रचुर मात्रा पाई जाती है जोकि कब्ज की समस्या को ठीक करता है।

इसके अतिरिक्त यह पाचन को सुदृढ़ करता है जिससे कि खाना समय पर पच जाता है। इस कारण व्यक्ति की भूख भी बढ़ती है।

जिन लोगों को भूख न लगने की समस्या है उन्हें काली मिर्च और गुड़ का सेवन करना चाहिए।

आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर और आधा चम्मच गुड़ को एक साथ मिला लें। इसका नियमित रूप से सेवन करें।

3. वजन घटाने में

शायद आप सोच रहे होंगे कि जब काली मिर्च भूख बढ़ाती है तो यह वजन घटाने में किस प्रकार सहायता करती है?

आपका सोचना सही है क्योंकि काली मिर्च भूख बढ़ाती है लेकिन यह भी उतना ही सच है कि काली मिर्च वजन भी घटाती है।

एक शोध में यह बात सामने आयी है कि काली मिर्च में पिपेरिन नामक तत्व पाया जाता है जोकि शरीर में वसा बढ़ाने वाली कोशिकाओं से लड़ता है।

इस प्रकार यह शरीर में अतिरिक्त वसा को जमने नहीं देता है और वजन घटाने में सहायता करता है।

4. त्वचा के लिए

कभी-कभी हमारी त्वचा विटिलिगो से पीड़ित हो जाती है। इस रोग में हमारी त्वचा कहीं-कहीं पर अपनी असली रंगत खो देती है।

यह वास्तव में एक गंभीर समस्या है। इसके कई इलाज भी हैं किंतु ये सभी केमिकल ट्रीटमेंट से परिपूर्ण है जिनका हमारे शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ता है।

काली मिर्च इसके लिए एक बेहतरीन विकल्प हैं। काली मिर्च में पाया जाने वाला पिपेरिन विटिलिगो से राहत दिलाने में सक्षम होता है।

लंदन के एक शोध में यह बात सामने आयी है कि काली मिर्च त्वचा के लिए चमत्कारिक रूप से लाभदायक है।

5. दाँतों के लिए

काली मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। ये दाँतों में दर्द, सूजन या मसूड़ों से खून आने की समस्या का बेहतरीन इलाज करते हैं।

काली मिर्च में पाया जाने वाला पिपेरिन दाँतों के लिए अत्यंत लाभदायक होता है। इसी कारण यह कई टूथपेस्ट में मिलाया भी जाता है।

यदि आपके मसूड़ों में दर्द हो रहा है तो लौंग के तेल में काली मिर्च मिलाएँ। इस मिश्रण को अपने मसूड़ों पर रगड़ें। यह दर्द से छुटकारा देता है।

6. कैंसर विरोधी गुण

काली मिर्च में पिपेरिन पाया जाता है जो कई प्रकार के कैंसर से लड़ता है। एक शोध में यह बात सामने आयी है कि पिपेरिन मलाशय पर पड़ने वाले तनाव को कम करता है और पेट के कैंसर को रोकता है।

यह कैंसर के लिए किए जाने वाले उपचार “कीमोथेरेपी” में भी प्रयोग होता है।

कीमोथेरेपी में पिपेरिन को मिलाया जाता है ताकि कैंसर बनाने वाली कोशिकाओं को ख़त्म किया जा सके।

7. सर्दी जुकाम के लिए

काली मिर्च श्वसन तंत्र की सफ़ाई करता है। ये सर्दी और जुकाम से राहत देता है। यह जुकाम को सूखने से बचाता है जिससे कि ज़ुकाम जल्दी ठीक हो जाता है।

एक चम्मच काली मिर्च और 2 चम्मच शहद को एक साथ मिलायें। इसको उबलते पानी में अच्छे से मिलाएँ।

दिन में तीन बार इस मिश्रण का सेवन करें। यह सर्दी व जुकाम से राहत देता है।

8. प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत बनाने में

काली मिर्च में विटामिन सी, पोटैशियम, सोडियम व एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं।

ये शरीर की किसी भी प्रकार के संक्रमण से रक्षा करते हैं। इस प्रकार ये प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत बनाते हैं।

काली मिर्च में पाया जाने वाला मैग्नीशियम और विटामिन सी दोनों ही तत्व श्वेत रक्त कणिकाओं के उत्पादन को प्रेरित करते हैं।

इस तरह शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है।

9. पुरुषों की प्रजनन क्षमता के लिए

काली मिर्च में ज़िंक और मैग्नीशियम दोनों ही तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

ये शुक्राणुजनन की प्रक्रिया को उचित रूप से चलने के लिए प्रेरित करते हैं। इस तरह वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या बढ़ जाती है।

इसके अतिरिक्त काली मिर्च टेस्टेस्ट्रोन के स्तर को भी संतुलित करता है जिससे कि कामेच्छा बढ़ती है।

10. मस्तिष्क के लिए

काली मिर्च में पाया जाने वाला पिपेरिन नामक तत्व मस्तिष्क के लिए अत्यंत लाभदायक होता है।

ये सेरोटिन को तोड़ने वाले एंजाइम को नियंत्रित करता है। सेरोटिन मस्तिष्क को शांत और नींद का चक्र सही रखता है।

इसके अतिरिक्त यह उस एन्जाइम को भी नियंत्रित करता है जोकि डोपामीन के उत्पादन को बाधित करता है।

डोपमीन को “फ़ील गुड” हारमोन भी कहा जाता है क्योंकि यह शरीर को शांत रखता है।

इस तरह काली मिर्च मस्तिष्क को सही ढंग से कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।

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नायला हाशमी

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