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अंगूर के बीज के बेहतरीन फायदे

अंगूर के बीज फायदे

गर्मियों में अंगूर खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। अंगूर जितना स्वादिष्ट होता है, इसके सेहत के लिए फायदे भी उतने ही होते हैं।(अंगूर के फायदे)

लेकिन क्या आपने कभी नोट किया है कि अंगूर के अंदर भी छोटे छोटे बीज पाए जाते हैं? अगर आपने नोट भी किया है तो क्या आपने कभी यह सोचा है कि इन छोटे छोटे बीजों का हमारे स्वास्थ्य के लिए क्या महत्व है?

जी हाँ! अंगूर के अंदर मौजूद इन छोटे छोटे बीजों का स्वास्थ्य के लिए एक अलग ही महत्व होता है।

आइए देखते हैं कि अंगूर के बीज स्वास्थ्य को कितना फ़ायदा पहुँचाते हैं। इसी के साथ हम अंगूर के बीजों के नुक़सानों पर भी चर्चा करेंगे।

अंगूर के बीज के फायदे

  • एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर

अंगूर के बीज एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं जो कि स्वास्थ्य के लिए अत्यंत फ़ायदेमंद होते हैं। 

अंगूर के बीजों में एपिकेटचिन, केटचिन, गैलोकेटचिन, प्रोएनथोसायनाईडिस गैलिक ऐसिड, एपिगैलोकेटचिन और 3-O गैलेट नामक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इन गुणों के कारण अंगूर के बीज एक दर्दनिवारक का भी कार्य करते हैं और ये कोशिकाओं की मरम्मत करने में भी सहायता प्रदान करते हैं।

  • अंगूर के बीज तनाव को कम करते हैं

अंगूर के बीजों में पाया जाने वाला प्रोएनथोसायनाईडिस गैलिक ऐसिड नामक तत्व तनाव को कम करने में सहायता प्रदान करता है।

चाइना और यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका के वैज्ञानिकों के द्वारा किए गए शोध में इस बात का दावा किया गया है कि अंगूर के बीज मेंटल हेल्थ को फ़िट रखने में सहायता प्रदान करते हैं।

इतना ही नहीं अंगूर के बीज मेमोरी पावर बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। (मेमोरी बढ़ाने के उपाय)

  • अंगूर के बीज सूजन को कम करते हैं

अंगूर के बीज सूजन कम करने में सहायता प्रदान करते हैं। अंगूर के बीज नसों में रक्त का प्रवाह नियमित करते हैं जिससे कि शरीर में सूजन की समस्या से राहत मिलती है।

रक्त में मौजूद हानिकारक पदार्थों को रक्त से अलग करने के लिए अंगूर के बीजों का आहार लिया जा सकता है। अंगूर के बीज रक्त को छानने का कार्य करते हैं जिससे कि गुर्दों को काफ़ी फ़ायदा पहुँचता है।

अंगूर के बीज रक्त से हानिकारक कोलेस्ट्रॉल और वसा के कणों को निकालने का कार्य करते हैं। इस तरह ये रक्त की सांद्रता को कम करने में सहायक होते हैं जिससे कि रक्त धमनियों में सुचारु रूप से बहता रहता है।

रक्त की सांद्रता कम हो जाने से रक्त धमनियों में जमने नहीं पाता है। इस तरह हम कह सकते हैं कि अंगूर के बीज हृदय रोगों की संभावनाओं को भी कम करते हैं।

  • अंगूर बीज के फायदे त्वचा के लिए

अंगूर के बीजों से बना हुआ तेल त्वचा के लिए अत्यंत लाभदायक होता है। यदि आपकी त्वचा ड्राई हो रही है तो अंगूर के बीजों से बना हुआ तेल आपको इस समस्या से निजात दिला सकता है।

अंगूर के बीजों से बने हुए तेल का प्रयोग दूसरे तेलों के साथ मिलाकर किया जाता है। इस तेल को त्वचा पर लगाने से त्वचा को नमी और ताज़ा निखार मिलता है। अंगूर में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जोकि त्वचा को इन्फेक्शन से बचाते हैं। (त्वचा को गोरा करने के उपाय)

  • वज़न घटाने में मददगार

यदि आप अपने वज़न से काफ़ी निराश हैं तो आपको अंगूर के बीजों का सेवन करना चाहिए। शोधों में इस बात को सिद्ध किया गया है कि अंगूर के बीज वज़न घटाने में सहायक होते हैं। 

अंगूर के बीज कोशिकाओं द्वारा भोजन से वसा के अत्यधिक कणों के अवशोषण की दर को घटाने का कार्य करते हैं। इस तरह शरीर में एक्स्ट्रा फ़ैट संचित नहीं होने पाता है और शरीर का वज़न नहीं बढ़ता है।

दूसरी ओर अंगूर के बीज पाचन क्रिया को सुदृढ़ करते हैं। इस तरह शरीर का वज़न घटना शुरू हो जाता है। (पेट कम करने के उपाय)

  • कैंसर के प्रति सुरक्षा

जानवरों पर हुए एक शोध में इस बात का दावा किया गया कि अंगूर के बीज शरीर में ट्यूमर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं और ये शरीर में किसी भी प्रकार की अवांछित कोशिका वृद्धि की दर को रोकते हैं। इस तरह अंगूर के बीज कैंसर के प्रति सुरक्षा प्रदान करते हैं।

इस तरह हम देख सकते हैं कि अंगूर के अंदर मौजूद छोटे छोटे बीज हमें कितना फ़ायदा सकते हैं।

अंगूर के बीज का अर्क बनाने की विधि

अंगूर के बीज का अर्क

यहाँ हम बात करेंगे कि आप अंगूर के बीज का अर्क कैसे बनाएं?

  1. अंगूर के फल में से अंगूर के बीज और अंगूर का रस अलग-अलग निकाल लें। इसके लिए आप छलनी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
  2. अंगूर के बीज के अर्क को अच्छे से साफ़ कर लें।
  3. अंगूर के बीज से निकाले गए अर्क को 24 घंटे के लिए सूखने दें। इस दौरान आप इसे धीमी आंच पर भून भी सकते हैं। इन्हें भूनने से अर्क जल्दी सुख जायेंगे।
  4. इस दौरान आप इसे ठंडा और गरम करने की प्रक्रिया दोहराएं। ऐसा करने से अर्क और रस अलग हो जाएगा।
  5. बचे हुए अर्क में मौजूद तेल को साफ़ कर लें।
  6. इस तेल को आप सुरक्षित रख सकते हैं और कई कार्यों में इस्तेमाल कर सकते हैं।
  7. अब बचे हुए सामान में से अंगूर बीज के अर्क को निकाल लें।
  8. इसे सुखा लें जिससे इसे पीसने में आसानी हो।
  9. अब इसे पीस लें। बीज और अंगूर की त्वचा को अलग अलग पीस लें। इन्हें तब तक पीसें जब तक एक अच्छा पाउडर ना बन जाए। आप इन दोनों पाउडर को मिला सकते हैं।
  10. आप इस पाउडर को कैप्सूल के रूप में स्टोर कर सकते हैं और उन्हें एक ढक्कन वाली बोतल में डाल लें।
  11. इसे सूर्य की किरणों से दूर रखें।

अंगूर के बीज के नुकसान

यदि अंगूर के बीजों को अत्यधिक मात्रा में लिया जाता है तो ये शरीर को कुछ निश्चित प्रकार से नुक़सान पहुँचाते हैं। वे नुक़सान इस प्रकार हैं-

  1. जो लोग किसी भी प्रकार की दवाई का सेवन कर रहे होते हैं उन्हें अंगूर के बीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। जो लोग पेन किलर, कैंसर मेडीसिन या रक्त को पतला करने की दवाइयाँ ले रहे हैं उन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के अंगूर के बीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। यदि वे बिना डॉक्टर की सलाह के अंगूर के बीजों का सेवन करते हैं तो उन्हें काफ़ी नुक़सान हो सकता है।
  2. कुछ मामलों में देखा गया है कि अंगूर के बीज सिर दर्द, चक्कर या फिर एलर्जी की समस्या को जन्म देते हैं। हालाँकि इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं है लेकिन अंगूर के दुष्प्रभावों में इसको जोड़ा गया है।
  3. अंगूर के बीजों को अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से त्वचा पर जलन या चकत्ते पड़ने की समस्या भी हो सकती है।
  4. अंगूर के बीज मुँह और दाँतों को भी प्रभावित करते हैं। अत्यधिक मात्रा में अंगूर के बीजों का सेवन मुँह में छाले पैदा कर सकता है।

इस तरह हम अंगूर के बीजों के फ़ायदे और नुक़सान के बारे में जान सकते हैं। वैसे तो ज़्यादातर शोधों में अंगूर के फायदों का ही दावा किया गया है लेकिन कुछ एक शोधों में अंगूर के दुष्प्रभावों की भी चर्चा हुई है।

वैसे भी किसी भी पदार्थ को उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह आवश्यक है और यह बात हमें यहाँ पर भी लागू करनी चाहिए।

हम आशा करते हैं कि यह लेख आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित हुआ होगा। यदि आपका इस लेख से सम्बंधित कोई भी सवाल है तो आप उसे कमेंट में लिख सकते हैं।

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नायला हाशमी

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