फिल्ममेकर हंसल मेहता ने मसूद अज़हर के प्रतिबन्ध पर रुकावट बनते चीन के खिलाफ बॉलीवुड से की एकजुट होने की मांग

Hansal Mehta

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों के शोक से डूबा भारत अभी उभरा भी नहीं था कि मामले में अब एक और मुद्दा आ गया है। जहाँ भारत यूएन में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अज़हर के ऊपर प्रतिबन्ध लगाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही है, वही चीन है कि वह पाकिस्तान का साथ दे रहा है और भारत के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है।

चीन ने गुरूवार को जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर को यूएन सुरक्षा परिषद् में वैश्विक आतंकी की फेरहिस्त में शामिल होने से बचाने पर अपने कदम का भी बचाव किया है। चीन ने कहा कि “मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी सूची पर शामिल करने के आग्रह पर व्यापक और गहरी समीक्षा की जा रही है।”

आतंकवाद के खिलाफ, फिल्ममेकर हंसल मेहता ने पहले कहा था-“आतंकवाद के कारोबार में पाकिस्तान की मिलीभगत खत्म होनी चाहिए।” पुलवामा आतंकी हमले के बाद, पूरे देश साथ आया था और खुलकर पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ आलोचना ज़ाहिर की थी। यहाँ तक कि कई फिल्ममेकर्स ने अपनी फिल्में पाकिस्तान में रिलीज़ करने से मना कर दिया था और बाद में इसका एक आधिकारिक बयान भी जारी किया गया।

और अब प्रतिबन्ध के रास्ते में रुकावट बनते चीन पर भी मेहता ने कड़ा हमला बोला है। उन्होंने बॉलीवुड से बदला लेने के लिए आग्रह किया है। उन्होंने ट्विटर के माध्यम से सुझाव दिया कि चीन में भारतीय फिल्में ना रिलीज़ की जाये। मेहता जिन्हे अपनी पिछली फिल्म ‘ओमर्ता’ से अन्धराष्ट्रीयता फ़ैलाने के कारण निंदा का शिकार होना पड़ा था, उन्होंने पूरी फिल्म बिरादरी से चीन के खिलाफ कदम उठाने के लिए कहा है।

उन्होंने लिखा-“क्या हम स्टैंड लेंगे और चीन में अपनी फिल्में रिलीज़ नहीं करेंगे? #मसूद अज़हर।”

बॉलीवुड फिल्में चीन में बहुत मशहूर हैं और उस देश में फिल्में रिलीज़ करने के कारण हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को बहुत मुनाफा होता है। हाल ही में, आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘अंधाधुन‘ चीन में रिलीज़ हुई है। अब देखना ये है कि मेहता के इस ट्वीट पर, फिल्म इंडस्ट्री कैसे प्रतिक्रिया देती है।

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