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    सीरिया से आईएसआईएस का खात्मा

    संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी समूह आईएस के 3000 से अधिक आतंकियों ने अमेरिकी समर्थित कुर्दिश सेना के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। हाल ही में अमेरिकी समर्थित सेना सीरियन डेमोक्रेटिव फाॅर्स ने आईएसआईएस को उनके नियंत्रित की आखिरी जमीन से भी खदेड़ने के लिए हमला किया था।

    एसडीएफ के प्रवक्ता मुस्तफा बलि ने दावा किया कि “3000 से अधिक आतंकियों ने मंगलवार रात को हथियारों का समर्पण किया है। साथ ही तीन यहूदी महिलाओं और चार बच्चों को भी रिहा करा दिया है। आईएसआईएस के लड़ाकों ने खुद समर्पण किया। वहां दो हथियारों को हमले के दौरान ध्वस्त कर दिया गया था और 38 आईएस आतंकियों को ढेर कर दिया था।”

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    सीरिया में तैनात एसडीएफ का एक जवान

    अल जजीरा के मुताबिक 22 फरवरी को सांसदों और प्रतिनिधियों के द्विभाजिय समूहों ने कहा कि “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सीरिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती जारी रखने के निर्णय पर रजामंदी जाहिर की है। ताकि क्षेत्र की स्थिरता को बरकरार रखा जा सके और आईएसआईएस की वापसी को रोका जा सके।”

    सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सेना सीरिया के विभिन्न क्षेत्रों में करीब 400 सैनिक तैनात करेगी। व्हाइट हाउस के अधिकारी के मुताबिक लगभग 800 से 1500 सैनिक नार्थ-ईस्ट सीरिया में तैनात होंगे जो तुर्की और कुर्दिश सेना के बीच संतुलन बनाये रखेंगे। इसके आलावा 200 सैनिक सीरिया में अल तफ में ही रहेंगे, जहां सीरिया का बॉर्डर जॉर्डन और इराक से सटा है।”

    आतंकवादियों के अंतिम गढ़ में बमबारी के बाद घायलों का इलाज करते सैनिक
    आतंकवादियों के अंतिम गढ़ में बमबारी के बाद घायलों का इलाज करते सैनिक

    एक वक्त पर इस्लामिक स्टेट के नियंत्रण में बगदाद की बाहरी सीमा से लेकर पश्चिमी सीरिया तक का हिस्सा था। खबर के मुताबिक अमेरिका द्वारा समर्थित सीरियन डेमोक्रेटिव फाॅर्स ने आईएसआईएस को बुरी तरह शिकस्त दे दी है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि खतरनाक तोपों और हवाई हमलों के कारण आईएसआईएस को इस इलाके को छोड़कर भागने के लिए मजबूर थे। उन्होंने कहा कि आगामी 10 दिनों में आईएसआईएस का खात्मा संभव है। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    सीरिया में वर्तमान हालत

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    सीरिया में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प

    सीरिया ग्रह युद्ध साल 2011 में शुरू हुआ था। उस समय सीरिया में बशर-अल-असद की नयी-नयी सरकार बनी थी। सरकार बनने के तुरंत बाद लोगों में सरकार के खिलाफ गुस्सा उत्पन्न हो गया, जिसकी वजह से छोटे स्तर पर ग्रह युद्ध शुरू हो गया।

    2011 से 2013 तक छोटे स्तर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस में काफी झडपें हुई। इस दौरान बशर अल असद की सरकार नें प्रदर्शनकारियों को थोडा हलके में लिया। इसके बाद प्रदर्शन का स्तर बढ़ता चला गया।

    आने वाले समय में सीरिया की सरकार नें लोगों की आवाज को दबाने के लिए बाहरी सुरक्षा बालों का सहारा लिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गयी।

    syria map

    इस समय सीरिया में बहुत से दुसरे देश भी शामिल हो गए हैं, जिनमें रूस, अमेरिका, तुर्की, ईरान आदि मुख्य रूप से हैं।

    ईरान और रूस वर्तमान में सीरिया की सरकार की मदद कर रहे हैं। 2014 के बाद अमेरिका इस जंग में शामिल हुआ। अमेरिका का मानना है कि वह यहाँ आतंकी संगठनों से लड़ रहा है और किसी भी देश के खिलाफ नहीं है।

    ऐसे में पिछले कुछ सालों में कई बार रूस और अमेरिका के बीच सीरिया को लेकर विवाद बढ़ा है।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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