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    साइमंड्स : Andrew Symonds dies

    Andrew Symonds: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर व दो बार वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के अहम हिस्सा रहे दिग्गज ऑल राउंडर एंड्रू साइमंड्स (Andrew Symonds) का शनिवार रात को एक कार एक्सीडेंट में निधन हो गया। वे मात्र 46 साल की उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह गए।

    क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपने ऑफिसियल ट्विटर हैंडल से साइमंड्स की एक तस्वीर के साथ “अलविदा संदेश” लिखते हुए इस खबर की पुष्टि की।

    आपको बता दें, अभी हाल ही में उसी टीम के हिस्सा रहे दिग्गज लेग स्पिनर शेन वार्न का निधन हुआ था। क्रिकेट जगत अभी वार्न के जाने के गम से उबरा भी नहीं था कि अब साइमंड्स (Symonds) के मृत्यु की ख़बर आ गई।

    स्थानीय पुलिस ने की मौत की पुष्टि

    एंड्रू साइमंड्स के गृह नगर क्विन्सलैंड (Queensland) पुलिस के प्राथमिक रिपोर्ट के मुताबिक साइमंड्स उस वक़्त (रात के 11 बजे – स्थानीय समय) कार में अकेले थे जब क्विन्सलैंड शहर से थोड़ा ही बाहर उनकी कार सड़क से उतरकर फिसल गई।

    इस रिपोर्ट केअनुसार 46 वर्षीय ऑल राउंडर (Symonds) को बचाने के लिए हरसंभव आपातकालीन चिकित्सा उपलब्ध करवाई गई लेकिन चोट ज्यादा थी और उनकी जिंदगी नहीं बचाई जा सकी। इस मामले में अभी फोरेंसिक रिपोर्ट का आना बाकी है जिस से यह साफ़ हो सके कि यह महज एक दुर्घटना ही है या कोई साजिश।

    शानदार कैरियर रहा है साइमंड्स का

    एंड्रू साइमंड्स ऑस्ट्रेलिया के उस टीम में सबसे अहम खिलाड़ी रहे हैं जिसके नाम 2003 और 2007 के वर्ल्ड कप में बिना एक भी मैच गवाएं वर्ल्ड चैंपियन बनने का रेकॉर्ड रहा है। कहा जाता है कि उस दौर में ऑस्ट्रेलिया को किसी सीरीज छोड़िये, एक मैच भी हराना दुनिया के बाकी टीमों के लिए एक चुनौती थी।

    साइमंड्स ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 26 टेस्ट मैच खेले जिसके 41 पारियों में 5 बार नॉटआउट रहते हुए 40.62 के औसत से कुल 1462 रन बनाए। लेकिन साइमंड्स का असल खौफ़ था सफेद बॉल वाली क्रिकेट में- खासतौर पर एकदिवसीय क्रिकेट में।

    एकदिवसीय क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते हुए उन्होंने 198 मैचों में 5088 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 39.44 रहा जो उस वक़्त के लिहाज़ से काफी अच्छा माना जाता है। वहीं गेंदबाजी में भी उन्होंने अपने मध्यम तेज गेंदबाजी से 133 विकेट्स भी चटकाए।

    T20 क्रिकेट में भी साइमंड्स ने अच्छा खासा कमाल दिखाया लेकिन जब T20 का प्रारूप विश्व क्रिकेट के मंच पर छा अपने शुरुआती दिनों में था, साइमंड्स उस समय क्रिकेट कैरियर के आखिरी दिनों में थे। उन्होंने मात्र 14 अंतर्राष्ट्रीय T20 मुक़ाबले में शिरकत किया और इसमें बल्ले से 48.14 के बेहतरीन औसत से 337 रन बनाए।

    भारत से साइमंड्स का खट्टा-मीठा सम्बंध

    साइमंड्स का भारत के साथ शुरुआती संबंध बहुत अच्छे नहीं रहे लेकिन कैरियर के उत्तरार्द्ध में खासकर आईपीएल के कारण भारत मे उनके चिर प्रतिद्वंद्वी भी दोस्त बन गए। साइमंड्स का कैरियर विवादों से भरा रहा है। उसमें से सबसे चर्चित विवाद भारत के हरभजन सिंह के साथ हुआ “मंकी गेट विवाद (Monkey Gate ) रहा है।

    मंकी गेट विवाद (Monkey Gate)

    2007-08 में भारत की टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी। यह सीरीज स्कोर-कार्ड या किसी खिलाड़ी विशेष के लिए नहीं बल्कि, खराब अंपायरिंग के कारण चर्चा में रही।

    इसी सीरीज के दौरान सिडनी में खेले गए दूसरे मैच में साइमंड्स और हरभजन के बीच नोक-झोंक हुई जिसके लिए तत्कालीन ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग व ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने हरभजन सिंह पर स्लेजिंग के जगह नस्लवादी (Racism) टिप्पणी करने का आरोप लगा दिया।

    भज्जी पर आरोप लगा कि उन्होंने साइमंड्स को “मंकी यानि बंदर” कहा है जबकि ऐसा था नहीं। (जो असल मे था, वह रिसिज़्म नही बल्कि पंजाबी जुबान में “माँ की…..” गाली थी लेकिन गोरे तो गोरे ही ठहरे)

    बहरहाल मैच में उंस दिन का खेल समाप्त हुआ और हरभजन सिंह पर मैच रेफरी ने आधी रात तक मामले की सुनवाई करते हुए तीन मैचों के प्रतिबंध लगा दिया।

    लगा कि विवाद खत्म हुआ पर दरअसल विवाद अभी शुरू हुआ था। इस मैच में भारत को हार मिली। लेकिन भारतीय टीम ने इसके नाद ऐलान कर दिया कि भारत की टीम अगला मैच तभी खेलेगी जब हरभजन सिंह पर लगे नस्लभेदी टिप्पणी का आरोप वापस नहीं लिया जाता।

    इसके बाद ICC ने इस मामले की जाँच न्यूज़ीलैंड के जज जॉन हेनसन को सौंपी जिन्होंने बताया कि हरभजन पर लगे विवाद बेबुनियादी हैं। लेकिन इस विवाद के बाद साइमंड्स और ऑस्ट्रेलियाई टीम का खेल भावना को लेकर भारत में जमकर किरकिरी हुई।

    आईपीएल में साइमंड्स

    मंकी गेट विवाद के बाद साइमंड्स भारत मे आईपीएल खेलने आये और उन्होंने मुम्बई इंडियन्स का प्रतिनिधित्व किया। मजे की बात है कि उस विवाद के दोनों प्रमुख किरदार हरभजन और साइमंड्स एक ही टीम के लिए सचिन तेंदुलकर (मंकी गेट विवाद में हरभजन का पक्ष इन्होंने ही रखा था) की कप्तानी में खेल रहे थे।

    लेकिन आईपीएल ने अपना काम किया जिसके लिए यह जाना जाता है। दुनिया-ए-क्रिकेट-क्रिकेट के दो चिर प्रतिद्वंद्वी दिग्गजों को एक ही क्रिकेट टीम के बैनर तले लाकर दुश्मन से दोस्त बना दिया।

    इसके बाद साइमंड्स का भारत मे लोकप्रियता जमकर देखने को मिली। यहाँ तक कि आज के भारतीय टीम के प्रमुख सदस्य युजवेंद्र चहल और साइमंड्स एक दूसरे से इतने नजदीक हैं मानो कोई पारिवारिक संबंध हो। अभी हाल में ही TV प्रजेंटर गौरव कपूर के साथ एक इंटरव्यू (Breakfast With Champion) में युजवेंद्र ने इस बात को बताया भी था।

    स्तब्ध है पूरा क्रिकेट जगत

    दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एंड्रू साइमंड्स मौत की खबर ने पूरी दुनिया को झकझोर के रख दिया है। भारत में क्रिकेट के दिग्गज हो या प्रसंशक, सबकी जब रविवार की सुबह नींद खुली तो साइमंड्स के मौत की ख़बर ने सबको स्तब्ध कर दिया।

    विश्व क्रिकेट के श्रेष्ठतम बल्लेबाजों में शुमार सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा ने भी इस खबर को हृदयविदारक बताया।

    वहीं साइमंड्स के साथ हुए मंकी गेट विवाद में शामिल हरभजन सिंह ने भी उनकी मृत्यु पर गहरा शोक जताया है। जबकि स्पिनर यजुवेंद्र चहल ने साइमंड्स की असमय मौत को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण व पारिवारिक क्षति बताया।

    ऐसे ही पूर्व ऑस्ट्रेलिआई कप्तान रिकी पोंटिंग से लेकर पूरी दुनिया के क्रिकेट के धुरंधर व प्रसंशक इस ख़बर को सुनकर हतप्रभ हैं।

    By Saurav Sangam

    | For me, Writing is a Passion more than the Profession! | | Crazy Traveler; It Gives me a chance to interact New People, New Ideas, New Culture, New Experience and New Memories! ||सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ; | ||ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ !||

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