Fri. May 24th, 2024
    श्रीलंका के बर्खास्त प्रधानमन्त्री रानिल विक्रमसिंघे

    सत्ता से बर्खास्त प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने राष्ट्रपति को चेताते हुए कहा कि मैत्रीपला सिरिसेना के खिलाफ श्रीलंका की सड़कों पर उग्र प्रदर्शन होगा। बर्खास्त प्रधानमन्त्री ने ऐलान किया कि उनके हजारो समर्थक अगले हफ्ते राजधानी की सड़कों पर उमड़ेंगे।

    रानिल विक्रमसिंघे को श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना ने अक्टूबर में सता से बर्खास्त कर दिया था। उन्होंने कहा कि उनके पास संसद में बहुमत है और राष्ट्रपति को इसका निर्णय शुक्रवार तक करना होगा। श्रीलंका में राजनीतिक संकट के रचियता राष्ट्रपति ने विक्रमसिंघे को पार्टी से बर्खास्त कर पूर्व विवादित राष्ट्रपति को सत्ता की कमान सौंप दी थी।

    श्रीलंका की संसद में दो बार विवादित प्रधानमन्त्री महिंदा राजपक्षे के खिलाफ मतदान हो चुका है, बावजूद इसके राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को सत्ता की कमान सौंपने के लिए तैयार नहीं है। जबकि उनके पास संसद में पूर्ण बहुमत भी है।

    रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि अगर राष्ट्रपति ने अदालत के फैसले की अवहेलना की तो कोलोम्बों में उनके समर्थकों का हुजूम उमड़ेगा। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले के बाद हम ‘पीपल पॉवर’ अभियान की शुरुआत करेंगे ताकि राष्ट्रपति पर दबाव बने और वह इस संकट को खत्म करें।

    रानिल विक्रमसिंघे को बहुमत

    शुक्रवार को श्रीलंका की संसद के 122 सांसदों ने पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजक्षे को अदालत में चुनौती दी थी। श्रीलंका की अदालत ने महिंदा राजपक्षे को प्रधानमन्त्री पद का दावेदार मानने से इनकार कर दिया और उन पर पाबंदी लगा दी थी।

    रानिल विक्रमसिंघे की यूएनपी के समक्ष सदन में 106 सीते हैं जबकि महिंदा राजपक्षे और मैत्रिपाला सिरिसेना के गठबंधन के अमक्षा महज 95 सीट है। हाल ही में श्रीलंका के सबसे बड़े संजातीय समूह ने तमिलों के गठबंधन ने रानिल विक्रमसिंघे को अपना समर्थन दिया है। इस गठबंधन के समक्ष 14 सीटें हैं जो विक्रमसिंघे का संसद में बहुमत साबित करती है।

    गौरतलब हैं कि श्रीलंका के इस राजनीतिक संकट का अंत करने के लिए विवादित प्रधानमन्त्री राजपक्षे ने देश में नए सिरे से संसदीय चुनाव कराने की मांग की थी।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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