होम व्यापार शेयर बाज़ार खुलते ही 120 अंक गिरा सेंसेक्स, रुपया भी नए निम्नतम स्तर पर

शेयर बाज़ार खुलते ही 120 अंक गिरा सेंसेक्स, रुपया भी नए निम्नतम स्तर पर

0
शेयर बाज़ार खुलते ही 120 अंक गिरा सेंसेक्स, रुपया भी नए निम्नतम स्तर पर

अपडेट – 16:00

गुरुवार को बाज़ार बंद होने तक सेंसेक्स 806 अंक गिरकर 35,200 अंक पर आ गया है।

इसी के साथ हेल्थकेयर, आईटी, ऑयल गैस और बैंकिंग आदि क्षेत्रों में सेंसेक्स 2.24% के साथ 806.47 अंक गिरा है। इसी के साथ आज सेंसेक्स ने पूरे दिन में 35,022 अंक के न्यूनतम स्तर छुआ है।


अपडेट – 15:30

सेंसेक्स में भारी गिरावट का दौर जारी है। ताजा जानकारी के मुताबिक आज सेंसेक्स शुरुआत में 400 पॉइंट नीचे गिर गया था, जिसके बाद निवेशकों में अफरातफरी मच गयी थी।

इसके बाद दोपहर 12:15 तक सेंसेक्स लगभग 800 पॉइंट नीचे गिर गया था। दोपहर 1 बजे तक सेंसेक्स नीचे गिरकर 35,170 पर पहुँच गया था।

ऐसे में पिछले सिर्फ एक सप्ताह में शेयर बाजार में निवेशकों के अरबों रुपए डूब चुके हैं।


निवेशकों के लिए ये दिन बहुत ही भारी चल रहे हैं। बाज़ार लगातार कमजोर होता हुआ दिख रहा है। आज की सुबह भी निवेशकों के लिए अच्छी नहीं रही है। गुरुवार को बाज़ार घाटे के साथ खुला है।

बॉम्बे स्टॉक एक्स्चेंज का सेंसेक्स आज सुबह कल बाज़ार बंद के मुक़ाबले 150 अंकों के नुकसान के साथ खुला है। इसी के साथ सेंसेक्स ने आज सुबह 35,820.53 अंकों के साथ ट्रेड शुरू किया है। कल बाज़ार बंद होने पर सेंसेक्स में करीब 550 अंकों की गिरावट दर्ज़ की गयी थी।

निफ्टी भी इससे बिलकुल अछूता नहीं रहा है। निफ्टी करीब 1.30 प्रतिशत गिरकर 10,700 अंकों पर आ पहुंचा है।

बाज़ार में करीब सेंसेक्स के 30 शेयरों को 600 अंकों से भी ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं निफ्टी के भी 50 से ज्यादा शेयरों ने घाटे के साथ दिन की शुरुआत की है।

इसी के साथ रुपये ने एक बार फिर से अपने नए निम्नतम स्तर को छू लिया है। रुपया डॉलर के मुक़ाबले 43 पैसे और टूट गया है। अपने निम्नतम स्तर के नए रिकॉर्ड को बनाते हुए रुपया अब 73.77 रुपये प्रति डॉलर पर है।

व्यापार मंत्री सुरेश प्रभु फिलहाल एक अंतर मंत्रालयी मीटिंग कर रहे हैं। इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य गिरते रुपये के सुधार को लेकर जरूरी कदम उठाना है।

रुपये की लगातार गिरती कीमतों के बाद अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में बढ़ते कच्चे तेल के दामों से अब देश की अर्थव्यवस्था को दोहरी मार पड़ रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि देश एक बार फिर से महंगाई की ओर रुख कर सकता है।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here