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    शेख हसीना

    बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आम चुनावों में बढ़त हासिल कर ली है। हालांकि विपक्षियों ने चुनावों में धांधली आरोप लगाकर इस परिणाम को खारिज जार दिया है। शेख हसीना की अवामी लीग ने 289 सीटों में से 287 सीट जीती है। जबकि विपक्षी बांग्लादेश नेशनल पार्टी सिर्फ सात सीटों पर सिमटकर रह गयी है।चुनाव आयोग ने कहा कि वह चुनावों में हेराफेरी की जांच करेंगे।

    बांग्लादेश में चुनाव के दौरान हिंसा हुआ जिसमें 12 लोगों की हत्या हुई थी। तीन लोगों की हत्या पॉलिसी की होली से हुई है जबकि आठ सत्ताधारी पैटी और विपक्षी पार्टी के मध्य गतिरोध में मारे गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक विपक्षी दल के हथियारों और डंडों से पीटने के कारण एक पुलिसकर्मी की भी मौत हो गयी है। मतदान को प्रक्रिया शाम 4 बजे तक समाप्त हो गयी थी, जो कड़ी सुरक्षा में हुआ था।

    विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व का रहे कोमाल होस्सैन ने चुनाओं में हेराफेरी और मतदान को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हमने पूर्व में कई बेमिसाल चुनावों को देखा है लेकिन यह बहुत बुरे चुनावों में से एक था। उन्होंने कहा कि चुनावों को मुक्त और निष्पक्ष चुनावों में निम्न जरूरते नहीं थी। उन्होंने कहा कि मतदान के कुछ घंटों के बाद ही गठबंधन 100 उम्मीदवारों ने इस चुनावोई दौड़ से बाहर होने का ऐलान कर दिया था।

    चुनावों से पूर्व देश में 6 लाख सैनिकों की तैनाती की गयी थी जिन पर 40 हज़ार मतदान केन्द्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। ढाका में दौकाने बंद थी, सड़के खाली और इन्टरनेट सेवा ठप पड़ी हुई थी।

    ढाका के मतदान केन्द्रों पर विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद नहीं थे, जबकि आम तौर पर कार्यकर्ता मतदान केन्द्रों पर जनता से संपर्क साधने के लिए मौजूद होते हैं।

    रायटर्स के मुताबिक बांग्लादेश के मतदाता बेहद गहन है। कई मतदाताओं ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता उन्हें मतदान केन्द्रों में जाने से रोक रहे थे और कहा कि उनका वोट पहले ही पड़ चुका है। साल 2008 के बाद पहली बार आवामी लीग और बांग्लादेश नेशनल पार्टी चुनाव लड़ रही हैं।

    साल 2014 में विपक्षी पार्टी ने चुनावों का बहिष्कार किया था। संसद की 300 सीटों में से 299 सीटों पर चुनाव लड़ा गया था। देश में कुल मतदाताओं की संख्या 10.4 करोड़ है।

    बांग्लादेश की पूर्व 73 वर्षीय प्रधानमन्त्री दो चैरिटी से सम्बंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जेल की सज़ा काट रही है। ढाका की विशेष अदालत ने 8 फ़रवरी को खालिदा जिया को अनाथालय भ्रष्टाचार केस का दोषी ठहराया था और पांच वर्ष की करावास का दंड सुनाया था। उन्हें 21 मिलियन डॉलर विदेश अनुदान चैरिटी के नाम पर गबन करने के लिए सजा सुनाई गयी थी। 30 अक्टूबर को हाई कोर्ट ने उनकी सज़ा को दोगुनी कर दिया था।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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