Thu. Feb 9th, 2023
    व्हाट्सएप्प

    बुधवार को व्हाट्सएप (whatsapp) के ऊंचे ओहदे वाले कार्यकारी अधिकारी ने दिल्ली में एक बैठक में बयान दिया की यदि भारत सरकार द्वारा बनाए जा रहे नियम लागू कर दिए जाते हैं तो व्हाट्सएप का भारत में संचालन बंद हो सकता है।

    क्या होंगे नए नियम :

    अधिकारी ने बताया की सोशल मीडिया पर बढ़ते गैर-कानूनी कामों के चलते सरकार इसके नए नियम लागू करना चाहती है। व्हाट्सएप के सन्दर्भ में भी इसने कुछ नियमों जा ऐलान किया है जोकि अगर लागु हुए तो व्हाट्सएप की मौजूदगी को खतरा हो सकता है।

    नए नियमों में से व्हाट्सएप से संबंधित यह नियम है की व्हाट्सएप अपने संदेशों पर से एंड टू एंड एन्क्रिप्शन हटाए। भारतीय सरकार ऐसा इसलिए करना चाहती है क्योंकि सोशल मीडिया से प्रभावित होकर कई जूर्ण किये जाते हैं और व्हाट्सएप के संदेशों के कारण भी कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनमे हिंसा हुई है।

    अतः सरकार चाहती है की संदेशों में से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन हटाया जाए ताकि सरकार ऐसे दोषी को पकड़ सके जिसने हिंसक सन्देश भेजे हों या फैलाने में मदद की हो।

    नए नियम क्यों हैं व्हाट्सएप के ध्येय के खिलाफ :

    अधिकारी ने बयान दिया की ये नए नियम व्हाट्सएप के ध्येय के बिलकुल प्रतिकूल हैं। एक तरफ जहां व्हाट्सएप एंड टू एंड एन्क्रिप्शन की सुविधा उपलब्ध कराकर उपयोगकर्ताओं को पूरी सुरक्षा देना चाहता है वहीँ सरकार एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को ही हटाना चाहती है। अतः यह व्हाट्सएप के खिलाफ है।

    “प्रस्तावित बदलाव ज्यादा ही सख्त हैं और मजबूत गोपनीयता सुरक्षा के अनुरूप नहीं हैं जो दुनिया भर के लोग चाह रहे हैं” उन्होंने यह भी कहा “यदि ये नियम आते हैं तो हमें व्हाट्सएप को फिर से बनाना पड़ेगा जोकि असंभव है। ”

    क्या है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन :

    एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक ऐसा सुरक्षा का तरीका है जिसके अंतर्गत सेन्डर और रिसीवर के अलावा कोई भी सन्देश को नहीं देख पाता है। चाहे वो आईटी फर्म ही क्यों ना हो। अतः सरकार इससे नाराज़ है और चाहती है की यह हटाया जाए ताकि वे सेन्डर और रिसीवर का पता लगा सके।

    ऐसा व्हाट्सएप को मंजूर नहीं है क्योंकि यह उनके नियमों के सख्त खिलाफ है। बतादें की व्हाट्सएप मासिक 20 करोड़ एक्टिव यूजर के साथ वैश्विक स्तर पर इसके कुल 1.5 अरब उपयोगकर्ता हैं।

    By विकास सिंह

    विकास नें वाणिज्य में स्नातक किया है और उन्हें भाषा और खेल-कूद में काफी शौक है. दा इंडियन वायर के लिए विकास हिंदी व्याकरण एवं अन्य भाषाओं के बारे में लिख रहे हैं.

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