Mon. Jun 24th, 2024
    लोकगीत कलाकारों, विधा, कला, संस्कृति, छात्रवृत्ति, फैलोशिप

    लोकगीत कलाकारों सहित कलाकारों की सभी विधाओं की बचाये रखने के लिए संस्कृति मंत्रालय ‘कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए छात्रवृत्ति और फैलोशिप की योजना’ के नाम से एक योजना लागू कर रहा है।

    कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए छात्रवृत्ति और फैलोशिप की योजना में 03 घटक शामिल हैं। इन योजनाओं के घटकों का विवरण नीचे पढ़ें:

    विभिन्न सांस्कृतिक क्षेत्रों में Scholarships to Young Artists पुरस्कार

    इस योजना के तहत, 18 -25 वर्ष की आयु के चुने हुए लाभार्थियों को 2 साल की अवधि के लिए चार बराबर छह मासिक किस्तों में 5000 / – प्रति माह की छात्रवृत्ति दी जाती है। उम्मीदवारों को कम से कम पांच साल की अवधि के लिए किसी भी गुरु या संस्थान के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहिए। छात्रवृत्ति के लिए मंत्रालय द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति के समक्ष साक्षात्कार व बातचीत में उनके प्रदर्शन के आधार पर स्कॉलर का चयन किया जाता है।

     

    विभिन्न सांस्कृतिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट व्यक्तियों को वरिष्ठ व कनिष्ठ फैलोशिप का पुरस्कार

    इस योजना के के तहत, 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के चयनित फेलो को चार समान 6 मासिक किस्तों में 20,000 / – प्रति माह की दर से 02 वर्ष तक सांस्कृतिक अनुसंधान के लिए वरिष्ठ फैलोशिप प्रदान की जाती है।

    जूनियर फैलोशिप 25 से 40 वर्ष के आयु वर्ग में चयनित फेलो को 02 वर्षों के लिए 10,000/- रुपये प्रति माह की दर से चार समान 6 मासिक किस्तों में प्रदान की जाती है। एक बैच वर्ष में 400 तक सीनियर और जूनियर फैलोशिप प्रदान की जाती हैं। फेलो का चयन मंत्रालय द्वारा गठित सीनियर और जूनियर फेलोशिप के लिए एक विशेषज्ञ समिति द्वारा किया जाता है।

     

    सांस्कृतिक अनुसंधान के लिए Tagore National Fellowship पुरस्कार

    इस योजना के तहत, उम्मीदवारों का चयन दो श्रेणियों के तहत किया जाता है। टैगोर नेशनल फेलोशिप और टैगोर रिसर्च स्कॉलरशिप 4 अलग-अलग समूहों में विभिन्न प्रतिभागी संस्थानों के तहत संबद्धता द्वारा सांस्कृतिक अनुसंधान पर काम करने के लिए दिया जाता है। फेलो और स्कॉलर का चयन राष्ट्रीय चयन समिति द्वारा किया जाता है। चयनित अध्येताओं को 80,000/- रुपये प्रति माह की दर से वित्तीय सहायता का भुगतान किया जाता है। आकस्मिकता भत्ता और विद्वानों को रु. 50,000/- प्रति माह की दर से भुगतान किया जाता है।  आकस्मिकता भत्ता अधिकतम 2 वर्ष की अवधि के लिए। वित्तीय सहायता चार बराबर छह मासिक किस्तों में जारी की जाती है।

    “प्रदर्शन कला में अनुसंधान के लिए व्यक्तियों को परियोजना अनुदान” की योजना के तहत, संगीत नाटक अकादमी सलाहकार समिति की सिफारिश पर व्यक्तियों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *