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    यूक्रेन-रूस युद्ध: रूसी सेना ने कहा सैन्य अभियान का पहला चरण लगभग हुआ पूरा,  अब डोनबास को मुक्त करना उनका प्रथम लक्ष्य 

    रूसी सेना ने शुक्रवार को घोषणा की कि यूक्रेन में उसके सैन्य अभियान का पहला चरण समाप्त हो गया है, और सैनिक अब यूक्रेन के पूर्वी डोनबास क्षेत्र को पूरी तरह से “मुक्त” करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

    “ऑपरेशन के पहले चरण के मुख्य कार्यों को पूरा कर लिया गया है,” रूस के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के मुख्य परिचालन निदेशालय के प्रमुख सर्गेई रुडस्कोय ने कहा।

    “यूक्रेन के सशस्त्र बलों की युद्ध क्षमता को काफ़ी कमज़ोर कर दिया गया है, जो हमें अपने मुख्य लक्ष्य – डोनबास की मुक्ति को प्राप्त करने के हमारे मुख्य प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति देता है।”

    उन्होंने कहा कि रूसी सेना ने “व्यावहारिक रूप से” यूक्रेन की वायु सेना, वायु-विरोधी रक्षा और नौसेना को नष्ट कर दिया।

    उसी समय, रुडस्कोय ने कहा कि रूसी सेना ने शहर के हमलों से इंकार नहीं किया था, इस तथ्य के बावजूद कि उस समय इस तरह के संचालन की योजना नहीं बनाई गई थी।

    उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “शुरुआत में, हमने विनाश को रोकने और कर्मियों और नागरिकों के बीच नुकसान को कम करने के लिए उन पर हमला करने की योजना नहीं बनाई थी।”

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    “हालांकि हम ऐसी संभावना से इंकार नहीं कर सकते हैं,” उन्होंने कहा, पूर्वी यूक्रेन का जिक्र करते हुए, “जब अलग-अलग समूह अपने निर्धारित मिशन को पूरा करते हैं … हमारे सैनिक और साधन हम अपने मुख्य लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करेंगे जो की है डोनबास की पूर्ण मुक्ति।”

    यूक्रेन में क्रेमलिन के सैन्य हमले के 30वें दिन, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने मास्को में पत्रकारों से बात की।

    रूसी रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन में मारे गए सैनिकों की संख्या को संशोधित कर 1,351 सैनिक कर बताया, जिसमें 3,825 सैनिक घायल हुए है ।

    यदि देखा जाए तो रूसी सैनिक एक महीने में, जब से उन्होंने अपना आक्रमण शुरू किया है, यूक्रेन के किसी भी महत्वपूर्ण शहर को जीतने में विफल रहे हैं । यूक्रेन के सैनिकों के कड़े विरोध के कारण कीव के अंदर तक आना उनके लिए लोहे के चने चबाने जैसे मालूम हुआ।

    रूसियों ने वास्तव में कुछ भी अधिक महत्वपूर्ण हासिल नहीं किया है। वे बमबारी कर रहे हैं, शहरों को घेर रहे हैं व रिहायशी इलाकों में लोगो का जीना दुश्वार कर रहे हैं।  जिस कारण यूक्रेन के 4 करोड़ 40 लाख लोगों में से एक चौथाई को अपने घरों को छोड़ना पड़ा।

    उनमें से 37 लाख  से अधिक दूसरे देशों में चले गए हैं, जिनमें से आधे पोलैंड में बस गए हैं।

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