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मैक्रोमोलेक्यूल क्या है? परिभाषा, जानकारी

macromolecule in hindi

मैक्रोमोलेक्यूल क्या हैं (what is macromolecule in hindi)

मैक्रोमोलेक्यूल बड़े आकार वाले वे अणु हैं जो बहुलकीकरण प्रतिक्रिया के द्वारा बनते हैं। बहुलक सामग्री से निकले हुए पॉलीमर चेन के द्वारा भी इनका निर्माण संभव है।

इन बहुलक सामग्रियों को मोनोमर कहा जाता है। हमारा शरीर इन मैक्रोमोलेकुलों से मिलकर बना हुआ है।

मैक्रोमोलेक्यूल का निर्माण (formation of macro molecule in hindi)

जब बहुत सारे पॉलीमर जुड़ जाते हैं तो मैक्रोमोलेक्यूल का निर्माण होता है। इस प्रक्रिया को निर्जलीकरण संश्लेषण कहा जाता है। कोई एक मोनोमर हाइड्रॉक्सिल (OH) आयन समुह  से छोड़ देता है और दूसरा मोनोमर H आयन छोड़ देता है।

फिर पॉलीमर हाइड्रोलिसिस नामक प्रक्रिया के द्वारा तोड़ दिए जाते हैं। मोनोमर के बीच के बांड पानी (H2O) के द्वारा तोड़ दिए जाते हैं।

जीवन के लिए महत्वपूर्ण मैक्रोमोलेक्यूल (important macro molecules in hindi)

हमारे जीवन के लिए चार प्रकार के लिए मैक्रोमोलेक्यूल महत्वपूर्ण हैं, जोकि इस प्रकार हैं:

  • कार्बोहायड्रेट (carbohydrates in hindi)

यह एक प्रकार का जैविक मिश्रण है जोकि ऑक्सीजन, कार्बन एवं हाइड्रोजन के अणुओं से बना हुआ होता है। इंसानी शरीर में पाया जाने वाला कार्बोहायड्रेट ग्लूकोस या सकर का समुह होता है, जिसे मोनोसैक्राइड कहा जाता है।

ये जैविक रूप से हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये अलग अलग प्रकार के ऊर्जाओं को संरक्षित रखने में काम आते हैं। अनाज, फल, सब्जियां आदि खाने से शरीर में कार्बोहायड्रेट की पूर्ति होती है।

जब बहुत सारे सकर एक साथ जुड़ जाते हैं तो पॉलीसैक्काराइड का निर्माण होता है। स्टार्च एक प्रकार का पॉलीसैक्काराइड है जो पौधों में ऊर्जा संग्रहण का कार्य करता है। हाइड्रोलिसिस प्रक्रिया के द्वारा पौधे अपने लिए सकर या ग्लूकोस इकठ्ठा करते हैं।

  • लिपिड (lipids in hindi)

ये अणुओं के एक बड़े से समुह हैं। इनके अंदर विटामिन में घुलने वाले वसा, फैटी एसिड, स्टेरोल, स्टेरॉयड हॉर्मोन, कोलेस्ट्रॉल इत्यादि पाए जाते हैं। लिपिड का सबसे प्रमुख कार्य ऊर्जा को संरक्षित एवं संग्रहित करके रखना है।

लिपिड में बहुत सारे कार्बन एवं हाइड्रोजन के बांड पाए जाते हैं, जिससे इनमे ऊर्जा की मात्रा बहुत अधिक होती है। ये एक छोटे से जगह में बहुत अधिक मात्रा में कैलोरी इकठ्ठा करके रख पाते हैं।

ये पानी में नहीं घुल सकते और इंसानी शरीर में विभिन्न रूप में पाए जाते हैं। ये कोशिकाओं के संरचना के रख रखाव के लिए जरुरी हैं।

  • न्यूक्लिक एसिड (nucleic acid in hindi)

ये एक प्रकार के जैविक अणु हैं और डीएनए और RNA से मिलकर बने हुए होते हैं। ये नुक्लेओटाइड नामक मोनोमर से बनते हैं।

डीएनए के अंदर अनुवांशिक अनुदेश पाए जाते हैं जो सभी जीवाणुओं के जिन्दा रहने और शारीरिक प्रक्रिया होने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

RNA के द्वारा डीएनए में पाए जाने वाले अनुवांशिक अनुदेश प्रोटीन में परिवर्तित किये जाते हैं।इनके तीन भाग होते हैं: फॉस्फेट, पेंटोज शुगर और नाइट्रोजेनोस बेस।

  • प्रोटीन (proteins in hindi)

ये जटिल जैविक मिश्रण हैं जोकि एमिनो एसिड पॉलीमर से मिलकर बने हुए होते हैं। ये ऊतकों और मांसपेशियों के बनावट में सहायक है।

जब हम खाने के द्वारा प्रोटीन लेते हैं, तो शरीर पेट में पाए जाने वाले एंजाइम की मदद से प्रोटीन को एमिनो एसिड में बदल देते हैं। एमिनो एसिड फिर  अन्य प्रकार के प्रोटीन बनाते हैं, जो खून, हड्डी, मांसपेशियोंऔर दूसरे अंगों के रख-रखाव में सहायता करते हैं।

प्रोटीन हमारी शरीर के कोशिकाओं के बनावट के लिए भी जिम्मेदार हैं जिसके कारण हमारी याददाश्त, हॉर्मोन, गति इत्यादि सुचारु रूप से कार्यरत रहते हैं। कई खाद्यपदार्थ जैसे मीट, अंडा, दाल, सोयाबीन इत्यादि में प्रोटीन पाया जाता है।

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गरिमा गुंजन

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