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    मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहीम सोलिह, भारत यात्रा पर

    मालदीव के राजनीतिक संकट के अंत के बाद मालदीव के राष्ट्रपति पद पर आसीन हुए इब्राहीम सोलिह भारत की यात्रा पर पंहुच गए हैं। मालदीव के राष्ट्रपति तीन दिवसीय यात्रा पर 16 दिसम्बर को भारत पंहुचे थे। इस यात्रा के दौरान इब्राहीम सोलिह भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय संबंधो की मजबूती के बाबत बातचीत करेंगे।

    दोस्ती मज़बूत होगी

    मालदीव में नवम्बर में हुए राजनीतिक चुनावों में विपक्षी दल के उम्मीदवार इब्राहीम सोलिह ने तत्कालीन सत्तासीन राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को हैरतंगेज़ मात दी थी। सत्ता पर विराजमान होने के बाद यह मालदीव के राष्ट्रपति की पहली आधिकारिक विदेश यात्रा है और उनका स्वागत केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने किया था।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर कहा कि सहयोग और दोस्ती का मज़बूत गठजोड़ बनेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने इब्राहीम सोलिह का स्वागत किया है और एक माह पूर्व ही नरेन्द्र मोदी मालदीव की यात्रा पर गए थे। स्वागत समारोह के बाद इब्राहीम सोलिह नरेन्द्र मोदी के साथ सोमवारको मुलाकात करेंगे।

    ताजमहल का दीदार

    साथ ही मालदीव के राष्ट्रपति भारत के उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ मुलाकात करेंगे। इब्राहीम सोलिह के साथ उनकी धर्मपत्नी फजना अहमद भी आएँगी। मगलवार को वापसी से पूर्व इब्राहीम सोलिह और उनकी पत्नी ताजमहल की यात्रा भी करेंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात

    सोलिह मोदी

    राष्ट्रपति सोलिह नें आज नई दिल्ली में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।

    जाहिर है प्रधानमंत्री मोदी पिछले महीने मालदीव के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में गए थे। वहां मोदी नें राष्ट्रपति सोलिह को भारत आने का निमंत्रण दिया था।

    राजनीतिक संकट में भारत का दखल

    इब्राहीम सोलिह के शपथ ग्रहण समारोह में नरेन्द्र मोदी शरीक हुए थे। मोदी ने मालदीव में कहा था कि वह इब्राहीम सोलिह के साथ करीबी से कार्य करना चाहते हैं और दोनों नेताओं में मालदीव और भारत के समबन्धों को वापस पटरी पर लाने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई थी।

    भारत ने मालदीव में राजनीतिक संकट के दौरान दखल अंदाजी की ठिया उर निरंतर संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करने की हिदायत दी थी। बीते फरवरी माह में पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने देश में आपातकाल का ऐलान कर दिया था।

    भारत ने पूर्व राष्ट्रपति के इस निर्णय का विरोध किया और कहा कि सरकार को अपने दायित्वों का निर्वाह करना चाहिए और राजनीतिक प्रक्रिया का पालन करते हुए राजीनीतिक हस्तियों को कैद से रिहा कर दिया जाना चाहिए। मालदीव में उस दौरान का आपातकाल 45 दिनों तक चला था।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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