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माइक्रोवेव्स या सूक्ष्म तरंगे क्या हैं?

सूक्ष्म तरंग micro waves in hindi

माइक्रोवेव क्या है? (what is microwave in hindi)

माइक्रोवेव एक प्रकार की विद्युत चुम्बकीय विकिरण(एलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन) है। यह रेडियो तरंगे, अल्ट्रावायलेट, एक्स रे और गामा किरणें जैसी ही है। जिनकी वेवलेंथ 1 मीटर से लेकर 1 मिलीमीटर के बीच हो।

दूसरे शब्दों में अगर हम कहना चाहे तो इनकी फ्रीक्वेंसी 300 Megahertz से लेकर 300 gigahertz के बीच होती है।

एलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम और माइक्रोवेव (electromagnetic spectrum and microwave in hindi)

electromagnetic spectrum and microwave in hindi

वेवलेंथ की एक विस्तृत श्रृंखला को हम एलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम या ई एम स्पेक्ट्रम कहते हैं। वेवलेंथ के घटने और फ्रीक्वेंसी और ऊर्जा में वृद्धि के क्रम में स्पेक्ट्रम को सात क्षेत्रों में डिवाइड किया जाता है।

जिसमे रेडियो वेव, माइक्रोवेव, इंफ्रारेड, विसुअल लाइट, अल्ट्रावायलेट रेज़, एक्स रे और गामा रेज़ हैं। एलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में माइक्रोवेव ठीक रेडियो और इंफ्रारेड के बीच की सीमा में आती है।

इनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका के अनुसार माइक्रोवेव में प्रति सेकंड करीब 1 अरब चक्र या 1 gigahertz , लगभग 300 GHz और लगभग 30 सेंटीमीटर(12 इंच) से 1 किलोमीटर(0.04 इंच) तक की वेवलेंथ होती है।

माइक्रोवेव का सबसे पहले औपचारिक उपयोग 1931 में हुआ था।

माइक्रोवेव का विभिन्न बैंड में विभाजन (microwave bands spectrum in hindi)

अदरक बुचर ने अपनी किताब ‘एलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम की यात्रा’ में इस क्षेत्र को L, S, C, X और K जैसे पदनामों के साथ कई बैंडो में विभाजित किया है।

बैंडो का नाम और फ्रीक्वेंसी रेंज:

L = 1-2GHz

S = 2-4GHz

C = 4-8GHz

X =8-12GHz

K = 18-26GHz आदि।

सूक्ष्म तरंग का उपयोग (uses of microwaves in hindi)

  1. माइक्रोवेव मूल रूप से बेहद उच्च फ्रीक्वेंसी की रेडियो तरंगे हैं जो विभिन्न प्रकार से ट्रांसमीटर द्वारा बनाई जाती है।
  2. एक मोबाइल फ़ोन में वे ट्रांसमीटर और ऐन्टीना द्वारा बनाये जाते हैं दूसरी और ये माइक्रोवेव ओवन में ‘चुम्बक’ द्वारा बनाये जाते हैं।
  3. माइक्रोवेव पानी और fat molecule को वाइब्रेट करने के कारण बनते है जिससे कोई भी पदार्थ गर्म हो जाता है।
  4. हम माइक्रोवेव का उपयोग कई प्रकार के भोजन पकाने के लिए भी करते हैं।
  5. मोबाइल फ़ोन भी माइक्रोवेव का उपयोग करते हैं, क्योंकि उन्हें एक छोटे ऐन्टेना द्वारा उत्पन्न किया जा सकता है। जिसका सीधा सा मतलब है कि फोन को बहुत बड़ा होने की आवश्यकता नही है।
  6. Wifi भी माइक्रोवेव का उपयोग करते हैं।
  7. माइक्रोवेव का उपयोग निश्चित यातयात गति कैमरों और रेडार के लिए भी किया जाता है, जिसका उपयोग विमान, जहाजों और मौसम के लिए भी किया जाता है।

माइक्रोवेव के महत्वपूर्ण गुण (properties of microwaves in hindi)

माइक्रोवेव को कभी कभी उच्च आवृति और उच्च ऊर्जा वाली रेडियो वेव्स माना जाता है। माइक्रोवेव के कुछ महत्वपूर्ण गुण इस प्रकार है:

  1. वे धातु की सतहों से टकराकर पलट होते है।
  2. वे भौतिक कंपन में अणु और परमाणु बना सकते हैं। हीटिंग की मात्रा माइक्रोवेव रेडिएशन की तीव्रता पर निर्भर करती है।
  3. वे ग्लास और प्लास्टिक से गुजर सकते हैं।
  4. वे अन्तरिक्ष से गुजर सकते हैं।
  5. वे प्रतिबिंबित हुए बिना भी ionosphere से गुजर सकते हैं।
  6. रिफ्लेक्शन, रिफ्रैक्शन, डिफ्फरेक्शन, इंटरफेरेंस जैसे तरंग प्रभाव से ट्रांसमिशन प्रभावित होता है।

माइक्रोवेव ट्रांसमिशन (microwave transmission in hindi)

वायरलेस तकनीक सूचना संचारित करने के किये माइक्रोवेव और रेडियो तरंगों का उपयोग करती है। जिसके फायदे निम्नलिखित है:

  1. हम फ़ोन कॉल प्राप्त कर सकते हैं और दिन में 24 घण्टे ईमेल कर सकतेे हैं।
  2. लैपटॉप में इंटरनेट या मोबाइल फोन या रेडियो के लिए कनेक्ट करने के लिए कोई वायरिंग की आवश्यकता नही है।
  3. माइक्रोवेव का उपयोग उपग्रहों से संकेत को भेजने के लिए किया जाता है। उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर सिग्नल रिले कर सकते हैं। इसमे माइक्रोवेव का उपयोग किया जाता है। सिग्नल टेलेविज़न कार्यक्रमों, टेलीफोन वार्तालाप, या पृथ्वी की निगरानी के लिए हो सकते हैं( उदाहरण: मौसम पूर्वानुमान)
  4. फ़ेडरल कम्युनिकेशन कमीशन(FCC) के अनुसार माइक्रोवेव ज्यादातर पॉइंट-टू-पॉइंट संचार प्रणालियों के लिए उपयोग किये जाते हैं ताकि सभी प्रकार की जानकारी व्यक्त की जा सके, जिसमे एनालॉग और डिजिटल प्रारूप दोनों में आवाज, डेटा और वीडियो शामिल है। रिमोट मशीनरी, स्विच, वाल्व और सिग्नल के लिए इन्हें पर्यवेक्षी नियंत्रण और डेटा अधिग्रहण (SCADA) के लिए भी उपयोग किया जाता है।
  5. माइक्रोवेव पूरी तरह से एक रेखा में यात्रा करते हैं: रेडियो तरंगों के एकदम विपरीत। ये जमीनी तरंगों की तरह यात्रा नही करते।

इस लेख से सबंधित यदि आपका कोई भी सवाल या सुझाव है, तो आप उसे नीचे कमेंट में लिख सकते हैं।

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अपूर्वा सिंह

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