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    मोदी और जिनपिंग

    चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज दूसरे अनौपचारिक सम्मेलन के लिए भारत की यात्रा पर आयेंगे। प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के महाबलीपुरम में चीनी नेता का इस्तकबाल करेंगे। जिनपिंग के साथ विदेश मंत्री वांग यी और पोलिट ब्यूरो के सदस्य भी भारतीय दौरे पर आयेंगे।

    भारतीय पक्ष से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और विदेश मन्त्री एस जयशंकर प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के साथ होंगे। ऐतिहासिक तटीय शहर महाबलीपुरम में एशिया के दो दिग्गज नेताओं के बीच मुलाकात होगी और द्विपक्षीय संबंधो को मज़बूत करने के लिए प्रतिनिधि स्तर की वार्ता भी आयोजित की जाएगी।

    भारत ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी कर दिया था और पाकिस्तान ने इसका विरोध किया है। चीन खुले तौर पर कश्मीर मामले में पाकिस्तान की पैरवी कर रहा है। चीन ने भारत के कश्मीर पर निर्णय की आलोचना की और उनके विदेश मन्त्री ने यूएनजीए में यह मामला उठाया था।

    बीजिंग में शी और खान की मुलाकात के बाद संयुक्त बयान जारी किया कि “जम्मू कश्मीर की स्थिति पर चीन ने पैनी नजर बनायीं हुई है और यह मामला यूएन के चार्टर या द्विपक्षीय समझौते के अनुसार शांतिपूर्ण और उचित तरीके से हल किया जाना चाहिए।”

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, शी ने खान को बताया कि चीन ने कश्मीर की स्थिति पर नजर बनायीं हुई है और इसके तथ्य स्पष्ट है। भारत ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “दूसरे देशो को भारत के आंतरिक मामलो में दखलंदाजी करने का कोई हक़ नहीं है।”

    शी शुक्रवार को दोपहर में चेन्नई के एयरपोर्ट पर पहुचेगे और इसके बाद दोनों नेता वैश्विक ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करेंगे। महाबलिपुरम सातवीं सदी का सबसे प्रमुख बंदरगाह में बसा शहर था और दक्षिण भारत में आयात या निर्यात के लिए गेटवे का कार्य करता था।

    शुक्रवार को शाम को चीनी राष्ट्रपति के आगमन की ख़ुशी में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसके बाद नरेंद्र मोदी चीनी नेता के लिए रात्री भोज का आयोजन करेंगे। इस यात्रा के दौरान किसी भी समझौते या एमओयू पर कोई भी दस्तखत नहीं किये जायेंगे।

    इस मुलाकात का उद्देश्य क्षेत्रीय और वैश्विक मामलो पर विचारो का आदान-प्रदान करना है। इसके यात्रा के बाद चीनी राष्ट्रपति नेपाल की यात्रा पर जायेंगे। साल 2014 मोदी ने अहमदाबाद में शी जिनपिंग का इस्तकबाल किया था।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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