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    भारत को लड़ाकू विमान बेचने के लिए अमेरिका की मंज़ूरी

    भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिका ने नई दिल्ली के 24 नए एमएच-60 आर मल्टी मिशन हेलिकॉप्टर्स की खरीद के आग्रह को मंज़ूरी दे दी हैं। डिफेन्स सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी ने मंगलवार को ऐलान किया कि इन विमानों की कीमत करीब 2.6 अरब डॉलर है।

    अधिकारिक घोषणा के मुताबिक, यह प्रस्तावित बिक्री भारत को एंटी-सरफेस और एंटी-सबमरीन वारफेयर अभियान के लिए सक्षम बना देगी। भारत इस व्यापक तकनीक से क्षेत्रीय खतरों के निवारण और घरेलू रक्षा को मज़बूत करेगा। भारत और पाकिस्तान के बीच छह हफ़्तों से बढ़ते तनाव के बीच में अमेरिका ने यह घोषणा की है।

    भारत में कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के बाद तनाव बढ़ा था और इसमें 40 सैनिकों की मौत हो गयी थी। इस हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहममद समूह ने ली थी। भारत सरकार ने इस आतंकी हमले में पाकिस्तान पर समर्थन करने का आरोप लगाया था।

    इसके बाद भारतीय विमानों ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी प्रशिक्षण शिविरों में हवाई हमला किया था। इस अभियान के दौरान एक पाकिस्तानी विमान एफ-16 को एक भारतीय विमान ने मार गिराया था। हालाँकि इसके बाद पायलट को सुरक्षित वापस मुल्क ले आया गया था। हालात सामान्य हो चुके है, लेकिन भारत के आगामी लोकसभा चुनावों और बीते हफ्ते एंटी सैटेलाइट परिक्षण के कारण तनाव अभी भी बरकरार है।

    भारतीय रक्षा मंत्रालय ने बीते अगस्त में 24 हेलिकॉप्टर्स खरीदने का ऐलान किया था। मशहूर यूएच-60 हॉक हेलीकॉप्टर का नौसैन्य रूप सीहॉक है। पाकिस्तान नौसैन्य क्षमताओं का विकास कर रहा है।

    ख़बरों के मुताबिक, डीएससीए की सूचना काफी नहीं है, अंतिम बातचीत से पूर्व इस प्रस्ताव को अमेरिकी कांग्रेस से पारित होना होगा और इस दौरान इसकी मात्रा और कीमत में बदलाव हो सकता है। भारत के रक्षा प्राप्ति प्रयास कॉन्ट्रैक्टर्स में कुख्यात है क्योंकि प्रक्रिया के दौरान इसे नाटकीय तरीके से रोक दिया जाता है।

    न्यूयॉर्क के आवैगो में लॉकहीड मार्टिन्स रोटरी एंड मिशन सिस्टम यूनिट, प्राथमिक कांट्रेक्टर होगा। जबकि भारत को आम तौर पर व्यावसायिक ओफ्फसेट्स की जरुरत होती है।

    सीहॉक हेलिकॉप्टर में क्या है ख़ास?

    सीहॉक हेलिकॉप्टर अमेरिकी सेना में मौजूद सबसे खतरनाक हेलिकॉप्टर माना जाता है। यह एक जुड़वा शैफ्ट इंजन वाला हेलिकॉप्टर है, जो कई प्रकार के मिशन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

    सीहॉक हेलिकॉप्टर को किसी भी प्रकार के लड़ाकू जहाज से संचालित किया जा सकता है। ऐसे में यदि टेक ऑफ और लैंडिंग के लिए जगह बहुत कम है, तो उसके लिए भी सीहॉक उपर्युक्त है।

    सीहॉक हेलिकॉप्टर को अमेरिकी नेवी नें 1983 से इस्तेमाल करना शुरू किया था और तबसे अब तक इसे अफगानिस्तान समेत कई देशों में मिशन के लिए इस्तेमाल किया जा चुका है।

    इस हेलिकॉप्टर को भारत से पहले ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, डेनमार्क, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, क़तर, सऊदी अरब समेत कई देश अमेरिका से खरीद चुके हैं।

    भारत ने नवम्बर 2014 में अमेरिका से सीहॉक हेलिकॉप्टर खरीदने की मांग रखी थी, लेकिन जल्द ही कीमत के चलते इस डील हो रद्द कर दिया गया था।

    https://www.youtube.com/watch?v=ae0LZ60lT_0

    सेनाध्यक्ष बिपिन रावत का अमेरिकी दौरा

    जाहिर है भारतीय सेनाध्यक्ष बिपिन रावत नें हाल ही में अमेरिका का दौरा किया था। ऐसे में यह हो सकता है कि अपने दौरे के दौरान जनरल बिपिन रावत नें अमेरिकी सेना के सामने सीहॉक हेलिकॉप्टर की बात रखी होगी।

    रक्षा मंत्रालय की ओर से लेफ्टिनेंट कर्नल मोहित वैष्णव नें बयान जारी कर कहा था, “थलसेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत 2 अप्रैल 2019 से 5 अप्रैल 2019 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के दौरे पर रहेंगे। इस दौरे के दौरान जनरल रावत और उनका दल अमेरिकी सेना के वरिष्ठ अधिकारीयों से चर्चा करेंगे और दोनों देशों के सेना के बीच सहयोग को मजबूत करने की कोशिश करेंगे। सेनाध्यक्ष अमेरिकी मिलिट्री अकादमी और कैन्सस में स्थिति जनरल स्टाफ कॉलेज का भी दौरा करेंगे।

    जनरल रावत के दौरे के दौरान ही अमेरिका नें इस डील हो मंजूरी दे दी है।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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