भारत ने श्रीलंका को जिहादी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग का दिया प्रस्ताव

भारत ने श्रीलंका को दिया मदद का प्रस्ताव

भारत ने श्रीलंका को संयुक्त खतरे जिहादी आतंकवाद से लड़ने के लिए पूर्ण समर्थन का प्रस्ताव दिया है। ईस्टर हवाई हमले में श्रीलंका के 260 लोगो की मृत्यु हुई थी और इसमें 11 भारतीय भी शामिल थे। श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त तरनजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को देश के दो सर्वोच्च बौद्ध संतो से मुलाकात के दौरान सुरक्षा हालातो का जायजा लिया था।

भारतीय दूतावास के मुताबिक, उच्चायुक्त ने देश के प्रतिष्ठित महानायकों के साथ मौजूदा सुरक्षा हालातो पर चर्चा की और जिहादी आतंकवाद के खिलाफ लड़ने में श्रीलंका को भारत का पूरा सहयोग देने का प्रस्ताव दिया था। उच्चायुक्त ने श्री डालडा मालिगावा को श्रद्धांजलि अर्पित की और दोनों बौद्ध संतो से आशर्वाद लिया था।

दोनों आदरणीय महानायकों ने भारत के बगैर शर्त और मज़बूत समर्थन के प्रति गहरी सराहना व्यक्त की थी। इसमें सुरक्षा घेरा भी शामिल था। भारतीय उच्चायुक्त ने दोनों महानायकों को वैशाख के पवित्र त्यौहार की बधाई भी दी थी। और साल 2017 में अंतर्राष्ट्रीय वैशाख दिवस के जश्न और साल 2018 में श्रीलंका में सारनाथ रेलिक्स के प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा को स्मरण भी किया था।

वैसाख के त्यौहार के जश्न के लिए श्रीलंका में दो दिनों का आधिकारिक अवकाश होता है। यह गौतम बुद्ध के जन्म, शिक्षा और मृत्यु के स्मरण से जुड़ा हुआ है। श्रीलंका ने भारी बमबारी से पूर्व भारतीय ख़ुफ़िया विभाग ने सूचना को साझा किया था। हालाँकि सुरक्षा अधिकारी सूचना पर कार्य करने में असफल साबित हुए हैं।

एक महिला सहित नौ फियादीन हमलावरों ने इस विध्वंशक आतंकी हमले को अंजाम दिया था। इसमें तीन चर्चो और आलिशान होटलो  को निशाना बनाया गया था। जिसमे 258 लोगो की मौत हुई थी और 500 से अधिक लोग बुरी तरह जख्मी हुए थे।

शुरुआत में विभागों ने कहा कि उन्हें स्थानीय चरमपंथी इस्लामिक समूह के इस हमले के पीछे होने पर सन्देश है। बहरहाल स्थानीय समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी। इस भयावह आतंकी हमले की जिम्मेदारी आईएस ने ली थी।

राजदूत ने भारत के 15 करोड़ रूपए की सहायता से निर्मित कंड्यान डांसिंग स्कूल के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की थी।

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