मुकेश अंबानी की रिलायंस जिओ की बदौलत भारत में मोबाइल डाटा सबसे सस्ता

मोबाइल डाटा मूल्य

Cable.co.uk द्वारा हाल ही में एक शोध किया गया था जिसके अंतर्गत विश्व के कुल देशों में मोबाइल इंटरनेट डाटा का मूल्य जांचा गया था जिसमे यह परिणाम सामने आये की दुसरे सभी देशों के मुकाबले भारत में सबसे सस्ते मोबाइल डाटा के मूल्य हैं। भारत की इस उपलब्धि का मुख्य कारण अरबपति मुकेश अंबानी को माना जाता है।

शोध की पूरी जानकारी :

इसके साथ ही यदि विश्व के औसत के साथ इसकी तुलना करें तो विश्वभर में 1 GB डाटा औसत 8.53 अमेरिकी डॉलर प्रति GB के हिसाब से मिलता है। भारत के अलावा अमेरिका में भी डाटा रेट 6.66 रूपए के साथ और यूके में 12.37 डॉलर प्रति GB के साथ भारत से कहीं ज्यादा हैं। अतः जहां भारत में केवल 18 रूपए औसत में प्रति GB इन्टरनेट मिल रहा है वहीँ विश्व भर का औसत 600 रूपए प्रति GB है।

ज़िम्बाब्वे में इन्टरनेट सबसे महंगा :

इसके अलावा रिपोर्ट में बताया गया है की ज़िंबाबवे देश में इन्टरनेट का मूल्य सबसे ज्यादा है। इस देश में 1 GB इन्टरनेट प्रयोग करने के लिए लोगों को 75.20 अमेरिकी डॉलर चुकाने पड़ते हैं। अफ्रीका में भी डाटा मूल्य बहुत महंगा है जहां लोगों को 1 GB इन्टरनेट के लिए 50 डॉलर तक चुकाने पड़ते हैं।

विश्व के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाज़ार चीन में लोगों को 1 GB इन्टरनेट के लिए औसत 9.89 डॉलर चुकाने पड़ते हैं। श्रीलंका में लोगों को इतने मोबाइल डाटा के लिए 0.87 डॉलर और बांग्लादेश में इन्टरनेट के लिए 0.99 डॉलर प्रति GB चुकाने पड़ते हैं।

भारत में डाटा सबसे सस्ता :

केबल द्वारा किये गए इस शोध में कुल 230 देशों को शामिल किया गया था। शोध में जांचा गया था की 1 GB इन्टरनेट किस देश में सबसे सस्ता होता है। इस शोध में सामने आया की भारत में 1 GB मोबाइल डाटा का मूल्य केवल 18.5 रूपए के साथ सबसे सस्ता है जोकि 0.26 अमेरिकी डॉलर के बराबर है। यह विश्व के सभी देशों के मुकाबले सबसे सस्ता मूल्य है।

रिलायंस जिओ है इसकी वजह :

भारत देश में डाटा के इतने सस्ते रेट का मुख्या कारण मुकेश अंबानी की टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जिओ को मान जा रहा है। इसके 2016 में बाज़ार में प्रवेश से पहले भारत के बाज़ार में भी डाटा का मूल्य बहुत ज्यादा था लेकिन इसके प्रवेश के बाद से ही बाज़ार में डाटा और कालिंग सर्विस का मूल्य बहुत कम हो गया है और बाज़ार में प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गयी है।

जिओ ने बाज़ार में 2016 में प्रवेश किया और कुछ समय के लिए मुफ्त सुविधाएं दी। इसके बाद इसने दुसरे प्रदाताओं एक मुकाबले सस्ती सेवाएं देना जारी रखा जिससे बाज़ार में मूल्य पर युद्ध छिड़ गया है। सभी प्रदाताओं ने प्रीपेड प्लानों के मूल्य बहुत कम कर दिए हैं। इससे ग्राहकों को फायदा हुआ है। एक तरफ तो उन्हें सस्ते प्लान मिल रहे हैं और साथ ही उन्हें बड़ी संख्या में विकल्प मिल रहे हैं जिन में से वे सबसे बेहतर चुन सकते हैं।

भारत में कुल 430 मिलियन यूजर्स हैं जोकि चीन के बाद सबसे ज्यादा हैं और इससे भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाज़ार है। जिओ ने अपने प्रवेश के बाद सस्ती और बेहतर सुविधा प्रदान करके इतनी जल्दी ही 280 मिलियन यूजर्स बना लिए हैं।

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