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भारत और जापान मिलकर इंडो-पैसिफिक साझा परियोजना पर करेंगे हस्ताक्षर

पीएम मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सालाना शिखर सम्मेलन में शरीक होने के लिए जापान के दौरे पर जायेंगे। इस सम्मेलन की बैठक के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो अबे इंडो पैसिफिक इलाके की  साझा ढांचागत परियोजना पर हस्ताक्षर करेंगे।

इससे पहले खबर थी कि जापानी राष्ट्रपति शिंजो आबे नें नरेन्द्र मोदी के स्वागत के लिए एक प्राइवेट विला का इंतजाम किया है।

विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर 28 से 29 अक्टूबर को आयोजन के दौरान मोहर लगाई जा सकती है। साथ ही मुंबई अहमदाबाद हाई स्पीड रेलवे प्रोजेक्ट को भी दोनों देशों के प्रमुख हरी झंडी दिखा सकते हैं।

सोमवार को नरेन्द्र मोदी जापानी समकक्ष से पिछले साढ़े चार सालो में 12 वीं दफा मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक एशिया की दूसरी और तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक व्यवस्था के बीच मजबूत समझौते के आसार दिख रहे हैं। नरेन्द्र मोदी शनिवार को जापान पहुचेंगे जब पीएम शिंजो अबे चीन की तीन दिवसीय यात्रा से वापस लौटेंगे।

इंडो पैसिफिक के अलावा भारत और जापान मिलकर कई तकनीक सम्बंधित योजनाओं पर भी समझौता करेंगे।

पूर्व चीनी समुद्र के द्वीप पर जापान और चीन के बीच तनाव बढ़ने के कारण पीएम शिंजो अबे छह साल के कार्यकाल में पहली बार चीन की यात्रा पर गए हैं।

चीन को रोकने के लिए भारत-जापान मिलकर कई सैन्य समझौते भी करने जा रहे हैं।

शिंजो अबे ने कहा था कि भारत के मज़बूत होने से जापान को फायदा है और भारत में विकास के लिए चल रहे मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया जैसे कार्यक्रमों में सहयोग करेंगे।

जापान और भारत ने साल 2016 में एशिया-अफ्रीका ग्रोथ कॉरिडोर यानी एशिया-अफ्रीका वृद्धि गलियारे के निर्माण का ऐलान किया था। इस परियोजना को चीन की बेल्ट एंड रोड परियोजना की काट के रूप में विकसित किया गया था।

विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि भारत और जापान श्रीलंका में साझा प्राकृतिक गैस भंडार के निर्माण की योजना बना रहे है। साथ ही अन्य पड़ोसी देशों में ऐसे ही परियोजना कार्य की शुरुआत करने की योजना तैयार की जा रही है।

उन्होंने कहा कि भारत में रेलवे प्रोजेक्ट का कार्य साल 2022 तक समाप्त हो जायेगा। अभी रेलवे प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण में थोड़ा वक्त ज्यादा लग रहा है।

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कविता

कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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