Thu. Jun 20th, 2024
    cylinder बेलन

    विषय-सूचि

    बेलन की परिभाषा (definition of cylinder in hindi)

    बेलन एक ऐसी त्रिआयामी(3d) ठोस आकृति होती है जोकि दो वृत्त एवं एक वक्र आयत से मिलकर बना होता है। इसके  दो सिरे सामान त्रिज्या वाले वृत्त होते हैं एवं पार्श्व प्रष्ठ वक्र(curved) होता है।

    जैसा कि आप ऊपर दी गयी आकृति में देख सकते हैं यहाँ इस आकृति के दो सिरे सामान त्रिज्या वाले वृत्त हैं एवं इस आकृति का पार्श्व प्रष्ठ वक्र है। अतः यह आकृति बेलन कहलाएगी।

    ये भी पढ़ें:

    बेलन के गुणधर्म (properties of cylinder in hindi)

    • बेलन एक ठोस ज्यामितिक आकृति है जिसके अगर हम हिस्से करेंगे तो इसमें दो वृत्त होंगे एवं एक वक्र प्रष्ठ होगा। जो दो वृत्त हैं वे इस बेलन के आधार कहलायेंगे। ये दोनों वृत्त एक दुसरे से सर्वांग्सम होते हैं एवं समान्तर होते हैं।
    • बेलन की ऊंचाई h इन दो आधारो के बीच लम्बवत दूरी होती है। एक बेलन का आयतन निकलते समय उसकी ऊंचाई ज्ञात करना बहुत ज़रूरी होता है।
    • बेलन की त्रिज्या r दोनों वृतों की त्रिज्या होती है। अगर हमें बेलन का व्यास दे रखा है तो उसके दो भाग करके त्रिज्या निकाली जा सकती है।
    • जो रेखा एक बेलन के दोनों आधारों के केन्द्रों को जोडती है वह उस वृत्त की अक्ष कहलाती है।

    समकोणीय एवं परोक्ष बेलन (right circular cylinder)

    समकोणीय बेलन एक ऐसा बेलन होता है जिसका अक्ष आधार को समकोण पर काटता है। लेकिन अगर कोई अक्ष आधार को समकोण पर नहीं काट रहा है तो फिर वह बेलन एक परोक्ष बेलन होगा।

    जैसा कि आप ऊपर दी गयी दो आकृतियों में देख सकते हैं यहाँ पहले बेलन का अक्ष दोनों वृतों को समकोण पर काट रहा है इसलिए यह बेलन समकोणीय बेलन कहलायेगा। दूसरी आकृति में हम देख सकते हैं की बेलन का जो अक्ष है वृतों को समकोण पर नहीं काट रहा है। अतः यह बेलन परोक्ष बेलन कहलायेगा। जो बेलन समकोण बेलन नहीं होते वे बेलन परोक्ष बेलन होते हैं।

    ये भी पढ़ें:

    बेलन का आयतन एवं क्षेत्रफल (area and volume of cylinder)

    बेलन का पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (total surface area of cylinder in hindi)

    अगर हमें एक बेलन का पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल निकालना है तो हमें इसे सबसे पहले तीन टुकड़ों में बांटना पडेगा। ये तीन टुकड़े होंगे दो सर्वांग्सम एवं समान्तर वृत्त एवं वक्र पृष्ठ जो कि एक आयत है।

    • जैसा कि हम जानते हैं कि एक वृत्त का क्षेत्रफल πr2 होता है। अगर हमारे पास दो वृत्त हैं  तो फिर इनका कुल क्षेत्रफल होगा।

     = 2 πr2

    • अब हमें बचे हुए आयत का क्षेत्रफल निकालना है जोकि होता है लम्बाई * चौड़ाई । यहाँ हमारे पास आयत की लम्बाई तो बेलन की ऊंचाई मानी जायेगी। अब जो आयत की चौड़ाई है वह वृत्त के परिमाप के सामान होगी जोकि 2πr होगा। अतः इस आयत का क्षेत्रफल होगा।

     = 2πr * h

    • जब हम इन दोनों टुकड़ों को जोड़ देंगे तो इस बेलन का पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल होगा।

     = 2 πr2 + 2πr * h

    अतः बेलन का पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr(r + h)

    बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (curved surface area of cylinder in hindi)

    जैसा कि हम जानते हैं की बेलन का वक्र पृष्ठ सिर्फ एक आयत होता है अतः हमें सिर्फ उस आयत का क्षेत्रफल ज्ञात करना होगा। यही क्षेत्रफल इस बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल होगा।

    • जैसा की हम जानते हैं एक आयत का क्षेत्रफल होता है :

    लम्बाई * चौड़ाई

    • यहाँ आयत की लम्बाई तो बेलन की ऊंचाई हो जायेगी लेकिन आयत की चौड़ाई वृत्त का परिमाप होगा। अतः हमें वह ज्ञात करना होगा। जैसा कि हम जानते हैं की एक वृत्त का परिमाप होगा :

     =  2πr

    • अब हम वृत्त के परिमाप को एवं बेलन की ऊँचाई को गुना कर देंगे जिससे हमारे पास बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल या आयत का क्षेत्रफल आया जाएगा।

    बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल2πr * h 

    बेलन का आयतन (volume of cylinder in hindi)

    आयतन(volume) का मतलब होता है की कोई त्रिआयामी आकृति अपने अन्दर कितना द्रव्य रख सकती है। इसे हम अक्सर m3 या cm3 से व्यक्त करते हैं।

    एक बेलन का आयतन (volume of cylinder) निकालना बहुत सरल होता है। इसके लिए हमें बस वृत्त के क्षेत्रफल को बेलन की ऊंचाई से गुना करना पड़ता है।

    वृत्त का क्षेत्रफल = πr2

    इसे ऊंचाई (h) से गुना करने पर :

    बेलन का आयतन = πr2h

    दिए गए सूत्रों से आप एक बेलन का पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल, वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन निकाल सकते हैं।

    इस लेख से सम्बंधित यदि आपका कोई भी सवाल या सुझाव है, तो आप उसे नीचे कमेंट में लिख सकते हैं।

    गणित के अन्य लेख:

    By विकास सिंह

    विकास नें वाणिज्य में स्नातक किया है और उन्हें भाषा और खेल-कूद में काफी शौक है. दा इंडियन वायर के लिए विकास हिंदी व्याकरण एवं अन्य भाषाओं के बारे में लिख रहे हैं.

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *