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    बुध ग्रह mercury planet in hindi

    बुध ग्रह (Mercury Planet in Hindi)

    बुध ग्रह (mercury planet) सौर मंडल (solar system) का सबसे पहला एवं सूर्य के सबसे नजदीक पाया जाने वाला ग्रह है। सभी ग्रहों में यह सबसे जल्दी सूर्य की परिक्रमा पूरी कर लेता है।

    यह सबसे छोटा ग्रह भी है। इसका सतह पूरी तरह से पथरीला है जोकि गड्ढों से भरा हुआ है। इसका वायुमंडल बहुत महीन है और इसकी कोई चन्द्रमा भी नहीं है।

    पृथ्वी के मुकाबले यह ग्रह धीरे धीरे अपनी धुरी पर घूमता है, अतः यहां का दिन काफी लम्बे अंतराल के लिए होता है।

    पृथ्वी के दिन के हिसाब से बुध 88 दिनों में सूर्य के चारों ओर अपनी परिक्रमा पूरी कर लेता है। बुध ग्रह का एक दिन पृथ्वी के 59 दिनों के बराबर होता है।

    बुध ग्रह का इतिहास (mercury planet history in hindi)

    आज से 5000 वर्ष पूर्व सुमात्रा के लोग इस ग्रह के बारे में जानते थे।

    500 इसा पूर्व प्राचीन ग्रीस के खगोल विज्ञानियों ने भी इसके होने की पुष्टि की थी। इसका अंग्रजी नाम मर्क्युरी है जोकि रोमन देवता कर नाम के आधार पर रखा गया था।

    बुध ग्रह की भौतिक विशेषताएं (Physical Characteristics of Mercury in Hindi)

    physcial property of mercury in hindi

    क्योंकि यह ग्रह सूर्य से सबसे नजदीक है, अतः यहां का तापमान 450 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस ग्रह के पास ढंग का वायुमंडल नहीं है जोकि ऊष्मा को छान सके, अतः रात के समय तापमान माइनस 170 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। यहाँ के दिन और रात के तापमान में लगभग 600 डिग्री सेल्सियस का अंतर है जोकि पुरे सौर मंडल में सबसे ज्यादा है।

    इसका वृत्त (radius) लगभग 2440 किलोमीटर, सतह क्षेत्र (surface area) 7.48*107 किमी, आयतन (volume) 6.083 *1010 किमी, भार 3.3011 * 1023 किलो है।

    आज से 4 बिलियन वर्ष पूर्व लगभग 100 किलोमीटर लम्बा क्षुदग्रह इस ग्रह से टकरा गया था जिसका प्रभाव 1 ट्रिलियन 1-मेगाटन वाले बम के बराबर था। इससे 1550 किलोमीटर लम्बा गड्ढा बन गया जिसे कार्लोस बेसिन का नाम दिया गया।

    साल 2012 में नासा ने मैसेंजर नामक अंतरिक्ष यान इस ग्रह पर भेजा जिसने इस ग्रह के उत्तरी ध्रुव इलाके में पानी और गैस के बर्फ की खोज की – यह इलाका सूर्य की किरणों से हमेशा ढाका हुआ रहता है। ऐसा माना गया कि धूमकेतु या क्षुदग्रह के कारण ये बर्फ के टुकड़े ग्रह के हिस्से में पहुँच गए होंगे।

    बुध ग्रह के कक्ष की विशेषताएं (Orbital characteristics of Mercury in Hindi)

    जैसा कि पहले भी यह बताया जा चुका है कि सूर्य के चारों ओर अपनी परिक्रमा पूरी करने में बुध को 88 दिन लग जाते हैं जोकि सभी ग्रहों को मिला कर सबसे जल्दी है।

    परिक्रमा करते वक्त इसकी स्पीड 180,000 किमी प्रति घंटा रहती है। इसका परिक्रमा पथ अंडाकार है और दीर्घ वृताकार है।

    परिक्रमा करते वक्त 47 मिलियन किमी के हिसाब से यह सूर्य के सबसे नजदीक रहता है एवं 70 मिलियन किमी के हिसाब से यह सूर्य से बिलकुल दूर रहता है।

    बुध ग्रह का आकार और रचना (Composition & Structure of Mercury Planet)

    नासा के अनुसार इस ग्रह का वायुमंडल सतह बाध्य है जिसमें 42 प्रतिशत ऑक्सीजन, 29 प्रतिशत सोडियम, 22 प्रतिशत सोडियम, 6% हीलियम, 0.5% पोटैशियम एवं आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड, पानी, नाइट्रोजन, क्रीप्टोण, नीयन आदि गैस थोड़े मात्रा में पाए जाते हैं।

    इसका चुम्बकीय बल पृथ्वी के मुकाबले लगभग एक प्रतिशत है। इसके आतंरिक भाग में लोहा पाया जाता है।

    आप अपने सवाल एवं सुझाव नीचे कमेंट बॉक्स में व्यक्त कर सकते हैं।

    4 thoughts on “बुध ग्रह की जानकारी, विशेषता, आकार”
      1. barf sirf paani se hi nhi bante. jab bahut sare gas sukh ke solod ho jaate hain tab bhi ve barf ka rup le lete hain

    1. बुध ग्रह सूरज के पास है फिर भी शुक्र के मुकाबले ठंडा है इसका क्या कारण है ?

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