बुधवार, जनवरी 22, 2020

पाकिस्तान से पानी छोड़े जाने पर पंजाब में बाढ़ का खतरा

Must Read

जल संरक्षण का महत्व

जल संरक्षण क्यों जरूरी है? स्वच्छ, ताजा पानी एक सीमित संसाधन है। दुनिया में हो रहे सभी गंभीर सूखे के...

भारत में रियलमी करेगा स्नैपड्रैगन की 720जी चिप के साथ फोन लॉन्च

चीन की स्मार्टफोन निर्माता रियलमी के सीईओ माधव शेठ ने मंगलवार को भारत में नए स्नैपड्रैगन 720जी एसओजी (सिस्टम-ऑन-चिप)...
विकास सिंह
विकास नें वाणिज्य में स्नातक किया है और उन्हें भाषा और खेल-कूद में काफी शौक है. दा इंडियन वायर के लिए विकास हिंदी व्याकरण एवं अन्य भाषाओं के बारे में लिख रहे हैं.

चंडीगढ़, 26 अगस्त (आईएएनएस)| पाकिस्तान द्वारा भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण पंजाब के फिरोजपुर जिले में सतलज नदी का एक महत्वपूर्ण तटबंध सोमवार तड़के टूट गया, जिसके कारण कम से कम 17 गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।

पिछले तीन दिनों से स्थानीय अधिकाारियों के साथ ही भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय लोगों की सहायता से सतलज नदी के तट पर स्थित तेंदिवाला गांव में 50 फुट के तटबंध को मजबूत करने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है।

एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि पाकिस्तान की ओर से आने वाले पानी के तेज प्रवाह के कारण सतलज के दक्षिणी तट पर भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित 17 गांवों में बाढ़ का खतरा है।

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने रविवार को जल संसाधन विभाग से कहा कि वह आसपास के गांवों में बाढ़ को रोकने के लिए तटबंध मजबूत करने से संबंधित एक संयुक्त कार्य योजना तैयार करे।

राज्य में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने तटबंध की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश जारी किए।

मुख्यमंत्री ने फिरोजपुर के उपायुक्त को बाढ़ से पैदा होने वाली किसी भी तरह की जरूरत को पूरा करने के लिए एनडीआरएफ की टीमों को तैयार रहने का निर्देश दिया।

उपायुक्त चंदर गैंद ने कहा कि माखू और हुसैनीवाला क्षेत्र के 15 बाढ़ प्रभावित गांवों से 500 लोगों को निकाला गया है और 630 लोगों को आवश्यक चिकित्सा सहायता दी गई है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि पाकिस्तान ने अपने चमड़ा उद्योगों से निकलने वाले जहरीले पानी को सतलज में छोड़ा है, जिसने उनके गांवों में कहर ढा रखा है।

सतलज का पानी एक संकरी खाड़ी के जरिए पाकिस्तान में प्रवेश करता है और नदी के प्राकृतिक रास्ते के कारण इसकी एक सहायक नदी तेंदिवाला गांव के पास वापस भारत की ओर बहती है।

इस मौसम में पाकिस्तान के कसूर जिले में चमड़े की फैक्ट्रियों से निकलने वाला अत्यधिक जहरीला कचरा भारत की ओर आ रहा है।

इसकी वजह से सीमा से लगे गांवों में त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। यहां तक कि इससे पशु भी प्रभावित हुए हैं।

पाकिस्तान द्वारा छोड़े जा रहे पानी के कारण अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित भारत का अंतिम गांव गत्ती राजोक सर्वाधिक प्रभावित हुआ है।

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

जल संरक्षण का महत्व

जल संरक्षण क्यों जरूरी है? स्वच्छ, ताजा पानी एक सीमित संसाधन है। दुनिया में हो रहे सभी गंभीर सूखे के...

भारत में रियलमी करेगा स्नैपड्रैगन की 720जी चिप के साथ फोन लॉन्च

चीन की स्मार्टफोन निर्माता रियलमी के सीईओ माधव शेठ ने मंगलवार को भारत में नए स्नैपड्रैगन 720जी एसओजी (सिस्टम-ऑन-चिप) के साथ स्मार्टफोन लॉन्च करने...

झारखंड : नई सरकार के शपथ ग्रहण के 24 दिनों बाद भी नहीं हुआ मंत्रिमंडल विस्तार, गैरों के साथ अपने भी कस रहे तंज!

झारखंड में नई सरकार का शपथ ग्रहण 29 दिसंबर को हुआ था। अबतक 24 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी मंत्रिमंडल का विस्तार...

त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय ने मनाया 48 वां राज्य दिवस

त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय ने मंगलवार को अलग-अलग अपना 48वां राज्य दिवस मनाया। इस मौके पर कई रंगा-रंग कार्यक्रम पेश किए गए। राष्ट्रपति रामनाथ...

महाराष्ट्र : भाजपा ने राकांपा के मंत्री के बयान पर आपत्ति जताई, बताया हिंदू विरोधी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता और महाराष्ट्र के मंत्री जितेंद्र अवध के बायन पर मंगलवार को कड़ी आपत्ति...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -