ईरान में ओमारा आतंकी वारदात पर कार्रवाई न होने पर पाकिस्तान नें जताया विरोध

पाकिस्तानी ध्वज
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पाकिस्तान ने ओमारा आतंकी हमले में ईरान की कार्रवाई में हीलहवाली के खिलाफ शनिवार को विरोध व्यक्त किया है। इस हमले के जिम्मेदार आतंकी समूह ने एक यात्री बस को खाली कराया और गुरूवार को बलूचिस्तान के ओमारा में मकरान कोस्टल हाईवे पर कथित रूप से 14 लोगो को मौत के घात उतार दिया था।

पाक सैनिको की हत्या

इस्लामाबाद में स्थित ईरानी दूतावास को पत्र में पाक विदेश विभाग ने लिखा कि “15-20 आतंकियों ने फ्रोंटियर कॉर्प की वर्दी पहनी थी, सड़क पर बैरिकेड लगा दिया और 18 अप्रैल को ओमारा से ग्वादर जाने वाली तीन से चार बसों को रोक दिया था। यात्रियों के पहचान के दौरान उन्होंने पाकिस्तान सेना के 14 सैनिकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तीन बलोच आतंकी संगठनों का साझेदार बीआरएएस है, इसने इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है।”

जिओ न्यूज़ के मुताबिक, वारदात के बाद सीमा के क्षेत्र से आये आतंकी वापस उसी क्षेत्र में लौट गए थे। पत्र में रेखांकित किया गया है कि पाकिस्तान ऐसी गतिविधियों की ख़ुफ़िया जानकारी नियमित तौर पर साझा करता है। यह जानकारी ईरान में बलोच आतंकी संगठनों के ठिकानो से बारे में होती है। जिनके प्रशिक्षण कैम्प्स और लॉजिस्टिक बेस सीमा के पार है, उनकी जानकारी ईरान के ख़ुफ़िया विभाग के साथ पूर्व में साझा की थी।”

पाक का विरोध

पत्र के मुतबिक, दुर्भाग्यवश आज की तारीख तक ईरान ने इससे सम्बंधित कोई कार्रवाई नहीं की है। ईरान में स्थापित आतंकी समूहों ने पाकिस्तान के 14 बेकसूर लोगो की हत्या की है और यह बेहद संजीदा मामला है जिसका पाकिस्तान सख्ती से विरोध करता है। ईरान मे इन समूहों को प्रतिबंधित करने के लिए पाकिस्तान ईरान की प्रतिक्रिया का इंतज़ार कर रहा है। जिनके ठिकानों को कई बार पाकिस्तान ने शिनाख्त की है।

गुरूवार को अज्ञात लोगो ने ओमारा में मकरान कोस्टल हाईवे पर एक बस को रोका था और अपने नेशनल आइडेंटिटी कार्ड्स की मदद से 14 यात्रियों को जबरन बस से बाहर निकाला गया और गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गयी थी। इस वारदात में दो यात्री भाग निकले थे और नजदीकी चौकी पर पंहुच गए थे। इसके बाद सियनिक वहां पंहुचे और इस घटना की जांच शुरू कर दी थी।

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