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    उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन

    अमेरिकी अधिकारियों ने एक पूर्व अमेरिकी नौसेनिक को गिरफ्तार किया है जो कथित तौर पर उस समूह का हिस्सा था, जिसने मैड्रिड में उत्तर कोरियाई दूतावास पर छापेमारी की थी। रिपोर्टों में यह जानकारी दी गई।

    बीबीसी ने शनिवार को बताया, “क्रिस्टोफर आन को लॉस एंजेलिस कोर्ट में पेश किया जाएगा।”

    इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी होगी, जो फरवरी में हुई। यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति ड़ोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन की वियतनाम में मुलाकात के कुछ दिन पहले हुई।

    एक सेल्फ स्टाइल्ड मानवाधिकार समूह फ्री जोजिऑन ने इस मामले में शामिल होने की बात कही।

    ‘वाशिंगटन पोस्ट’ ने बताया कि अमेरिकी फेडरल एजेंटों ने समूह के सदस्यों में से एक एड्रियन होंग के अपार्टमेंट पर भी छापा मारा है।

    एक बयान में फ्री जोजिऑन ने कहा कि गिरफ्तारी वारंट से वह निराश है।

    प्रवक्ता ली वोलोस्काई ने कहा, “किम सरकार की गिरफ्त में आया आखिरी अमेरिकी नागरिक यातना से प्रताड़ित घर लौट आया और जीवित नहीं बचा।”

    उन्होंने कहा, “हमें अमरिकी सरकार की तरफ से सुरक्षा का कोई आश्वासन नहीं मिला है और अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को निशाना बनाया जा रहा है।”

    22 फरवरी को 10 सदस्यों वाले एक समूह ने स्पेन में उत्तर कोरिया के दूतावास पर छापेमारी की थी।

    घटना के दौरान दूतावास के कई कर्मचारियों को बंधक बना लिया गया। समूह के सदस्यों ने कई कंप्यूटर, हार्ड ड्राइव को अपने कब्जे में कर लिए थे और डेटा कथित तौर पर अमेरिकी अधिकारियों को पास कर दिए।

    पिछले महीने एक स्पेनिश अदालत द्वारा जारी दस्तावेज में संगठन के लीडर्स का नाम दिया गया है, जिनमें से कुछ के बारे में माना जाता है कि वे अमेरिका में रहते हैं। अदालत उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है।

    By पंकज सिंह चौहान

    पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

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