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नीम के तेल के फायदे और नीम के तेल के उपयोग

नीम का तेल लगाने के फायदे और उपयोग

शायद हमें यह बताने की कोई ज़रूरत नहीं है कि नीम हमारे लिए कितना फायदेमंद होता है। नीम का पेड़, नीम की छाल, नीम की पत्तियाँ, नीम के फल और नीम की जड़ें सभी का हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्व है।

नीम के फलों से नीम का तेल निकाला जाता है जो जबरदस्त फायदों से भरपूर होता है।

इस लेख में हम नीम का तेल लगाने के फायदे आपको बताएँगे। इसके बाद नीम के तेल के उपयोग के बारे में भी चर्चा करेंगे।

नीम के तेल के फायदे (neem oil benefits in hindi)

1. मुंहासों को खत्म करने में

त्वचा पर बैक्टीरिया के कारण हो रहे मुंहासों के इलाज के लिए नीम के तेल का प्रयोग किया जाता है।

नीम के तेल में एस्प्रिन की तरह ही एक यौगिक पाया जाता है जोकि त्वचा से बैक्टीरियल संक्रमण को खत्म करता है।

इसके अतिरिक्त नीम के तेल में पाए जाने वाले फ़ैटी एसिड्स त्वचा पर अत्यधिक तेल का स्राव करने वाली ग्रंथियों को भी नियन्त्रित करते हैं। इस तरह चेहरा ऑयली होने से बचता है जिससे कि अंदर की गंदगी बाहर निकल जाती है।

इसके लिए आप त्वचा पर नीम के तेल की मालिश कर सकते हैं।

2. एक्जिमा के उपचार में

एक्जिमा के कारण शरीर पर चकते और लाल निशान हो जाते हैं।

यह अनुवांशिक या जन्म के बाद ग्रहण किया हुआ हो सकता है। इसके अलावा भी इसके कई कारण हैं। नीम का तेल एक्जिमा के उपचार में प्रयोग किया जाता है।

हालाँकि यह एक्जिमा को जड़ से खत्म करने में सक्षम नहीं है लेकिन यह इसे काफ़ी हद तक नियंत्रित करता है।

यह एक्जिमा के कारण त्वचा पर हो रही जलन व खुजली से राहत देता है।

3. अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए

नीम का तेल प्राकृतिक गर्भनिरोधक होता है। शोधों से यह बात स्पष्ट हुई है कि नीम का तेल गर्भपात के लिए ज़िम्मेदार होता है।

सेक्स से पहले या सेक्स के बाद दोनों ही स्थितियों में नीम के तेल का उपयोग गर्भनिरोधक की तरह कार्य करता है।

1000 मिलीग्राम नीम के तेल में सोडियम निम्बिडिनेड की इतनी मात्रा पाई जाती है कि वह सभी शुक्राणुओं को पाँच मिनट के अंदर खत्म कर दें। इस प्रकार नीम का तेल अनचाहे गर्भ को ठहरने नहीं देता है।

एक बात का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए कि नीम के तेल का ज़्यादा प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसका एक सीमित मात्रा में ही प्रयोग करना चाहिए। यदि पुरुष इनका ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं तो यह उनकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है।

4. वाइरस से जन्मी बीमारियों का इलाज

नीम का तेल वाइरस से जन्मी बीमारियों के लिए एक महत्वपूर्ण घरेलू इलाज है। यह चिकन पॉक्स, स्मॉल पॉक्स आदि का बेहतरीन इलाज करता है। यह उन्हें जड़ से खत्म कर देता है।

इतना ही नहीं, नीम का तेल वायरल बीमारियों की संभावनाओं को एकदम खत्म कर देता है जिससे कि वह भविष्य में नहीं होती हैं।

नीम का तेल हेपेटाइटिस बी के उपचार में भी प्रयोग किया जाता है।

5. एसिडिटी व छालों का इलाज

जब हमारे पेट में अम्लों की मात्रा बढ़ जाती है तो पेट का पीएच बिगड़ जाता है। इस प्रकार पेट में एसिडिटी की समस्या हो जाती है।

हमारे पेट में अम्ल व क्षार का एक निश्चित अनुपात होता है और इस अनुपात का संतुलित रहना अत्यंत आवश्यक है।

जब भी पेट में इनका अनुपात बिगड़ जाता है तो पेट में समस्या उत्पन्न हो जाती है। अत्यधिक एसिडिटी के कारण पेट में छाले भी हो जाते हैं।

ऐसी स्थिति में नीम का तेल हमें बहुत लाभ पहुँचा सकता है।

नीम का तेल पेट में अम्ल व क्षार के स्तर को संतुलित कर देता है। इस प्रकार पाचन क्रिया ठीक प्रकार से चलती रहती है जिससे कि पेट की समस्यायें जैसे एसिडिटी, कब्ज व छाले ठीक हो जाते हैं।

6. घाव भरने में

नीम का तेल सभी प्रकार के घावों को भरने में सहायता देता है।

यह शरीर में रक्त का प्रवाह बढ़ा देता है जिससे कि त्वचा कोलेजन फ़ाइबर को आसानी से एकत्रित कर लेती है। इसके फलस्वरूप घाव जल्दी भर जाता है।

7. डैंड्रफ से छुटकारा (neem oil for dandruff in hindi)

यदि आपके बालों की जड़ें अत्यंत सुखी हैं और आप डैंड्रफ की समस्या से जूझ रहे हैं तो नीम का तेल आपकी काफ़ी सहायता कर सकता है।

नीम के तेल में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो की जड़ों के पीएच को संतुलित कर देते हैं।

जब हमारी त्वचा का पीएच संतुलित हो जाता है तो हमारी त्वचा ड्राई नहीं हो पाती और इससे डैंड्रफ की समस्या नहीं बनती।

नीम के तेल में एंटीऑक्सीडेंट गुण होने के कारण इसका प्रयोग अनेक प्रकार के हर्बल शैम्पू बनाने में किया जाता है।

8. खुजली, जलन, हर्पीज़ व दाद से छुटकारा

यदि आपकी त्वचा पर खुजली, जलन, लाल चकत्ते, हर्पीज या दाद की समस्या हो रही है तो नीम का तेल आपके लिए फ़ायदेमंद हो सकता है।

अगर आप अपनी त्वचा पर नीम का तेल लगाते हैं तो यह न सिर्फ़ इन समस्याओं से राहत देगा बल्कि इन्हें जड़ से खत्म कर देगा।

नीम का तेल इन बीमारियों के लिए ज़िम्मेदार बैक्टीरीया को मार देता है। इस प्रकार इन बीमारियों की भविष्य में होने की संभावना घट जाती है।

9. टैनिंग के विरुद्ध

टैनिंग यानी त्वचा का काला हो जाना। यह धूप और अन्य कई कारणों की वजह से हो सकती है।

नीम के तेल में विटामिन ई, फ़ैटी एसिड्स तथा एंटीऑक्सीडेंट गुण प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इन गुणों के कारण नीम का तेल टैन त्वचा का भरपूर इलाज करता है।

10. अर्टिसेरिया से राहत

जब हमारी त्वचा के रोम छिद्र बंद हो जाते हैं तो हमारी त्वचा पर गहरे लाल रंग के दाने उभर आते हैं। कभी कभी इनमें जलन भी होती है। इस स्थिति से छुटकारा पाने के लिए नीम के तेल का प्रयोग करना चाहिए।

नीम के तेल में एण्टीहिस्टामाइन नामक यौगिक पाया जाता है। नीम तेल प्रभावित त्वचा पर लगाने से अर्टिसेरिया से राहत मिलती है।

11. खुजली की समस्या से राहत

जैसा कि हम जानते हैं कि नीम के तेल में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। इस प्रकार नीम का तेल त्वचा पर हो रही खुजली की समस्या को खत्म करता है।

जिस स्थान पर खुजली हो रही हो, वहाँ पर नीम का तेल लगाएं। 15 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। यह खुजली के लिए ज़िम्मेदार बैक्टीरिया को नष्ट कर देता है।

12. सोरायसिस से राहत

जब भी हम तेज धूप के संपर्क में आते हैं तो हमें सोरायसिस या सनबर्न हो जाता है। सनबर्न के कारण हमारी त्वचा बुरी तरह रुखी हो जाती है और त्वचा पर भयंकर जलन होती है। ऐसी स्थिति से राहत पाने के लिए हमें नीम के तेल का प्रयोग करना चाहिए।

नीम का तेल विटामिन ई से भरपूर होता है जोकि त्वचा को जलन से राहत देता है। नीम के तेल को सनबर्न हुई त्वचा पर लगाएं। ऐसा करने से सोरायसिस से छुटकारा मिलता है।

13. निशान व धब्बों से छुटकारा

नीम में फ़ैटी एसिड्स की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। ये फ़ैटी एसिड्स त्वचा पर पड़ने वाले दाग और निशानों को मिटाने में सहायता करते हैं।

इसके अतिरिक्त नीम एक कोमेडोजेनिक एजेंट होता है जो त्वचा के रोम छिद्रों को टाइट करता है। इस तरह त्वचा के अंदर मौजूद गंदगी खिंचकर बाहर आ जाती है और दाग व निशान अपने आप मिट जाते हैं।

14. त्वचा को कंडीशनर करना

नीम के बीज का तेल त्वचा को कंडीशनर करने का कार्य करता है।

यह त्वचा के अंदर पाई जाने वाली तेल ग्रंथियों की नमी बनाए रखने हेतु पर्याप्त तेल स्रावित करने के लिए प्रेरित करता है। इस प्रकार त्वचा अंदर से मॉस्चर हो जाती है।

15. फंगल संक्रमण से रक्षा

नीम के तेल में निम्बीडोल व गेडुनिन नामक दो तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा पर हो रहे फंगल संक्रमण को खत्म करते हैं।

इतना ही नहीं ये फंगल इन्फ़ेक्शन फैलाने वाले बैक्टीरिया और कवच को पूर्णत: नष्ट कर देते हैं। इस प्रकार त्वचा फंगल इन्फ़ेक्शन से मुक्त हो जाती है।

शोधों में यह बात सिद्ध की गई है कि नीम का तेल चौदह से अधिक कवच की प्रजातियों को नष्ट करने की क्षमता रखता है।

16. ब्लैकहेड्स हटाने के लिए

यदि चेहरे पर ब्लैकहेड्स हो गए हो तो नीम के तेल का प्रयोग करना चाहिए।

याद रखें कि नीम का तेल सीधे अपनी त्वचा पर प्रयोग नहीं करना है बल्कि इसको पानी के साथ प्रयोग करें।

पानी में दो-तीन बूंद नीम का तेल डालें। अब इस मिश्रण को ब्लैकहेड्स पर अप्लाई करें। यह काफ़ी सफल औषधि है।

17. हाइपरपिग्मेंटेशन को कम करना

हमारी त्वचा में मिलेनिन नामक यौगिक पाया जाता है जो त्वचा का रंग निर्धारित करता है।

कभी कभी मिलेनिन के अधिक उत्पादन से त्वचा पर पिगमेंटेशन (धब्बे) हो जाता है। त्वचा पर लाल और काले रंग के धब्बे पड़ने लगते हैं। मिलेनिन के कारण त्वचा पर तिलों की संख्या भी अधिक हो जाती है।

इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए नीम के तेल का प्रयोग करना चाहिए। नीम का तेल मिलेनिन के उत्पादन को प्रभावित करता है जिससे कि त्वचा पर धब्बे नहीं पड़ते हैं।

18. झड़ते बालों के लिए (neem oil benefits for hair growth in hindi)

प्रदूषण, तनाव व अन्य कई कारणों से हमारे बाल झड़ने लगते हैं और झड़कर ये बहुत पतले हो जाते हैं। ऐसे में नीम का तेल हमारी काफी मदद कर सकता है।

नीम का तेल बालों की जड़ों की त्वचा को टाइट कर देता है जिससे की बालों की पकड़ त्वचा पर मज़बूत हो जाती है। इस प्रकार बाल झड़ने की समस्या खत्म हो जाती है।

19. दोमुँहे बालों को खत्म करने के लिए

बालों को धोने के बाद उन्हें रगड़ रगड़ कर पोछने से हमारे बाल दोमुँहे हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त प्रदूषण के कारण भी हमारे बाल नीचे से दोमुँहे जाते हैं। ऐसे में हमें दोमुँहे बालों को ट्रिम करने की सलाह दी जाती है।

हमें अपने बालों को ट्रिम करना चाहिए लेकिन इसके अतिरिक्त भी हम नीम के तेल से फ़ायदा ले सकते हैं।

अपने बालों पर नियमित रूप से नीम का तेल लगाएं। यह दोमुँहे बालों की समस्या से छुटकारा देता हैं।

20. बालों के बेहतर बनावट के लिए

यदि आप अपने बालो की बनावट को सुधारना चाहते हैं तो आपको नियमित रूप से नीम के तेल की मसाज करनी चाहिए।

वैसे भी बालों के लिए नीम के तेल के कोई साइडइफेक्ट नहीं है अतः आप इसे बेझिझक इस्तेमाल कर सकते हैं।

अपने बालों को धोने के बाद उन पर नीम का तेल लगाएं और थोड़ी देर तक मसाज करें। नियमित रूप से ऐसा करने पर आपको अपने बालों का टेक्सचर बेहतरीन होता नजर आएगा।

21. रूखे और बेजान बालों के लिए

यदि आपके बाल घुंघराले, रूखे और बेजान हैं तो आप को नीम के तेल की मदद लेनी चाहिए।

नीम का तेल बालों को कंडीशनर करता है और उन्हें नमी प्रदान करता है। इस प्रकार फ़्रिज़ी बालों की समस्या से छुटकारा मिलता है।

बालों को धोने से पूर्व अपने शैम्पू में दो-तीन बूँद नीम का तेल मिला लें। यह बालों को हाइड्रेट कर देगा और उन्हें सिल्की व शाइनी बनाएगा।

22. कैंसर के विरुद्ध

नीम हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। इस तरह यह शरीर की कई प्रकार के रोगों से रक्षा करता है।

इतना ही नहीं यह शरीर में अनावश्यक रूप से कोशिकाओं को बढ़ने या विभाजित होने नहीं देता है और शरीर को कैंसर से बचाता है।

स्तन कैंसर या अन्य प्रकार के कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को ट्रीटमेंट के साथ-साथ नीम के तेल की गोलियाँ भी खाने को दी जाती हैं। यह कैंसर को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

हालाँकि नीम की गोलियाँ डॉक्टरों के द्वारा कैंसर के उपचार हेतु प्रयोग की जाती हैं लेकिन इसका उपयोग स्वयं से नहीं करना चाहिए। हमें कोई भी उपचार लेने से पूर्व डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

23. एंटीसेप्टिक गुण

चूँकि नीम का तेल एंटीसेप्टिक गुणों से परिपूर्ण होता है अतः इसका प्रयोग कई प्रकार की कीटनाशक दवाइयों को बनाने में किया जाता है।

इसके अतिरिक्त यह कॉस्मेटिक या सौंदर्य उत्पादों में भी प्रयोग किया जाता है ताकि केमिकल के दुष्प्रभावों को कम किया जा सके।

इस प्रकार उपरोक्त विवरण से हम देख सकते हैं कि हमारे लिए नीम का तेल कितना फ़ायदेमंद होता है।

नीम के तेल का न सिर्फ़ सीधे ही प्रयोग होता है बल्कि नीम के तेल का प्रयोग अन्य कई चीज़ों में भी किया जाता है।

नीम की पत्ती और फल

आइए नीम के तेल के उपयोग पर चर्चा करें।

नीम के तेल के उपयोग (uses of neem oil in hindi)

1. दवाइयां बनाने में

नीम के तेल में कई प्रकार के रोगों को खत्म करने की क्षमता पाई जाती है। अतः नीम के तेल का प्रयोग कई प्रकार की दवाइयों को बनाने में किया जाता है। कैंसर, ब्लड डिसॉर्डर, पाचन में दिक़्क़त आदि समस्याओं के लिए नीम के तेल से बनी हुई दवाइयां दी जाती हैं।

2. मच्छरों के काटने के विरुद्ध औषधियाँ बनाने में

मच्छरों के काटने से मलेरिया और डेंगू जैसे गंभीर रोग हो जाते हैं। इसके लिए कई प्रकार की दवाइयां भी आती है जिन्हें हमारे शरीर पर लगाने से मच्छर हमें नहीं काटते हैं लेकिन ये हमारे लिए हानिकारक होती हैं।

जनरल ऑफ दी अमेरिकन मोसकीटों कंट्रोल असोसीएशन ने एक शोध किया।

नारियल के तेल में दो-तीन प्रतिशत नीम का तेल मिलाया। इसे कुछ लोगों की त्वचा पर लगाया गया और यह पाया गया कि लोगों को लगभग 12 घंटों तक मच्छरों नें नहीं काटा।

इस प्रकार नीम का तेल हमें मच्छरों से बचा सकता है। ख़ास बात तो ये है कि नीम का तेल हमारे लिए हानिकारक नहीं होता है।

3. चोट लगने पर प्रयोग

यदि आपको घर में छोटी मोटी चोट लग जाती है और शरीर से खून बहने लगता है तो ऐसे में नीम के तेल का प्रयोग किया जा सकता है।

जिस जगह पर चोट लगी हो वहाँ पर नीम का तेल लगाते है। यह जलन से राहत देता है और खून को रोकने में मदद करता है।

और तो और यह आगे किसी भी प्रकार के संक्रमण की संभावना को भी कम करता है।

4. मच्छरों की तादात कम करने में

जिन क्षेत्रों में मच्छरों की संख्या अधिक है वहाँ पर नीम के तेल का प्रयोग करके इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

पानी के टैंक में नीम का तेल मिला दें। यह मच्छरों को प्रजनन करने से रोकता है। इस प्रकार उनकी संख्या बढ़ने नहीं पाती।

5. प्राकर्तिक कीटनाशक के रूप में

खेतो या बगीचों को टिड्डी, कैटरपिलर व अन्य छोटे कीड़ों से बचाने के लिए नीम के तेल का प्रयोग किया जाता है। यह प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में प्रयोग होता है।

पानी में नीम का तेल मिलालें और इसे एक स्प्रे बॉटल में भर लें। अब इस मिश्रण का अपने बगीचे या खेत में छिड़काव करें। यह फसल और पेड़-पौधों की कीड़ों से रक्षा करता है।

6. एंटीसेप्टिक पदार्थ के रूप में

नीम के तेल का प्रयोग एलर्जी से राहत देने वाली दवाइयों में होता है। ये शरीर की ऐलर्जी से रक्षा करते हैं।

7. पालतू जानवरों के लिए

नीम का तेल सिर्फ़ हम इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि हमारे पालतू जानवरों के लिए भी प्रयोग होता है। यदि हमारे कुत्ते, बिल्ली या अन्य किसी पालतू जानवर को चोट लग जाए व उसकी त्वचा कट जाए तो नीम का तेल लगाने से उसकी इन्फ़ेक्शन से रक्षा होती है।

8. गर्भ निरोधक दवाइयां बनाने में

जैसा कि हम जानते हैं कि नीम का तेल शुक्राणुओं को नष्ट कर देता है। इस प्रकार इसका प्रयोग गर्भनिरोधक दवाइयां बनाने में किया जाता है।

9. कॉस्मेटिक्स बनाने में

नीम का तेल हमारी त्वचा के लिए अत्यंत लाभदायक होता है। इस कारण इसका प्रयोग अनेक प्रकार की कॉस्मेटिक्स में भी किया जाता है। नीम का तेल कॉस्मेटिक्स में प्रयोग हुए केमिकल के दुष्प्रभावों को कम कर देता है।

आज कल बाज़ार में नीम के तेल से बने हुए फ़ेसवाश उपलब्ध हैं जोकि चेहरे की त्वचा को एक ख़ूबसूरत निखार देते हैं।

10. उपापचयी क्रियाओं की औषधियों में

अक्सर हमारे पेट में एसीडिटी, कब्ज व गैस की समस्या हो जाती है। ऐसे में हम नीम के तेल से बनी हुई औषधियों का प्रयोग कर सकते हैं।

 

इस लेख में हमनें नीम के तेल के फायदे के बारे में चर्चा की। इसके बाद हमनें नीम के तेल के उपयोग भी जाने।

यदि आपके मन में इस विषय से सम्बंधित कोई सवाल है, तो आप नीचे कमेंट के जरिये इसे हमसे पूछ सकते हैं।

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नायला हाशमी

5 Comments

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  • नीम का तेल लगाने से दाद ठीक हो जाता ह क्या?

  • meri body par bahut se funsi ho rahi hai mujhe konsi soap use karni chaahiye jise yah theek ho jaae kyaa neem ke tel se yah theek ho jaayenge

  • agar hamen neem ke tel se muh ke chhale ko door karnaa hai to iski prayog karne ki kyaa vidhi hogi vistaar se bataayen please.

  • खुजली वाली जगह पर नीम का तेल सिधा लगाना चाहिए या किसी और के साथ मिलाकर लगाना चाहिए।

  • आपने निम तेल पेट मे किस तरी के से ले ये नही बताया

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