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    the thaskent files

    पाकिस्तान को युद्ध में हराने के बाद भारत के दूसरे प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की ताशकेंत में रहस्यमय रूप से मृत्यु हो गई थी। और यह गुत्थी आजतक नहीं सुलझाई जा सकी है। 10 जनवरी 1966 को वह गेस्ट रूम में मृत पाए गए थे जिसे भारत सरकार ने ह्रदय गति रुक जाने के कारण हुई मृत्यु माना लेकिन दोनों ही देशों की सरकार ने पोस्टमार्टम करवाने की ज़हमत नहीं उठाई थी।

    कुछ लोगों का मानना है कि उन्हें ज़हर दे दिया गया जिसमें दोनों सरकारों का ही हांथ था। इसी रहस्य से पर्दा उठाने आ रहे हैं विवेक रंजन अग्निहोत्री अपनी फिल्म ‘द ताशकेंत फाइल्स’ के साथ जिसे ज़ी स्टूडियो प्रस्तुत कर रहा है और यह 12 अप्रैल 2019 को रिलीज़ होगी।

    फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, नसीरुद्दीन शाह, श्वेता बासु, पंकज त्रिपाठी, विनय पाठक, मंदिरा बेदी, पल्लवी जोशी, अंकुर राठी और प्रकाश बालवाडी मुख्य भूमिकाओं में हैं।

    फिल्म का पहला पोस्टर रिलीज़ कर दिया गया है।

    द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर के विवादास्पद ट्रेलर रिलीज़ के बाद, यह फिल्म भी इस साल के लोकसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गलियों में तूफान खड़ा करने के लिए तैयार है।

    फिल्म रहस्यमय परिस्थितियों के बारे में है जिसके तहत रूस में दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु हो गई।

    अग्निहोत्री ने कहा है कि, “उन्होंने यह फिल्म कई लोगों के कहने के बाद बनाई जिसमें अटल बिहारी वाजपेयी और जॉर्ज फर्नांडीस जैसे शीर्ष राजनीतिक नेताओं ने शास्त्री की मृत्यु के पीछे के रहस्य से निपटने की आवश्यकता व्यक्त की थी।

    10 जनवरी, 1966 को, शास्त्री ने ताशकेंत समझौते पर हस्ताक्षर किए थे… और घंटों बाद उनकी मृत्यु हो गई। एक मृत्यु रहस्य आज तक अनसुलझा है। क्या यह दिल का दौरा था या जहर था? उनके परिवार और हमारे लिए सबसे बड़े कवर-अप की सच्चाई को नकार दिया गया है।”

    अग्निहोत्री ने कहा कि, “उनकी मृत्यु के तुरंत बाद, शास्त्री के परिवार के सदस्यों ने आधिकारिक रूप से तत्कालीन कार्यवाहक प्रधान मंत्री गुलजारीलाल नंदा से पोस्टमार्टम का अनुरोध किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ

    परिवार ने पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी से भी अनुरोध किया था, लेकिन एक बार फिर से ध्यान नहीं दिया गया।”

    अग्निहोत्री ने यह भी कहा कि यह विचित्र है कि भारत, दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, शास्त्री की मृत्यु के पीछे के रहस्य को उजागर करने के लिए कोई जानकारी और दस्तावेज नहीं है।

    हालाँकि, अग्निहोत्री को उम्मीद थी कि फिल्म इसका जवाब हो सकता है।उनका मानना ​​है कि फिल्म भारतीय राजनीति के बारे में कहानी को बदल देगी।

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    By साक्षी सिंह

    Writer, Theatre Artist and Bellydancer

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