बुधवार, अक्टूबर 23, 2019

दिल्ली की हवा दिन पर दिन बेकार, “कृत्रिम वर्षा” में भी देरी

Must Read

हरियाणा-महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव : नतीजे तय करेंगे खट्टर और फडणवीस का कद

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर,(आईएएनएस)। हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के गुरुवार (24 अक्टूबर) को घोषित होने जा रहे नतीजे...

कांग्रेस नेता डी.के. शिवकुमार को जमानत

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मंत्री डी.के. शिवकुमार को दिल्ली हाईकोर्ट...

सोनिया ने हरियाणा व महाराष्ट्र के चुनावी नतीजों के बाद बुलाई बैठक

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के नतीजे...
साक्षी बंसल
पत्रकारिता की छात्रा जिसे ख़बरों की दुनिया में रूचि है।

दिल्ली और आसपास के शहरों में वायु गुणवत्ता दिन पे दिन खराब होती जा रही है। जहा लोग खुलके सांस भी नहीं ले पा रहे हैं वही दूसरी और सरकार की तरफ से शुरू की हुई योजनाओं में भी देरी होती हुई नज़र आ रही है।

अधिकारियो के दिए हुए “कृतिम वर्षा यानि आर्टिफीसियल रेन” वाले प्रस्ताव को अभी कुछ समय के लिए रोका गया है। ऐसा कहा जा रहा है कि मौसम के हालात देखते हुए ऐसा किया गया है।

‘केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल’ के सदस्य सचिव, प्रशांत गार्गव ने कहा कि-“आईएमडी की पूर्वानुमान पर ही सब निर्धारित है। सीडिंग(बीज बोने की प्रक्रिया) के लिए सही तरह के बादल पिछले एक हफ्ते से गायब हैं। जब तक मौसम के हालात सीडिंग के हिसाब से पर्याप्त नहीं होंगे हमे इंतज़ार करते रहना पड़ेगा।”

‘वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान व अनुसन्धान’ (सफर) प्रणाली के मुताबिक, आसपास के राज्यों में, पराली जलने का असर दिल्ली के हवा प्रदूषण पे कम दर्ज़ हुआ था। इसके बाद भी गुरुवार को दिल्ली के ऊपर धुंध की परत चढ़ गयी थी।

पूर्वानुमान के संकेत के अनुसार, अगले दो या तीन दिनों के लिए ‘वायु गुणवत्ता सूचकांक‘ बेहद खराब माना जा रहा है। इसके मुख्य कारण बढ़ती नमी और घटता हुआ तापमान है।

वर्तमान के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार को बादल घिरने की उम्मीद थी मगर ‘आईआईटी’, कानपूर के वैज्ञानिको(जो इस वक़्त सीडिंग के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकी का शोध कर रहे हैं) के अनुसार बादलो की ऊंचाई अनुकूलतम नहीं है।

‘सिविल इंजीनियरिंग और अर्थ साइंस डिपार्टमेंट’ के हेड एसएन त्रिपाठी ने कहा-“ये बर्फीले बादल हैं जो की बहुत ऊँचे हैं(6 किलोमीटर ऊपर), सीडिंग के लिए बादलो को कम से कम 2.5 से 4 किलोमीटर की ऊंचाई पे होना चाहिए। लेकिन अगर बादलो में पर्याप्त मोटाई है और उनमे पानी और बर्फ के हिस्से हैं तो कोशिश की जा सकती है।”

ऐसे बादलो को पाना, जिसमे ठीक मात्रा में पानी और बर्फ के हिस्से हो और वो सही ऊंचाई पर भी हो, बहुत मुश्किल है। वैज्ञानिको के अनुसार, सर्दी के मौसम में ऐसे बादलो के उभरने के चान्सेस काम हैं।

‘भारतीय अंतरिक्ष एवं अनुसन्धान केंद्र'(इसरो) से एक हवाई जहाज़ सुरक्षित कर लिया गया है। और सीडिंग सिस्टम को संशोधित करने के लिए इनस्टॉल भी कर लिया गया है। अलग अलग एजेंसी से उसके इस्तेमाल के लिए निकासी भी मांग ली गयी है।

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

हरियाणा-महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव : नतीजे तय करेंगे खट्टर और फडणवीस का कद

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर,(आईएएनएस)। हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के गुरुवार (24 अक्टूबर) को घोषित होने जा रहे नतीजे...

कांग्रेस नेता डी.के. शिवकुमार को जमानत

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मंत्री डी.के. शिवकुमार को दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को जमानत दे...

सोनिया ने हरियाणा व महाराष्ट्र के चुनावी नतीजों के बाद बुलाई बैठक

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद 25 अक्टूबर...

बिहार में पुलिस और रेत माफिया के बीच झड़प, ग्रामीण की मौत

बांका (बिहार), 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र में रेत (बालू) माफिया और पुलिस के बीच हुई झड़प में...

फर्रुखाबाद में भाजपा विधायक के आवास से कुछ दूरी पर हुए विस्फोट से मचा हड़कंप

फर्रुखाबाद, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक मेजर सुनीलदत्त द्विवेदी के आवास से कुछ...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -