मंगलवार, जनवरी 21, 2020

डाउनलोड स्पीड के मामले में एयरटेल से पिछड़ा रिलायंस जियो

Must Read

जल संरक्षण का महत्व

जल संरक्षण क्यों जरूरी है? स्वच्छ, ताजा पानी एक सीमित संसाधन है। दुनिया में हो रहे सभी गंभीर सूखे के...

भारत में रियलमी करेगा स्नैपड्रैगन की 720जी चिप के साथ फोन लॉन्च

चीन की स्मार्टफोन निर्माता रियलमी के सीईओ माधव शेठ ने मंगलवार को भारत में नए स्नैपड्रैगन 720जी एसओजी (सिस्टम-ऑन-चिप)...

हाल ही में प्रकाशित हुई एक रिपोर्ट के अनुसार जून-अगस्त के बीच एयरटेल ने डाउनलोड स्पीड के मामले में जियो को पिछाड़ दिया है। यह रिपोर्ट ओपेन सिग्नल ने प्रसारित की है।

हालाँकि इस रिपोर्ट के अनुसार जियो ने 4जी कवरेज के मामले में अपने सभी प्रतिद्वंदीयों को काफी पीछे छोड़ दिया है।

ओपेनसिग्नल एक ऐसी संस्था है जो नेटवर्क ऑपरेटरों को उनकी सेवा, सुविधा और उपलब्धता के आधार पर सूचीबद्ध करती है। ओपेनसिग्नल की रिपोर्ट के अनुसार एयरटेल ने 7.53 एमबीपीएस की अधिकतम डाउनलोड स्पीड दी है। इसके बाद जियो 5.47 एमबीपीएस स्पीड के साथ दूसरे नंबर पर है।

रिपोर्ट के अनुसार एयरटेल ने सभी 16 सर्कलों में अपनी टॉप स्पीड को बरकरार रखा है, जबकि 2 सर्कलों में इसकी स्पीड बराबर रही है।

वहीं ओपेन सिग्नल के मुताबिक कवरेज के मामले में जियो सबसे आगे है। जियो ने भारत के करेब 95 प्रतिशत हिस्से को कवर किया हुआ है। वहीं 4जी नेटवर्क कवरेज के मामले में एयरटेल का हिसा 73.99 प्रतिशत है।

वहीं ओपेन सिग्नल की रिपोर्ट के अनुसार अपलोड स्पीड के मामले में आइडिया ने बाज़ी मार ली है। आइडिया ने 2.88 एमबीपीएस की औसत अपलोड स्पीड दी है। इसके बाद दूसरा नंबर पर वोडाफोन है जो 2.31 एमबीपीएस की अपलोड स्पीड उपलब्ध करा रहा है।

सेवा विलंबता (सर्विस लेटेंसी) के मामले में भी जियो ने अपना दर्जा ऊंचा बनाए रखा है, जियो ने इस सूची में 72.20 प्रतिशत के साथ पहला नंबर बनाए रखा है। इसी के साथ वोडाफोन 80.42 प्रतिशत की विलंबता के साथ दूसरे नंबर पर है। लेटेंसी वो समय होता है जब नेटवर्क को अनुदेश मिलने के बाद नेटवर्क उसपर प्रतिक्रिया देता है। यह समय जितना अधिक होगा, सेवा उतनी ही बाधित मानी जाती है।

सर्वे ने वोड़ाफोन और आइडिया के बीच हाल ही में हुए विलय के बावजूद उनपर अलग अलग टेस्ट किए थे।

वहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में फिलहल टेलीकॉम सेक्टर में प्राइस वार चल रही है। ऐसे में ऑपरेटरों के राजस्व के लिए जरूरी है अब इसका अंत दो। भारत में फिलहाल न्यूनतम टैरिफ दाम की होड मची हुई है।

मालूम हो कि सर्वे ने 17 लाख से भी अधिक डिवाइस से 10.5 अरब आंकड़ों के साथ 90 दिनों में इस रिपोर्ट को जारी किया है।

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

जल संरक्षण का महत्व

जल संरक्षण क्यों जरूरी है? स्वच्छ, ताजा पानी एक सीमित संसाधन है। दुनिया में हो रहे सभी गंभीर सूखे के...

भारत में रियलमी करेगा स्नैपड्रैगन की 720जी चिप के साथ फोन लॉन्च

चीन की स्मार्टफोन निर्माता रियलमी के सीईओ माधव शेठ ने मंगलवार को भारत में नए स्नैपड्रैगन 720जी एसओजी (सिस्टम-ऑन-चिप) के साथ स्मार्टफोन लॉन्च करने...

झारखंड : नई सरकार के शपथ ग्रहण के 24 दिनों बाद भी नहीं हुआ मंत्रिमंडल विस्तार, गैरों के साथ अपने भी कस रहे तंज!

झारखंड में नई सरकार का शपथ ग्रहण 29 दिसंबर को हुआ था। अबतक 24 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी मंत्रिमंडल का विस्तार...

त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय ने मनाया 48 वां राज्य दिवस

त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय ने मंगलवार को अलग-अलग अपना 48वां राज्य दिवस मनाया। इस मौके पर कई रंगा-रंग कार्यक्रम पेश किए गए। राष्ट्रपति रामनाथ...

महाराष्ट्र : भाजपा ने राकांपा के मंत्री के बयान पर आपत्ति जताई, बताया हिंदू विरोधी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता और महाराष्ट्र के मंत्री जितेंद्र अवध के बायन पर मंगलवार को कड़ी आपत्ति...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -